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.मेरी अभिव्यक्ति

चलो वक्त से थोड़ा बचपन लें उधार .जाती हुई बारिश से बातें कर लें दो चार .फिर न मिलेगी वो बारिश की फुहार . और न ही होगा बड़ी बूंदों का प्रहार .पानी भरे गड्डों में थोड़ा उछल लें यार .मस्ती से भीगकर हो जायें सरोबार .कीचड लगने की चिंता करना है बेकार .चलो पानी में कागज़ की नाव दें उतार ...
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Tag :बारिश
  September 9, 2018, 7:22 pm
जब भिन्न रूपों में गुरुओं का हो वरद हाथ ।जीवन में लक्ष्यों का है  अनंत आकाश ।जिन्हें बाँहों में समेटने का अथक प्रयास ।जब भिन्न रूपों में गुरुओं का हो वरद हाथ ।प्रथम गुरु माता पिता का हो  आशीर्वाद ।दूजा गुरुओं के ज्ञान का हो चिर प्रकाश ।भाई बहिन व् अपनों की सबक और डां...
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Tag :
  September 5, 2018, 3:20 pm
हे  !  कान्हा तेरे आने से आस जगी है अपार ।रोग द्वेष सब दूर होंगे खुशियों से सजेंगे हर द्वार ।आशा और उम्मीद की किरणें लेने लगी आकार ।हर जायेंगे सब दुःख संताप होगा सबका उद्धार ।निःस्वार्थ प्रेम की निश्चल धारा फिर बहेगी इस बार ।जब बालसखा और गोपियों संग छायेगी रास बहार ।...
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Tag :
  September 3, 2018, 10:21 am
तब जरुरी# है गुरु# का मार्गदर्शन# ।कुछ भी कर गुजरने का है दम ।पर इंतजार का नही है संयम ।जैसे ही उठाया कोई कदम ।चाहा झट मिल जाये प्रतिफल ।जब हक में नही रहता करम ।असफलता हो जाती असहन ।टूटने लगता है सपनों का भ्रम ।मायूसी का छा जाता है तम ।तब जरुरी है गुरु का मार्गदर्शन ।जो दूर...
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Tag :
  July 27, 2018, 9:34 pm
खुलकर# बरसने# दो इस बारा# !चुभती गर्मी से पाने को छुटकारा , फिर सबने बारिश को है पुकारा ।जब आया शीतल बारिश का फुहारा , नाच उठा खुशि से जग सारा ।कुछ ही दिन था खुशियों का खुमारा ,बारिश लगने लगी अब नगवारा ।चारो और जब फैला कीचड़ सारा , फिसलन ने जब तब खेल बिगाड़ा ।बस भीग भीग कर इंसा हा...
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Tag :बरसने
  June 29, 2018, 11:19 pm
कहता# नहीं मुंह# पर ........! कितने फरेब पाल रखे है इंसा ,पर कोशिश होती है सच की तरह दिखाने की ।कोई समझ न पायेगा सोचता है इंसा ,खुश होता है सोचकर नादानियां जमाने की ।खुद तो जिम्मेदारी से दूर भागता है  इंसा ,दूसरों को तालीम देता है उसूलों को आजमाने की।खुदा भी रखता हिसाब भूल जा...
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Tag :
  June 16, 2018, 12:17 am
तुम आये पर दीदार# न हुआ तेरा# !तप्ती धूप की जलन इस पर पसीने की चुभन ,तुझसे मिलने का है मन , तेरे इंतज़ार में खड़े है हम ,तुम आये पर दीदार न हुआ तेरा ,क्योंकि चेहरे पर नकाब जो चढ़ा रखा था ।सोचा था होगा मिलन कुछ तो कम होगी जलन,तेरे झील से है जो लोचन डूबकर राहत पा लेंगे हम ,पर नजरों पर न...
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Tag :दीदार
  May 30, 2018, 10:14 pm
चाँद# तारे# तोड़ लाने का वादा# न कर सही ।चाँद तारे तोड़ लाने का वादा न कर सही ।हर पल साथ चलने का इरादा तो कर सही ।मिले खुशियों के चार पल ग़ुम न हो कहीं ।इसमें ही तो छिपी है अपनी  दुनिया  कहीं ।भले राहों में खुशियों के फूल बिछे हो नहीं ।काँटों भरी राहों से जरा एतराज भी तो नहीं ...
