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Blog: Samarthsahitya-kanoon

Blogger: Arvind Singh
                                 1.          बंद पलकों के किनारे भिगोये नहीं                         न शिकवा न शिकायत कभी रोये नहीं                      पर अपनों ने जाने क्या समझा                  दिये शिकायतों के तोहफे इतने               कि हम अरसों तक सोये नहीं।               2.               आओ चलो एक नज़्म लिखें                            ... Read more
clicks 273 View   Vote 0 Like   9:07am 22 Jun 2012 #
Blogger: Arvind Singh
कर ज़माने को रोशन अपनी लौ से इतनाकि तेरी रहनुमाई में हर किसी को ठहरना होगा नहीं आएगी खुद मंज़िल तेरे पास यूँ हीतुझे अपने ही राह-ए-कदम पर चलना होगाबुझा देंगीं वरना नफ़रत की आँधियां तुझेयूँ मशाल सा रातभर जलना होगा ।... Read more
clicks 228 View   Vote 0 Like   8:57am 22 Jun 2012 #
Blogger: Arvind Singh
सफलता के हस्थ ने आजलक्ष्य का मस्तक उठायादेख तेरा चिर प्रेमी विकलआज तेरे पास आया-----मस्तक पर कोटि बल लिएघायल कितने पद-तल किएशूल-उपवन साफ करकेअमिट प्रेम-पथ बनाया               देख तेरा चिर प्रेमी विकल-----पथ का साथी स्वयं मन हैछोड़ना तो बालपन हैकितने ही साथी थक गयेकिसने किसका सा... Read more
clicks 249 View   Vote 0 Like   12:27pm 12 Mar 2012 #
Blogger: Arvind Singh
 सफलता के हस्थ ने आज लक्ष्य का मस्तक उठाया                    देख तेरा चिर प्रेमी अखिल                    आज तेरे पास आया-----मस्तक पर कोटि बल लिएघायल कितने पद-तल किएशूल-उपवन साफ करकेअमिट प्रेम-पथ बनाया                    देख तेरा चिर प्रेमी अखिल-----पथ का साथी स्वयं मन हैछोड़ना तो बालपन हैकितने ह... Read more
clicks 230 View   Vote 0 Like   8:25am 8 Mar 2012 #
Blogger: Arvind Singh
हर आदमी की शिकायत हैकि कोई उन्हें याद नहीं करतादो शब्द भी,दो घड़ी हीजब बात होती हैतो सिर्फ तारों से मुलाकात होती है,फोन से शाम कोबस काम से,सिर्फ नाम कोजब टैरिफ पड़ा होऔर फ्री कॉल होती है,अगर शिकायत हैकि साहब याद नहीं करते हैंतो सीधा सा जबाब हैजो बड़ा ही लाजबाब हैतुम्हार... Read more
clicks 180 View   Vote 0 Like   12:08pm 5 Mar 2012 #
Blogger: Arvind Singh
वो मेले,                                                                            चिठ्ठियाँ कहीं गुम हो गयीं हैंचाट  के ठेले,                                                                     नया जमाना,नई दुनियामिट्टी के खिलौने,                                                                नये लोग,नई बातें हैं अबटाट के बिछौने,                                           ... Read more
clicks 181 View   Vote 0 Like   11:02am 5 Mar 2012 #
Blogger: Arvind Singh
AAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAABBBBBBBBBBBBBBBBBBBBBBBBBBBBBBBBCCCCCCCCCCCCCCCCDDDDDDDDDDDDDDDDDDDDDDDDDDDDDDDDCCCCCCCCCCCCCCCCCCCCCCCCCCCCCCCCCCc... Read more
clicks 167 View   Vote 0 Like   4:17am 29 Feb 2012 #
Blogger: Arvind Singh
