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समय से संवाद

प्रणव प्रियदर्शीमनुष्य की प्यास क्या है? वस्तुतः वह क्या चाहता है? क्या सचमुच में वह जो चाहता है, वही उसकी प्यास होती है? ये कुछ ऐसे प्रश्न हैं, जिनके जवाब ढूंढ़ने में पूरी उम्र खफ जाती है, फिर भी उत्तर नहीं मिल पाते। सदियाँ गुजर जाती हैं, सभ्यताएँ रीतती जाती हैं और मनुष्...
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  July 18, 2015, 5:16 pm
प्रणव कुमारआज का युवा न सिर्फ देश की उत्पादन प्रक्रिया का महत्पूर्ण स्तंभ है बल्कि उत्पादों का सबसे बड़ा कंज्यूमर भी है। देश के विकस में युवाओं का योगदान बढ़ रहा है। राजनीति मेंभी युवा सांसद और विधायकों की साझेदारी बढ़ी है। युवा वर्ग के लिए अलग से साहित्य लिखा जा रहा ...
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  February 20, 2015, 1:23 pm
प्रणव प्रयदर्शीस्वामी विवेकानंद ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा था कि सफल जीवन शब्द का सही आशय जानने का प्रयास करो। जब तुम जीवन के संबंध में सफल होने की बात करते हो तो इसका मतलब मात्र उन कार्यों में सफल होना नहीं है, जिसे पूरा करने का बीड़ा तुमने उठाया है। इसका अर्थ सभ...
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  February 20, 2015, 1:00 am
प्रणव प्रियदर्शीआज का परिवेश इतने तरह की विकृतियों के साथ घुल-मिल गया है कि बुराई और अच्छाई का फर्क भी धीरे-धीरे मिटता चला जा रहा है। बुद्धिजीवी कहते हैं कि जितने तरह की बुराइयां अनगिनत रूपों में व्याप्त हैं, उन सबके निराकरण के लिए संविधान सम्मत नियम-कानून बने हुए हैं...
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  February 18, 2015, 5:59 pm
नयी पीढ़ी का भाषाई भविष्यप्रणव प्रियदर्शीसमय की रफ्तार आज बहुत तेज हो गयी है. सभी जल्दी में हैं. आगे...और आगे...कदम बढ़ते जा रहे हैं लगातार. मंजिल चाहे जहां मिले, रास्ते पर ठहरना किसी को गवारा नहीं. इसकी गति के साथ कदमताल करने के लिए हर जगह शॉर्टकट अपनाया जा रहा है. कपड़े से लेक...
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  November 12, 2014, 11:36 pm
प्रणव प्रियदर्शीरांची. वेलेंटाइन वीक अर्थात प्रेम को समर्पित एक पूरा सप्ताह. एक-एक को अलग-अलग अंदाज में मनाने की चुहल. और फिर अंतिम छोड़ पर वेलेंटाइन डे, यानी एहसास के किसी कोने में बची-खुची सारी कसक को संवार लेने का एक अवसर. महानगरों की संस्कृति की ओर तेजी से बढ़नेवाले ...
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  February 16, 2014, 5:14 pm
प्रणव प्रियदर्शीरांची :टिक...टिक...टिक...टिक करती घड़ी की सूई. सभी की आंखें टंगी हुर्इं. जैसे-जैसे घड़ी की सूइयां आगे बढ़तीं, लोगों की धड़कनें तेज होती जातीं. नव वर्ष को नव उत्साह के साथ नये भावावेश में जीने की उम्मीदें हिलोरें मारतीं. जैसे धैर्य का एक युग, जैसे एक जंगल फड़फड...
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  January 3, 2014, 12:13 am
प्रणव प्रियदर्शी,रांची : झारखंड सरकार में कांग्रेस के मंत्री बयान बहादुर हैं. ये बात पूरी यकीन के साथ कहा जा सकता है. फिर भी किसकी मजाल कि इन्हें कोई किसी और काम की नसीहत दे. जब कांग्रेस अलाकमान की मर्जी को भी यहां शिकस्त दे दिया जाता है तो किसी और के क्या कहने! प्रदेश अध्य...
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  December 19, 2013, 12:14 am
प्रणव प्रियदर्शी विरल संस्कृति, सहजीवन पद्धति और सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश करनेवाला मिथिलांचल अब परेशान हो उठा है। आखिर हो भी क्यों नहीं; सहज जीवन का स्वर साधक मिथिला को आतंकियों की नजर डसती जा रही है। अमन-चैन की यह धरती आतंकी फसल को लहलहाते देख सतर्कता और सक...
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  October 19, 2013, 7:51 pm
प्रणव प्रियदर्शीअपन सांस्कृतिक छटा, सांप्रदायिक सौहार्द आ सहज जीवनक स्वर साधक मिथिला कें आब आतंकक गेहुमन डसि रहल अछि। अमन-चैनक ई धरती आतंकी फसल कें लहलहाइत देखि संशय मे परि गेल अछि। मिथिलाक बैशिष्टे एकर कमजोरी बनि रहल अछि। आइ मिथिलाक भूमि आतंकी कें 'सेफ जोन'मानल जा र...
