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Blog: चलते -चलते...!

Blogger: केवल राम :
पाठक हमारे ब्लॉग पर हमारे लेखन को पढने के लिए आता है, न कि साज सज्जा देखने के लिए. लेखन और प्रस्तुतीकरण अगर बेहतर होगा तो यकीनन हमारा ब्लॉग सबके लिए लाभदायक सिद्ध होगा, और यही तो हम चाहते हैं. गत अंक से आगे...!!! जहाँ तक ब्लॉग के डिजाईन और लेआउट का सवाल है, वह तकनीकी दृष्टि से म... Read more
clicks 68 View   Vote 0 Like   7:51pm 24 Jul 2017 #क्या लिखा जाए ब्लॉग पर
Blogger: केवल राम :
हम ब्लॉगिंग की दुनिया में है तो, अगर हम कुछ जरुरी बातों का ध्यान रखेंगे तो हम सार्थक और बेहतर रचनात्मकता के साथ अपनी एक अलग पहचान स्थापित करने में कामयाब होंगे. इसके लिए कुछ जरुरी बातों की इन बिन्दुओं के तहत चर्चा की जा सकती है. गत अंक से आगे...!!! जब भी कोई ब्लॉगिंग की दुनिय... Read more
clicks 58 View   Vote 0 Like   8:50pm 20 Jul 2017 #डिजाईन
Blogger: केवल राम :
ब्लॉगिंग की दुनिया बड़ी रोमांचक है. इसका दायरा कितना बड़ा है उसका अंदाजा लगना मुश्किल है. लेकिन इतना तो हम समझ ही सकते हैं कि जहाँ तक इन्टरनेट और स्मार्टफोन की पहुँच है, वहां तक ब्लॉगिंग आसानी से पहुँच चुकी है. सोशल नेटवर्किंग के इस दौर में अन्तर्जाल पर उपलब्ध हर प्लेटफॉर... Read more
clicks 171 View   Vote 0 Like   8:14pm 19 Jul 2017 #जरुरी बातें
Blogger: केवल राम :
गत अंक से आगे.....हिन्दी ब्लॉगिंग का प्रारम्भिक दौर बहुत ही रचनात्मक था. इस दौर में जो भी ब्लॉगर ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय थे, वह इस माध्यम के प्रति काफी रचनात्मक और गम्भीर थे. हालाँकि उस समय अंतर्जाल पर हिन्दी को लेकर कुछ तकनीकी बाधाएं जरुर थीं, लेकिन हिन्दी को अन्त... Read more
clicks 68 View   Vote 0 Like   1:42pm 16 Jul 2017 #टिप्पणी
Blogger: केवल राम :
गत अंक से आगे....सन 2011 तक आते-आते ऐसा लगने लगा था कि ब्लॉगिंग के माध्यम से हिन्दी ब्लॉगर आने वाले समय में साहित्य-समाज-संस्कृति-राजनीति-अर्थव्यवस्था जैसे विषयों के साथ-साथ उन तमाम विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे जो अभी तक चर्चा से अछूते रहे हैं. ब्लॉगिंग को अभिव्यक्ति की नय... Read more
clicks 83 View   Vote 0 Like   11:32am 15 Jul 2017 #आलेख
Blogger: केवल राम :
जरा उन दिनों को याद करते हैं जब हम हर दिन अपना ब्लॉग देखा करते थे. कोई पोस्ट लिखने के बाद उस पर आई हर टिप्पणी को बड़े ध्यान से पढ़ते थे. साथ ही यह भी प्रयास होता था कि जिसने पोस्ट पर टिप्पणी की है, बदले में उसके पोस्ट पर जाकर भी टिप्पणी कर आयें. हम कोई पोस्ट लिखें या न लिखें, लेक... Read more
clicks 128 View   Vote 1 Like   6:57pm 5 Jul 2017 #आलोक कुमार
Blogger: केवल राम :
जरा उन दिनों को याद करते हैं जब हम हर दिन अपना ब्लॉग देखा करते थे. कोई पोस्ट लिखने के बाद उस पर आई हर टिप्पणी को बड़े ध्यान से पढ़ते थे. साथ ही यह भी प्रयास होता था कि जिसने पोस्ट पर टिप्पणी की है, बदले में उसके पोस्ट पर जाकर भी टिप्पणी कर आयें. हम कोई पोस्ट लिखें या न लिखें, लेक... Read more
clicks 59 View   Vote 0 Like   6:57pm 5 Jul 2017 #आलोक कुमार
Blogger: केवल राम :
हिन्दी ब्लॉगिंग को लेकर मेरे मन में ही नहीं बल्कि हर ब्लॉगर और ब्लॉग पाठक के मन में एक अजीब सा आकर्षण है. जब भी कोई ब्लॉगिंग की दुनिया में पदार्पण करता है, या ब्लॉगिंग से किसी का परिचय होता है तो वह इस अनोखी दुनिया में  रम सा जाता है. ब्लॉगिंग का आकर्षण ही कुछ ऐसा है कि इस... Read more
clicks 68 View   Vote 0 Like   6:30am 1 Jul 2017 #ब्लॉगर
Blogger: केवल राम :
