POPULAR ENGLISH+ SIGNUP LOGIN

Blog: कुछ कहना है...

Blogger: suhani
सोच हमें कहां कहां से घूमा के ले आती है. कहीं बैठे हैं और कहीं से घूम आते हैं. न जाने कैसी कैसी सोच अभी ऑफिस में बैठी हूं खाली पडा कॉफी का कप एक साइड पडा है अचानक मामाजी की याद आ गयी.मेरी यादें तो धुंधला गयी पर सब बताते हैं बचपन में मैं उनके कितने क्‍लोज थी. अब भी वो मुझसे उसी ... Read more
clicks 202 View   Vote 1 Like   7:34am 16 Jan 2013 #
Blogger: suhani
मेरे करीबी और शुभचिंतक मुझसे हमेशा कहते हैं, जितने साफ नजरों से और साफ दिल से तुम दुनिया को देखती हो उतनी सीधी और साफ नहीं है तुम्‍हारे साथ. ...उस समय लगता था ऐसा नहीं है, अगर मैं साफ हूं तो सामने वाला भी... पर एक बार जो विश्‍वास उठा और कुछ ऐसा घटा जिसने मेरे विश्‍वास को हिला क... Read more
clicks 341 View   Vote 0 Like   10:11am 9 Aug 2012 #
Blogger: suhani
तुम रो रहे थे और मैंने तुम्‍हें हंसाने के लिए बोल दिया अरे देखो तुम्‍हारे गालों पर मोती और अपनी उंगली से सहेज कर रख दिया तुम्‍हारे पॉकेट में... हंसी आ गई तुम्‍हें. इस बात को दो तीन दिन हो गए. मैं भूल गई.पर शायद तुम्‍हें अच्‍छा लगा था तभी तो कल रात रोते हुए तुमने कहा...मम्‍मा त... Read more
clicks 143 View   Vote 0 Like   9:37am 21 Jul 2012 #
Blogger: suhani
तुम रो रहे थे और मैंने तुम्‍हें हंसाने के लिए बोल दिया अरे देखो तुम्‍हारे गालों पर मोती और अपनी उंगली से सहेज कर रख दिया तुम्‍हारे पॉकेट में... हंसी आ गई तुम्‍हें. इस बात को दो तीन दिन हो गए. मैं भूल गई.पर शायद तुम्‍हें अच्‍छा लगा था तभी तो कल रात रोते हुए तुमने कहा...मम्‍मा त... Read more
clicks 202 View   Vote 0 Like   9:37am 21 Jul 2012 #
Blogger: suhani
दुनिया... दुनिया अच्छी है या बुरीकुछ लोग कहते हैं दुनिया बदल गई है। क्यूं... कभी सोचा नहीं शायद।मेरी समझ बहुत कम है आप कह सकते हैं थोड़ी बेवकूफ टाइप। लोग अपना मतलब निकाल लेते हैं और चल देते हैं... मुझे बाद में पता चलता है। पहले तो ये भी नहीं पता चलता था। मैंने घर के बुजुर्गों ... Read more
clicks 168 View   Vote 0 Like   6:55am 16 Jan 2012 #
Blogger: suhani
नया साल हमारे और आपके जीवन में अनंत खुशियां लेकर आएमुबारक हो नया साल।... Read more
clicks 179 View   Vote 0 Like   12:13pm 29 Dec 2011 #नया साल मुबारक
Blogger: suhani
अपने कदमों की आहटें आज पता चली...। एक अच्छा अनुभव लगा कि हां... कुछ किया।मैं काफी इंट्रोवर्ट टाइप हूं जब तक मुसीबत बहुत बड़ी न हो आलसी हो पड़ी रहती हूं। पर आज पता नहीं क्या हो गया था मुझे। शायद उस लेडी के सपोर्ट से प्रोत्साहन मिला।हुआ यूं कि आज आफिस के लिए देर हो रही थी... मन म... Read more
clicks 189 View   Vote 0 Like   9:52am 24 Dec 2011 #गुस्सा
Blogger: suhani
