Deprecated: mysql_connect(): The mysql extension is deprecated and will be removed in the future: use mysqli or PDO instead in /home/hamariva/public_html/config/conn.php on line 13
Shahid "Ajnabi" : View Blog Posts
Hamarivani.com

Shahid "Ajnabi"

    आप जो हर रोज़ लोकतंत्र - लोकतंत्र कहते हैं मुझे समझ नहीं आता. आप मुझे अजीब कह सकते हैं .आपके पास हक़ है, अधिकार है. बिल्कुल कहिये. किसी भी विचारधारा को मान सकते हैं आप लेकिन दूसरी धाराओं को पढ़ लेने में कोई बुराई नहीं है. इनसे दिमाग के दरवाजे खुलते हैं और आप को सोचने समझने ...
Shahid "Ajnabi"...
Shahid "ajnabi"
Tag :India
  August 13, 2017, 10:45 pm
   तुम्हें याद हो कि न याद हो, उस दिन हम दिल्ली से सफ़र करके थक के चूर हो गए थे l पूरे देश में अफरा – तफरी और हड़बड़ी मची हुई थी l पांच सौ और हजार के नोट न हो गए हों, कोई घर का कबाड़ हो जिसे हम जल्दी से कबाड़ी को दे देना चाहते हों l   याद है, लेकिन हम सुकून में थे. कोई जल्दबाजी नहीं, क...
Shahid "Ajnabi"...
Shahid "ajnabi"
Tag :
  April 3, 2017, 11:02 am
...
Shahid "Ajnabi"...
Shahid "ajnabi"
Tag :
  October 9, 2016, 12:47 am
बरसों पहले गिरा था एक आंसूजाने क्यूँ वो आँखों की नमीबरक़रार है !!!- शाहिद अजनबीचित्र - साभार - गूगल ...
Shahid "Ajnabi"...
Shahid "ajnabi"
Tag :
  February 26, 2016, 6:33 pm
बरसों पहले गिरा था एक आंसूं जाने क्यूँ वो आँखों की नमीबरक़रार है !!!- शाहिद अजनबी...
Shahid "Ajnabi"...
Shahid "ajnabi"
Tag :
  February 26, 2016, 6:33 pm
देखा जाए तो हर दिन मुहब्बत का है, जिस दिन में मुहब्बत नहीं वो दिन कैसा ? शायद हम और आप ऐसी दुनिया की कल्पना भी नहीं कर सकते , जहाँ मुहब्बत न हो, प्यार न हो, अहसास न हों, संवेदनाएं न हों. और अगर एक दिन मुक़र्रर कर भी दिया प्यार के लिए तो ठीक सही. अगर एक ख़ास दिन के बहाने , हम प्यार के अ...
Shahid "Ajnabi"...
Shahid "ajnabi"
Tag :इश्क़
  February 14, 2016, 3:55 pm