गत अंक से आगे...!!! 4. धर्म के वास्तविक महत्व को समझने की कोशिश करें: आदमी किसी भी समाज में पैदा हो, लेकिन दो चीजें उसके जन्म के साथ ही उससे जुड़ जाती हैं. एक है “जाति” और दूसरा है “धर्म”. संसार में अधिकतर यह नियम सा ही बन गया है कि जो जिस जाति में पैदा होगा उसी के अनुसार उसका धर्... Read more
clicks 87 View   Vote 0 Like   7:16pm 15 Mar 2017 #आलेख
Blogger: केवल राम :
गत अंक से आगे....मैं जहाँ तक समझ पाया हूँ कि दुनिया को बदलने का प्रयास करने से पहले हम खुद को बदलने का प्रयास करें. जब एक-एक करके हर कोई खुद को मानवीय भावनाओं के अनुरूप ढालने का प्रयास करेगा तो दुनिया का स्वरुप स्वतः ही बदल जायेगा. लेकिन आज तक जितने भी प्रयास हुए हैं उनका स्त... Read more
clicks 64 View   Vote 0 Like   5:56pm 18 Feb 2017 #आलेख
Blogger: केवल राम :
गत अंक से आगे...हम अपने आसपास की चीजों को जब समझने की कोशिश करते हैं तो हमें समझ आता है कि इस समाज में कितना कुछ है जिसका हमारी जिन्दगी से कोई सीधा सरोकार नहीं है, और कितना कुछ ऐसा है जिसे हमें अपनाने की जरुरत है. अमूमन तो ऐसा होता है कि हम अपने सामाजिक परिवेश में जो कुछ घटित ... Read more
clicks 74 View   Vote 0 Like   7:32pm 7 Feb 2017 #दुनिया
Blogger: केवल राम :
‘आदमी मुसाफिर है, आता है जाता है, आते जाते रस्ते में यादें छोड़ जाता है’. सन 1977 में आई फिल्म ‘अपनापन’ का यह गीत काफी लोकप्रिय गीत रहा है और मनुष्य जीवन के सन्दर्भ में काफी प्रासंगिक है. इस गीत का मुखड़ा मनुष्य जीवन के सफ़र के साथ भी जोड़ा जा सकता है. आदमी इस दुनिया में एक मुसाफिर... Read more
clicks 85 View   Vote 0 Like   7:02pm 3 Feb 2017 #नफरत
Blogger: केवल राम :
गत अंक से आगे....कम्प्यूटर-स्मार्टफोन-इन्टरनेट और विभिन्न सोशल नेटवर्किंग साइट्स ने आज के दौर में पूरे विश्व के लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. सोशल नेटवर्किंग साइट्स का जहाँ तक सवाल है तो इन साइट्स ने पूरी दुनिया के लोगों को अपनी भावनाओं की अ... Read more
clicks 67 View   Vote 0 Like   6:27pm 31 Jan 2017 #अभिव्यक्ति की आजादी
Blogger: केवल राम :
गत अंक से आगे....w.w.w. के विकास के साथ ही विभिन्न प्रकार के जाल स्थल भी अस्तित्व में आने लगे. एक तरफ जहाँ विभिन्न देशों की सरकारें और संगठन अपनी गतिविधियों को विभिन्न जाल स्थलों के माध्यम से आम जन तक पहुँचाने का प्रयास करने लगे, वहीँ दूसरी और कुछ ऐसे जाल स्थल भी अस्तित्व में भ... Read more
clicks 66 View   Vote 0 Like   7:46pm 27 Jan 2017 #आलेख
Blogger: केवल राम :
गत अंक से आगे...स्मार्टफोन और इन्टरनेट के संगम ने सूचना को विस्तार देने, उसे त्वरित गति से लोगों तक पहुँचाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है. आंकड़ों के हिसाब से अगर हम पूरी दुनिया में स्मार्टफोन का प्रयोग करने वालों की संख्या पर नजर दौडाएं तो हमें यह बात आसानी से सम... Read more
clicks 64 View   Vote 0 Like   6:48pm 14 Jan 2017 #आलेख
Blogger: केवल राम :
पिछले कुछ वर्षों से अंतर्जाल हमारी जिन्दगी का एक अहम् हिस्सा बन गया है. अंतर्जाल पर उपलब्ध कुछ माध्यम हमारी रोजमर्रा की गतिविधियों में शामिल हो गए हैं. मेल, ब्लॉग, फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्स एप्प, इन्स्टाग्राम जैसे ठिकानों ने हमारी दैनिक जीवन की गतिविधियों और ... Read more
clicks 61 View   Vote 0 Like   6:19pm 1 Jan 2017 #अभिव्यक्ति
Blogger: केवल राम :
पिछले कुछ वर्षों से अंतर्जाल हमारी जिन्दगी का एक अहम् हिस्सा बन गया है. अंतर्जाल पर उपलब्ध कुछ माध्यम हमारी रोजमर्रा की गतिविधियों में शामिल हो गए हैं. मेल, ब्लॉग, फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्स एप्प, इन्स्टाग्राम जैसे ठिकानों ने हमारी दैनिक जीवन की गतिविधियों और ... Read more