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Tag :
  May 24, 2018, 10:01 pm
है सूर्य# देवता# ..............!!!है सूर्य देवता! आपका इतना तपन भरा रोद्र रूप जायज है।क्योंकि हम इंसानों ने भी प्रकृति के साथ खूब किया छल है ,काट दिये जंगल है,नदी नाले तालाब के सुखा दिये जल है,बूंद बूंद पानी पर मची दंगल है ,चारों तरफ बस अमंगल है,अपनी अपनी जिंदगी बचाने की हो रही रस्में ...
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Tag :Sury
  May 19, 2018, 7:34 am
हे सूर्य# देवता# ..............!!!हे सूर्य देवता! आपका इतना तपन भरा रोद्र रूप जायज है।क्योंकि हम इंसानों ने भी प्रकृति के साथ खूब किया छल है ,काट दिये जंगल है,नदी नाले तालाब के सुखा दिये जल है,बूंद बूंद पानी पर मची दंगल है ,चारों तरफ बस अमंगल है,अपनी अपनी जिंदगी बचाने की हो रही रस्में ...
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Tag :Sury
  May 19, 2018, 7:34 am
भरी गर्मी में भी सेकती है रोटियां ,गर्म भाप और चूल्हे की लौ से उँगलियाँ जलाते हुये ।सुबह चाय की प्याली से मिटाती है उबासियां ,सर्द सुबहों में भी सबसे जल्दी उठकर ठिठुरते हुये ।बच्चों को रोज रात सुनाती है लोरियाँ ,अपनी दिनभर की थकान और नींद को भुलाते हुये।घर आते ही परोसती...
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Tag :
  May 12, 2018, 11:08 pm
आज एक मासूम का सुरक्षित नहीं है मान सम्मान और जहान।आखिर बेटियों को क्यों शिकार बना रहा है  हर उम्र का इंसान।क्या हमारी सामाजिक व्यवस्था का धवस्त हो रहा है तान बान।या आज के माता पिता नहीं बना पा रहें बच्चों को संस्कारवान ।क्या नंबरों की होड़ वाली शिक्षा व्यवस्था का भी ...
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Tag :khilkhilata
  April 20, 2018, 10:19 pm
आज एक मासूम का सुरक्षित नहीं है मान सम्मान और जहान।आखिर बेटियों को क्यों शिकार बना रहा है  हर उम्र का इंसान।क्या हमारी सामाजिक व्यवस्था का धवस्त हो रहा है तान बान।या आज के माता पिता नहीं बना पा रहें बच्चों को संस्कारवान|क्या नंबरों की होड़ वाली शिक्षा व्यवस्था का भी ह...
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Tag :khilkhilata
  April 20, 2018, 10:19 pm
कब तक ज्यादिती# की बेदी# पर बेटी# चढ़ती रहेगी रोज।जन्म से पहले ही तो सुरक्षित नहीं थी माँ की कोख ।दुनिया में आने से पहले अपने ही लगा रहे थे रोक ।जैसे तैसे इस दुनिया में बेटी ने जन्म लिया एक रोज ।क्या पता पहले से ही ताक पर बैठे मिलेंगे दरिंदे लोग ।किस से बचाये अपने को न जाने क...
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Tag :ज्यादिती
  April 15, 2018, 11:55 pm
तय# होते रहें सफ़र# ए जिंदगी# !कुछ की गोद में है खेले ,कुछ की ऊँगली पकड़ चलना सीखे ।तो कुछ सीख देकर चले गए,तय होते रहें सफ़र ए जिंदगी ।कोई कम उम्र में ही छूटे,तो किसी के जीवन बहुत लंबे बीते ।एक एक कर  साथ छुटे , तय होते रहें सफ़र ए जिंदगी ।किसी से अपने थे रूठे, तो किसी को अपनों ने दि...
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Tag :Safar
  April 4, 2018, 10:53 pm
अब तो #इंतज़ार में ही #नफा है !गुजर जाते हैं हर बार सामने से नजर मिला न सका है ।वो भी तो कभी कुछ कहते नहीं न जाने क्या रजा है ।कह  सकूँ दो बातें उनसे  कोशिश भी की कई दफा  है ।मेरी  नादानियां कहीं ऐसे ही उन्हें  कर न दे खफा है ।नाराजगियां उनकी कहीं  यूँ  ही न बन जाये सजा...
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Tag :नफा
  March 29, 2018, 12:02 am
दिल# में न जाने कितने गम# छुपाये रखे सीने# में ।यहाँ मिलता है हर शख्स मुस्कराहट के साथ,दिल में न जाने कितने गम छुपाये रखे सीने में ।लड़ता है वक्त बेवक्त आती परेशानियों के साथ ,मशरूफ हो जाता कुछ इस तरह जिंदगी जीने में ।मिलता है मौका तो खुश हो लेता हैं अपनों के साथ ,हौसले यूं ह...
