POPULAR ENGLISH+ SIGNUP LOGIN

Blog: Madhushaalaa: The Nectar House

Blogger: Madhuresh
बहुत दिनों से ब्लॉग जगत से दूर रहा। बहुत 'मिस'भी करता रहा। शोध कार्य चरम पर था, अतः व्यस्तता बढ़ गयी। ईश्वर के कृपा से पीएचडी पूरी हो गयी! अब नियमबद्ध यहाँ आते-जाते रहने का प्रयास रहेगा। चिरनिद्रा सी जीवन तम में,विराज रही जाने किस भ्रम में!इक आहट जो होश में लाये,भयाक... Read more
clicks 97 View   Vote 0 Like   9:45pm 22 Oct 2016 #
Blogger: Madhuresh
​मनुस्मृति ही क्यों, तुम वेद-पुराण भी जला डालो,धर्म, शास्त्र, नीतियों को तुम हँसी में ही उड़ा डालो! वैसे भी इन्हे समझ पाना, तुम्हारे बस की बात नहीं,'सत्य'भी क्या जलेगा कभी?-तुम चाहे जितना जला डालो !यह कुकृत्य भी नहीं ऐसा किसिर-कलम की बात भी होगी! प्रखर होग... Read more
clicks 89 View   Vote 0 Like   6:05am 10 Mar 2016 #
Blogger: Madhuresh
*************************"तम-प्रकाश से पूछता रहा मैं- कौन हूँ मैं, कहो कौन हूँ मैं ? सब कुछ में कुछ भी नहीं मैं,कुछ-कुछ में भी सब कुछ ही मैं!"*************************सूर्य प्रखर है, तेज प्रहर है,जगमग रौशन है जग सारा,​सारी सृष्टि जाग चुकी है,क्यों तेरे मन में अँधियारा ?हर निशा का आँचल तुझकोदे ... Read more
clicks 109 View   Vote 0 Like   3:34am 6 Aug 2015 #
Blogger: Madhuresh
अरसों-बरसों से सूखी-सीसब सन गयी औ' लिपट आई,सुमनों से संचित मन की धराखुशबू से महक-महक आयी।नव-जीवन अभिनन्दन हेतुवंदन, चन्दन भी कर आई,कर आलिंगन, मिल मन से मनतन-मन सब अर्पण कर आई। जो बिम्ब बसा इन नयनों में,उनपे ही नयन निमन आई,नित-नित जो नव-नव रूप गढ़े,उस नेह का नर्तन ... Read more
clicks 122 View   Vote 0 Like   10:12pm 7 Nov 2014 #
Blogger: Madhuresh
मन की अवनि पर धूप खिला,नव जीवन को आधार मिला,बीता तम घन, बीती रातें,जब प्रीत मिला, मनमीत मिला।नव-स्वप्नों का अम्बार लिए,जीवन स्वागत हेतु आई,खुशबू बिखरी चहु ओर दिशा,सुमनों की बरखा कर लाई।जीवन कोरा कागज़ सा है,प्रियतम के नेह है रंग सभी,हर कोना रंग भर जाएगा,जो साथ भरे... Read more
clicks 143 View   Vote 0 Like   8:08pm 2 Aug 2014 #
Blogger: Madhuresh
Dedicated to my friend/colleague Josh White, who is fighting his war against Cancer. I wish him a speedy recovery.In the early hours of dawn,when only a few were awake,a plantlet was carving its waysto catch the bit of scanty rays. The night past was dark,'n the veil of ignorance stark,when nothing was conscious,and nothing had any spark.But before the rays could reach,the dark clouds covered the sky.The wind blew with all its might,the rain poured across the sight.It lost a few leaves, a few buds,but stoood firm against the cope, for the rays that it was hoping forwere indeed the rays of hope.The clouds, the wind and the rain,it suffered with calm all the strain,and holding its ro... Read more
