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Blog: kalp verma'S ♥ KALPANA ♥

Blogger: kalp verma
बहुत कुछ देखा है घर की इन दीवारों ने ,हँसी - ठहाकों की गुँजे कभी , और ग़मों का सैलाब कभी !बच्चोँ की किलकारी , कभी माँ का प्यार दुलार ,भाई बहनों के झगड़े और पिता से टकरार कभी ,दोस्तों का आना जाना , कभी नये रिश्तों को निभाना ,दो अजनबी जिस्मों का , एक रूह में समा जाना कभी ,बहुत कुछ ... Read more
clicks 90 View   Vote 0 Like   10:43am 18 Mar 2016 #
Blogger: kalp verma
INTERNATIONAL YOGA DAY 21-06-2015ये एक अच्छी शुरुआत हैइसकी सराहना करता हूँलेकिन ये महज एक "दिन "बनकर न रह जाय इसका मुझे डर हैकल 21  JUN  को जितने लोग योग करेंगे मुझे लगता है उसका महज़ 1 % लोग ही शायद 22 JUNE  या उसके बाद इसे अपने दैनिक दिनचर्या में शामिल करेँगेवैसे तो में भी योग करता हूँ लेकिन "प्... Read more
clicks 113 View   Vote 0 Like   11:07am 20 Jun 2015 #
Blogger: kalp verma
हथेलियों से सरक के खो गए कई लम्हें ,चलो उनकी तलाश करें ,टूट कर बिखर गए है जो ख़्वाब ,चलो उनकी एक पोटली बनाएं ,फिर किसी दरिया , समन्दर किनारे चलें ,डूबते सूरज तले कहीं इन्हें भी दफना दें !!फिर ज़िन्दगी के पार कहीं ज़िन्दगी की तलाश करें ,चलो हर हँसी के पीछे छुपे दर्द की तलाश... Read more
clicks 118 View   Vote 0 Like   5:58am 10 Jun 2014 #
Blogger: kalp verma
!! ये बीते हुए लम्हें !!लोग कहते हैं ज़िंदा लम्हों में ही ज़िन्दगी है ,बीते हुए लम्हें तो कब के मर गये ,मैंने जो कागज़ों पे लिख दिये , तो साँस लेते हैं ,तन्हाई में कभी आवाज़ दी , तो बात करते हैं ,पास बुलाया तो गले लग के रोते हैं ,थपकियाँ देके सुलाया कभी , तो रात सो गई ,क... Read more
clicks 162 View   Vote 0 Like   8:59am 28 Feb 2014 #
Blogger: kalp verma
दिन भर धूप में जलता रहा सूरज ,हथेलियों तले जो ढका , तो थोड़ा आराम आया ,वक़्त ने पार कर ली अपनी सारी हदें ,उनकी ज़ुल्फों तले जो शाम ढली , तो थोड़ा आराम आया ,अंधेरे डराते  रहे रात भी जागती रही तन्हा ,ज़िंदा लम्हों को जो याद किया , तो थोड़ा आराम आया ,भागते - दौडते उलझनों में ग़ुजरते रहे र... Read more
clicks 135 View   Vote 0 Like   7:59am 12 Feb 2014 #
Blogger: kalp verma
ज़िन्दगी के हर मोड़ पर ,वादे बदलते हैं कभी इरादे बदलते हैं ,वक़्त की हर दहलीज़ पर ,खुशियाँ बदलती हैं कभी तन्हाइयाँ बदलती हैं ,घुमते-फ़िरते भागते-गिरते राहों में ,क़दमों के निशां बदलते हैं कभी आसमां बदलते हैं ,ये ज़िन्दगी तन्हा सफ़र है दोस्तों ,हमसफ़र बदलते हैं कभी हमनवां ... Read more
clicks 147 View   Vote 0 Like   6:28am 31 Jan 2014 #
Blogger: kalp verma
नज़रें झुका के बैठे न रहो ,राज़-ए-दिल यूँ छुपाये न रहो ,दम निकलने को है मेरा , अब कुछ बोल भी दो ,यूँ ज़ुबां तले इज़हार-ए-मोहब्बत दबाये न रहो !!~ ♥ कल्प वर्मा ♥ ~ ... Read more
clicks 154 View   Vote 0 Like   8:15am 27 Jan 2014 #
Blogger: kalp verma
ये दिल हमेशा कुछ ढूँढता है ,किसी को चाहता है , किसी को पुकारता है ,एक ख्वाहिश पूरी नहीं होती , और दूसरी आ जाती है ,कभी कभी तो सोचता हूँ , कि , ये ख्वाहिशें न हो तो शायद ज़िन्दगी कहीं ठहर जाये ,किसी लम्हें में , कोई वक़्त रुक जाये !!~ ♥ कल्प वर्मा ♥ ~ ... Read more
clicks 188 View   Vote 0 Like   6:53am 7 Jan 2014 #
Blogger: kalp verma
हर हाल में ज़िन्दगी को जीते गये ,बीते सालों के पन्नें पलटते गये ,ज़िन्दगी हमें , और हम , ज़िन्दगी को निहारते गये ,आज ज़िन्दगी का एक और पन्ना पलट गया , एक और साल बीत गया ,हम हर हाल में ज़िन्दगी को जीते गये !खट्टे , मीठे पल , जैसे भी मिले जीते गये ,ज़िन्दगी के हर पल हम हँसते - हँसते पीते... Read more
clicks 230 View   Vote 0 Like   7:23am 2 Jan 2014 #
Blogger: kalp verma
