| ये कुहरा और शर्दी============ये कुहरा और शर्दी,मुझे, याद दिलाती है,उस शर्दी के मौसम की,कुहरे की चादर की, स्म्रति की गागर की,हमारे प्रेम सम्बन्धों की, सम्बन्धों के तपन की,तुम्हारे, उस काले,ऊनी शाल की,गर्म आगोश की,++++++++++जब, हम बैठते थे, छत पर,देखते थे, नीचेतो, घने कुहरे में,ऐसा, लगता था,म... |
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| इन्द्रधनुष की बनाकर रस्सी....+++++++++++++++++++{हरियाली तीज विशेष}इन्द्रधनुष की बनाकर रस्सी !सावन की,रिम—झिम फुआरों के बीच !बादलों की लहराती लताओ में,मैं, तुम्हारा झूला डालूँ !सितारें हो,इन लताओ के फूल !मन है, के तुम्हे झुलाऊ !अरमानो के हाथ बढाकर,झूले तक,तेरे पहुंचा कर !झूले दूँ इतने ... |
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| +++++++ गजल ++++++ ============= मैं, तेरे नाम पे......, इक सुन्दर सी गजल लिखूँगा,जानेजाना तुझे मैं....२, इक शायर का ख्वाब लिखूँगा !मैं, तेरे नाम पे......,अफसराओं को जमीं पर, आने की जरूरत क्या है?रानी परियों की तुझे मैं...२, मलिकाए हुस्न लिखूँगा !मैं, तेरे नाम पे......,चाँद सितारोंकी इस जहाँ को, अब जरूरत क्... |
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| गर्मी में, कब्रिस्तान से आती आवाज... ++++++++++++++++++++++++++++ पड़ रही है, गजब की गर्मी, गर्मी से तंग है, हाल, ऐसे में, कब्रिस्तान से, आई एक आवाज, अरे, ओ जिन्दा दुनिया के, इंसानों, मुझे तुम से शिकायत है, मैं हूँ , गर्मी से परेशान, ... |
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| यादों को बन्दी बनाया है, मैंने !उनकी,आँखों में आशियाना था, मेरा !जिनकी,बस, मिलते ही यादों को,जुदाई की सजा,यादों को, घसीट लाया,निर्ममता से,दिल की कठोर दीवारों में !बन्दी बनाया, अँधेरी काल कोठरी में !करुणा का लगाकर ताला,विरह खाने में दिया,कभी अपशब्द, तो कभी कुण्ठाघात किया,न ज... |
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| अजब है, ये प्रेम कहानी,कभी लगती है, नयी,कभी लगती है, पुरानी........इस भौतिकता के दौर में,लोगों को, नित नये आवास,पसंद है, मैं तुम्हारे,... दिल के, टूटे खंडरो में रहता हूँ,कभी बनकर लहू, जिगर का,धमनियों में बहता हूँ,भले ही तुम न कहो,मुझे, पता है,तुम भी याद, करते हो,मुझे , तन्हाई में अक्सर,औ... |
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| लो भाई, आ गयी होली,+++++++++++++++++नई उमंग, नई तरंग,जीवन, में बरसाने रंग,लिए, बहारे संग,अब, रंग में रंग जायेगीं ,सूरते, भोली- भाली, लो भाई, आ गयी होली.......+++++++++++++++++कुछ हाथो में, पिचकारी है,कुछ हाथो, में है- गुलाल,कुछ, चेहरे पहिचाने जाते,कुछ, रंग ने किये बे-पहिचाने,होली, लिखी टोपी- ओढ़े,बस, निकल प... |
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| आज सुबहटूटे हुए सपने सेखुली,जब मेरी, आँखवह सपना, चुभता रहा, तड़फाता रहा , मुझे दिन-भर,दिलाता रहा, तुम्हारी याद,टूट गया, देखा था,जो सुनहरा ख्वाब ...................यशपाल सिंह "एडवोकेट"... |
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| किसी खास के लिए........ ये चार पंक्तियाँ,वो, समझे कि,मैं, उन्हें भंवर में छोड़,खुद साहिल पर पहुंच गया,भ्रम, था ये उनका,रहे वो अनजान,वरन, मैं भी भंवर में था,वो भी भंवर थे,फर्क सिर्फ इतना था कि,कुछ दूरी पर फंसे थे,जो,उन्हें साहिल पर टहलता नजर आया,वो , मैं नही कोई, और था,उन्होंने मुझ... |
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February 28, 2012, 8:18 am |
| जवानी की दहलीज पर प्रथम कदम .... भाग -1+++++++++++++++++++++++++++++++++++=आज-कलबदले- बदले से उनके, आसार नजर आते है !जब से उन्होंने, कदम रखा है,जवानी के गलियारे में,तब से, मीठे-भारी, स्वर,होने के उनके, आसार नजर आते है,............आज-कल बदले- बदले से उनके, आसार नजर आते है !++++++++++++++++++++++++++++++चाल कुछ मस्त सी है,टहलने में प... |
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February 20, 2012, 6:45 pm |