clicks 134 View   Vote 0 Like   10:18pm 12 Jul 2014 #
Blogger: Madhuresh
मन मेरा जुगनू की भांतिबुझता औ'जलता रहता है।इक तुच्छ क्षुद्र सा भाव लिएचहु ओर भटकता रहता है।तुम श्रोत हो अविरल रश्मि के,तुम्हे पाने से क्यों डरता है!क्यों अपनी ही मर्यादा कोसाकार समझता रहता है!कितना ही तुच्छ हो कोई भी,इक अहम खटकता रहता है।बंधकर ख़ुद की सीमाओ... Read more
clicks 93 View   Vote 0 Like   9:42pm 13 Jun 2014 #
Blogger: Madhuresh
मन कलिक-कालिमा लिप्त हुआ,नयनों में भी बस धुआं-धुआं,अधरों की हंसी भी खोयी सी,अंतस का दीप भी बुझा हुआ. इस रंगहीन को अपना संग दे,रंगरेज़ मेरे, चल फिर से रंग दे!बीती का बोझ बड़ा भारी है,इसमें दबती दुनिया सारी है.किसका पथ निष्कंटक होता है,किसमें केवल कुसुम क्यारी है!बीती बिसार, पग ... Read more
clicks 129 View   Vote 0 Like   11:10am 9 Jan 2014 #
Blogger: Madhuresh
  संवेदनाओं का संकुचन,औ'भ्रान्ति की ओढ़न लिए,ये कैसा रस है-कि कुछ लिख नहीं पाता हूँ,ये कैसा रस है-कि जिसने नौ रसों का पूर्णतया शोषण कर डाला है,ये कैसा रस है कि जहाँअलंकार, छंद सब के सब असहाय, निस्तेज गिरे पड़े हैं,ये कैसा रस है- जिससे रूहानियत कलुषित है,अंतरात... Read more
clicks 107 View   Vote 0 Like   7:20pm 4 Jan 2014 #
Blogger: Madhuresh
अंधे सिर्फ वो ही नहींजिनकी आँखें नहीं हैं. अपने-अपने तरीकों सेअंधे तो हम सभी हैं. किसी-न-किसी अन्धकार सेसभी जूझ रहें हैं निरंतरफर्क यही है कि अक्सरअपने अंधकार में रहकरअपनी ही कमजोरियों को हम रू-ब-रू नहीं जानतेऔर अंधे होते हुए भी स्वयं को हम अँधा नहीं मानते!मगर हम अंधे भ... Read more
clicks 116 View   Vote 0 Like   11:38am 10 Dec 2013 #
Blogger: Madhuresh
इच्छाओं का बहावविपरीत, प्रतिकूल।जीवन की तलाश में मृत्यु का सा शूल।दुर्गम जटिल पथ सदा सम्बलदायक।परा-शक्ति पर करतीअंतस को उन्मूल।जो गिरता सो उठता,उठा हुआ गिर जाता, जो भूला सो सीखा,जो सीखा करता भूल।ख़ाक छान ही बना सिकंदर,और बनके फांके धूल!Picture Courtesy: Illusion of depth by Ariel Freeman http://... Read more
clicks 129 View   Vote 0 Like   5:00am 27 Nov 2013 #
Blogger: Madhuresh
हम भूल गए हैं उन दोहों को शायद- जो बचपन में हिंदी पाठ्यपुस्तकों में पढ़ा करते थे. शिक्षा का अर्थ परीक्षा पास होना तो नहीं था, उसे जीवन में उतारना था- लेकिन क्या उतार लिया है हमने जीवन में- क्यूँ अनर्थ कर दिया हमने इन दोहों को! प्रेम न बाड़ी ऊपजै, प्रेम न हाट बिकाय। जिन-जिन ... Read more
clicks 114 View   Vote 0 Like   4:23am 21 Sep 2013 #
Blogger: Madhuresh
एक वृत्त बाहर,एक वृत्त भीतरसिकुड़ती त्रिज्याएँ,घुलती मिथ्याएंसघन संकुचन,अंतस क्रंदनउच्छावास-निश्वास मेउलझा हुआ प्राण,निर्वात को कहे क्या-जीवन या मृत्यु?जो ये सिकुड़न घोल देभीतर का वृत्त, तो कर्म के बंधन मेंफिर से आवृत्तएक जीवन फिर ढूँढूँगाया फिर टूट जाय अगर बा... Read more
