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महाकवि वचन-MAHAKAVI VACHAN

भारत माता की जयआतंक और अन्‍याय विवश हमने जब हिम्‍मत खो दी ।फिर देश महाचीत्‍कार कर उठा, मोदी मोदी मोदी ।।सन् 47 से हमने सत्‍ता कांगरेस के हाँथ दिया ।पर भ्रष्‍ट कांगरेसी नेताओं ने जनता को भुला दिया ।हम आस लगाये बैठ रहे अब-अब ये देश सम्‍हालेंगे ।क्‍या पता हमें ये धीरे-धीरे ...
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आनन्‍द पाण्‍डेय
Tag :
  March 28, 2014, 6:06 pm
यहि राष्‍ट्रधर्म कै बात आह हम हिरिदय माँझ छुपा लेंगे । सिंहन कै शासन खतम हुआ अब देश सियार संभालेंगे ।।इ गठबन्‍धन कै दौर हुवै का फरक कउन जीता हारा जौ अबकी बहुमत पूर्ण मिला बनवाइब इक बंगला न्‍यारा जौ जनाधार कमजोर परा दुसरे से हांथ मिला लेंगे ।। सिंहन कै शासन खतम हुआ अब दे...
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आनन्‍द पाण्‍डेय
Tag :कवि आनन्‍द अवधी
  May 17, 2013, 12:10 pm
तुम ही कहो मनमीत मैं क्‍या गीत गाऊँकिस बात पे हँसूं कहाँ आँसू बहाऊँ ।।वेदों से उपजी हिन्‍दु संस्‍कृति नित्‍य नयी इसके आगे उपराम हुईं सभ्‍यता कईइसने जीना सिखलाया पशु से पृथक कियासद्भाव सिखाकर सबके अवगुण दूर कियाकितनी तरह इतिहास का उपक्रम सुनाऊँ ।।तुम ही कहो मनमीत म...
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आनन्‍द पाण्‍डेय
Tag :कवि आनन्‍द अवधी
  November 16, 2012, 6:14 pm
     अभी हाल ही में हुए फैजाबाद जिले के दंगे में हिन्‍दुओं की दुर्गति के बाद मन बहुत खिन्‍न हुआ ।  इसी खिन्‍नता ने काव्‍य का रूप ले लिया ।  यह काव्‍य सभी हिन्‍दुओं को समर्पित है ।अपना देश समाज बचाओहिन्दू तुम कट्टर बन जाओ ।।यह सत्य-सनातन-धर्म-रीति, वैखरी-वाक् वर्णनातीतवि...
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आनन्‍द पाण्‍डेय
Tag :कवि आनन्‍द अवधी
  October 28, 2012, 7:20 pm
हिन्‍दू का बुलन्‍द हो नारा हिन्‍दी-हिन्‍दुस्‍थान हमारा हिन्‍दु-धर्म इतिहास पुराना कौन भला इससे अनजाना प्रेम-धर्म का ताना-बाना सुरमय जीवन-गीत सुहाना अमृतमय जीवन-रस-धारा हिन्‍दी-हिन्‍दुस्‍थान हमाराहिन्‍दीरग-रग बसे हिन्‍दु के तन्‍तु गुथे ज्‍यूँ माला मनके जैसे म...
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आनन्‍द पाण्‍डेय
Tag :हिन्‍दी दिवस
  September 14, 2012, 9:34 am
अरसों के बाद मन की आज पोटली खुलीतब लेखनी चली, तब लेखनी चली ।।भरसक प्रयास पर भी जब रसना नहीं हिली तब लेखनी चली, तब लेखनी चली ।।1- हर ओर अत्‍याचार है , हर हाँथ में तलवार है नीरस हुआ संसार है, अब लुप्‍तप्राय प्यार है जब प्रेम की सरिता ने अपनी धार रोक लीतब लेखनी चली, तब ल...
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आनन्‍द पाण्‍डेय
Tag :
  May 10, 2012, 11:03 am
अरसों के बाद मन की आज पोटली खुलीतब लेखनी चली, तब लेखनी चली ।।भरसक प्रयास पर भी जब रसना नहीं हिली तब लेखनी चली, तब लेखनी चली ।।1- हर ओर अत्‍याचार है , हर हाँथ में तलवार है नीरस हुआ संसार है, अब लुप्‍तप्राय प्यार है जब प्रेम की सरिता ने अपनी धार रोक लीतब लेखनी चली, तब लेखनी चल...
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आनन्‍द पाण्‍डेय
Tag :कवि आनन्‍द अवधी
  May 10, 2012, 11:03 am
मुश्किल है अपना मेल प्रियेये प्यार नहीँ है खेल प्रियेतुम M.A. फर्स्ट डिवीजन होमैँ हुआ मैटरिक फेल प्रियेमुश्किल है अपना मेल प्रियेये प्यार नहीँ है खेल प्रिये ~तुम फौजी अफसर की बेटीमैँ तो किसान का बेटा हूँतुम रबड़ी खीर मलाई होमैँ तो सत्तू सपरेटा हूँतुम A.C. घर मेँ रहती होमै...
