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Devotional_thoughts

लेख सार : प्रभु भक्ति की अदभूत शक्ति के दर्शन करवाता लेख  | हर परिस्थिती में सदैव दृढ प्रभु भक्ति का आह्रान करता लेख   | ____________________________________________एक नन्हे दुधमुँहे बच्चे को अर्धनग्न अवस्था में भुखा-प्यासा तपती धुप में अपनी माँ की गोद में भीख मांगने हेतु दया का पात्र बनकर शहर ...
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  September 19, 2012, 3:10 pm
लेख सार : हर परिस्थिती में सदैव प्रभु कृपा के दर्शन करने का आह्रान करता लेख |____________________________________________जीव पर पल पल, हर पल प्रभु की कृपा- वृष्टि होती रहती है । उस कृपा के दर्शन करने हेतु हमें भक्ति-नेत्रचाहिए । मनुष्य अपने साधारण नेत्रों से अपने जीवन में प्रभु कृपा का पूर्ण अनुभव न...
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  September 19, 2012, 3:06 pm
लेख सार:प्रभु भक्ति के साथ जीवन यापन एंव  सैर सपाटा, मौज मस्ती,एशोआराम और आने वाली पीढियों के लिए धन-संपति संग्रह में लगे जीवन के बीच तुलना की गई है। मानव जीवन का श्रेप्ठत्तम उपयोग पर लेख प्रकाशडालता है।____________________________________एक कहानी / लोककथा प्रायः सबने सुन रखी होगी - एक ज्ञानी...
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  May 7, 2012, 5:43 pm
लेखसार :सफलता और सुख के समय प्रभु की कृपा एवं विफलता और दुःख के समय में प्रभु की दया कोयाद रखने पर केन्द्रित लेख है    | वास्तव में,हम शायद ही कभी हमारी सफलता और सुख में प्रभु की कृपा याद रखते हैं |और वास्तव में,हम शायद ही कभी हमारी विफलता और  दुःख के   लिए प्रभु को दोष देने ...
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  April 14, 2012, 2:37 am
बड़े शहरो को जोड़ने वाली हाईवे में दो सड़के होती है | एक आने की और एक जाने की | आमने सामने की दिशा से आने जाने वाले वाहन अपने मार्ग पर चलते हैं | बीच में हर १५ - २० किलोमीटर पर हाईवे की दोनों सड़को के बीच एक कट आता है जहाँ से आप अपने वाहन को मोड़कर दिशा बदल सकते हैं |ऐसे ही मान...
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  February 13, 2012, 11:52 pm
सबसे " उत्तम धन " की व्याख्या क्या है ? दो मूल सिद्धांत के कारण ही धन की उत्तमता की व्याख्या संभव है | पहला सिद्धांत - वही उत्तम धन जो सब जगह चले ( जैसे यूरो प्राय: सभी यूरोपियन देशो में चलता है | इसलिए यूरोप के किसी एक देश की मुद्रा के बजाय यूरो उत्तम क्योंकि वह उस देश के अला...
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  February 13, 2012, 11:50 pm
क्या हमने एकांत में बैठकर कभी यह सोचा है या सोचने का प्रयास भी किया है की मानव जन्म हमें क्यों मिला है | चोरासी लाख योनियों में भ्रमण करते हुए और इस लम्बी यात्रा में जलचर, नभचर, थलचर और वनस्पति बनने के बाद हमें मानव जीवन मिला है | मानव जीवनरूपी यह अदभुत मौका परम कृपालु और प...
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  February 13, 2012, 11:49 pm
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