...
Shahid "Ajnabi"...
Shahid "ajnabi"
Tag :
  February 12, 2016, 1:04 am
गुलज़ार साब !! क्या लिखूं , आपके लिए लफ्ज़ भी कम पड़ जाएँ....आप मेरे दिल के करीब हैं... रगों में दौड़ते हैं आपके अल्फाज़. ज़िन्दगी जीने का सलीका देते हैं आप. आपकी लिखावट रूह को ऐसे तस्कीन पहुंचाती है...जैसे किसी ने बर्फ का टुकड़ा रख दिया हो. क्या बधाईयाँ , क्या शुभकामनाएं.. दिल की दुआएं ...
Shahid "Ajnabi"...
Shahid "ajnabi"
Tag :
  August 18, 2015, 7:03 pm
20.9.14हर ख्वाब गर उतर पाता हकीक़त की ज़मीं परजन्नत की आरजू में परेशां न फिरते लोग ....!!! - ज़ारा खान...
Shahid "Ajnabi"...
Shahid "ajnabi"
Tag :
  May 11, 2015, 12:26 pm
21.10.14चराग़ घर का हो ,महफ़िल का हो कि मंदिर काहवा के पास कोई मसलहत नहीं होती .....- वसीम साब...
Shahid "Ajnabi"...
Shahid "ajnabi"
Tag :
  May 11, 2015, 12:24 pm
9.10.14देशभक्ति गीत सिर्फ चुनाव के वक़्त बजते हैं --उसके बाद पता नहीं वो रिकॉर्ड कहाँ चले जाते हैं - Shahid Ajnabi...
Shahid "Ajnabi"...
Shahid "ajnabi"
Tag :
  May 11, 2015, 12:18 pm
8.9.14जितने अपने थे सब पराए थे हम हवा को गले लगाये थेजितनी क़समें थीं सब थीं शर्मिंदा जितने वादे थे सर झुकाए थे जितने आंसू थे सब थे बेगाने जितने मेहमां थे बिन बुलाए थेसब किताबें पढ़ी पढाई थीं सारे किस्से सुने सुनाये थे एक बंजर जमीं के सीने में मैंने कुछ आसमां उगाए थेसिर्फ...
Shahid "Ajnabi"...
Shahid "ajnabi"
Tag :
  May 11, 2015, 12:12 pm
31.8.14कहाँ तक आँख रोएगी कहाँ तक किसका ग़म होगामेरे जैसा यहाँ कोई न कोई रोज़ कम होगातुझे पाने की कोशिश में कुछ इतना रो चुका हूँ मैंकि तू मिल भी अगर जाये तो अब मिलने का ग़म होगासमन्दर की ग़लतफ़हमी से कोई पूछ तो लेता ,ज़मीं का हौसला क्या ऐसे तूफ़ानों से कम होगामोहब्बत नापने का ...
Shahid "Ajnabi"...
Shahid "ajnabi"
Tag :
  May 11, 2015, 12:11 pm
24.8.14अगस्त 2001 में रोपे गए "नई क़लम-उभरते हस्ताक्षर"पौधा आज अपने आपको एकवृक्ष के तौर पे आप सब साहित्य प्रेमियों के सामने है....इसका पहला डिजिटलसंस्करण हम आपको उपलब्ध करा रहे हैं....न कभी साहित्य मरता है न कभीसाहित्यकार अगर साहित्यकार मरता है तो उसकी रचनाएं पाठकों के मानस पटल प...
Shahid "Ajnabi"...
Shahid "ajnabi"
Tag :
  May 11, 2015, 12:07 pm
19.8.14मैं उसका हो नहीं सकता बता न देना उसेसुनेगा तो लकीरें हाथ की अपनी जला लेगा - वसीम साब...
Shahid "Ajnabi"...
Shahid "ajnabi"
Tag :
  May 11, 2015, 11:57 am
15.8.1414 साल पहले लिखा हुआ अपना कुछ याद आ रहा है- आजाद वतन के वासी हैं हमआजादी से अपना नाता हैबस एक वही मुल्क का रहबर होजो गीत वतन के गाता हो- Shahid Ajnabi...
Shahid "Ajnabi"...
Shahid "ajnabi"
Tag :
  May 11, 2015, 11:52 am
12.8.14आजके रास्ते में रीवा के बड़े सुन्दर से बर्तन नज़र आये....एक अम्मा थीं..आपसमें कुछ बातें कर रही थीं.. मुझे ठिठका हुआ देख के कहा का हो बाबू - मैंनेकहा अम्मा आपकी फोटो खींच लूँ - कहा- काहे बाबू - मैंने कहा - बड़ा अच्छा लगरहा है ये - जैसे ही मैंने कैमरे पे बटन दबाया , अम्मा ने पल्लू नीच...
Shahid "Ajnabi"...
Shahid "ajnabi"
Tag :
  May 11, 2015, 11:38 am
12.8.14आजबाहर निकलना हुआ , तो एक दादा को बड़े करीने से शिद्दत के साथ मिर्च केछोटे-छोटे ढेर बनाते हुए देखा.. लगा दादा की शिद्दत को क़ैद किया जाए. दादासे जब फोटो लेने के लिए कहा तो कहा- खींच लो बाबू--बड़ा अपनापन लगा....
Shahid "Ajnabi"...
Shahid "ajnabi"
Tag :
  May 11, 2015, 11:23 am
ये पेड़ ये पत्ते ये शाखें भी परेशान हो जाएं..अगर परिंदे भी हिन्दू और मुस्लमान हो जाएं !!सूखे मेवे भी ये देख कर हैरान हो गए.....न जाने कब नारियल हिन्दू और खजूर मुसलमान हो गए !!न मस्जिद को जानते हैं, न शिवालों को जानते हैं...जो भूखे पेट होते हैं, वो सिर्फ निवालों को जानते हैं !!मेरा ...
Shahid "Ajnabi"...
Shahid "ajnabi"
Tag :
  May 9, 2015, 12:53 pm
10.8.14या तो किसी को अपना कर लो , या किसी के हो लो.और हम से दोनों न हुए ............- Shahid Ajnabi ...
Shahid "Ajnabi"...
Shahid "ajnabi"
Tag :
  May 9, 2015, 11:24 am
13.03.2012इत्तेफाककी बात थी की फिर से हम बचपन के साथियों का एक साथ बैठना हुआ.... होली केरंगों ने ज़िन्दगी के पुरानेरंग याद दिला दिए.. वक़्त के पहिये को अगरपीछे पीछे घुमाया जाये.. तो इस जगहन जाने कितनी बार मूंगफली और समोसे खाएगए.... क्या खूब होती थी उन समोसों की महक और खाने के बादमूं...
Shahid "Ajnabi"...
Shahid "ajnabi"
Tag :
  May 9, 2015, 11:07 am
29.06.2014सर पे टोपी, हाथों में रुमाल आ गयामुबारक माहे रमज़ान का साल आ गयाजंज़ीरों में क़ैद हो गया इब्लीसऔर दिल में काबे का ख़याल आ गया- मुहम्मद शाहिद मंसूरी 'अजनबी'...
Shahid "Ajnabi"...
Shahid "ajnabi"
Tag :
  May 8, 2015, 12:46 pm
27.06.2014भगत सिंह जेल में थे. एक दिन भगत सिंह के परिजन उनसे मिलने लाहौर गए. भगतसिंह को बैरक से बाहर लाया गया. उनके साथ पुलिस अफसर सहित कई जवान थे. भगतसिंह हमेशा की तरह अपने घर वालों से मिले. उनके चेहरे पर परेशानी केलेशमात्र भी चिन्ह नहीं थे. उन्हें यकीन हो गया था कि ये उनकी परिजन...
Shahid "Ajnabi"...
Shahid "ajnabi"
Tag :
  May 8, 2015, 12:40 pm
27.06.2014खुशबू-ए- वतन , ऐ खुशबू -ए- वतनतेरे लिए हाजिर है जान -ओ -तन - शाहिद 'अजनबी'...
Shahid "Ajnabi"...
Shahid "ajnabi"
Tag :
  May 8, 2015, 12:38 pm
26.05.2014अरे दोस्तों ! मंगल पे जीवन मत ढूंढिए .जीवन में मंगल ढूढने की कोशिश करिए ... खुश रहेंगे .....
Shahid "Ajnabi"...
Shahid "ajnabi"
Tag :
  May 8, 2015, 12:36 pm
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3710) कुल पोस्ट (171497)