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Blog: kahosamarpit

Blogger: sanjaydixit
जिन्दगी जिस मोड पर अब है खडीकोई रास्ता पीछे को भी जाता है क्या ?जैसे कि लहरें धो रहीं है अनवरतरेत मे आरेख सब खींचा हुआ.दिल चाहता है वक्त में पीछे चलूंजहां छोड आया हू मै चौराहे कई.वहां पर पडे है गहन अनुभूति सनेमुरझा चुके कुछ स्वप्न जो थे सुरमईक्या पता उनमे से ही किसी राह प... Read more
clicks 238 View   Vote 0 Like   2:21pm 5 Feb 2012 #Uncategorized
Blogger: sanjaydixit
यूं तो उसकी जिंदगी में बहुत कुछ ऎसा हुआ था जो अनपेक्षित था.शायद इसीलिए उसे अब आश्चर्य नहीं होता या फिर यही उसके जीवन का स्थायी भाव बन चुका है.कहने को तो शहर उसके रिश्तेदारों से भरा पडा था जिन्दगी से उसे मां और अकेलेपन के अलावा कुछ नही मिला.“यही है उस बदचलन लक्षमिनिया का ज... Read more
clicks 188 View   Vote 0 Like   3:10pm 4 Feb 2012 #Uncategorized
Blogger: sanjaydixit
Anubhuti-A complete classic collection of Hindi Poetry.... Read more
clicks 182 View   Vote 0 Like   8:40am 4 Feb 2012 #Uncategorized
Blogger: sanjaydixit
नूर जो चेहरे पर छाया हैतेरा असर नुमाया हैफिरता हूं महका महकाजबसे गले लगाया हैपरवाज भुलाया पंख भुलायापिन्जरे से बाहर आया हैअंधेरों का अजब वाकयाहै पैकर या साया है... Read more
clicks 186 View   Vote 0 Like   6:47am 4 Feb 2012 #Uncategorized
Blogger: sanjaydixit
मौन मन.... Read more
clicks 180 View   Vote 0 Like   7:30pm 2 Feb 2012 #Uncategorized
Blogger: sanjaydixit
मुझको अचरज होता है.... Read more
clicks 171 View   Vote 0 Like   7:29pm 2 Feb 2012 #Uncategorized
Blogger: sanjaydixit
बस मै और तुम.... Read more
clicks 197 View   Vote 0 Like   5:55pm 1 Feb 2012 #Uncategorized
Blogger: sanjaydixit
ये कितने अर्थस्रजित करती हैंमन मेंहोकर प्रश्नसूचकजब देखती हैंये आखेंवही पल खोजती सीपरम अंतरंगता केकभी कहती कहानीकोई भूली हुई सीमै कितने अर्थ खोलूं ?बहुत कुछ चाहती हैंसदा बनकर पहेलीये आंखे कभी आईना बनकरमेरा अन्तस दिखातीकभी पतवार बनकरपार मुझको लगातींकभी बनकर सखा ... Read more
clicks 188 View   Vote 0 Like   4:50pm 28 Jan 2012 #Uncategorized
Blogger: sanjaydixit
आओ जनगण का त्यौहार मनाएंभूख से व्याकुलपढने को आतुरअपने ही हक़ सेवंचित दिलों मेंसंहर्षों की एक ज्वाला जलाएंआओ जनगण का त्यौहार मनाएंजिनके हाथों में वंचितसमाजों की दुनियाचलो छीन लें उनकेहाथों से दुनियाआओ पुनः मुक्ति के गीत गाएंआओ जनगण का त्यौहार मनाएंजहां हम सभी केस... Read more
clicks 179 View   Vote 0 Like   10:23am 26 Jan 2012 #Uncategorized
Blogger: sanjaydixit
हमको दिले आवारा की आवारगी अच्छी लगीतेरे आरजू में कट रही ये जिन्दगी अच्छी लगीदिल में निजाते हिज्र की ख्वाहिश जगा के एक दिनचल दिए फिर छोडकर ये दिल्लगी अच्छी लगीदूर से आती हुई उम्मीद की वायस बनीशब -ए-गम की कैद में वो रोशनी अच्छी लगी... Read more
clicks 161 View   Vote 0 Like   4:02pm 25 Jan 2012 #Uncategorized
Blogger: sanjaydixit
दो किनारे नदी केमिल कभी पाते नहींमिलना क्यापहचान ही खो जाती हैपानी की ये दीवारजब सूख जाती हैसदियों से येपुल भर की दूरीबन गईसदियों की दूरीपदधूलियांउनके वजूद कोइस तरह मिलाती हैंअकिंचन प्रेम कीअनुभूतियांवक्त की धारा मेंबहती जाती हैं.... Read more
clicks 163 View   Vote 0 Like   4:43pm 23 Jan 2012 #Uncategorized
Blogger: sanjaydixit
आकाश का स्रजन करें……...... Read more
clicks 193 View   Vote 0 Like   4:53pm 22 Jan 2012 #Uncategorized
Blogger: sanjaydixit
सब अशेष सा,सब ओझलधुंध सी कैसी छाई है ?कोई मरीचिका राही कीसुध बुध हर लेने आई है .जिस ह्रदय को रीतेपन मे हीइक सदी हो जैसे बीत गईउस एकाकी अन्तस मे क्यूंकोई आहट पडी सुनाई है .संकेत कोई है विरही कोकि विरह-व्यथा अब और नहीआकुल प्रभात की इच्छा मेयह रात बहुत अलसाई है .दीपक ज्वाला जल... Read more
clicks 190 View   Vote 0 Like   3:18pm 20 Jan 2012 #Uncategorized
Blogger: sanjaydixit
नहीं मुझे यह आत्मवंचना-मेरी सदा ही रहो प्रियेनिशा-चांदनी अन्तरतम की वास ह्रदय में करो प्रियेमुझे कहीं बंदी न कर लें आरोपित आदर्श प्रियेजीवन है माटी तो तुम हो पारस का स्पर्श प्रियेराह प्रेम की रोक सकी है कहीं कोई वर्जना प्रियेछवि कौन छीनेगा मुझसे मन मे जो ली बना प्रिय... Read more
clicks 166 View   Vote 0 Like   4:36pm 18 Jan 2012 #Uncategorized
Blogger: sanjaydixit
मन के हारे से हारमन के जीते से जीत हैमनवा की सुन लो जीमनवा तो मीत हैउम्मीदों की नगरी हैसपनों का गाँव हैपूस में धुप है तोजेठ में छाँव हैकर्कश कोलाहल मेंसुमधुर संगीत हैमनवा की सुन लो जीमनवा तो मीत हैलोग आते हैं जाते हैंदुनिया का मेला हैसारी यादें सहेजेये मितवा अकेला हैज... Read more
clicks 211 View   Vote 0 Like   3:57pm 16 Jan 2012 #Uncategorized
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