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Blog: राजभाषा

Blogger: धीरेन्द्र सिंह
फागुन की फाँस [ कहानी ] –खालिद अहमद क़ुरैशीदिन का उजाला शाम की लाली में ढल रहा था । प्रकृति, चित्रकार के केनवास सी हो चली थी । वैसे भी वसंत की शामों का अपना एक अलग ही निराला स्वरूप होता है। हम दोनों मेरे घर के पीछे फूलों से लदे छोटे से आंगन में बैठे एक अनजान सफर की उड़ान भर र... Read more
clicks 141 View   Vote 0 Like   5:54pm 8 May 2007 #
Blogger: धीरेन्द्र सिंह
प्रतिभूति कागज कारखाना होशंगाबाद (म.प्र.)अपीलआपको विदित ही है कि, संविधान सभा की बैठक में लिए गए निर्णय के फलस्वरूप १४ सितम्बर, १९४९ को हिन्दी को राजभाषा के रूप में मान्यता प्रदान की गई थी। यह सम्मान इसलिए इसे प्राप्त हुआ क्योंकि यह भारत की सर्वाधिक बोली और समझी जाने वा... Read more
clicks 135 View   Vote 0 Like   12:45pm 13 Sep 2006 #
Blogger: धीरेन्द्र सिंह
हिन्दी माह 2006 के अवसर पर महाप्रबन्धक (अंचल) का संदेशप्रिय साथियों !हिन्दी माह के शुभारम्भ के अवसर पर मैं आप सबको बधाई देता हूँ।देश की आजादी के ५९ वर्ष पूरे हो चुके हैं। लोकतांत्रिक परम्पराओं और मर्यादाओं का बिर्वहन करते हुए हमने छह दशक व्यतीत कर लिए। संस्कृति और भाषाओ... Read more
clicks 135 View   Vote 0 Like   4:34am 10 Sep 2006 #
Blogger: धीरेन्द्र सिंह
***मुखपृष्ठ पर पहुँचें... Read more
clicks 154 View   Vote 0 Like   3:21am 16 Apr 2006 #
Blogger: धीरेन्द्र सिंह
प्रतिभूति कागज कारखाना होशंगाबाद में देशभर के मुद्रणालयों तथा टकसालों के कर्मचारियों की द्वि–दिवसीय हिन्दी कार्यशाला का शुभारम्भ २० मई २००५ को हुआ। मुख्य अतिथि श्री डी॰एम॰ शर्मा उप महाप्रबंधक ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यशाला के उद्देश्य पर चर्चा करते हुए इ... Read more
clicks 154 View   Vote 0 Like   11:30am 1 Dec 2005 #
Blogger: धीरेन्द्र सिंह
हिन्दी सप्ताह समारोह - 2005***दिनांक- 14-9-05उद्घाटनहिन्दी काव्य पाठ प्रतियोगिता***16-9-05त्वरित भाषण प्रतियोगिता***17-9-05एकल गायन प्रतियोगिता***19-9-05वाद-विवाद प्रतियोगिता... Read more
clicks 158 View   Vote 0 Like   4:50am 18 Sep 2005 #
Blogger: धीरेन्द्र सिंह
हिन्दी सप्ताह समारोह का उद्घाटन एवं राजभाषा संवाद जालघर का लोकार्पण( दैनिक समाचार पत्र राज एक्सप्रेस भोपाल दिनांक- 17-9-2005)मुखपृष्ठ पर पहुँचें... Read more
clicks 159 View   Vote 0 Like   4:43am 18 Sep 2005 #
Blogger: धीरेन्द्र सिंह
मुखपृष्ठ पर पहुँचें... Read more
clicks 159 View   Vote 0 Like   7:23pm 13 Sep 2005 #
Blogger: धीरेन्द्र सिंह
प्रतिभूति कागज कारखाना होशंगाबाद( राजपत्रित अधिकारियों की संयुक्त हिन्दी कार्यशाला- 2002)(हिन्दी सप्ताह - 2005)शुभारम्भ- समारोह दिनांक- 14-09-2005 समय 10 बजे प्रात:व्याख्यान-डॉ० जगदीश व्योमविषय-'सरकारी काम काज में राजभाषा हिन्दी का प्रयोग`***लघु चित्र कहानी प्रतियोगिता-दिनांक- 14-09-20... Read more
