POPULAR ENGLISH+ SIGNUP LOGIN

Blog: जोग लिखी

Blogger: Dr Durgaprasad Agrawal
‘मिल्क एण्ड हनी’ पुस्तक के बारे में भले ही आप कुछ न जानते हों, इसकी लेखिका का नाम आपने ज़रूर सुन रखा होगा. रूपी कौर. वही रूपी कौर  जिनकी पोस्ट की हुई तस्वीर को इंस्टाग्राम ने अपनी कम्युनिटी गाइडलान का उल्लंघन करने वाली मान कर एक नहीं दो बार  हटा दिया था लेकिन जब रूपी कौर... Read more
clicks 168 View   Vote 0 Like   7:03am 12 May 2015 #तसलीमा नसरीन
Blogger: Dr Durgaprasad Agrawal
फेसबुक जैसे सोशल मीडिया पर हमारे बहुत सारे मित्रों को यह शिकायत रहती है कि वहां उनकी तुलना में महिलाओं को अधिक अहमियत  मिलती है. कई लोगों ने तो बाकायदा आंकड़े देकर यह बात साबित करने की कोशिश की है.  उनका कहना है अगर वे कोई रचना या टिप्पणी पोस्ट करते हैं तो  उसे जितना स... Read more
clicks 148 View   Vote 0 Like   8:09am 5 May 2015 #डेटिंग साइट
Blogger: Dr Durgaprasad Agrawal
आजकल वायरल का मौसम है. इस वाक्य में ‘आजकल’  और ‘वायरल’  दोनों ही ध्यान देने योग्य हैं. आजकल को आप काफी लम्बा खींच लीजिए. और वायरल की परिभाषा का भी वह कर लीजिए जिसे भाषा शास्त्री अर्थ  विस्तार कहते हैं. अर्थ विस्तार यानि किसी शब्द का अर्थ पहले सीमित हो लेकिन धीरे-धीरे ... Read more
clicks 161 View   Vote 0 Like   8:07am 28 Apr 2015 #फिफ्टी शेड्स ऑफ ग्रे
Blogger: Dr Durgaprasad Agrawal
पिछले दिनों हमारे देश के नेताओं की ज़बान फिसलने के जो बहुत सारे मामले सामने आए उनमें से कई का सम्बन्ध रंग और रूप से भी था. हमारे देश में सामान्यत: गोरे रंग को सौन्दर्य  का  एक ज़रूरी घटक मान लिया जाता है, हालांकि दुनिया के और देशों में इसका उलट भी है. पश्चिमी देशों में जहा... Read more
clicks 150 View   Vote 0 Like   8:57am 21 Apr 2015 #गोरा रंग
Blogger: Dr Durgaprasad Agrawal
समाज और इसके मीडिया यानी सोशल मीडिया में इन दिनों एक और  उफान आया हुआ है। हालांकि यह उफान अभी सोशल मीडिया की दीवारों से टकरा कर अपने जोर की आजमाइश ही कर रहा है, पर नई पीढ़ी की मानसिकता के बदलाव की तेज़ गति को देखते हुए लगता नहीं कि यह उफान उन दीवारों को तोड़ कर वास्तविक सो... Read more
clicks 142 View   Vote 0 Like   8:51am 14 Apr 2015 #कण्डोम
Blogger: Dr Durgaprasad Agrawal
बिहार में मैट्रिक की परीक्षा में अपने परिजनों को नकल करवाने के लिए दीवार पर चढ़े अभिभावकों और शुभ चिंतकों की तस्वीर इण्टरनेट पर और अन्य समाचार माध्यमों में आने के बाद एक बार फिर से परीक्षाओं में नकल को लेकर गम्भीर चर्चाएं शुरु हो गई हैं. बात किसी एक राज्य की या अन्य राज्... Read more
clicks 188 View   Vote 0 Like   8:12am 24 Mar 2015 #परिवेश
Blogger: Dr Durgaprasad Agrawal
इधर  लगातार तीन शादियों में, मतलब शादी की दावतों में, जाने का मौका मिला और तीनों जगह एक जैसे अनुभव हुए. उन अनुभवों के बारे में मैं इस कॉलम में नहीं लिखता, अगर एक और अनुभव ने मुझे यह बात कह डालने को विवश न कर दिया होता. पहले शादी की दावतों का अनुभव. अपनी प्लेट में सलाद सब्ज़िय... Read more