चलना है जयपुर, आपको तो पता ही है घूमने में मेरा कितना मन लगता है... लेकिन अभी इस वक्त जाना ठीक रहेगा घर में मेहमान... मन बुझ गया। इतने दिनों बाद तो ये मौका मिला लास्ट टाइम हम मनाली गए थे उसके बाद तो... कहीं जा ही नहीं पाए। सब मैं मैनेज कर लूंगा तुम बोलो चलना है या नहीं... ठीक है चलू... Read more
clicks 175 View   Vote 0 Like   10:35am 19 Dec 2011 #जयपुर
Blogger: suhani
मां मुझको अपनी आंचल में छुपा ले गले से लगा ले कि और मेरा कोई नहींअब न सताऊंगा मुझे पास बुला ले ऊंगली पकड़ के तेरी मां मैं चला हूं तेरे बिना मुझको अब कौन संभाले गले से लगा ले कि और मेरा कोई नहींये गाना मुझे बहुत पसंद है... आज अनायास ही याद आ गया। एक और बात है मुझे अपनी मम्मी से... Read more
clicks 131 View   Vote 0 Like   10:16am 14 Nov 2011 #सॉरी
Blogger: suhani
मैंने अपनी जिंदगी में कई गलतियां की हैं पर सबक उनमें से कुछ ही गलतियों से लिया है। इसे मेरी सबसे बड़ी गलती कह सकते हैं कि सबक लेना जरूरी नहीं समझा...।अभी मेरा बेटा मुझसे दूर है और कभी कभी इतनी बेचैनी सी उठती है कि लगता है उसे ले आऊं और भींच लूं ऐसे की अब हम दोनों कभी अलग न हो ... Read more
clicks 159 View   Vote 0 Like   9:49am 10 Nov 2011 #loneliness blogging
Blogger: suhani
समझौता एक बड़ा सवाल बन गया है, कितना भी भागो पीछे पीछे आ जाता है... मानो कह रहा हो कि नहीं छोडूंगा तुम्हारा साथ जब तक जिंदगी रहेगी।एक ही शर्त पर छूटेगा हाथ जब तुम जिंदगी हार जाओ...। इतना जिद्दी तो मेरा ढाई साल का मासूम बेटा भी नहीं जिसे मैंने खुद से अलग किया है इसी समझौते को ढ... Read more
clicks 151 View   Vote 0 Like   11:27am 7 Nov 2011 #ज़िन्दगी
Blogger: suhani
क्यों बार-बार फोन कर देती हो मम्मी, और एक ही बात पूछती हो... क्या हुआ मैं बिल्कुल ठीक हूं। अच्छा, मम्मी का जवाब पूछती हैं बिजी हो क्या? नहीं, बिजी तो नहीं हूं पर तुम बार-बार फोन करती हो पैसे भी तो जाते हैं न तुम्हारे.. और कल से मैं बेचैनी से बार-बार फोन कर रही हूं मम्मी बेटू ठीक ह... Read more
clicks 162 View   Vote 0 Like   7:04am 25 Oct 2011 #
Blogger: suhani
लोग इतने उलझे और टेढे हैं की सीधी नजर से तो साफ दिखते ही नहीं और इस चक्कर में मैं पहली नजर में किसी इंसान को सही समझ लेती हूं और फिर बाद में पता चलता है कि कितने टेढे लोगों से मेरा वास्ता पड़ा है।खुद कुछ कर नहीं सकते और दूसरों की टांगे खींचने की मंशा रखते हैं। ऐसे ही लोग दू... Read more
clicks 147 View   Vote 0 Like   10:48am 22 Oct 2011 #गौस्सिप
Blogger: suhani
क्या ये रिश्ते इतने आसान है कि आपके बोलने से साथ छूट जाएगामुझे पता है कि आपको मैं पसंद नहींपर जो सात फेरों का बंधन है वह सिर्फ कहने को नहीं वो दिल में गहरे समा जाता है चाहे आप या मैं कितना भी इनकार करें पर यह हो ही नहीं सकता कि हम दोनों के बीच दुश्मनी हो...जरा जरा सी बात पर गु... Read more