मेरे सभी मित्रों को , सम्बन्धियों को , एवं उनके परिवार के सभी सदस्य़ों को नव वर्ष २०१४ की बहुत बहुत बधाइयाँ एवं शुभकामनाएं ..सभी का नव वर्ष मंगलमय हो ..... Read more
clicks 157 View   Vote 0 Like   4:49am 1 Jan 2014 #
Blogger: kalp verma
कुछ अधूरी सी लाइने .... कुछ अधूरे से अरमान ...आधी - अधूरी सी ज़िन्दगी में ... ढूंढें पूरे ख़ाब ...ज़िन्दगी ने बहुत खूबसूरत लम्हें दिए ... जीने के लिए ....साँसे दी ...हंसी दी , ख़ुशी दी ... और साथ में कुछ ग़म भी दिए ...वक़्त के हर उस लम्हे को हमने जकड़ के रखा ...जहाँ ग़मो ने अपनी चादर फैला रखी थी .... Read more
clicks 157 View   Vote 0 Like   5:36am 14 Jun 2013 #
Blogger: kalp verma
मेरे शहर की गलियां बहुत तंग हैं  !!हर तरफ शोर है , ज़िन्दगी कहीं खामोश है ,बदलते वक़्त की तस्वीर है , कुछ नये लोग , नयी भाषा है ,तहज़ीब के मिटने लगे अब कुछ निशां हैं ,छिन गया है सुकून परिंदों का भी ,अब बचने वाला कहाँ इन्सां है !!मेरे शहर की गलियां बहुत तंग हैं  !!ज़िन्दगी इतनी व्य... Read more
clicks 175 View   Vote 1 Like   6:26am 28 Apr 2012 #kalp
Blogger: kalp verma
कुछ अपनी बोल-चाल की भाषा में लिखने की कोशिश की है... दिल के कुछ अरमान निकाले हैं...ज़रा ग़ौर फ़रमाएगा...और मेरी त्रुटियों को कृपया मुझे जरूर बताएं... जब तुम पास होत हौ अपने , तो हमका कौनव साथी की जरूरत नाही ,तुम्हार नैन खुबसूरत हैं इतने , कि निगाह हमार हटत नाही !!ज़िन्दगी की ग... Read more
clicks 223 View   Vote 0 Like   7:37am 6 Apr 2012 #kalp
Blogger: kalp verma
एक छोटी सी कोशिश अपने ज़ज्बात को कहने की....कुछ आधी-अधूरी सी है , लेकिन सीधी और सच्ची है...चलो धरती का सीना चीर कर कुछ बीज बोयें ,आने वाली नस्लों को कुछ मीठे फल दे जायें ,बातों में ही जाया करते हैं हम , कीमती वक़्त को अपने ,चलो कलम छोड़ कर अब हाथों में , फावड़े - कुदाल उठायें !!चलो ध... Read more
clicks 133 View   Vote 0 Like   7:12am 28 Mar 2012 #kalp
Blogger: kalp verma
हर लम्हें में ख़ुशी नहीं होती , हर रिश्ते में प्यार नहीं मिलता ,हर शाख़ पे गुल नहीं खिलते , हर शख्स अजीज़ नहीं होता ,हर रात की सुबह तो होती है लेकिन , हर राह पे मंज़िल नहीं मिलती !!हर दिल में प्यार नहीं होता , हर सीप में मोती नहीं मिलता ,हर परवाने को शमा नहीं मिलती , हर जख्म का मरह... Read more
clicks 220 View   Vote 0 Like   11:59am 2 Mar 2012 #kalp
Blogger: kalp verma
मैं उसे चाहता हूँ जो मेरा नहीं है...उसे माँगता हूँ जो मुझे मिल नहीं सकता...ज़िन्दगी के उन हसीन ख़्वाबों की ताबीर चाहता हूँ...जिसे वक़्त ने कभी अपने लम्हों में लिखा ही नहीं...!! ~♥ कल्प ♥~... Read more
clicks 185 View   Vote 0 Like   11:41am 27 Feb 2012 #kalp
Blogger: kalp verma
आओ एक नयी कहानी लिखेंफिर से अपनी ज़िन्दगी की एक रवानी लिखें...मुददतें गुजर गई हैं खुद से बात कियेपास मेरे बैठो , ख़ामोश लबों से कुछ बात करेंआइना देखे भी अब तो बरसों बीत गए हैंपहलू में आओ , तेरी आखों में अपना दीदार करेंचलो फिर से एक नयी कहानी लिखें...फिर से हम - तुम अजनबी बनें... Read more
clicks 224 View   Vote 0 Like   5:59am 27 Feb 2012 #kalp
Blogger: kalp verma
~♥ कल्प ♥~ की कल्पनाओं की उड़ान......जमीं से आसमां तक ... कभी इस जिस्म से रूह तक ...मचलती हुई ......वक़्त की हर दहलीज पर ... कभी उस चौखट पर ... जहाँ मेरी खुशियाँ रहती हैं......ज़िन्दगी के हर अनछुए पहलू पर...उन हर अनदेखे ख्वाबों पर... जो कभी मेरी पलकों पे सजा करते थे ...... जो मुझे मिले नहीं ...उन्हीं ... Read more
clicks 170 View   Vote 0 Like   5:28am 10 Feb 2012 #kalp
clicks 205 View   Vote 0 Like   4:44am 10 Feb 2012 #
clicks 165 View   Vote 0 Like   12:00am 1 Jan 1970 #
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