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Blog: पत्तो की डायरी-एक संकलन

Blogger: Arvind Singh
                                                                            जब मैं निकलूँ सत पथ पर                                          तुम साया बन चलना साथ,                                          सांसों के संगीत रचयिता                                           पथ पर पकड़ो मेरा हाथ,           उस अम्बर तक जाने को               जहाँ मिले धरती अम्बर से              ... Read more
clicks 190 View   Vote 0 Like   3:38am 28 Feb 2012 #
Blogger: Arvind Singh
फिरता है आदमीएक रोटी के लिएखानाबदोश सा, खाली पेट के साथखाली हो जाती है आत्मान कोई उमंग, न कोई तरंगन सपने, न भगवानक्योंकि भूखे का भगवान तो रोटी हैअपने बचपन को तंदूर मेंमिटाता है एक बच्चामाँ सड़क किनारेतोड़ती है पत्थरएक रोटी के वास्तेएक लड़की मज़बूर होती हैएक भिखारी स्... Read more
clicks 179 View   Vote 0 Like   3:19am 27 Feb 2012 #
Blogger: Arvind Singh
तुम ही थे राममेरीभक्ति में,सर्वस्व समर्पितथा मम देवालय के देव तुम्हें तुम्हीं से जीवन जीना सीखा तुम्हीं से श्वांस का आना जाना तुम्हीं से मुस्कान मन्द तुमबिन सीखा मुरझाना, पर न समझ सकेनिस्वार्थ प्रेम को ठुकराकरचले गये धूल सा मुझको, काल केअभिशाप से अहिल्या बन गई मै... Read more
clicks 202 View   Vote 0 Like   2:42pm 26 Feb 2012 #
Blogger: Arvind Singh
तपतीजमीन पर ,सड़कके किनारेबैठाहै मुख उठाए एक आदमीमाथेपर पसीने की बूदें,मुरझायाचेहरा ,भूरेबाल ,माथेके बलसबउसकी कहानी कहते हैंकिवह सड़क का आदमी है।सड़कने ही उसे जन्मा,सयानाकियासड़कके किनारे ही उसने जीना सीखासारादिन अपनी किस्मत को कोसता सिर्फ पेट भरता है,फुटपाथके ... Read more
clicks 187 View   Vote 0 Like   12:39pm 26 Feb 2012 #
Blogger: Arvind Singh
ज्ञान के भण्डार , परम उदार गौतम बुद्ध को कोटि कोटि प्रणाम... Read more
clicks 642 View   Vote 0 Like   5:49pm 24 Feb 2012 #
clicks 167 View   Vote 0 Like   5:28pm 24 Feb 2012 #
Blogger: Arvind Singh
यह तुम्हारा पत्र थाजिसने अंधेरी पगडंडी परमुझे उजाला दियाआज भी वह उजाला है भले तुम नहीं हो पाससुख भरी गागर लिएजैसे कोई एक पल में रंग बदल लेता हैबैसे ही बदल गया जिन्दगी का रंगसपनों को लादे कब तक चलना थाकोई बहार तो आनी ही थीअर्थहीन कोलाहल मेंएक हलचल तो होनी ही थीनही भरोस... Read more
clicks 184 View   Vote 0 Like   5:18pm 23 Feb 2012 #
Blogger: Arvind Singh
 तुम नारी हो कभी न हारी हो, खिली हो भू पर प्रकृति की उत्पत्ति से सजाया है सारा बृह्माण्ड अनगिनत सुरीले सुरों से, व्याकुल सारा संसार तुम बिन हे कृति उपजाती ममता प्रत्येक हृदय में निर्जीवों में भी भरती प्राण वायु लेकिन निज उर को खँगालकर उठती एक चीख मुँह से कि रहने दो अ... Read more
clicks 163 View   Vote 0 Like   4:21pm 21 Feb 2012 #
Blogger: Arvind Singh
मानव जन का भार उठाधरा सा भारी बन करसब दु:ख शोक समाहित जिसमेंऐसा प्रशान्त बना मुझको,नहीं चाहता अर्थ-धर्मदे तो बस मानवता देदान में मूल्य़ों की चादरशाप अवमूल्यन के नाश का दे,नश्वर जीवन की लय ताल बतालक्ष्यों की डेहरी पर चढ़करऋणता का भार उठा पाऊँऐसी अंत:स्थ आत्मा की हो कट्... Read more
clicks 208 View   Vote 0 Like   11:01am 20 Feb 2012 #
