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Blog: कुमाउँनी चेली

Blogger: शेफाली पांडे
ये क्या लगा रखी है असहिष्णुता, असहिष्णुता ? पुरस्कार पर पुरस्कार लौटाए जा रहे हैं । मैं पूछता हूँ आखिर क्यों ?  मैं तो एक ही बात कहता हूँ कि अगर ये वाकई साहित्यकार हैं तो लिख कर क्यों नहीं प्रकट करते अपना क्रोध ? बताइये तो ज़रा । क्या कहा ? आजकल साहित्य पढ़ता ही कौन है ? अजी आज... Read more
clicks 143 View   Vote 0 Like   4:54pm 1 Dec 2015 #
Blogger: शेफाली पांडे
उठो  'शाह'  अब आँखें खोलो मात मिली है अब मुंह धो लो ।  कैसी बात 'कमल' सब भूले उसके ऊपर 'लालटेन' झूले । नैया डूब गयी लहरों पर किया भरोसा अति 'मांझी' पर। मिस्टर कुमार पर लाली छाई तीसरी बार जो कुर्सी पाई । घोर अनर्थ 'कुशासन ' फिर आया जन - मानस को बिहारी भाया । असली ... Read more
clicks 110 View   Vote 0 Like   2:41am 10 Nov 2015 #
Blogger: शेफाली पांडे
फिर आ गया ये बिन्दी  दिवस ------हाय ! फिर आ पहुंचा यह मुआ चौदह सितम्बर । शहर के चंद माननीयों का प्यारा बिन्दी दिवस । अभी तो पिछले वर्ष के बिन्दी दिवस के घाव सूखे भी नहीं थे, कि इस वर्ष यह फिर आ पहुंचा । लगता है एक न एक दिन यह मेरे प्राण लेकर ही जाएगा । अजीब है इस दिन का आना भी । मे... Read more
clicks 144 View   Vote 0 Like   10:00am 14 Sep 2015 #
Blogger: शेफाली पांडे
----उफ़्फ़ ! दर्दनाक । डरावना । मर्मान्तक । पीड़ादायी । भयानक ! बाप रे बाप !-----क्यों ? क्या हो गया ? इतने सारे विशेषण एक साथ किसके लिए ? ----औरत है, चुड़ैल है या कोई डायन है ?-----अरे बताओ तो, हुआ क्या है आखिर ?-----कल वीडिओ नहीं देखा न्यूज़ में ? ------कौन सा वीडियो ? ------वही जिसमे बहू सास को पीट रही थी ... Read more
clicks 136 View   Vote 0 Like   3:47am 30 Aug 2015 #
Blogger: शेफाली पांडे
''हे  हे  हे  हे पढ़ा तुमने'' ? ''क्या ''?''आज का अखबार'' ''हाँ क्यों ? कोई ख़ास खबर ?''''एक टीचर को गाय पर निबंध लिखना नहीं आया ''''हाँ पढ़ा मैंने । काफी बड़ा - बड़ा छाप रखा था'' । एक टीचर को ही जब इतना साधारण निबंध नहीं आएगा तो बच्चे क्या पढ़ेंगे ? पड़ोस के दुका... Read more
clicks 127 View   Vote 0 Like   2:49pm 24 May 2015 #
Blogger: शेफाली पांडे
दुःख भरे दिन बीते रे भैया  नाचो, गाओ, ता ता थैया । दुनिया भर का टूर लगायो भाषण देकर जी बहलायो हर लाइन पर ताली बजवायो यदा - कदा जब देश में आयो वायदों की जब याद दिलायो 'जुमला' कह दिया दैया रे दैया ।   दुःख भरे दिन बीते रे भैया  नाचो, गाओ, ता ता थैया । जगमग - जगमग फोटो खिंचायो ... Read more
clicks 150 View   Vote 0 Like   1:03pm 17 May 2015 #
Blogger: शेफाली पांडे
