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Blog: Deepak Jyoti

Blogger: Deepak Shukla
दो सहेलियाँ..एक लिखती है...मन से..एक रंगती है......रंग से..हर शब्द, हर चित्र..हर अहसास..हर भावहर द्वंद्व, हर संबन्ध..हर राग, हर द्वेष..हर व्यक्त और शेष..... जीवन की.. अच्छाईयाँ, बुराईयाँ.. सबलता, दुर्बलता.. राग और रंग.. साथ और संग.. परिधि और विस्तार.. स्वप्न और साकार.. टूटे से पंख... सीप और शँख.. ... Read more
clicks 99 View   Vote 0 Like   7:27am 31 Oct 2012 #
Blogger: Deepak Shukla
नमस्कार..... सर्वप्रथम सभी पाठकों को नव वर्ष २०१२ की हार्दिक शुभकामनायें...ईश्वर आप सबके जीवन में सुख, शांति, समृधि और खुशियाँ लाये..... इसी मंगलकामना को संजोये मेरी यह कविता आप सबको समर्पित है.... नया वर्ष मंगल... हो सबको यहाँ जो... मिले सबको खुशियाँ... वो चाहे जहाँ हो... ये मेरी दुआ ... Read more
clicks 103 View   Vote 0 Like   6:24am 2 Jan 2012 #
Blogger: Deepak Shukla
नमस्कार.....सर्वप्रथम सभी पाठकों को नव वर्ष २०१२ की हार्दिक शुभकामनायें...ईश्वर आप सबके जीवन में सुख, शांति, समृधि और खुशियाँ लाये.....इसी मंगलकामना को संजोये मेरी यह कविता आप सबको समर्पित है....नया वर्ष मंगल...हो सबको यहाँ जो...मिले सबको खुशियाँ...वो चाहे जहाँ हो...ये मेरी दुआ सब..... Read more
clicks 195 View   Vote 0 Like   6:24am 2 Jan 2012 #
Blogger: Deepak Shukla
उड़न तश्तरी ....: जिंदा कविता!!... Read more
clicks 175 View   Vote 0 Like   5:02pm 8 Dec 2011 #
Blogger: Deepak Shukla
नमस्कार मित्रो....यूँ तो कल ही एक ग़ज़ल आप सबकी नज़र की है...पर प्रेम दिवस पर सोचा की मैं भी कुछ लिखूं और देखिये एक ग़ज़ल बन गयी है....आप भी पढ़िए और बताइए की कैसी लगी....****************************मयकश कई हैं प्रेम के, मय की तलाश में...साकी है पशोपेश में, किसको शराब दे....लेकर गुलाब फिर रहे, हैं कितने म... Read more
clicks 92 View   Vote 0 Like   8:31am 15 Feb 2011 #
Blogger: Deepak Shukla
नमस्कार मित्रो...आज मैं काफी दिनों के उपरांत पुनः प्रस्तुत हुआ हूँ । इस बीच मैं करीब चार महीने तक इलाहबाद की पावन भूमि पर रह रहा था और अब पुनः अपनी पुरानी जगह पर वापस आ गया हूँ। कई मित्रों ने मुझे मेल और व्यक्तिगत तौर पर आग्रह किया कि मैं अपने ब्लॉग को पुनः संचारित करूँ जि... Read more
clicks 101 View   Vote 0 Like   7:46am 12 Feb 2011 #
Blogger: Deepak Shukla
नमस्कार मित्रो... कई दिनों से मेरे कई मित्रों का आग्रह था की में अपने ब्लॉग पर भी कोई पोस्ट डालूं...जबकि मैं अधिकांशतः टिप्पणियों में ही कवितायेँ लिख रहा था....तो लीजिये प्रस्तुत है मेरी ताज़ा तरीन ग़ज़ल का पहला भाग...जिसे मैंने बड़े दिल से लिखा है जोकि आशा है की आपके दिल तक अ... Read more
clicks 101 View   Vote 0 Like   12:55pm 17 Aug 2010 #
Blogger: Deepak Shukla
नमस्कार मित्रो...आज मैं आपको अपनी एक रचना सुनाता हूँ जोकि आशा है कि आपकोपसंद आएगी।इसमे मैंने एक अच्छा लड़का बनने के लिए क्या क्या जतन किये, किन किन acid टेस्ट्स से गुज़रा उनका ब्यौरा संजोया है पर जब से मेरी "कविता"से मुहब्बत हुई,मेरी दुनिया ही बदल गयी है, अब अच्छा लड़का बनने ... Read more
clicks 96 View   Vote 0 Like   8:59am 21 Jul 2010 #
Blogger: Deepak Shukla
वो भोली सी लड़की,वो प्यारी सी लड़की।बड़ी खूबसूरत,वो न्यारी सी लड़की॥हम देखें उसे तो,वो शर्माती रहती।कहें कुछ जो उस से,तो घबराती रहती॥वो दामन संभाले,नज़र को झुका के।वो देखे नहीं हमको,नज़रें उठा के॥कोई जब भी बोले,तभी बात करती।मगर वो ...नहीं ,सबके ही साथ करती॥वो मीठी सी बोलीमें ... Read more
clicks 84 View   Vote 0 Like   8:03pm 24 May 2010 #
Blogger: Deepak Shukla
मैं खिड़की पर बैठा अक्सर,बाहर को देखा करता हूँ।अपने जीवन की सच्चाई,पढने की सोचा करता हूँ॥क्षण-भंगुर है जीवन मेरा,एस पल है, उस पल है नहीं,अंतर्मन की में गहराई,छूने की सोचा करता हूँ॥कुदरत ने क्या क्या है बनाया,नभ, धरती और चाँद सितारे,दूर गगन में सूरज जैसा,दिखने की सोचा करत... Read more