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आनन्‍द पाण्‍डेय
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  March 27, 2012, 9:18 pm
मित्रोंहोली बिलकुल सन्निकट ही है ।  इस मौसम में सबसे अधिक जो वस्‍तु प्रचलित है वह है फाग गीत तथा मनहरवा (मतवाला) ।  इस मामले में फैजाबाद जिला (उत्‍तरप्रदेश) काफी समृद्ध है ।  फाग विधा के प्रसिद्ध कविराज स्‍व. श्री रामराज जी, कवि स्‍व. श्री रामउजागिर पाण्‍डेय जी, स्‍व. कविव...
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आनन्‍द पाण्‍डेय
Tag :कवि आर्त
  February 14, 2012, 7:24 pm
अन्‍तत: इन्‍सान हैं हम......                                ०१/०१/१२सृष्टिकर्ता की अनूपम कृति, अमित क्षमता समाहितधरा-नभ-पाताल में गतिमान नित परहित समर्पितउदयगिरि पर सूर्य सम अविरल सतत उत्‍थानरत, परप्रकृति के शत सहज दुर्बलताओं की पहचान हैं हम ........अन्‍तत: इन्‍सान हैं हम ।।साहसी इ...
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आनन्‍द पाण्‍डेय
Tag :कवि आर्त
  January 6, 2012, 6:28 pm
नववर्ष मंगलमय हो .................              कह विदा इक आब्‍द बीता, आ गया नव वर्ष फिरसेकुछ नयन हर्षित, निमीलित कुछ हुए, कुछ नीर बरसे कुछ मिले, मिलने चले अपनो से, कुछ मिलने को तरसेवर्ष ये शुभ हो सभी का प्रार्थना करते हैं हरि से ।।राजनीति-कुनीति का अब हर तरफ साम्राज्‍य छायाकाल की गति, ...
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आनन्‍द पाण्‍डेय
Tag :कवि आनन्‍द अवधी
  January 6, 2012, 6:27 pm
नववर्ष मंगलमय हो .................              कह विदा इक आब्‍द बीता, आ गया नव वर्ष फिरसेकुछ नयन हर्षित, निमीलित कुछ हुए, कुछ नीर बरसे कुछ मिले, मिलने चले अपनो से, कुछ मिलने को तरसेवर्ष ये शुभ हो सभी का प्रार्थना करते हैं हरि से ।।राजनीति-कुनीति का अब हर तरफ साम्राज्‍य छायाकाल की गति, ...
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आनन्‍द पाण्‍डेय
Tag :कवि आनन्‍द अवधी
  January 6, 2012, 6:27 pm
रावण रावण नहीं मरा इस बारमेरे मन का रावण थाघर-घर में अब फैल गया, एक सर को काटा तो,दस ने जन्म ले लियादस का सौ,सौ का हजार,फैल गया जग में अब रावणरावण नहीं मरा इस बार।रामलीला में जल जाऐगा?रावण?मनलीला में जल जाएतब समझो रावण निकला है।रावण कभी मरा है जग से वह तो एक सिर्फ पुतला है।ज...
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आनन्‍द पाण्‍डेय
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  October 7, 2011, 9:11 pm
आओ बच्चों तुम्हें दिखाए झाकी घपलिस्तान की.इस मिट्टी पे सर पटको ये धरती है बेईमान की.बंदों में है दम, राडिया-विनायकयम्.बंदों में है दम, राडिया-विनायकम्.उत्तर में घोटाले करती मायावती महान हैदक्षिण में राजा-कनिमोझी करुणा की संतान है.जमुना जी के तट को देखो कलमाडी की शान है...
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आनन्‍द पाण्‍डेय
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  October 6, 2011, 11:21 am
नेताजी निष्कलंक और पवित्र,गांधीजी लांछनों से परिपूर्ण और विचित्र।...... नेताजी निर्मल हृदय और उदार,गांधीजी ईर्ष्यालु और अनुदार।नेताजी निर्भय और निर्भीक,गांधीजी कायरता प्रतीक।नेताजी ने गांधीजी को कभी अस्वीकार नहीं किया,गांधीजी ने किसी क्रांतिकारी को कभी स्वीकार नह...
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आनन्‍द पाण्‍डेय
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  September 26, 2011, 9:14 pm
   श्रीकृष्‍णाय वासुदेवाय हरये परमात्‍मने प्रणत् क्‍लेशनाशाय श्रीकृष्‍णाय वयं नम: ।।  श्रीकृष्‍ण जन्‍माष्‍टमी के पावन अवसर पर सम्‍पूर्ण संस्‍कृतजगत् परिवार आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ देता है ।  साथ ही आप सभी से यह अनुरोध करता है कि कृपया श्रीअन्‍ना जी के पावन र...