clicks 148 View   Vote 0 Like   10:25pm 10 Sep 2013 #
Blogger: Madhuresh
जेन्नी आंटी की  ये रचनापढ़ी (http://lamhon-ka-safar.blogspot.com/2013/06/410.html). मन में कुछ दिनों से कई सारे प्रश्नों का घेराव था- उन पंक्तियों ने बहुत संबल दिया।------------------------------------------------------------------------------------------------------------बस लड़ना भर सीखा मैंने, ना सीखी पलटवार की युक्ति!पर जानूं और समझूं अब मैं,नव-युग में अनुबंध की... Read more
clicks 117 View   Vote 0 Like   11:15pm 28 Jun 2013 #विशेष
Blogger: Madhuresh
जीवन का मदिरालय प्यारा,भांति-भांति से भरता प्याला,रंग हो चाहे जो हाले का,नशा सभी ने जम के पाला। ज्यों ही एक नशे की सरिताकरे पार, हो जाए किनारा,त्यों ही दूजी सरिता आकरमिल जाए, बह जाए किनारा।हर पग रुकता, थमता-झुकता,फिर भी आगे बढ़ता रहता,कौन नशा जीवन से बढ़कर-डगमग में भी स... Read more
clicks 160 View   Vote 0 Like   1:19am 14 Apr 2013 #आत्म-मंथन
Blogger: Madhuresh
बीसवी सदी में अरेंज मैरेज इतनी मुश्किल नहीं थी .. घर देखा, परिवार देखा- बस बात पक्की हो गयी! मगर आज का आलम कुछ और ही है ... लड़को के लिए अरेंज मैरेज भी अब जॉब-इंटरव्यू से कम नहीं ... होप यू लाइक इट! ;) Disclaimer: I am happy being single, and this poem links the imagery based on my interaction with a few 'dads' which brought me to decide- Marriage?? NOT ANYMORE!! :P :P कई लोगों क... Read more
clicks 138 View   Vote 0 Like   5:37pm 7 Apr 2013 #हिंगलिश
Blogger: Madhuresh
Disclaimer: ये पंक्तियाँ मेरे निजी विचार हैं, और पर्सनली या सीरियसली लेने के नहीं हैं, उद्देश्य बस हल्का सा हास्य-व्यंग्य है। *******************************लिखने की ख़ुशी से ज्यादा,मन कमेन्ट पढ़ के पाता है,लेकिन कमेन्ट बॉक्स में अक्सर,ये सन्देश भी आता है-'हमारे भी ब्लॉग पर आईये','ज़रा ये लिंक भी ... Read more
clicks 145 View   Vote 0 Like   1:14pm 6 Apr 2013 #चर्चा
Blogger: Madhuresh
पैसे की तंगी ने मजबूर किया मुझेखुद को बेच डालने को।तो निकल पड़ा मैं भीइस बाज़ार मेंअपना मोल लगाने को। खुद की खूबियाँ गिनी,खुद की खामियां गिनी,भईनेकी है, ईमान है,उसूलों वाला इंसान है,सोचा,दाम तो  अच्छा ही लगेगा,मगर बाज़ार की डिमांडतो कुछ और ही थी,मक्कारी, जालसाजी, दिखावायेह... Read more
clicks 153 View   Vote 0 Like   12:58am 29 Mar 2013 #करुणा
Blogger: Madhuresh
ज़मीं पर है तू मगर मकां आसमां है तेरा,इन पैरों को पर बनने की ख्वाहिश तो दे ज़रा।ये हकीक़त जो है, सपनों से सजा ही तो है,नींद आँखों से हटा, सपनों का दीदार तो करा।रुख़ हवाओं का भी बदलता है इक दौर के बाद,भरके दम उनको इस सीने से गुज़रने तो दे ज़रा।कोई रोके, कोई टोके, क्या ही परवाह हो किस... Read more