clicks 159 View   Vote 0 Like   6:18am 17 Oct 2011 #
Blogger: suhani
अपनी तारीफ किसे नहीं सुहाती यह एक ऐसी सच्चाई है जिसे कोई नकार ही नहीं सकता. आज सुबह मेरा भी मन हुआ की कोई मेरे लिए दो लफ्ज तारीफ के बोले पर... कुछ स्पेशल जो पहना था मैंने :) सबने कहा पर जिससे उम्मीद की उसने नहीं. तीन बार पूछा होगा या चार- पांच बार पर हूं हां में जवाब मिला। मुझे ल... Read more
clicks 137 View   Vote 0 Like   12:21pm 31 Aug 2011 #लव
Blogger: suhani
आज सुबह-सुबह एक बच्ची की हाथों में नंदन का सितंबर का अंक देखा तो बरबस ही मुझे अपने बचपन की याद आ गई। उस लड़की में मुझे अपनी छवि दिख रही थी। वह आंखें गड़ाए पूरे रास्ते उसी पत्रिका को पढ़ रही थी। किताबें पढऩे का शौक मुझे बचपन से ही रहा है। पहले नंदन, चंपक चंदामामा, लोटपोट और ... Read more
clicks 151 View   Vote 0 Like   10:28am 24 Aug 2011 #बेनजीर
Blogger: suhani
सब समझते हुए सरकार अनजान बन रही है। कोई 74 वर्ष की उम्र में दिनरात बिना कुछ खाए-पिए बेकार की जिद तो नहीं करेगा न...। सबके घर में बूढ़े बुजुर्ग होते हैं उन्हें तो लोग वक्त पर खाना, दवाईयां और सारी सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं यहां खुले आसमां के नीचे भूखे प्यासे अन्ना हमारे लिए ... Read more
clicks 146 View   Vote 0 Like   10:43am 20 Aug 2011 #उम्मीद
Blogger: suhani
कल रात बरामदे में खड़ी हुई तो अचानक से नजर आसमां पर टिक गई। कुछ देर पहले जहां बादल ही बादल नजर आ रहे थे अब वहां बिल्कुल साफ और धुला धुला आसमान नजर आ रहा था। पूर्णिमा के एक दिन पहले की रात में चंद्रमा की सफेद और दूधिया रोशनी थी फिर अचानक मेरी नजरें तारों को खोजने लगी पर एक भ... Read more
clicks 140 View   Vote 0 Like   8:34am 13 Aug 2011 #
Blogger: suhani
राखी का बंधन ही कुछ ऐसा है.. कि भाई की याद बरबस ही आ जाती है। बचपन में कभी सोचा भी न था कि ऐसे लड़ते-झगड़ते इतनी दूर चली जाऊंगी लड़ना तो दूर साल में एक दिन जिसपर उसका पूरी तरह हक बनता है उस त्यौहार पर भी मैं उसके पास नहीं जाऊंगी। भाई का घर जिस पर कभी मैं अपना और उसका बराबर का ह... Read more
clicks 157 View   Vote 0 Like   10:08am 23 Aug 2010 #
Blogger: suhani
चंदा मामा आ जाईए मुन्ने को सुला जाईए।मुन्ना मेरा सो जाएगा, सपनों में खो जाएगा।।निंदिया रानी झूला झूलाएगी, मम्मा उसको लोरी सुनाएगी।सपने में परियां आएंगी अपने देश की सैर कराएगी।।बचपन में मैं भी ऐसे गाने सुना करती थी अपनी मम्मी, मौसी और नानी के मुंह सेचंदा मामा दूर के, प... Read more
clicks 156 View   Vote 0 Like   9:10am 15 Jun 2010 #childhood
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Publish Post