Blogger: Arvind Singh
 विश्वास  प्रेम हैं मेरे सच्चे जीवन साथी नित-नित बरसाती बरखा ये लिखी प्रेम की पाती, ये पत्र नहीं हैं ,हैं अमृत के प्याले असीम प्रेम जैसे हैं मुझपर बरसाने वाले, पढ़ लेती हूँ इनको जब-जब मैं मुरझाती नित-नित बरसाती बरखा ये लिखी प्रेम की पाती, एक-एक अक्षर में मेरी एक-एक सांस ... Read more
clicks 184 View   Vote 0 Like   1:44am 20 Feb 2012 #
Blogger: Arvind Singh
आज खुलीं आँखें गर्वीलींआज खुलीं आँखें गर्वीलींकाली पट्टी की देवी के हाथों में देखोसमय ने मधु मदिरा पीलीआज खुलीं------सोच रहा मानस बेचाराइन रहस्यमयी कर के बिन्दू परकहाँ गये वे धन के प्यालेमान प्रतिष्ठा के रखवालेदिया कटोरा इन हाथों मेंफूलों की भी साँसें गीली,आज खुलीं-----... Read more
clicks 180 View   Vote 0 Like   11:38am 19 Feb 2012 #
Blogger: Arvind Singh
तुम बिन लोक जगत मर्माहतसूने अंचल औरइन्द्रधनुष प्रेम,त्याग,क्षमा,दयाकी धाराधैर्य,कुशलता,धर्मपरायणजीवनरहा तुम्हारा,इठलाती,बलखातीगुणतेरे ही गाती माँन पड़ता कमगुणगान तुम्हारातूलिकाघिसती जाती माँ,तुमसरस्वती  ज्ञान स्वरों से नहलाओजितने भी घटपीना चाहूँउतनेआज पिल... Read more
clicks 203 View   Vote 0 Like   3:00am 19 Feb 2012 #
Blogger: Arvind Singh
मधुरतम काव्यसाधना कि भूमिपरबसंती हवा सेहर्श-विशादकी देह पर लिखाजाता है,कोमल विचारशैय्या सेह्रदय की गहराईपरअभिनन्दनकरता यौवनबरसाता है,भवन और भवनोंकीकतारों परलिखे लेखगुफाओं कीदेह को उकेरते कर्कश तीरजीवन की लय ताल को स्याहीमें भिगाता है,पर्वतों कीचाँदनी,सागर की ... Read more
clicks 193 View   Vote 0 Like   1:31am 18 Feb 2012 #
Blogger: Arvind Singh
 पर्यवेक्षण गृह का पहला दिन मैंने ज्यो ही रखा पहला कदम निगाह एक बच्चे के आँसुओं से टकराकर दिल में उतर गई धीरे से मैंने रूँधाई को दबाकर प्रश्न किया कब से यहाँ हो बेटा नीचे सिर झुकाए, नजरें बचाए बोला कि एक वर्ष से हूँ माँ की बहुत याद आती है, माँ हर बार आती है रोकर चली जाती... Read more
clicks 170 View   Vote 0 Like   2:05pm 17 Feb 2012 #
Blogger: Arvind Singh
इतना शोरकि खुद की आवाज़ सुनाई नहीं देती,रात के अंधेरे में जबकिपानी की बूँद की टिप-टिप से सोना दूभर होता है,कितना प्रदूषण फैल रहा है कि दुनिया में,दिन के उजाले में,इन्सानियत सुनाई नहीं देती,बेचैन आँखें ढूँढती इधर-उधरअपनो की आवाज ,उनकी ख्वाहिश,उनका रूठना और खिलखिलाना अ... Read more
clicks 198 View   Vote 0 Like   8:40am 16 Feb 2012 #
Blogger: Arvind Singh
स्वयं मिलेगीराह तुझेजीवन के संघर्षोंमें,कुछफूल-शूलके हार मिलेंगेकुछविश्वास मिलेगा वर्षों में,सुख दुख काआगम शाश्वत नहीं है पृथ्वीपरजब भेद समयका जान गयातो शोकाकुल क्यों नियति परजब कर में तेरेहै करनी का निस्सीम बलबन न लता वृक्षबन करप्रदान निज को संबल ,निज जीवन जीते... Read more
clicks 212 View   Vote 0 Like   8:49am 15 Feb 2012 #
Blogger: Arvind Singh
उठो, जागो और तब तक रुको नही जब तक मंजिल प्राप्त न हो जाये।जो सत्य है, उसे साहसपूर्वक निर्भीक होकर लोगों से कहो–उससे किसी को कष्ट होता है या नहीं, इस ओर ध्यान मत दो। दुर्बलता को कभी प्रश्रय मत दो। सत्य की ज्योति ‘बुद्धिमान’ मनुष्यों के लिए यदि अत्यधिक मात्रा  में प्रखर प्... Read more
clicks 229 View   Vote 0 Like   4:34am 15 Feb 2012 #
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