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आनन्‍द पाण्‍डेय
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  August 22, 2011, 9:50 am
           संस्‍कृत सीखने की इच्‍छा रखने वाले दोस्‍तों तथा संस्‍कृतजगत् से निरन्‍तर जुडे रहने वालों के लिये एक खुशखबरी है  ।  संस्‍कृतजगत् ने आप के लिये अपना नया टूलबार प्रस्‍तुत किया है  ।  इस टूलबार से आप हमेशा संस्‍कृतजगत् से जुडे रहने के साथ-साथ संस्‍कृतजगत् पर प्...
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आनन्‍द पाण्‍डेय
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  August 9, 2011, 1:40 pm
दस वर्ष से अधिक हो गये कारगिल के युद्ध की विजय के । कारगिल युद्ध विजय के उपलक्ष्‍य में भारतसरकार द्वारा घोषित किये गये विजय दिवस 26 जुलाई को भी अधिकतम लोग भुला चुके हैं । पर हम कैसे भूल जाएँ कि इनमें शहीद होने वाले हमारे अपने ही भाई, पिता और सगे सम्‍बन्‍धी थे । उनको भूल जान...
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आनन्‍द पाण्‍डेय
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  July 28, 2011, 1:14 pm
बातें तो यहाँ कर रहा हूँ प्यार की मगर,                      दिल में मेरे किसी के लिए प्यार नहीं है.शादी नहीं हुई है पर बारात गया हूँ,                      दिल टूट जाने के लिए तैयार नहीं है.जो हाँ भी हो गयी तो किया कौन सा रहम,                      पतझड़ हो अगर तुम तो वो बहार नहीं है.अब भी नहीं ...
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आनन्‍द पाण्‍डेय
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  July 6, 2011, 11:55 am
हर गली कूँचा मँ आज बाजती बधायो हैआयो तेन्‍दूलकर को विजय सैन्‍य आयो है  ।। 1- सालौं भागि मन्‍द‍ि रहा , कई ठू प्रतिद्वन्दि रहागेंद धारि कुन्‍दि रहा , तबै अरि निर्द्वन्‍द‍ि रहाडेढ अरब दुआ पाई आज ई मोटायो है  ।आयो तेन्‍दूलकर को विजय सैन्‍य आयो है  ।। 2- चढि चल्‍यौं ठहिकै मैंदा...
महाकवि वचन-MAHAKAVI VACHAN...
आनन्‍द पाण्‍डेय
Tag :कवि आनन्‍द अवधी
  March 31, 2011, 2:18 pm
होली फाग ( मन प्रीति बढा प्रभुचरणन से )मन प्रीति बढा प्रभुचरणन से कलि दारूण क्‍लेश कटेंगे विषाद मिटेंगे   ।।नित उठि राम भजन कर प्‍यारे, कृष्‍ण कथा में तूँ मनवा लगा  रे  ममता मेघ छँटेंगे  ।।गीता ज्ञान हृदय जो प्रकाशे । पाप तिमिर घन सहजहिं नासे  ।।तब मुक्ति मिले भव बंधन से,...
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आनन्‍द पाण्‍डेय
Tag :KAVI AART
  March 22, 2011, 10:49 pm
होली फाग ( अधरन पर मुरली मधुर धरिकै )अधरन पर मुरली मधुर धरिकै,  टेरत मृदुतान मुरारी गोवर्धन धारी  ।।रवि तनया तट तरू कदम्‍ब तर, ठाढे त्रिभंगी लाल मुरली धर राकापति उजियारी  ।।मधुर तान तन राग जगावत ।  तजि गृह ब्रज वनितन्हि चलीं धावत  ।।निरखैं मतवारी वदन हरि कै, हम जनम तुम्‍...
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आनन्‍द पाण्‍डेय
Tag :होली फाग ( अधरन पर मुरली मधुर धरिकै )
  March 22, 2011, 10:47 pm
होली मतवाला ( हरि कँ बिसराय )हरि कँ बिसराय , काहें फिरे तूँ भुलाना  ।।सुन्‍दर देहियाँ से नेहिया लगाया डहँकि डहँकि धन सम्‍पति कमाया तबहूँ न कबहुँ सुखी होई पाया , भूल्‍या तूँ कौल पुराना कोई साथ न जाय , भूल्‍या तूँ कौल पुराना  ।।श्रृंगीऋषि आश्रम कै चेता डगरियाछोडि छाडि माय...
महाकवि वचन-MAHAKAVI VACHAN...
आनन्‍द पाण्‍डेय
Tag :KAVI AART
  March 22, 2011, 10:46 pm
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