clicks 146 View   Vote 0 Like   7:42am 17 Mar 2015 #दही बड़ा
Blogger: Dr Durgaprasad Agrawal
ऐसे अनुभव बहुत बार होते हैं. कल फिर हुआ. कल अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस था ना! एक  आयोजन में शामिल होने का मौका अपन को भी मिला. मैं जब भी किसी आयोजन में जाता हूं मुझे शादी की दावत याद आए बिना नहीं रहती है. मुझे शादी की सारी दावतें एक जैसी लगती हैं. एक जैसा मेन्यू और एक जैसा मा... Read more
clicks 126 View   Vote 0 Like   8:32am 10 Mar 2015 #गोष्ठी
Blogger: Dr Durgaprasad Agrawal
गुलज़ार साहब की एक बहुत मशहूर नज़्म है – किताबें झांकती हैं बन्द अलमारी के शीशों से/ बड़ी हसरत से ताकती हैं, महीनों अब मुलाकातें नहीं होतीं. किताबों के परिदृश्य में पिछले चन्द  बरसों में जो बदलाव आया है उसे देखते हुए मुझे यह नज़्म पुरानी लगने लगी है. बहुत पुरानी बात नहीं ... Read more
clicks 164 View   Vote 0 Like   7:53am 3 Mar 2015 #गुलशन नन्दा
Blogger: Dr Durgaprasad Agrawal
कोई पांचेक साल बाद फिर अहमदाबाद जाने का सुयोग जुटा. पिछली बार गया था तो साबरमती आश्रम के माहौल और अदालज री बाव की सुखद स्मृतियां बहुत दिनों तक मन प्राण को मुदित करती रही थीं. इस बार अमदावाद नी गुफा, जिसे हुसैन दोषी गुफा के नाम से भी जाना जाता है,  सूची में सर्पोपरि थी. जान... Read more
clicks 191 View   Vote 0 Like   12:33pm 24 Feb 2015 #कन्यादान
Blogger: Dr Durgaprasad Agrawal
इधर हाल ही में दूरस्थ देश हंगरी की एक ख़बर पढ़ी तो बड़े कष्ट के साथ यह अनुभूति हुए बग़ैर नहीं रही कि कुछ मामलों में दुनिया एक-सी है. पहले ख़बर तो बता दूं आपको. हंगरी के शहर माको में एक व्यवस्था है कि साल के पहले जन्मे बच्चे को मेयर द्वारा ढाई सौ पाउण्ड की राशि प्रदान की जाती है. इ... Read more
clicks 159 View   Vote 0 Like   7:48am 17 Feb 2015 #धर्म
Blogger: Dr Durgaprasad Agrawal
कॉमेडी के भी अनेक रूप हैं और उन रूपों  में से एक है रोस्टिंग. बताया जाता है कि इसकी शुरुआत 1949 में न्यूयॉर्क में हुई और फिर यह कॉमेडी रूप पूरी दुनिया में प्रचलन में आ गया. रोस्टिंग का अर्थ है भूनना, और इस कॉमेडी रूप में किसी जाने-माने व्यक्ति के साथ बतौर कॉमेडी यही सुलूक कि... Read more
clicks 154 View   Vote 0 Like   10:05am 10 Feb 2015 #कॉमेडी रोस्ट
Blogger: Dr Durgaprasad Agrawal
वो कहते हैं ना कि हर चीज़ को देखने के दो नज़रिये होते हैं -   गिलास आधा खाली है, या गिलास आधा भरा हुआ है, तो जहां बहुत सारे मित्र इस बात से बहुत व्यथित हैं कि आज राजनीति में अभिव्यक्ति का स्तर बहुत गिर गया है और बड़े नेता भी बहुत छोटी बातें करने लगे हैं, मैं इस बात को इस तरह देख... Read more
clicks 144 View   Vote 0 Like   8:10am 3 Feb 2015 #राजनीति
Blogger: Dr Durgaprasad Agrawal
साल 2015 के  जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल का भी समापन हो गया. यह आयोजन हमारे समय की सबसे बड़ी सफलताओं की गाथा है. सन 2005 में मात्र चौदह अतिथियों की उपस्थिति में प्रारम्भ हुआ यह आयोजन इतने कम समय में दुनिया का सबसे बड़ा निशुल्क साहित्यिक उत्सव  बन जाएगा – यह कल्पना तो इसके आयोजकों ... Read more