मित्रों,जैसा कि मैं आपको हाल में सूचित कर चुकी हूँ, 'मज़े का अर्थशास्त्र'नामक मेरे व्यंग्य-लेखों का पहला संग्रह, जिसकी पृष्ठ-संख्या 200है, हाल ही में प्रकाशित हुआ है। हार्ड-बाउंड (पुस्तकालय संस्करण) का मूल्य Rs. 250/- एवं पेपरबैक संस्करण का मूल्य Rs. 150/- (डाक-खर्च सहित) है। आप में से ... Read more
clicks 130 View   Vote 0 Like   4:50pm 8 Mar 2015 #
Blogger: शेफाली पांडे
ट्विटर पर खेली जी भर के होली मला फेसबुक पर अबीर गुलाल चिप्स और गुजिया वट्सअप पर खाई लाइक,कमेंट, स्माइली दे दी सबको बधाई रंग - बिरंगी सेल्फियां प्रोफ़ाइल पर चिपकाई मिलावट का रोना नहीं ना कमरतोड़ महंगाई दुनिया आभासी खुशियां आभासी आभासी हैं रंग संगी नहीं, साथी नहीं हो... Read more
clicks 127 View   Vote 0 Like   4:24pm 4 Mar 2015 #
Blogger: शेफाली पांडे
झाड़ू खरीदे गए । झाड़ू बेचे गए । झाड़ू लगाए गए । झाड़ू लगवाए गए । कूड़ा किया गया । कूड़ा साफ़ किया गया । कैमरे के सामने झाड़ू लगाया गया । झाड़ू लगाते समय कैमरे बुलवाए गए । धर्म का विवाद रहा । विवादों में धर्म रहा । कहीं लाउडस्पीकर को लेकर विवाद हुआ । कहीं विवाद पैदा करने लिए लाउडस... Read more
clicks 161 View   Vote 0 Like   12:42pm 24 Dec 2014 #
Blogger: शेफाली पांडे
कृपया रिक्त स्थान भरने में सहयोग दीजिये -------बरस की बारहखड़ी बरस का ककहरा ----अच्छे दिन, अमेज़न, अमित शाह, अडानी, अम्बानी आई. एस.,आई फोन -6, आदित्यनाथ, आईसबकेट, आत्मकथा इबोला, इंस्टाग्राम, इंच - इंच ज़मीन ईशांत शर्मा उपवास, उद्धव, उबर टैक्सी ऊ ---ए---- एक्ज़िट पोल, एटनबरो ऐ ---ई कॉमर्स ओ. ए... Read more
clicks 184 View   Vote 0 Like   2:55am 21 Dec 2014 #
Blogger: शेफाली पांडे
मेरा गुनाह माफी के काबिल तो नहीं है लेकिन फिर भी मुझे माफ करना देशभक्तों ------------मैं किसी भी तरह से देशभक्त साबित नहीं हो पा रही हूँ । मैं बहुत शर्मिंदा हूँ अपनी बुजदिली पर । अपने इस कदर कायर होने पर मुझे कभी - कभी ऐसा महसूस होता है कि मैं इस दुनिया में रहने के लायक नहीं हूँ । ... Read more
clicks 134 View   Vote 0 Like   4:26pm 19 Dec 2014 #
Blogger: शेफाली पांडे
कार - नामा  --------प्रिय साथियों, आज मैं आपको कार या गाड़ी खरीदने और उसे चलाना सीखने के विषय में विस्तार से बताने जा रही हूँ । गाड़ी खरीदना और उसे चलाना दो बिलकुल ही भिन्न बातें हैं । मेरी इस बात से  पुरुष वर्ग, जो पहले दिन गाड़ी खरीदता है और तीसरे दिन से ही सड़क पर फर्राटा भरने लगत... Read more
clicks 155 View   Vote 0 Like   8:27am 5 Oct 2014 #
Blogger: शेफाली पांडे
