तन्हा राही का सफरनामा...........

हमारे जीवन की विशिष्टता इस बात में है कि हम असंभव एवं मुश्किल परिस्थितियां का सामना किस प्रकार करते हैं। लघु बुद्धि वाला मनुष्य स्वयं को इस प्रकार की परिस्थितियों में समाप्त कर लेता है तथा स्थिर बुद्धि वाला मनुष्य इस प्रकार की परिस्थितियों  में स्वयं को संयमित रख ज...
तन्हा राही का सफरनामा..............
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  November 11, 2014, 8:51 pm
याद है, तुम और मैं पहाड़ी वाले शहर की लम्बी, घुमावदार,सड़्क परबिना कुछ बोलेहाथ में हाथ डालेबेमतलब, बेपरवाह मीलों चला करते थे,खम्भों को गिना करते थे,और मैं जब चलते चलतेथक जाता थातुम कहती थीं ,बसउस अगले खम्भे तक और ।आज मैं अकेला हीउस सड़्क पर निकल आया हूँ , खम्भे मुझे अजीब निग...
तन्हा राही का सफरनामा..............
Tag :hindustan
  November 11, 2014, 8:47 pm
समस्त ज्ञान असत्य है एवं समस्त सत्य ज्ञान का स्वरुप है। समस्त सांसारिक ज्ञान केवल मात्र तर्क की शक्ति पर टिका है एवं जब तक  वह तर्क की सीमा को पार नहीं कर देता उसे संसार ज्ञान की श्रेणी में नहीं रखता। श्री रामकृष्ण परमहँस कहते हैं कि ज्ञान विश्वास से पैदा होता है न कि ...
तन्हा राही का सफरनामा..............
Tag :dharm
  October 22, 2014, 4:19 pm
अकेला चलना क्यों इतना महत्त्वपूर्ण है यह इस बात से साबित होता है कि न केवल आप इस जीवन में अकेले आते हैं ; अपितु आपकी अंतिम यात्रा भी अकेली ही रहती है। श्री कृष्ण गीता के सन्देश में केवल इतना ही कहते हैं कि हे पार्थ तूँ मुझमें है और मैं तुझमें। अन्य किसी और के बारे में मत ...
तन्हा राही का सफरनामा..............
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  September 8, 2014, 8:54 pm
If you can keep your head when all about youAre losing theirs and blaming it on you,If you can trust yourself when all men doubt you,But make allowance for their doubting too;If you can wait and not be tired by waiting,Or being lied about, don’t deal in lies,Or being hated, don’t give way to hating,And yet don’t look too good, nor talk too wise:If you can dream — and not make dreams your master;If you can think — and not make thoughts your aim;If you can meet with Triumph and DisasterAnd treat those two impostors just the same;If you can bear to hear the truth you’ve spokenTwisted by knaves to make a trap for fools,Or watch the things you gave your life to, broken,And stoop and b...
तन्हा राही का सफरनामा..............
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  July 28, 2014, 9:08 pm
तेरी आवाज़ पे कोई ना आये तो फिर चल अकेला रेफिर चल अकेला चल अकेला चल अकेला चल अकेला रेओ तू चल अकेला चल अकेला चल अकेला चल अकेला रेतेरी आवाज़ पे कोई ना आये तो फिर चल अकेला रेफिर चल अकेला चल अकेला चल अकेला चल अकेला रेयदि कोई भी ना बोले ओरे ओ रे ओ अभागे कोई भी ना बोलेयदि सभी मुख म...
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  July 28, 2014, 4:51 pm
कदम उसी मोड़ पर जमे हैंनज़र समेटे हुए खड़ा हूंजुनूं ये मजबूर कर रहा है पलट के देखूंखुदी ये कहती है मोड़ मुड़ जाअगरचे एहसास कह रहा हैखुले दरीचे के पीछे दो आंखें झांकती हैंअभी मेरे इनतज़ार में वो भी जागती हैकहीं तो उस के गोशा-ए-दिल में दर्द होगाउसे ये ज़िद है कि मैं पुकारूंमुझे त...
तन्हा राही का सफरनामा..............
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  July 23, 2014, 5:32 pm
के जिस मंजिल के लिए चले थे हम। वो मंजिल अभी नहीं आई। तन्हा राही चलते हुए इक पड़ाव पर पंहुचा। चारों तरफ सब वैसा ही था जैसा वह च...
तन्हा राही का सफरनामा..............