                                                                            जब मैं निकलूँ सत पथ पर                                          तुम साया बन चलना साथ,                                          सांसों के संगीत रचयिता                                           पथ पर पकड़ो मेरा हाथ,           उस अम्बर तक जाने को               जहाँ मिले धरती अम्बर से              ... Read more
clicks 170 View   Vote 0 Like   3:38am 28 Feb 2012 #
Blogger: Arvind Singh
फिरता है आदमीएक रोटी के लिएखानाबदोश सा, खाली पेट के साथखाली हो जाती है आत्मान कोई उमंग, न कोई तरंगन सपने, न भगवानक्योंकि भूखे का भगवान तो रोटी हैअपने बचपन को तंदूर मेंमिटाता है एक बच्चामाँ सड़क किनारेतोड़ती है पत्थरएक रोटी के वास्तेएक लड़की मज़बूर होती हैएक भिखारी स्... Read more
clicks 175 View   Vote 0 Like   3:19am 27 Feb 2012 #
Blogger: Arvind Singh
तुम ही थे राममेरी भक्ति में,सर्वस्व समर्पित था मम देवालय के देव तुम्हें तुम्हीं से जीवन जीना सीखा तुम्हीं से श्वांस का आना जाना तुम्हीं से मुस्कान मन्द तुम बिन सीखा मुरझाना, पर न समझ सके निस्वार्थ प्रेम को ठुकराकर चले गये धूल सा मुझको, काल के अभिशाप से अहिल्या बन गई ... Read more
clicks 175 View   Vote 1 Like   2:42pm 26 Feb 2012 #
Blogger: Arvind Singh
तपती जमीन पर ,सड़क के किनारेबैठा है मुख उठाए एक आदमीमाथे पर पसीने की बूदें,मुरझाया चेहरा ,भूरे बाल ,माथे के बलसब उसकी कहानी कहते हैंकि वह सड़क का आदमी है।सड़क ने ही उसे जन्मा,सयाना कियासड़क के किनारे ही उसने जीना सीखा सारा दिन अपनी किस्मत को कोसता सिर्फ पेट भरता है,फुटप... Read more
clicks 187 View   Vote 0 Like   12:39pm 26 Feb 2012 #
Blogger: Arvind Singh
यह तुम्हारा पत्र थाजिसने अंधेरी पगडंडी परमुझे उजाला दियाआज भी वह उजाला है भले तुम नहीं हो पाससुख भरी गागर लिएजैसे कोई एक पल में रंग बदल लेता हैबैसे ही बदल गया जिन्दगी का रंगसपनों को लादे कब तक चलना थाकोई बहार तो आनी ही थीअर्थहीन कोलाहल मेंएक हलचल तो होनी ही थीनही भरोस... Read more
clicks 179 View   Vote 0 Like   5:18pm 23 Feb 2012 #
Blogger: Arvind Singh
 तुम नारी हो कभी न हारी हो, खिली हो भू पर प्रकृति की उत्पत्ति से सजाया है सारा बृह्माण्ड अनगिनत सुरीले सुरों से, व्याकुल सारा संसार तुम बिन हे कृति उपजाती ममता प्रत्येक हृदय में निर्जीवों में भी भरती प्राण वायु लेकिन निज उर को खँगालकर उठती एक चीख मुँह से कि रहने दो अ... Read more
clicks 177 View   Vote 0 Like   4:21pm 21 Feb 2012 #
Blogger: Arvind Singh
मानव जन का भार उठाधरा सा भारी बन करसब दु:ख शोक समाहित जिसमेंऐसा प्रशान्त बना मुझको,नहीं चाहता अर्थ-धर्मदे तो बस मानवता देदान में मूल्य़ों की चादरशाप अवमूल्यन के नाश का दे,नश्वर जीवन की लय ताल बतालक्ष्यों की डेहरी पर चढ़करऋणता का भार उठा पाऊँऐसी अंत:स्थ आत्मा की हो कट्... Read more
clicks 163 View   Vote 0 Like   11:01am 20 Feb 2012 #
Blogger: Arvind Singh
 विश्वास  प्रेम हैं मेरे सच्चे जीवन साथी नित-नित बरसाती बरखा ये लिखी प्रेम की पाती, ये पत्र नहीं हैं ,हैं अमृत के प्याले असीम प्रेम जैसे हैं मुझपर बरसाने वाले, पढ़ लेती हूँ इनको जब-जब मैं मुरझाती नित-नित बरसाती बरखा ये लिखी प्रेम की पाती, एक-एक अक्षर में मेरी एक-एक सांस ... Read more