clicks 157 View   Vote 0 Like   10:45pm 21 Mar 2013 #ग़ज़ल
Blogger: Madhuresh
*******************************न सुख सोचो, न दुख,न जीवन, न मृत्यु।मानो तो इससे जटिल कुछ भी नही,और मानो तो इससे सरल भी कुछ नही,ये तो बहाव है बस, बहने दो इसे।बाँधोगे, तो जटिल होगा;और बहने दोगे बिना बाध्यता केतो उतना ही सरल होता जाएगा।*********************************इस ब्लॉग पर ये १००वां  पोस्ट है, आप सभी के साथ ये स... Read more
clicks 136 View   Vote 0 Like   6:37pm 17 Mar 2013 #आत्म-मंथन
Blogger: Madhuresh
इक दौर मुक़म्मल होता थासच-झूठ का, जीत-हार का,इक दौर था जीने-मरने का,इक दौर था नफरत-प्यार का.अब तो जीते जो हारा है,सच से अब झूठ ही प्यारा है,कि कई नावों में पैर यहाँ,ढूंढे अब कौन किनारा है!कोई बूझ के भी अनबुझ सा है,कि फेक है क्या सचमुच सा है,होते थे कभी दिन-रात यहाँ,अब तम-प्रकाश ... Read more
clicks 138 View   Vote 0 Like   5:00am 27 Feb 2013 #आत्म-मंथन
Blogger: Madhuresh
सुख की वृष्टि, दुःख का सूखा,कभी तुष्ट, कभी प्यासा-भूखा,वन हैं, तृण है, नग है, खोह है,विस्तृत इसकी चौपाटी रे!मन माटी रे! नेह नीर से सन सन जाए,कच्चे में आकार बनाए,और फिर उसको खूब तपाए,ये कुम्हार की बाटी रे!मन माटी रे! मेड़ बना चहु ओर जो बांधे,फिर क्या कलुषित लहरें फांदे!तुष्ट ह... Read more
clicks 145 View   Vote 0 Like   3:54am 17 Feb 2013 #आत्म-मंथन
Blogger: Madhuresh
'नेताजी' सुभाषचंद्र बोस आज अगर होते, तो फिर से उन्हें एक 'आजाद हिन्द फ़ौज' बनानी पड़ती, वो भी अपने ही हिन्दुस्तानियों के खिलाफ लड़ने के लिए।   एक गीत उनकी प्रेरणा से:क्यों कलरव का है ग्रास बना?क्यों शिथिल आत्म-विश्वास बना?क्यों नियति का है दास बना?उठ के हुंकार पुरजो... Read more
clicks 151 View   Vote 0 Like   4:21am 23 Jan 2013 #वीर
Blogger: Madhuresh
जो नयन तुम्हारे थक-थक जाएं,और निंदिया हौले-हौले आए,पलकों के पीछे पलते स्वप्न हों, तो न आँखें मींच मींच लेना,तुम नेह सींच सींच लेना। जिनमें मधुर सरिता हो बहती,स्नेहिल स्वर्ण कणिका हो रहती,  उन स्वप्नों को लेना तुम थाम,  और बांहों में भींच भींच लेना, तुम नेह सींच सींच ल... Read more
clicks 147 View   Vote 0 Like   3:50am 14 Jan 2013 #प्रेम
Blogger: Madhuresh
खुद ही सारे जिस्म को ज़ंजीरों से बाँध लिया, और एक अँधेरी कोठरी मेंजिंदा दफ़न कर आई।सोचा एकांत है वहां,कोई न पहुँचेगा मुझतक,और कोई न होगा वहाँ मुझे प्रताड़ित करनेवाला,न किसी अन्याय के विरुद्धगुहार लगानी होगी मुझे,और न चाहिए होगा मुझे कोई तीमारदारी करनेवाला।झाँक के ... Read more
clicks 167 View   Vote 0 Like   4:41am 6 Jan 2013 #आत्म-मंथन
[ Prev Page ] [ Next Page ]


Members Login

Email ID:
Password:
        New User? SIGN UP
  Forget Password? Click here!
Share:
  • Latest
  • Week
  • Month
  • Year
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3916) कुल पोस्ट (192559)