clicks 173 View   Vote 0 Like   6:19pm 1 Jan 2017 #अभिव्यक्ति
Blogger: केवल राम :
आज सोच रहा हूँ बीते हुए कल के विषय में उलझ रहा हूँ भविष्य की योजनाओं में खाका खींच रहा हूँ आने वाले दिन की गतिविधियों काद्वंद्व है मन में भूत और भविष्य का. सोच रहा हूँ इनसान की फितरत के बारे मेंकहानी याद कर रहा हूँ आज तक के उसके सफर की समझ रहा हूँ उसकी भविष्य की योजनायें चा... Read more
clicks 144 View   Vote 0 Like   7:37pm 28 Dec 2016 #किसान
Blogger: केवल राम :
गत अंक से आगे.....आम जनमानस बोली में ही अपने भावों को अभिव्यक्त करने की कोशिश करता है, उसके जीवन का हर पहलू बोली के माध्यम से बड़ी खूबसूरती के साथ अभिव्यक्त होता है. हम अगर भाषा का गहराई से अध्ययन करते हैं तो पाते हैं कि भाषा में प्रयुक्त कुछ शब्द भाव सम्प्रेषण में बाधक होते ... Read more
clicks 91 View   Vote 0 Like   10:35am 17 Nov 2016 #प्राकृतिक
Blogger: केवल राम :
गत अंक से आगे.....मनुष्य जीवन की प्रारम्भिक अवस्था में अपने परिवेश से शब्दों के उच्चारण सीखता है. अधिकतर यह देखा गया है कि बच्चा सबसे पहले ‘माँ’ शब्द का ही उच्चारण करता है. फिर धीरे-धीरे वह अपनी जरुरत और सुविधा के हिसाब से शब्दों को सीखता है और उनका प्रयोग करता है. अगर हम बच... Read more
clicks 110 View   Vote 0 Like   7:45am 11 Nov 2016 #Language
Blogger: केवल राम :
गत अंक से आगे...भावों की अभिव्यक्ति के लिए मनुष्य ही नहीं, बल्कि जीव जन्तु भी कुछ ध्वनि संकेतों का प्रयोग करते हैं. हालाँकि हम उनके ध्वनि संकेतों को समझ नहीं पाते, लेकिन सामान्य व्यवहार में देखा गया है कि वह ऐसा करते हैं. जीवन की हर स्थिति में वह भी अपने भावों की अभिव्यक्त... Read more
clicks 127 View   Vote 0 Like   7:15pm 5 Nov 2016 #आलेख
Blogger: केवल राम :
इस ब्रह्माण्ड को जब हम समझने का प्रयास करते हैं तो हम यह पाते हैं कि इसकी गति निश्चित है. जितनी भी जड़ और चेतन प्रकृति है वह अपनी समय और सीमा के अनुसार कार्य कर रही है. विज्ञान ने अब तक जितना भी इस ब्रह्माण्ड के विषय में जाना है उससे तो यही सिद्ध होता है कि इस ब्रह्माण्ड का आ... Read more
clicks 134 View   Vote 0 Like   7:01am 1 Nov 2016 #अभिव्यक्ति
Blogger: केवल राम :
दीपखुद को जलाताकिसी दूसरे को प्रकाश सेसरावोर करने के लिएरिश्ता दीप का उससे कोई नहींन ही कोई चाह है उससेन कोई बदले का भावफिर भीदीपउसे प्रकाश दे रहा हैसिर्फ अपने कर्तव्य की पूर्ति के लिए.दीपशिक्षा है संसार के लिएजो खुद को जलाकरमार्ग बना रहा है दूसरों के लिएअँधेरा चाहे... Read more
clicks 98 View   Vote 0 Like   7:04pm 29 Oct 2016 #दिवाली
Blogger: केवल राम :
वर्षों पहले पहाड़ दुर्गम था, दूर होना कोई प्रश्न नहीं था?था तो पहाड़ का दुर्गम होना. सोचता था..... कभी पहाड़ की चोटी तक पहुंचा तो छू लूँगा आसमान हालाँकि यह भी भान था कि पहाड़ होता है वीरान.फिर भी पहाड़ मुझे खींचता था अपनी ओरया कभी ऐसा भी हुआ मैं खुद ही खिंच गया पहाड़ की और....... मेरे और ... Read more
clicks 101 View   Vote 0 Like   6:44pm 27 Oct 2016 #कविता
Blogger: केवल राम :
गत अंक से आगे... मन वचन और कर्म के पहलुओं को समझाने की कोशिश कई तरीकों से की जाती. गाँव के बुजुर्ग गाँव के हर बच्चे के साथ अपने बच्चे जैसा व्यवहार करते, इसलिए बच्चों के पास कोई अवकाश नहीं होता था कि वह किसी के साथ उदंडता से पेश आये. अगर कभी ऐसी भूल हो भी जाती थी तो वहीं बच्चे क... Read more
clicks 165 View   Vote 0 Like   6:47pm 24 Oct 2016 #इन्टरनेट
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