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Tag :दिल
  March 22, 2018, 11:27 pm
न फूलों की रंगीनी रही न ही खुशबु रही ,न ही वो ठंडक लिए खुशनुमा मौसम सुहाना ही रहा ।न तो फूल और न ही क्यारियां रही ,और न ही  हमारा आँगन परिंदों का ठिकाना ही रहा ।न तो वक्त है और न ही वो जगह रही,कहाँ वो पंछियों के दानापानी देने का जमाना ही रहा ।जो बची थी आसपास थोड़ी जगह ,वो आजकल ...
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Tag :ठिकाना
  March 16, 2018, 11:06 pm
खिचे# चले आते हैं तेरीओर# ,जरूर तुझमे ऐसी हंसी# अदा# है!मिल ही जाते हो यूँ ही जब तब,क्या तेरा मेरा कोई वास्ता है ।बढ़ने लगी है गुफ्तगू रोज,फिर भी कहने को और बचा है ।खिचे चले आते हैं तेरी ओर ,जरूर तुझमे ऐसी हंसी  अदा है ।एक सुकून देता है तेरा साथ,लगता है तू कोई इक फरिश्ता है ।मु...
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Tag :हंसी
  March 10, 2018, 11:03 pm
कोशिश# हो लक्ष्य# को छोटा करने या बदलने# की !जब लड़खड़ा जाते हैं लक्ष्य का पीछा करते करते,एक कोशिश होती है फिर संभलकर चल पड़ने की,कमियों और कारणों के निराकरण और सुधार से ।जब नही मिलती सफलता बार बार के प्रयासों से ,कभी सोचना पड़ता है की कमी है मेरे प्रयासों की,या फिर नहीं है समर्...
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Tag :Lakshya
  March 6, 2018, 9:42 pm
जल जाये कलह और क्लेश ,साथ होलिका दहन के इस बार । मिट जाए इस धरा का सूखा ,ऐसे भिगोये  पिचकारी की धार ।गुझिया की मिठास के संग  ,जीवन हो खुशियों से  सरोबार।मस्ती और उल्लास के साथ ,शुभमंगल हो होली का त्यौहार । ...
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Tag :शुभकामनायें
  March 2, 2018, 9:20 am
रियल लाइफ के अभिनय की ख़त्म कर कहानी ।आसमान के परदे में जा मिली एक और चांदनी ।बेशक हर लम्हे हमें उनकी कमी पड़ेगी सहनी ।कला जगत के लिए यह तो क्षति है अपूरणीय ।अब तो अभिनय के लिये पर्दा होगा आसमानी ।जहां संग होंगे बॉलिवुड के कलाकार रूहानी ।खुदा गवाह है की वे अदाकारा थी बड़ी स...
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Tag :चांदनी
  February 25, 2018, 10:01 pm
करनी चाहिए मदद अपनों की जरुरत पर हर दफा ।जरुरी है अपनों की खुशियों का ध्यान रखना सदा ।पर हर बात पर नही मिलायी जा सकती हाँ में हाँ ।कभी यही आदत बन जाती है परेशानी भरा जहां।ये सोचकर कि इंकार न कर जाये अपनों को खफा ।और ढोते रहते हैं बोझ उस हाँ का बुझे मन से हमेशा ।बातें जो करे...
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Tag :कहें न
  February 21, 2018, 11:11 pm
करनी चाहिए मदद अपनों की जरुरत पर हर दफा ।जरुरी है अपनों की खुशियों का ध्यान रखना सदा ।पर हर बात पर नही मिलायी जा सकती हाँ में हाँ ।कभी यही आदत बन जाती है परेशानी भरा जहां।ये सोचकर कि इंकार न कर जाये अपनों को खफा ।और ढोते रहते हैं बोझ उस हाँ का बुझे मन से हमेशा ।बातें जो करे...
.मेरी अभिव्यक्ति...
Tag :कहें न
  February 21, 2018, 11:11 pm
चल पड़ता हूँ सफ़र पर एक अजनबी के साथ ,अपनी मंजिल पर पहुचने के लिए ।ठहर जाता हूँ एक रात अनजान सराय पर ,दिन भर की थकान मिटाने के लिए ।खरीद लाता हूँ सामान नुक्कड़ की दुकान से ,तुरंत की भूख और प्यास मिटाने के लिए।पहुच जाता हूँ एक अनजान वैध के पास ,बीमार और बिगड़ी सेहत सुधरवाने के लि...
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Tag :
  February 17, 2018, 2:09 pm
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