clicks 160 View   Vote 0 Like   8:01am 27 Jan 2015 #गम्भीर साहित्य
Blogger: Dr Durgaprasad Agrawal
दुनिया बहुत तेज़ी से बदल रही है. जीवन पहले की तुलना में निरंतर अधिक सुगम होता जा रहा है. यह बात अलग है कि उसे सुगम करने वाले साधनों को जुटाने के लिए हमें अधिक श्रम और प्रयास करने पड़ रहे हैं जिनकी वजह से सुगमता का आनंद लेने के अवकाश में कटौती भी होती जा रही है. कुछ समय पहले तक ... Read more
clicks 179 View   Vote 0 Like   8:05am 20 Jan 2015 #बाज़ार
Blogger: Dr Durgaprasad Agrawal
सारी दुनिया में हंसने-हंसाने की और उसे लिपिबद्ध  कर बाद की पीढ़ियों के लिए सुलभ करा देने की  एक लम्बी  परम्परा रही है. बहुत पीछे न भी जाएं तो मुल्ला नसरुद्दीन और अकबर बीरबल के किस्सों को याद किया जा सकता है. अपने समय के एक मशहूर अंग्रेज़ी लेखक ने एक बहुत ही महत्वपूर्ण ब... Read more
clicks 167 View   Vote 0 Like   8:49am 13 Jan 2015 #कला
Blogger: Dr Durgaprasad Agrawal
अगर आप बीमार हो जाएं तो क्या करेंगे? अजीब सवाल है!  डॉक्टर के पास जाएंगे, और क्या करेंगे?सही भी है. जिन लोगों में मेरा उठना बैठना है वे किसी पीर-ओझा-बाबा के पास तो जाने से रहे. बेशक समाज का एक वर्ग है जो बीमार होने पर जादू-टोने-टोटकों वगैरह की शरण लेता है, लेकिन बहुत बड़ा वर्ग ... Read more
clicks 137 View   Vote 0 Like   2:43pm 6 Jan 2015 #ई हॉस्पिटल
Blogger: Dr Durgaprasad Agrawal
हरिवंश राय बच्चन के एक बहुत प्रसिद्ध गीत का मुखड़ा है: जीवन की आपाधापी में कब वक़्त मिला कुछ देर कहीं बैठ कभी यह सोच सकूं/ जीवन में जो किया, कहा, माना उसमें क्या बुरा-भला! बच्चन जी ने जब यह गीत लिखा होगा तब से अब तक आते-आते जीवन की आपाधापी और बढ़ गई है. ‘सुबह होती है, शाम होती है उम... Read more
clicks 171 View   Vote 0 Like   10:04am 30 Dec 2014 #नया साल
Blogger: Dr Durgaprasad Agrawal
अपने लगभग पौने चार दशकों में फैले सेवा काल में मुझे बहुत सारे जन प्रतिनिधियों के सम्पर्क में आने का अवसर मिला. 1967 से शुरु हुए मेरे सेवाकाल के प्रारम्भ में न तो मेरे काम की प्रकृति इस बात की ज़रूरत पैदा करती थी कि किसी जन प्रतिनिधि से सम्पर्क करना पड़े और न राज्य कर्मचारियो... Read more
clicks 159 View   Vote 0 Like   9:57am 23 Dec 2014 #डिज़ायर
Blogger: Dr Durgaprasad Agrawal
कुछ बातें ऐसी हैं जो एकबारगी तो चौंकाती हैं लेकिन जब उन पर तसल्ली से विचार करते हैं तो आपकी प्रतिक्रिया बदल जाती है. मेरे साथ ऐसा ही हुआ. हाल ही में जब मधु चन्द्रिका यानि हनीमून के बारे में किए गए एक सर्वे के परिणामों  के बारे में पढ़ा तो बहुत अजीब लगा. सर्वे ने बताया कि ज़्... Read more
clicks 175 View   Vote 0 Like   8:30am 16 Dec 2014 #विवाह
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:

Members Login

    Forget Password? Click here!
  • Latest
  • Week
  • Month
  • Year
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (4001) कुल पोस्ट (191751)