| कह दो दिल से कैसे मानूकि मन में तेरे गिले नहीं हैं.हम साथ साथ भले बैठे होंदिल अभी भी मिले नहीं हैं.अब भी दबे हैं स्वर भावों केछलक रहे हैं दर्द घावों के.होठों पर दिखते हंसी नदारदखुशियों के फ़ूल खिले नहीं हैं.दिल अभी भी मिले नहीं हैं.उद्घोष ही न हो विजय कीजीत का फ़िर अर्थ क्या ... |
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January 31, 2012, 3:28 pm |
| शुभकामनायेंशुभ वर्ष 2012----------- मंगल वर्ष 2012--------------- नूतन वर्ष 2012नई आशाएं, नयी योजनायें, नये प्रयास, नयी सफ़लता, नया जोश, नई मुस्कान, नया वर्ष बीस-बारह .समृद्धशाली, गौरवपुर्ण, उज्ज्वल, सुखदायक, उर्जावान, विस्मयकारी, स्मृतिपुर्ण नव वर्ष बीस -बारह।जीवन-मरण की सीमाओं मे बंधा हुआ नगण्... |
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December 30, 2011, 5:47 pm |
| नौकरी का आवेदन पत्र भेजने के सात साल बाद चन्द्राकर को साक्षात्कार के लिये बुलाया गया.अब उसे नौकरी की जरूरत नहीं थी क्योंकि वह बिजनेस करने लगा था , लेकिन अनुभव प्राप्त करने के लिये वह साक्षात्कार बोर्ड में उपस्थित हुआ.एक सदस्य ने पूछा..."इस पद के लिये आपमे कितनी काबिलियत ... |
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December 26, 2011, 4:40 pm |
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