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Blog: चित्रकथा

Blogger: Dr T S Daral
 इस ब्लॉग की यह १०० वीं पोस्ट है।  सुन्दर चित्रों से सुसज्जित इस ब्लॉग को बहुत पसंद किया गया।  लेकिन अब ब्लॉगिंग में लोगों की दिलचस्पी लगभग ख़त्म सी हो गई है।  इसलिए शतक पूरा होते ही इस ब्लॉग की इतिश्री करने का विचार है। फ़िलहाल पिछली शिमला यात्रा से प्रस्तुत हैं कु... Read more
clicks 315 View   Vote 0 Like   11:34am 23 Oct 2015 #
Blogger: Dr T S Daral
चैल पैलेस चैल पैलेस ग्राउंड चैल से घाटी का दृश्य फागु घाटी शिमला के बाहर हरियाली शिमला शहर चौक विश्व का सबसे ऊंचा क्रिकेट ग्राउंड नदी में पिकनिक सूर्यास्त ... Read more
clicks 287 View   Vote 0 Like   2:00am 2 Oct 2015 #दर्शन --
Blogger: Dr T S Daral
दिल्ली के पुराना किला में आजकल पुरातत्व विभाग की ओर से खुदाई चल रही है जिसे जनता के लिए दो दिन के लिए खोला गया था।  किले के प्रांगण में एक पुरानी बावली जो कभी पेय जल का श्रोत होती थी। ऐ इस आई की खुदाई खुदाई एक टीले पर की जा रही है। चावल और दाल के दाने।टैराकोटा बर्तन , साथ... Read more
clicks 387 View   Vote 0 Like   5:50am 20 Apr 2014 #
Blogger: Dr T S Daral
लाल बाग़ बैंगलोर ---... Read more
clicks 326 View   Vote 0 Like   6:15am 25 Mar 2014 #
Blogger: Dr T S Daral
मनुष्यों की तरह पेड़ों के भी अनेक रंग रूप होते हैं। ये बेचारा तो जल बिच मीन प्यासी की तरह लग रहा है। इसके सूखेपन पर मत जाइये।  यह स्टील  का बना है !यह तो लगता है रामसे फिल्म्स की किसी फ़िल्म का किरदार रहा होगा !यह छंगा छाप पेड़ है पर इसमें भी छेद है ! लगता है किसी म... Read more
clicks 360 View   Vote 0 Like   4:52am 2 Mar 2014 #
Blogger: Dr T S Daral
कुछ पेड़  ऐसे  हैं जो बहार  आने में पिछड़ जाते हैं । लेकिन फिर भी उनसे हरियाली में चार चाँद लग जाते हैं।ऐसे ही हैं ये कुछ सूखे पेड़ जो नेहरू पार्क की शोभा बढ़ा रहे हैं।    इस सूखे पेड़ ने अपना रास्ता निकाल लिया है, किसी को सहारा देकर। ... Read more
clicks 326 View   Vote 0 Like   11:04am 20 Feb 2014 #
Blogger: Dr T S Daral
कुछ पेड़  ऐसे  हैं जो बहार  आने में पिछड़ जाते हैं । लेकिन फिर भी उनसे हरियाली में चार चाँद लग जाते हैं।ऐसे ही हैं ये कुछ सूखे पेड़ जो नेहरू पार्क की शोभा बढ़ा रहे हैं।   इस सूखे पेड़ ने अपना रास्ता निकाल लिया है, किसी को सहारा देकर। ... Read more
clicks 320 View   Vote 0 Like   11:04am 20 Feb 2014 #
Blogger: Dr T S Daral
हुए बहुत ही महंगे गुलाब के -- डेहलिया से ही काम चलाओ !फूलों की तरह जोड़ियाँ बनी रहें ! ... Read more
clicks 396 View   Vote 0 Like   1:00pm 14 Feb 2014 #
Blogger: Dr T S Daral
रविवार का दिन , फुर्सत के कुछ पल , नर्म  सुहानी धुप और श्रीमती की फरमाईश पर नेहरू पार्क की सैर हो गई।  आप भी चलिए हमारे साथ :सुन्दर पगडंडी।पाम ट्री से मैचिंग !धूप छाँव का मेल। एक झील भी है। जड़ों से बना ऑक्टोपस। पेड़ों के बीच दूर अशोक होटल।गुलाब वाटिका। धूप में खिला गु... Read more
clicks 377 View   Vote 0 Like   3:30am 11 Feb 2014 #
Blogger: Dr T S Daral
क्या आपने कभी फूलों को ध्यान से देखा ? एक नज़र देखते ही देखिये कैसे सारी थकान उतर जाती है ,  सारे तनाव  मिट जाते हैं।           फूलों के रंग , आकृति और नाज़ुकपन बरबस मन मोह लेता है।इसे देखिये , कैसे चिलमन के पीछे से झांकती दुल्हन के चेहरे सा लग रहा है। यह त... Read more
clicks 345 View   Vote 0 Like   7:30am 25 Jan 2014 #
Blogger: Dr T S Daral
दीवाली पर जगमगाहट देख कर स्वत: ही फोटो लेने का दिल कर आता है। पूजा के बाद ।  अब रंगोली भी बनी बनाई मिल जाती हैं। कैमरा भी अपनी मर्ज़ी चलाता  है -- एक ही रंग को अलग अलग दिखा रहा है ! टी शर्ट का रंग भी धो डाला। लेकिन श्रीमती जी के साथ यह अन्याय नहीं किया। ये पानी वाली मोमबत... Read more