clicks 85 View   Vote 0 Like   10:30am 13 May 2010 #Kavita
Blogger: Deepak Shukla
आज में अपनी एक पुरानी कविता पुनः आपके सम्मुख प्रस्तुत कर रहा हूँ...आशा है की यह कविता आपको पसंद आएगी...मैंने तो अब तक....जहाँ भी है देखा....तुमको ही पाया...कहीं भी जो देखा...फूलों में, बागों में....शूलों में, काँटों में....चुप्पी में, बातों में....तुमको है देखा...सतरंगी, रंगों में....मन कि, ... Read more
clicks 89 View   Vote 0 Like   11:55am 3 May 2010 #
Blogger: Deepak Shukla
आज काफी दिवस उपरान्त में पुनः उपस्थित हुआ हूँ अपनी एक कविता के साथ...जो की आशा है आप सभी को पसंद आएगी..."मन" और "दिल" में होता..है क्या फरक बताएँ..एक मित्र ने था पूछा.."दीपक" हमें समझाएं.."दिल" स्थूल तत्त्व है पर.."मन" सूक्ष्म तत्त्व होता.."दिल" पास में सभी के.."मन" हर जगह विचरता.."दिल" प्... Read more
clicks 89 View   Vote 0 Like   9:12am 13 Mar 2010 #
Blogger: Deepak Shukla
सबसे मधुर है माँ का रिश्ता...प्रभु ने इसे बनाया है...तेरे उपकारों से उर्रिन...कोई न हो पाया है...अपनी खुशियाँ वार दीं तुने...मैंने जब मुस्काया है...अपना सुख मैं तज न पाया...जब दुःख तुझ पर आया है...अक्षर ज्ञान कराया तुने...मुझको बहुत पढाया है...मैंने तुझको छोड़ के ऐ माँ...लक्ष्मी को अपना... Read more
clicks 96 View   Vote 0 Like   4:35pm 15 Apr 2008 #
Blogger: Deepak Shukla
kya kahoon, kya na kahoon..main kahoon, ya chup rahoon..sochta hoon, main ye baitha..baat dil ki, kaise likhoon...shabd aise likh diye, ki...hum nihshabd se ho gaye...dil ka jo hai dard unka....dard main bhi wo sahoon...Unke jaane se gaya hai...maang ka sindur bhi...unki chuppi main chupi jo..cheekh na kaise sunoon...Vedna unki hamari...Vedna ban si gayee...Kaise baanten dard aisa..kaise main kuch kar sakoon..kya kahoon, kya na kahoon..kuch bhi na main to kar sakoon..hai yahi behtar ki "deepak"main to bas chup hi rahoon...hai yahi behtar ki "deepak"main to bas chup hi rahoon.... Read more
clicks 111 View   Vote 0 Like   4:14pm 7 Apr 2008 #
Blogger: Deepak Shukla
ये वर्ष आठ (२००८) काआज पहला दिवस है...यह संग-साथ का ..आज पहला दिवस है॥नया वर्ष मंगल...हो सबको यहाँ जो...मिले सबको खुशियाँ...वो चाहे जहाँ हो...ये मेरी दुआ सब...सदा मुस्कुराएँ...हो दिल में ख़ुशी...और सभी जगमगायें...प्रफुल्लित से मन हों...उलस्सित से तन हों...सभी लोग चेतन....आनंदित जीवन हो ...जो... Read more
clicks 84 View   Vote 0 Like   3:17pm 1 Jan 2008 #
Blogger: Deepak Shukla
हम तो खोये हैं उनकी यादों में...रात दिन अब यूं ही निकलते हैं...भीड़ में गुम न कहीं हो जाएँ....अपनी ऊँगली पकड़ के चलते हैं....दिल से दिल की तो राह होती ....दिल को दिल की ही चाह होती है...जब से हंस के तुम हमसे बोली हो...जाने क्यों लोग हमसे जलते हैं...दिल ये चाहे की तुम ही मिल जाओ...मेरे घर चां... Read more
clicks 96 View   Vote 0 Like   4:19pm 16 Dec 2007 #
Blogger: Deepak Shukla
हमको तो अपने दिल में, बिठाकर तो देखिये....दिल को हमारे दिल से, मिलाकर तो देखिए...तुमको मिलेंगे फूल ही, बस फूल राह में...इक गुलमोहर आँगन में, लगाकर तो देखिए....चन्दा के नूर सा तेरा, चेहरा चमक उठे...दिल कि ख़ुशी से खुद को, सजाकर तो देखिए...कितना सकून मिलता, तुम जो देखना चाहो...गम को किसी ... Read more
clicks 108 View   Vote 0 Like   4:04pm 10 Dec 2007 #
Blogger: Deepak Shukla
मेरे कॉलेज कि एक हंसीं लड़की....मुझको दिल ही दिल मैं भाती थी...मेरे दिन उसको देखते बीतें...रात सपनों में वो ही आती थी....मेरे होठों पे हंसी छा जाती...जब कही वो जो मुस्कुराती थी...मेरे भी गाल लाल होते थे....जब कभी वो कहीं शर्माती थी...उसके चलने से समां बंधता था...सांस रूक रूक के मुझको आती ... Read more
clicks 102 View   Vote 0 Like   4:50pm 2 Dec 2007 #
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