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  July 23, 2014, 9:34 am
तन्हा राही राह चलता जाएगा; अब तो जो भी होगा देखा जाएगा। नेताजी सुभाष चन्द्र बॉस के जीवन चरित्र पर बनी एक फिल्म के गीत के उपरोक्त बोल एक ऐसे बाग़ी के हैं जिसने स्वयं की राह चुनी एवं उस राह पर चल दिए। इन्हें न मंजिल की फ़िक्र थी और न ही रास्ते की। इन्हें यह भी फ़िक्र नहीं थी कि क...
तन्हा राही का सफरनामा..............
Tag :article
  July 22, 2014, 11:36 pm
दुःखेष्वनुद्विग्मनाः सुखेषु विगतस्पृहः।वीतरागभयक्रोधः स्थितधीर्मुनिरुच्यते।।2/56 (गीता)भावार्थ: जो दुःख में विचलित न हो तथा सुख में प्रसन्न नहीं होता , जो आसक्ति, भय तथा क्रोध से मुक्त है, वह स्थिर बुद्धि वाला मनुष्य ही मुनि कहलाता है।ईश्वर कहते हैं कि मुनि अर्थात म...
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Tag :dhull
  July 6, 2014, 3:11 pm
I am honored to be with you today at your commencement from one of the finest universities in the world. I never graduated from college. Truth be told, this is the closest I've ever gotten to a college graduation. Today I want to tell you three stories from my life. That's it. No big deal. Just three stories.The first story is about connecting the dots.I dropped out of Reed College after the first 6 months, but then stayed around as a drop-in for another 18 months or so before I really quit. So why did I drop out?It started before I was born. My biological mother was a young, unwed college graduate student, and she decided to put me up for adoption. She felt very strongly that I ...
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  April 28, 2014, 7:57 pm
अविराम चलता यह जीवनइक नए मोड़ पर खड़ा है।पूछता है क्या किया जोमुझे कोसते होकब मैंने तुम्हें हराया;कब तुम्हारा दिल दुखायाकब किस्मत के लेखे को;मैं बदल पाया!मैंने कहा ऐ जीवन;कोसता यूं नहीं मैं के मैंने ठोकर खाई है;कोसता यूं नहीं के मैं आज हारा हुआ हूँ;कोसता यूं हूँ के भाग्...
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  April 27, 2014, 1:11 pm
एक उपन्यास का लेखन प्रारम्भ कर रहा हूँ। आशा करता हूँ कि अपेक्षा अनुरूप उसे सही रूप दे पाऊंगा।  उस उपन्यास में एक ऐसे रिश्ते का दर्द छिपा है जिसकी न कोई सामाजिक स्वीकार्यता है और न ही उसका कोई मूल्य है। मूल्य उसका केवल मात्र उन इंसानों के लिए है जिनके लिए उस रिश्ते की क...
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  April 27, 2014, 1:06 pm
हमदीवानों की क्या हस्ती, हम आज यहाँ कल वहां चलेमस्ती का आलम साथ चला,हम धूल उडाते जहाँ चलेआए बनकर उल्लास अभीआँसू बनकर बह चले अभी,सब कहते ही रह गए,अरे तुम कैसे आए, कहाँ चले?किस ओर चले? यह मत पूछो,चलना है, बस इसलिए चले,जग से उसका कुछ लिए चले,जग को अपना कुछ दिए चले।दो बात कही, दो ब...
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Tag :bharat
  March 8, 2014, 4:49 pm
आज अमर शहीद राम प्रसाद बिस्मिल और अशफाक उल्लाह खान की पुण्य तिथि है। उनकी पुण्य तिथि पर मैं राम प्रसाद बिस्मिल की लिखी कविता जो लहू में उबाल ला देती है; उसे पेश कर रहा हूँ:हैफ़ हम जिसपे कि तैयार थे मर जाने कोजीते जी हमने छुडाया उसी कशाने कोक्या न था और बहाना कोई तडपाने को...
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Tag :dhull
  December 19, 2013, 3:48 pm
हे वीर बन्धु ! दायी है कौन विपद का ?हम दोषी किसको कहें तुम्हारे वध का ?यह गहन प्रश्न; कैसे रहस्य समझायें ?दस-बीस अधिक हों तो हम नाम गिनायें।पर, कदम-कदम पर यहाँ खड़ा पातक है,हर तरफ लगाये घात खड़ा घातक है।घातक है, जो देवता-सदृश दिखता है,लेकिन, कमरे में गलत हुक्म लिखता है,जिस पाप...