clicks 332 View   Vote 0 Like   6:48am 9 Nov 2013 #
Blogger: Dr T S Daral
घर की बालकनी से पेड़ों के झुरमुट !अशोक वृक्षों की कतार !लेकिन सबसे लम्बा पाम ट्री ! कैमरे ने पोज़ मारा ! पेड़ ने भी पोज़ मारा !तो अचानक बादलों ने आ घेरा !तेज हवाएं बहने लगी ! फिर सूरज और बादलों मे हुई लड़ाई ! आखिर सूरज ने बाज़ी मार ली ! ... Read more
clicks 434 View   Vote 0 Like   6:16am 16 Oct 2013 #
Blogger: Dr T S Daral
एक गेस्ट हॉउस ऐसा ! ... Read more
clicks 409 View   Vote 0 Like   12:18pm 1 Oct 2013 #
Blogger: Dr T S Daral
अवध की एक शाम और घिर आये काले काले बदरा !... Read more
clicks 404 View   Vote 0 Like   1:30pm 24 Sep 2013 #
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सामूहिक पिकनिक -- बरसात में. ... Read more
clicks 359 View   Vote 0 Like   8:08am 5 Sep 2013 #
Blogger: Dr T S Daral
इन्हें भी सहेज लें -- मुंबई से !... Read more
clicks 379 View   Vote 0 Like   1:08pm 29 Aug 2013 #
Blogger: Dr T S Daral
मुंबई की कुछ तस्वीरें --शाहरुख़ के घर के सामने !ग्रे वेदर में रंगों की छटा !काले मौसम की खूबसूरती !वीरता के प्रतीक के पीछे साहस का प्रतीक -- होटल ताजमहल !बारिश में धुंध का धुंधलका !बिना बारिश की धुंध में सूखा पेड़ !बारिश की बूँदें जो बन गई शीशे पर मोती !इतनी बारिश कि भर ग... Read more
clicks 481 View   Vote 0 Like   4:30am 24 Aug 2013 #
Blogger: Dr T S Daral
यदि हम पहाड़ों की कद्र करें तो पहाड़ हमें बहुत खुशियाँ प्रदान कर सकते हैं। इस ऊंचे पहाड़ के सामने जाती यह पहाड़ी सड़क बहुत मनमोहक नज़ारा प्रस्तुत करती है। पेड़ पौधों से ढके ये पहाड़ मनुष्य के जीवन की लाइफ़ लाइन हैं।इस तरह के स्लेटी पहाड़ कहीं कहीं ही दिखते हैं। पर्वत ... Read more
clicks 388 View   Vote 0 Like   7:30am 24 Jun 2013 #पर्यावरण
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फूलों भरी हरियाली --... Read more
clicks 369 View   Vote 0 Like   3:21pm 16 May 2013 #
Blogger: Dr T S Daral
कहीं दूर जब दिन ढल जाये ---साँझ की दुल्हन बदन चुराए -- चुपके से आये --खोया खोया चाँद , खुला आसमान ---तुमको भी कैसे नींद आएगी ---सूरज हुआ मध्यम --- चाँद जलने लगा --चाँद छुपा और तारे डूबे ---रात ग़ज़ब की आई ---ये पर्बतों के दायरे -- ये शाम का धुआं --फिर सुबह हुई ---दूर से देखा ---पास से देखा ---दिन ल... Read more
clicks 422 View   Vote 0 Like   10:30am 2 May 2013 #
Blogger: Dr T S Daral
प्रस्तुत हैं, कुछ और तस्वीरें।  कोसी नदी। बारिस के बाद क्या हाल होता होगा ! रामगंगा नदी , दूर से। रिजॉर्ट किनारे नदी। सूर्यास्त के समय। एक ओर नदी , दूसरी ओर रिजॉर्ट। जंगल की सड़क। बादलों के संग। लाल रंग की खूबसूरती। ... Read more
clicks 343 View   Vote 0 Like   6:30am 20 Apr 2013 #
Blogger: Dr T S Daral
रामनगर के पास ढिकुली गाँव सिर्फ नाम के लिए ही गाँव है। यहाँ बने हैं अनेकों रिजॉर्ट्स जो प्रकृति की गोद में आराम की सभी सुविधाएँ मुहैया कराते हुए आपको दो दिन में ही तरो ताज़ा होने का अहसास दिला देते हैं।  ऐसा ही एक मनोरम स्थान था -- रिवरव्यू रिट्रीट। एक तरफ सड़क और दूसरी ... Read more
clicks 367 View   Vote 0 Like   8:22am 17 Apr 2013 #कोसी नदी
Blogger: Dr T S Daral
दिल्ली का मिलेनियम पार्क -- कुछ मनभावन तस्वीरें ! पत्थरों के शहर में इन्सान ढूंढ रहे हैं। नाज़ुक फूल -- बस इंसानों की हैवानियत से बच जाएँ !बड़े की छाँव में पलता छोटा। प्रकृति की छटा -- पूरे जोबन पर। प्रकृति और भौतिकी -- साथ साथ। दिल बाग बाग़ करती हरियाली। छोटा पर सुन्दर। दू... Read more
clicks 338 View   Vote 0 Like   2:42pm 30 Mar 2013 #
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