रेप से परे कितना कुछ घट रहा है इस दुनिया में। हम हैं कि सिर्फ रेप की ख़बरों पर नज़र जमाए रहते हैं। सही कहना है मंत्री महोदय का, '' रेप के अलावा और कोई खबर नहीं है क्या''। चलिए देखते हैं कुछ और ख़बर, डालते हैं सुर्ख़ियों पर एक नज़र।     खबर, सब की सब बेहतरीन हैं । एकदम ताज़ा तरीन ... Read more
clicks 135 View   Vote 0 Like   5:29am 29 Jul 2014 #
Blogger: शेफाली पांडे
इन दिनों अजीबो - गरीब घटनाएं हो रही हैं। समझ में नहीं आ रहा है कि ये क्या घाल - मेल चल रहा है ? होना कुछ चाहिए और हो कुछ और रहा है। देश में चोरी की एक अजीबो - गरीब घटना हुई। इससे पुलिस और चोर दोनों के चरित्र  संदेह के घेरे में आ गए। चोरी की रिपोर्ट लिखवाने वाले के चरित्र का विश... Read more
clicks 126 View   Vote 0 Like   10:59am 20 Jul 2014 #
Blogger: शेफाली पांडे
भारत को निःसंकोच चुनावों का देश कहा जा सकता है। एक चुनाव ख़त्म होता नहीं है कि दूसरा आ जाता है। अभी महीने-दो-महीने पहले ही लोकसभा के चुनाव संपन्न हुए थे, अब पंचायतों के चुनाव आ खड़े हुए हैं। प्रत्याशी एक साल चुनाव लड़ने में और बाकी के चार साल उसकी तैयारी करने में व्यस्त ... Read more
clicks 176 View   Vote 0 Like   3:40pm 7 Jul 2014 #
Blogger: शेफाली पांडे
मान जाओ मानसून .... मान जाओ सुन लो मानसून अब आ भी जाओ । मत तरसाओ जल्दी से आओ सब तर कर जाओ । बरस बाद आए हो पाहुन बिन बरसे मत जाओ । यूँ  ही मत गुजरो  तुम ज़ोर - ज़ोर से गरजो । मत लो हमसे बदला प्यारे - प्यारे तुम हो बदरा । सूख गई  सारी धरती इस धरती को अब सुख सारे दे जाओ । प्यासी अ... Read more
clicks 152 View   Vote 0 Like   3:53am 30 Jun 2014 #
Blogger: शेफाली पांडे
चुनावी क्षणिकाएँ वे बताएँगेअपनी हार का कारणकड़कती धूप,कम मतदान,वोटर का रुझानऔरउदासीनों कावे क्या करतेश्रीमान ?सच भी ये क्यूंकि आज भी महात्मा गांधी है मजबूरी का दूजा नाम । वे दिखाएंगे पूरी ईमानदारी स्वीकार करेंगे हार की ज़िम्मेदारी जनता के फैसले का करेंगे स्वा... Read more
clicks 162 View   Vote 0 Like   9:08am 19 May 2014 #
Blogger: शेफाली पांडे
उन्हें -हार मिले इन्हें -हार मिली । उन्हें -जनादेश हुआ इन्हें - जाने का आदेश हुआ । उन्होंने -भारी मत पाए इन्होने -भारी मन पाए । उनका -बढ़ गया जनाधार इनका -जन ने किया बंटाधार । उनके -चौखट ढोल बाजे इनके -चौखटे बारह बाजे । उनके  -गठबंधन का पव्वा हाई इनका -ठगबंधन हवा - हवाई । ... Read more
clicks 163 View   Vote 0 Like   5:28am 18 May 2014 #
Blogger: शेफाली पांडे
यूँ लग रहा है जैसे शरीर से प्राण अलग हो गए हों जैसे किसी की मेहनत से बसी - बसाई दुनिया अचानक से उजड़ गयी हो जैसे आसमान मे एकाएक घटाटोप अँधेरा छा गया हो, जैसे बसंत के खत्म होने से पहले ही पतझड़ आ गया हो । हर तरफ सूनापन दिखाई दे रहा है । और हो भी क्यों न ?  देशवासियों को लोकतंत्... Read more