clicks 169 View   Vote 0 Like   1:44am 20 Feb 2012 #
Blogger: Arvind Singh
आज खुलीं आँखें गर्वीलींआज खुलीं आँखें गर्वीलींकाली पट्टी की देवी के हाथों में देखोसमय ने मधु मदिरा पीलीआज खुलीं------सोच रहा मानस बेचाराइन रहस्यमयी कर के बिन्दू परकहाँ गये वे धन के प्यालेमान प्रतिष्ठा के रखवालेदिया कटोरा इन हाथों मेंफूलों की भी साँसें गीली,आज खुलीं-----... Read more
clicks 168 View   Vote 0 Like   11:38am 19 Feb 2012 #
Blogger: Arvind Singh
तुम बिन लोक जगत मर्माहतसूने अंचल और इन्द्रधनुष प्रेम,त्याग,क्षमा,दया की धाराधैर्य,कुशलता,धर्म परायणजीवन रहा तुम्हारा,इठलाती,बलखातीगुण तेरे ही गाती माँन पड़ता कम गुणगान तुम्हारातूलिका घिसती जाती माँ,तुम सरस्वती  ज्ञान स्वरों से नहलाओजितने भी घट पीना चाहूँउतने आज... Read more
clicks 164 View   Vote 0 Like   3:00am 19 Feb 2012 #
Blogger: Arvind Singh
मधुरतम काव्यसाधना कि भूमि परबसंती हवा सेहर्श-विशाद की देह पर लिखा जाता है,कोमल विचार शैय्या सेह्रदय की गहराई परअभिनन्दन करता यौवन बरसाता है,भवन और भवनों कीकतारों पर लिखे लेखगुफाओं की देह को उकेरते कर्कश तीरजीवन की लय ताल को स्याही में भिगाता है,पर्वतों की चाँदनी,सा... Read more
clicks 156 View   Vote 0 Like   1:31am 18 Feb 2012 #
Blogger: Arvind Singh
 पर्यवेक्षण गृह का पहला दिन मैंने ज्यो ही रखा पहला कदम निगाह एक बच्चे के आँसुओं से टकराकर दिल में उतर गई धीरे से मैंने रूँधाई को दबाकर प्रश्न किया कब से यहाँ हो बेटा नीचे सिर झुकाए, नजरें बचाए बोला कि एक वर्ष से हूँ माँ की बहुत याद आती है, माँ हर बार आती है रोकर चली जाती... Read more
clicks 149 View   Vote 0 Like   2:05pm 17 Feb 2012 #
Blogger: Arvind Singh
इतना शोरकि खुद की आवाज़ सुनाई नहीं देती,रात के अंधेरे में जबकिपानी की बूँद की टिप-टिप से सोना दूभर होता है,कितना प्रदूषण फैल रहा है कि दुनिया में,दिन के उजाले में,इन्सानियत सुनाई नहीं देती,बेचैन आँखें ढूँढती इधर-उधरअपनो की आवाज ,उनकी ख्वाहिश,उनका रूठना और खिलखिलाना अ... Read more
clicks 173 View   Vote 0 Like   8:40am 16 Feb 2012 #
Blogger: Arvind Singh
स्वयं मिलेगी राह तुझेजीवन के संघर्षों में,कुछ फूल-शूल के हार मिलेंगेकुछ विश्वास मिलेगा वर्षों में,सुख दुख का आगम शाश्वत नहीं है पृथ्वी परजब भेद समय का जान गयातो शोकाकुल क्यों नियति परजब कर में तेरे है करनी का निस्सीम बलबन न लता वृक्ष बन कर प्रदान निज को संबल ,निज जीवन ज... Read more
clicks 164 View   Vote 0 Like   8:49am 15 Feb 2012 #
Blogger: Arvind Singh
उठो, जागो और तब तक रुको नही जब तक मंजिल प्राप्त न हो जाये।जो सत्य है, उसे साहसपूर्वक निर्भीक होकर लोगों से कहो–उससे किसी को कष्ट होता है या नहीं, इस ओर ध्यान मत दो। दुर्बलता को कभी प्रश्रय मत दो। सत्य की ज्योति ‘बुद्धिमान’ मनुष्यों के लिए यदि अत्यधिक मात्रा  में प्रखर प्... Read more
clicks 209 View   Vote 0 Like   4:34am 15 Feb 2012 #
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