clicks 135 View   Vote 0 Like   2:15pm 13 Sep 2005 #
Blogger: धीरेन्द्र सिंह
श्री बी.के.पाठकमहाप्रबंधकप्रतिभूति कागज कारखानाहोशंगाबाद (म.प्र.)461005दूरभाष-255259***श्री एस.के.उपाध्यायप्राचार्यकेन्द्रीय विद्यालयप्रतिभूति कागज कारखानाहोशंगाबाद (म.प्र.) 461005दूरभाष- 255327***श्री जी.पी. सिंघलशाखा प्रबंधककेनरा बैंकमेन रोडहोशंगाबाद (म.प्र.)दूरभाष- 254442***श्री के.... Read more
clicks 175 View   Vote 0 Like   12:12pm 11 Sep 2005 #
Blogger: धीरेन्द्र सिंह
( हिन्दी भाषा के सम्बन्ध में विभिन्न विद्वानों के विचार हैं )***आज हिन्दी का संकट यह नहीं है कि वह अविकसित भाषा है, यह नहीं है कि उसमें ज्ञान-विज्ञान की शब्दावली नहीं है, यह नहीं है कि उसके बोलने वालों की संख्या कम होती जाती है और यह नहीं है कि विधान में उसे उचित स्थान नहीं म... Read more
clicks 166 View   Vote 0 Like   11:57am 11 Sep 2005 #
Blogger: धीरेन्द्र सिंह
० हिन्दी में हस्ताक्षर करने में हमें क्या कठिनाई है ?***० जब हिन्दी में पता लिखे हमारे व्यक्तिगत पत्र भारत में एक प्रान्त से दूसरे प्रान्त में पहुँच जाते हैं तो कार्यालय के पत्रों पर हिन्दी में पता लिखने में हमें क्या कठिनाई है ?***० जब हम कार्यालय में बातचीत हिन्दी में कर ... Read more
clicks 156 View   Vote 0 Like   11:42am 11 Sep 2005 #
Blogger: धीरेन्द्र सिंह
करते हैं तन-मन से वंदन,जन-गण-मन की अभिलाषा काअभिनन्दन अपनी संस्कृति का,आराधन अपनी भाषा का।यह अपनी शक्ति सर्जना केमाथे की है चन्दन रोलीमाँ के आँचल की छाया मेंहमने जो सीखी है बोलीयह अपनी बँधी हुई अँजुरी,ये अपने गंधित शब्द सुमनयह पूजन अपनी संस्कृति कायह अर्चन अपनी भाषा क... Read more
clicks 148 View   Vote 0 Like   11:37am 11 Sep 2005 #
Blogger: धीरेन्द्र सिंह
स्वरों व्यंजनों से परिनिष्ठत, है वर्णों की माला,शब्द-शब्द अत्यन्त परिष्कृत, देते अर्थ निरालाउच्चकोटि के भाव निहित हैं, नित प्रेरणा जगाएँ ।आओ आओ हिन्दी भाषा हम सहर्ष अपनाएँ ।।व्यक्त विचारों को करने का, यह सशक्त माध्यम है,देवनागरी लिपि अति सुन्दर सर्वश्रेष्ठ उत्तम है... Read more
clicks 149 View   Vote 0 Like   11:27am 11 Sep 2005 #
Blogger: धीरेन्द्र सिंह
राजभाषा विभागमुखपृष्ठ पर पहुँचें... Read more
clicks 156 View   Vote 0 Like   8:03pm 9 Sep 2005 #
Blogger: धीरेन्द्र सिंह
माँ भारती के भाल की शृंगार है हिन्दीहिन्दोस्तां के बाग की बहार है हिन्दी***घुट्टी के साथ घोल के माँ ने पिलाई थीस्वर फूट पड़ रहा, वही मल्हार है हिन्दी***तुलसी, कबीर, सूर औ रसखान के लिएब्रह्मा के कमण्डल से बही धार है हिन्दी***सिद्धान्तों की बात से न होएगा भलाअपनाएँगे न रोज के ... Read more
clicks 170 View   Vote 0 Like   7:46pm 9 Sep 2005 #
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