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Blog: कशमकश

Blogger: kaushal kishor
अन्जान राह पे चलते चलतेथक गये हैं अब कदमहो गयी है इन्तहांदुखने लगे हैं अब जखम करता रहा ज़ो जी हुजूरीऔर गिराहर बार हूँहिम्मत तो देखोइक बार फिर लड़ने को मै तैयार हूँ... Read more
clicks 180 View   Vote 0 Like   1:44pm 19 Jan 2012 #
Blogger: kaushal kishor
चुप हूँ पर मेरी चुप्पी को ख़ामोश न समझोमै तो इशारों से ही तुझे राख़ बना सकता हूँख़ुशनसीब है तू जो माँझी हमारा एक हैकश्ती तो मैं तूफाँ में भी चला सकता हूँ.शुक्र कर ख़ुदा का जो हम साथ हैं इस राह परतेरे ग़ुरूरको हर राह पे झुका सकता हूँइंसान है इंसानियत को कुछ तो इज्ज़त देते... Read more
clicks 166 View   Vote 0 Like   2:26pm 4 Jan 2012 #
Blogger: kaushal kishor
चुप हूँ पर मेरी चुप्पी को ख़ामोश न समझोमै तो इशारों से ही तुझे राख़ बना सकता हूँख़ुशनसीब है तू जो माँझी हमारा एक हैकश्ती तो मैं तूफाँ में भी चला सकता हूँ.शुक्र कर ख़ुदा का जो हम साथ हैं इस राह परतेरे ग़ुरूरको हर राह पे झुका सकता हूँइंसान है इंसानियत को कुछ तो इज्ज़त देते... Read more
clicks 189 View   Vote 0 Like   2:26pm 4 Jan 2012 #
Blogger: kaushal kishor
चुप हूँ पर मेरी चुप्पी को ख़ामोश न समझोमै तो इशारों से ही तुझे राख़ बना सकता हूँख़ुशनसीब है तू जो माँझी हमारा एक हैकश्ती तो मैं बहते पानी में भी थाम सकता हूँ.शुक्र कर ख़ुदा का जो हम साथ हैं इस राह परतेरे ग़रूरको हर राह पे झुका सकता हूँइंसान है इंसानियत को कुछ तो सम्मान दे... Read more
clicks 143 View   Vote 0 Like   5:06pm 3 Jan 2012 #
Blogger: kaushal kishor
जोतुमने दास्ताँ अपनी सुनाई आँख भर आईबहुत देखे थे दुःख मैंने मगर क्यों आँख भर आईग़मों से दुश्मनी लगती है बिलकुल दोस्ती जैसीखुदा भी जल गया हमसे कि जब ये दोस्ती देखीखराशें दिल में हैं तो फिर मुझे नश्तर से क्या डर हैडराना है अगर मुझको तो फिर कुछ और गम देदोसुकूँ मुझको नहीं म... Read more
clicks 220 View   Vote 0 Like   8:45pm 28 Dec 2011 #
Blogger: kaushal kishor
वो उल्फ़त-ए-बंदिश कब की तोड़ दीपर ख़्वाब-ए-दिल अब तक न मिटा सकावफ़ा-ए-मोहब्बत तो तोड़ दी उसनेअब हाल-ए-दिल अपना किससे कहूं... Read more
clicks 166 View   Vote 0 Like   2:39pm 19 Dec 2011 #
Blogger: kaushal kishor
इक दिल तो है पर गम-ए-दर्द कहा से लाऊंलिखने का शौक तो है पर शब्द कहा से लाऊँकोशिश जो की गम-ए-रुसवाई को लिखने कीपर चेहरों को पढने की नज़र कहा से लाऊं... Read more
clicks 204 View   Vote 0 Like   6:00pm 11 Dec 2011 #क्षणिकाएं
Blogger: kaushal kishor
आये दिन हम सभी न्यूज़पपेर्स में छेड़छाड़ के किस्से पढ़ते रहते हैं शायद हम सभी को बहुत शर्मिंदगी होती है और डरते रहते हैं की कहीं..................... मैंने जब कुछ लोगों से बात की तो सोंचा किकितनाडरतेहुएभीइनमेकितनाहौसलाहैऔरकुछ पंक्तियाँ लिखी जोकुछइसतरहहैं.........मतदेखऐसेमैंतमाशाब... Read more
clicks 224 View   Vote 0 Like   1:41pm 7 Dec 2011 #
Blogger: kaushal kishor
मिट गया वो इस कदर कि राख में भी ना मिला.था वो साया मौत का जो अश्क फिर से भर गया.ढूँढा उसे हर शाख पर हर कौम में हर चक्षु मेंपूँछा जो हर एक मोड़ से तो हर जगह बस ये मिलाकि मिटगया वो इस कदर कि राख में भी ना मिला.अर्ज़-ए-इबादत खूब की हर कब्र पे हर घाट पेक़ाज़ी मिले पंडे मिले मिलके सभी क... Read more
clicks 142 View   Vote 0 Like   8:24pm 1 Dec 2011 #
Blogger: kaushal kishor
इक कलम था इक थी दुआ और शब्द थे कुछ पुष्प से बांधा उन्हें फिर सोच कर तो बन गयी आराधना हे हंसवाहिनी अर्पण तुझे इस भक्त की ये साधनाकरलो इसे स्वीकारऔर देदो मुझे कुछ ज्ञान अबकि लिख सकूं इस देश परइस देश की सच्चाई परबस दे मुझे कुछ ताकतेंमेरी कलम और मेरी सोच मेंलिख दूं नयी इक ... Read more
clicks 121 View   Vote 0 Like   7:03pm 30 Nov 2011 #
Blogger: kaushal kishor
इश्क में हम भी जो थे और इश्क में वो भी जो थे प्यार कुछ हमको भी थाऔर प्यार कुछ उनको भी थाफरमाईशें तो कुछ मेरी भी थींफरमाईशें तो कुछ उनकी भी थींछुप छुप के फिर हम भी मिले छुप छुप के फिर वो भी मिलेमोहब्बत जो यूं फिर जवां हुईतन्हाईयाँ भी सब मिटने लगींकस्मे हुईं वादे हुए रुसवा... Read more
clicks 114 View   Vote 0 Like   2:31pm 30 Nov 2011 #
Blogger: kaushal kishor
वो कितनी प्यारी  प्यारी  थीकुछ खुशबू सौंधी  सौंधी थी कुछ हिना के जैसी सुन्दर थी कुछ गुलशन जैसी महकी थीकुछ समीर सी चंचल थीकुछ माखन सी तासीर भी थीवो कितनी प्यारी प्यारी थीएक दिल था भोला  भाला साजिसमे कितनी गहराई थीनैना थे बिलकुल हिरनी सेदुनिया की जिनमे परछाईं थीस... Read more
clicks 135 View   Vote 0 Like   5:43am 24 Nov 2011 #
Blogger: kaushal kishor
मत उठा मेरे प्यार पे ऊँगली ऐ शाहिद मत करा  दूर दो रूंहों को अलग ऐ शाहिद हम भी अल्लाह के बन्दे हैं कुछ तो डर ऐ शाहिद कहीं ऐसा न हो कि, तू भी कल प्यार में हो और बन जाऊं मैं शाहिद... Read more
clicks 153 View   Vote 0 Like   5:33am 24 Nov 2011 #
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