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  October 18, 2013, 9:44 pm
विषाक्त पीढ़ीक कुकृत्य भोगक लेल विवश अछि नेनपनप्रणव प्रियदर्शी नेना सड़क पर नहि उतैर सकैत अछि। नेना स्वाद नहि पहिचान सकैत अछि। नेना सभ सं लडि़ नहि सकैत अछि। नेना प्रपंच नहि बुझि सकैत अछि। कि इएह कारण थिक 19 जुलाई कें सारण जिलाक दुर्घटना कें। जाहि मे 23 गोट नेना सभक मृत...
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  October 18, 2013, 9:31 pm
प्रणव प्रियदर्शीघुप्प अंधेरा, स्तब्ध रात, डग भर की दूरी भी नहीं सूझती थी। कहीं दूर से आती कीर्तन की मद्धिम आवाज कोनों में उतरती थी। मन को यह भरोसा होता था कि कोई है...है कोई ... आसपास उत्साह की आंच सुलगाने के लिए। गांवों की वह सांस्कृतिक परिदृश्य ही उसकी पहचान थी। लेकिन अब ...
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  October 9, 2013, 7:30 pm
राहुल के बयान ने पलटा सारा खेल, लालू को मिला कारागृह, अब क्या होगा सियासी समीकरणप्रणव प्रियदर्शीसीबीआइ की विशेष अदालत ने सोमवार को राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और जगन्नाथ मिश्र समेत सभी 45 आरोपियों को दोषी करार दिया। यह चारा घोटाला से जुड़े सबसे बड़ा मामला था। अपने ...
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  October 2, 2013, 1:18 am
                                                                                    प्रणव प्रियदर्शीकुछ दिनों पहले चीन के फैशन डिजाइनर ने कहा है कि मेरे लिए अच्छा दिखना ही सबसे बड़ा आराम है। कुछ देर के लिए मुझे यह अटपटा-सा बयान लगा। लेकिन ...
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  September 19, 2013, 1:01 am
प्रणव प्रियदर्शीझारखंड के लिए विशेष दर्जे की मांग एक सामूहिक आवाज बनकर उभरी है। यह खुशी की बात है। किसी एक मुद्दे पर तो सभी राजनीतिक दल साथ दिख रहे हैं। किसी एक मुद्दे पर तो सभी ने साझा संस्कृति के संवाहक बन कर उपस्थिति दर्ज की है। खुशी परवान पर इसलिए है कि इस मामले में ...
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  September 13, 2013, 8:50 pm
(शिकागो भाषण की वर्षगांठ पर विशेष) नई दिल्ली, 10 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय गौरव को जिन महापुरुषों ने देश की सीमा के बाहर ले जाकर स्थापित किया उनमें स्वामी विवेकानंद अग्रणी माने जाते हैं। पश्चिम बंगाल में 12 जनवरी, 1863 को जन्मे नरेंद्रनाथ दत्त (स्वामी विवेकानंद) ने अमेरिका ...
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  September 11, 2013, 7:53 pm
साभार : प्रेट्र ...
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  September 6, 2013, 9:05 pm
(दैनिक जागरण के राष्ट्रीय संस्करण में प्रकाशित मेरा बलॉग लेख)...
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  September 3, 2013, 8:16 pm
प्रणव प्रियदर्शी1.छोटे-छोटे कस्बों, गाँवोंशहर से लेकर दिल्ली तकहर आयु वर्ग की महिलाएँहाथों में नारों की तख्ती लियेहवा में आक्रोश घोलतींकर रही हैं कदम तालस्वगत करो इनकाये महिलाएँ नहीं शलाका हैंदुष्कर्म के खिलाफ कड़े कानूनऔर दुष्कर्मियों को फाँसी देने के पक्ष मेंघ...
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  August 28, 2013, 8:19 pm
कार्य करने में अंतर जरूर है, लेकिन मकसद एक ही है, लोगों को जागरूक करनावन देवी की आड़ में लोगों की बलि के पीछे के यथार्थ का पर्दाफाश प्रणव प्रियदर्शीरांची। अंधविश्वास के खिलाफ लड़नेवाले नरेंद्र दाभोलकर की पुणे में हत्या के बाद पूरा देश आंदोलित है। लेकिन यह बहुत कम को ...
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  August 25, 2013, 1:16 am
प्रणव प्रियदर्शीस्वतंत्रता दिवस का नाम जेहन में गूंजते ही एक अलग ही रोमांच और खुशी से मन इठला उठता है। ऐसा किस कारण से होता है? कभी सोचा है हमने? स्वतंत्रता शब्द के स्वाद से या फिर दिवस के अनुराग से? स्वतंत्र फिजां में सांस लेने से या फिर किसी त्योहार के आगाज से? रविवार क...
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  August 14, 2013, 9:28 pm
प्रणव प्रियदर्शीसरकार कौन बनाती है, जनता। सरकार किसके लिए बनती है जनता के लिए। सरकार किसके द्वारा संचालित होती है, जनता के द्वारा। जब नेताओं को विरोधी दल पर हमला करना होता है तो वे जनता का ही सहारा लेते हैं। जब उन्हें बोलने के लिए कुछ भी नहीं सूझता तो जनता के कंधे पर ही ह...
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  July 30, 2013, 12:49 am
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