| नववर्ष पर विशेष :-============पुराने "वर्ष" की पीड़ा.........----------------------------देखो,तुम मुझे यूँ - ना भुला देना, चला हूँ, मैं तुम्हारे साथ-साथ,कभी, बनकर, तुम्हारा अपना,कभी, बैगाना,बचपन में, तुम्हारे साथ, खेला,जवानी में, अरमानो से -खेला,बुढ़ापे में, तन्हाई को झेला,अब, अंत में , सोच रहा हूँ,की,म... |
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December 31, 2011, 7:00 pm |
| मेरे पास होने का , अहसास करना...........++++++++++++++++++++++++जब,सर्दियों की ठंडी,हवा चले,यादों, को सहला जाये,तब,मुझे , तुम याद करना,निकल, आउगा , मैं फोटो से ,बस, आँखें मुंद, फैलाकर अपनी बाँहे,मेरे पास होने का , अहसास करना...........++++++++++++++++++++++++तुम, समझना, घने कुहरे को , बंद कमरा ,कुहरे, अपारदर्शिता को , तन... |
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December 18, 2011, 10:31 am |
| बस,मुझे, कवि बना दिया .........भाग- 2+++++++++++++++++++++बस,मुझे, कवि बना दिया .........जब,तुम मेरे साथ होती थी,और मिला करते थे,हम,अक्सर तन्हाई में ,तुमने, फैलाई थी, अपनी बाहें,मुझे, आगोश में जकड़ लिया,तुम्हारी, बाँहों के, जकडन के,उस एहसास मुझे ,सब कुछ भुला दिया,बस,मुझे, कवि बना दिया .........+++++++++++++++++... |
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December 11, 2011, 5:20 pm |
| बस,मुझे कवि बना दिया......+++++++++++++++तुम्हारी,इन सुर्ख गालो ने,बिखरे हुए बालो ने,मस्त अदाओ ने,महकी खुशबु ने ,बहकी चाल ने, तुम्हे, मेरे मन में बसा दिया,बस,मुझे कवि बना दिया......++++++++++++++झील सी आँखों ने ,भीगी हुई, पलको से ,न, चाहते हुए भी,प्यार का नस्त्र, इस, पत्थर दिल में चुभो दिया, बस,मु... |
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December 8, 2011, 5:53 pm |
| हास्य कविता .....;महोदय, चले योग करने ....जब , मेरा मोटा हुआ, पेट और बढने लगा, वेट,तो शरीर को बेडोल ,होने की चिंता ने सताया,मेडम के कहने पर,, कि,तलाश , तो मुझे,योग सिखाता, एक गुरु, नजर आया,गुरु जी को मैंने, अपनी समस्या बताई,गुरु जी ने कहा, अब चिंता मत कर भाई ,बस, अब सुबह चार बजे,उठने क... |
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December 3, 2011, 5:29 pm |
| वो,जो, बेचते थे,दर्ददे दिल की दवा,हमारे शहर में!!,उनके,चर्चे, ये आम हो गये!! ,वो खुद,दिल, की बीमारी,का, शिकार हो गये!!,इस, कद्र बढ़ा, रोग, उनका,कि,ला इलाज, हो गये!! ...यशपाल सिंह ... |
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November 29, 2011, 9:07 pm |
| प्यार शास्त्र है, अथवा विज्ञान-===================प्यार शास्त्र है, अथवा विज्ञान...चलो,करे इस समस्या का समाधान,इसमे,शास्त्र के बहुत गुण है,भाव है, मार्मिकता है,जज बात हैं ,लम्बे ख्यालात हैं, मौन अभिव्यक्ति है,स्वयं उपजा अनुराग है,कौतुहल है,उत्सुकता है,इच्छा है, चाह है,करुणा है,... |
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November 24, 2011, 4:49 pm |
| प्यार का पौधा.........----------------प्यार का बीज, पाकर उचित वातावरण,व तापमान,होता है, अंकुरित,फिर बढने-पलने लगता है,धीरे-धीरे, समाज रूपी,पौधशाला के बीच,नज्म-बज्म, शायरी और गीत,बन जाते है,उर्वरक, कम्प्लीट,भाव और भावना ,उत्प्रेरक,होते है, ऐसी स्थिति,के बीच,-----------------प्रेमी युगल, होते है,स्व... |
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November 19, 2011, 9:43 pm |
| नही भूला मैं, बरसात का वो दिन वो तुम्हारा, और मेरा,अकेले में मिलनाबरवक्त बरसात का आ जाना,वो बारिस में भीगना,वो प्यार भरी प्यारी बाते,तुम्हारा पास आना वो तुम्हारा,भीगा बदन तुम्हारी, गर्म सासों ,की गर्माहट, का !मेरी , गर्म सासों से टकराना ! भीगा बदन का,मुझसे छु जाना... |
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November 15, 2011, 9:51 am |
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