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  September 19, 2013, 12:01 am
बादशाह अकबर और उनके दरबारी एक प्रश्न पर विचार कर रहे थे जो राज-काज चलाने की दृष्टि से बेहद अहम न था। सभी एक-एक कर अपनी राय दे...
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  September 15, 2013, 9:38 pm
अपना भारत वो भारत है जिसके पीछे संसार चला। आज बड़े दिन के बाद पूर्व और पश्चिम का यह गीत सुना।  हम कहाँ थे और कहाँ पंहुच गए! भारत अर्थात आर्यावर्त; न केवल इसकी भाषा अपितु इसकी संस्कृति, वेशभूषा, धर्म, मान्यताएं और यहाँ तक कि नागरिक भी एक गंभीर खतरे से रूबरू हैं और इसे कोई ...
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  August 18, 2013, 11:04 pm
जाग रहे हम वीर जवान,जियो जियो अय हिन्दुस्तान !हम प्रभात की नई किरण हैं, हम दिन के आलोक नवल,हम नवीन भारत के सैनिक, धीर,वीर,गंभ...
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  August 17, 2013, 4:55 pm
 "संसार के लिए यह बड़े ही दुर्भाग्य की  बात होगी यदि सभी मनुष्य एक ही धर्म, उपासना की एक ही पद्यति और नैतिकता के एक ही आदर्श को स्वीकार कर लें।  इससे सभी धार्मिक और आद्यात्मिक उन्नति को मृत्यु जैसा आघात पंहुचेगा।  " दूसरे धर्म या मत के लिए हमें केवल सहनशीलता नहीं दिख...
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Tag :thoughts
  August 16, 2013, 11:40 pm
यतो धर्मस्ततो जयः, अर्थात जहाँ धर्म है वहां जय है। हिन्दू धर्म का यह महान सन्देश कहीं गुम हो गया लगता है।  आज गोस्वामी तुलसीदास जी की जयंती है, उन्होंने अपने महान काव्य में कहा था," परहित सरसी धर्म नहीं भाई, पर पीड़ा सम नहीं अधमाई" अर्थात दूसरे के हित से बड़ा धर्म नहीं है ए...
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  August 13, 2013, 9:19 pm
कोई भी धर्म हिंसा, घृणा, वैर नहीं फैला सकता। यदि वह ऐसा करता है तो उस धर्म का प्रचारक पाखंडी एवं झूठा है। अब यह सोचने वाली बात है कि मैंने धर्म प्रचारकों को पाखंडी कहा; धर्म को नहीं। धर्म मेरे किसी विचार से एवं किसी एक मनुष्य से कहीं महान हैं। धर्म चाहे कोई भी हो, पृथ्वी ...
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Tag :india
  June 24, 2013, 11:31 pm
वो जिसके हाथ में छाले हैं पैरों में बिवाई हैउसी के दम से रौनक आपके बँगले में आई हैइधर एक दिन की आमदनी का औसत है चवन्‍नी काउधर लाखों में गांधी जी के चेलों की कमाई हैकोई भी सिरफिरा धमका के जब चाहे जिना कर लेहमारा मुल्‍क इस माने में बुधुआ की लुगाई हैरोटी कितनी महँगी है ये व...
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Tag :hindu
  May 17, 2013, 6:36 pm
 मेरा एक जीवन हैउसमें मेरे प्रिय हैं, मेरे हितैषी हैं, मेरे गुरुजन हैंउसमें कोई मेरा अनन्यतम भी हैपर मेरा एक और जीवन हैजिसमें मैं अकेला हूँजिस नगर के गलियारों, फुटपाथ, मैदानों में घूमा हूँहँसा खेला हूँउसके अनेक हैं नागर, सेठ, म्युनिस्पलम कमिश्नर, नेताऔर सैलानी, शतरंज...
तन्हा राही का सफरनामा..............
Tag :india
  May 17, 2013, 6:31 pm

"एक और नया भारत कहता है कि पाश्चात्य भाव, भाषा, खान-पान और वेश भूषा का अवलंबन करने से ही हम लोग पाश्चात्य शक्तियों की भांति शक्तिमान हो सकेंगे। दूसरी और प्राचीन भारत कहता है कि मूर्ख!नक़ल करने से कहीं दूसरों का भाव अपना हुआ है? बिना उपार्जन किये कोई वास्तु अपनी नहीं होती...
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Tag :
  March 17, 2013, 10:32 pm
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  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
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