Hamarivani.com

Thoughts

गम तुम्हारा हम तुम्हारे. तुम्हारी ही हर बात क्यों.हमारे  ही  मुकद्दर  में   हिज्र  की  ये  रात  क्यों.एक जमाना वो भी था, चाँद मिलता था थाल में.चल पड़ी कैसी हवाएं,अमावास सी हर रात क्यों.भूल जाना ही मुनासिब है, शायद तुझे ऐ जिंदगी.फैसला तो कर लूँ कुछ, पर बिखरे हैं ख़यालात क्यों....
Thoughts...
Tag :
  December 24, 2011, 12:15 pm

दिल हुआ है ख्वाहिशों की एक किताब ,बढ़  रहे है  बरक़  जिसके  बेहिसाब .कर सकूँ  महसूस  तुझको  जिंदगी,हाथों में हो हाथ   मेरा इतना ख्वाब.बात दिल की आज कह दूँ साकी तुझसे,अब पिला आँखों से बस अपनी शराब.तेरे  सदके  में   मिटा  मेरा  वजूद,मै  हुआ  जर्रा  हुई  ...
Thoughts...
Tag :
  September 22, 2011, 3:13 pm
दिल हुआ है ख्वाहिशों की एक किताब ,बढ़  रहे है  बरक़  जिसके  बेहिसाब .कर सकूँ  महसूस  तुझको  जिंदगी,हाथों में हो हाथ   मेरा इतना ख्वाब.बात दिल की आज कह दूँ साकी तुझसे,अब पिला आँखों से बस अपनी शराब.तेरे  सदके  में   मिटा  मेरा  वजूद,मै  हुआ  जर्रा  हुई  ...
Thoughts...
Tag :
  May 25, 2011, 12:21 pm
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3652) कुल पोस्ट (163575)