clicks 157 View   Vote 0 Like   4:39pm 15 May 2014 #
Blogger: शेफाली पांडे
 आज मतदान ख़त्म हो गया, इसी के साथ मास्साब की पीठासीन की कुर्सी भी छिन गयी, एक दिन जो मिली थी वो मजिस्ट्रेटी पॉवर क्या चली गयी, मानो उनके शरीर का सारा रक्त निचोड़ ले गयी, चेहरा सफ़ेद पड़ गया, इतने दिनों से तनी हुई गर्दन और कमर फिर से झुक गयी.कई रातों तक जाग जाग कर पीठासीन की ड... Read more
clicks 153 View   Vote 0 Like   10:03am 5 May 2014 #
Blogger: शेफाली पांडे
 पैरोडी -------राजनीति के रैम्प पे    चलना संभल-संभल के  ये स्टेज है तुम्हारा  एक्टर तुम्हीं हो कल के ।  वोटर के ताने सहना और कुछ ना मुंह से कहना   सिर को झुका-झुका केगाली को सुनते रहना ।  रख दोगे एक दिन तुमश्रीराम को कमल पे ।  साइकिल कोई चलाएया राह में हाथी आएदेखो कमल तुम्... Read more
clicks 158 View   Vote 0 Like   6:35am 13 Apr 2014 #
Blogger: शेफाली पांडे
 कूड़ा - करकट के चहुँ ओर फैले होने से वर्त्तमान की भागमभाग वाली व्यस्त ज़िंदगी में भी आप बिना अलग से समय निकाले प्राणायाम कर सकते हैं ।  कूड़े के ढेर के आने से पहले एक लम्बी सांस खींच लो फिर कूड़े के ढेर के पीछे छूट जाने के बाद उस सांस को छोडो । इस प्राणायाम को आप सुबह - सुबह ... Read more
clicks 146 View   Vote 0 Like   2:32pm 7 Apr 2014 #
Blogger: शेफाली पांडे
कितने घाघ हैं ये बाघ!नैनीताल या ऐसे ही किसी प्रसिद्द जनपद में रहने वालों की ये विशेषता होती है कि उन्हें जनपद से बाहर वाले लोग बहुत भाग्यशाली मानते हैं जबकि होता इसका ठीक उलटा है. सिर्फ़ एक मुख्य शहर ही ऊँचाई में होने के कारण ठंडा होता है बाकी सभी घाटी में बसे होने के कार... Read more
clicks 140 View   Vote 0 Like   2:44pm 25 Feb 2014 #
Blogger: शेफाली पांडे
यह तो होना ही था केजरीवाल जी ! सरकार ऐसे ही थोड़े चलती है । आपकी नीतियां शुरू से ही गलत रही थीं, जिसका खामियाज़ा आपको यूँ भुगतना पड़ा ।  आपको अभी बहुत कुछ सीखने की ज़रूरत है । आपके पास उपयुक्त शब्दावली का अभाव है । आप दिल से बात करते हैं हम दिमाग से सुनते हैं । आपको नेताओं के लि... Read more
clicks 144 View   Vote 0 Like   5:54pm 18 Feb 2014 #
Blogger: शेफाली पांडे
चाकू की नोक, तीखी तेज़ धार मिर्च की छौंक, आँखों पर फुहार कुर्सी, माइक अदरक, चूड़ी संसद का त्योहार धक्का - मुक्की गाली, घूंसे, लात बेहोशी और हृदयाघात   मार - काट, हंगामा, कुश्ती का अखाड़ा कबड्डी का बाड़ा । कर लें आधा -आधा संसद की मर्यादा, यह सुविधा यह अधिकार ना नोक तंत्र में... Read more
clicks 208 View   Vote 0 Like   5:24pm 13 Feb 2014 #
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