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जज्बात

जब भी मुझे ठेस लगी, मय ने मुझे गले लगाया|आज इक दोस्त बोलता है इसे छोड मेरे साथ चलो, नए दोस्तो के लिए पुराने रिश्तो को तोड़ना कितना अच्छा है??????१५ जून २०१० नहीं नींद आई ना ही आया रोना ,अब मैं सोता हूँ या जागता हूँना चाहता हूँ पाना ना चाहता हूँ खोनापता नही मैं तुमसे क्या चाहता ...
जज्बात...
Tag :डायरी
  May 28, 2012, 7:20 am
१.     जो रास्ते मंजिल तक जाते ना हो उसे पर मैं चलना नही चाहता हूँ|        बहुत हि एहसान है तेरा मुझ पर इस लिए तेरा भला चाहता हूँ|(१९.जून' २००९)२.     रोज ऊँचा उठ जाता है तेरा कद और भी ऊँचा,        कभी कभी इस दुनिया का मालिक भी बौना नजर आता है|(२६ जून' २००९)३.    मालुम नही औरों को कैसी देखती ...
जज्बात...
Tag :एहसान
  December 13, 2011, 4:49 pm
अब कैसे ईमानदार रह जाए कोई ....जब इल्म बेचते हों माफिया.... (निजी शैक्षणिक संस्थान अब माफिया चलाते हैं)http://dilkejajbat.blogspot.com/feeds/posts/default?alt=rss...
जज्बात...
Tag :माफिया
  December 9, 2011, 7:47 pm
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