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Blog: My Unveil Emotions

Blogger: Ashutosh Mishra
2122     /1122    /1122        /22मौसम-ए-इश्क हसीं प्यास जगा जाता हैप्रेमी जोड़ों का सुकूँ चैन चुरा जाता हैदिल की धड़कन को बढ़ा सीने में तूफ़ान छुपामौसम-ए-इश्क दबे पाँब चला जाता  हैसर्द हो  रात  हो बरसात का मादक मंजरमौसम-ए-इश्क  सदा सब को&... Read more
clicks 38 View   Vote 0 Like   5:48pm 27 Mar 2020 #
Blogger: Ashutosh Mishra
221 2121 1221 212  जब तक भरे थे जाम तो महफ़िल सजी रहीफूलों में रस था भँवरों की चाहत बनी रहीवो सूखा फूल फेंकते तो कैसे फेंकतेउसमे किसी की याद की खुशबू बसी रहीउस कोयले की खान में कपड़ें न बच सकेबस था सुकून इतना ही इज्जत बची रहीकुर्सी पे बैठ अम्न की करता था बात जोउसकी हथेली खून से यार... Read more
clicks 30 View   Vote 0 Like   2:23pm 27 Mar 2020 #
Blogger: Ashutosh Mishra
अपने अपने घरों की जेल में कैद (नजरबन्द) सभी क्रांतिकारियों का नमन। पंख कटे पंछी हुए ,सीमित हुयी उड़ानसर पे अम्बर था जहाँ, छत है गगन समानसारी दुनिया सिमट कर कमरे में है कैदघर के बाहर है पुलिस, खड़ी हुई मुश्तैदजिनकी  शादी  ना हुयी , उनकी मानो खैरऔर हुयी जिनकी न लें, घर वाल... Read more
clicks 25 View   Vote 0 Like   2:15pm 26 Mar 2020 #
Blogger: Ashutosh Mishra
सौदागर” प्रोफेसर सैन और प्रोफेसर देशपांडे सरकारी मुलाजिम हैं, तनख्वाह भी एकै जैसी मिलत है लेकिन ई दुइनो जब से निरीक्षक भइ गए हैं तब से प्रोफेसर सैन तो बड़ी बड़ी लग्जरी गाड़ियों में दौरा करत है और बड़े आलीशान होटलों में बसेरा करत हैं लेकिन ..लेकिन बेचारे देशपांडे कभी धर्मश... Read more
clicks 55 View   Vote 0 Like   9:21am 19 Sep 2018 #
Blogger: Ashutosh Mishra
२१२ २१२  २१२  २१२हम तो बस आपकी राह चलते रहेये ख़बर ही न थी आप छलते रहेबादलों से निकल चाँद ने ये कहाभीड़ में तारों की हम तो जलते रहेहिम पिघलती हिमालय पे ज्यों धूप  मेंयूँ हसीं प्यार पाकर पिघलते रहेचांदनी भाती , आशिक हूँ मैं चाँद का सच कहूं तो दिए मुझको  खलते रहेजुल्फ ... Read more
clicks 62 View   Vote 0 Like   6:10am 7 May 2018 #
Blogger: Ashutosh Mishra
22 22 22 22 22 22ज़िंदा है आदमी यहाँ उम्मीदों के सहारेमझधार फंसी कश्ती भी लग जाती है किनारेइस जिंदगी में मुझसे न देखे गए कभी हैंयारों की आँखों बहते हुए अश्कों के धारेपागल कोई कहे कोई कहता है दीवानाजिसको लगूँ मैं जैसा मुझे बैसे पुकारेनजरें टिकी भले हों जमानें की चाँद परगाफिल हू... Read more
clicks 89 View   Vote 0 Like   11:42am 15 Sep 2017 #
Blogger: Ashutosh Mishra
2222          2222        2222  22  चलते चलते इन राहों में जब मिल जाती  हो तुमजाने क्या हो जाता है जो यूं सकुचाती  हो तुमतेरी आँखों में लगता है काला कोइ जादू जिसपे नजरें पड़ जाती उसको भरमाती हो तुम इक पल को आती  हो छत पर फिर गुम हो जाती हो क्या बच्चो के जैसा... Read more
clicks 105 View   Vote 0 Like   9:56am 28 Jul 2017 #
Blogger: Ashutosh Mishra
2222          2222        2222  22  चलते चलते इन राहों में जब मिल जाती  हो तुमजाने क्या हो जाता है जो यूं सकुचाती  हो तुमतेरी आँखों में लगता है काला कोइ जादू जिसपे नजरें पड़ जाती उसको भरमाती हो तुम इक पल को आती  हो छत पर फिर गुम हो जाती हो क्या बच्चो के जैसा... Read more
clicks 85 View   Vote 0 Like   9:56am 28 Jul 2017 #
Blogger: Ashutosh Mishra
जौ की रोटी महुए की चटनी पड़ोस में रहने वाले मेरे एक मित्र मिस्टर शर्माएक दिन बड़े सबेरे ही घर पर आयेऔर चाय की चुस्कियो के साथ साथचुनावों पर चर्चा करते हुएस्वास्थ्य के मुद्दे पर प्रश्न उठायेबोले मिश्रा जी सेहतमंद होने केकुछ बेहतर तरीके बताईयेज्यादा दौड़ भाग के बिना का... Read more
clicks 91 View   Vote 0 Like   8:00am 5 May 2017 #
Blogger: Ashutosh Mishra
जौ की रोटी महुए की चटनी पड़ोस में रहने वाले मेरे एक मित्र मिस्टर शर्माएक दिन बड़े सबेरे ही घर पर आयेऔर चाय की चुस्कियो के साथ साथचुनावों पर चर्चा करते हुएस्वास्थ्य के मुद्दे पर प्रश्न उठायेबोले मिश्रा जी सेहतमंद होने केकुछ बेहतर तरीके बताईयेज्यादा दौड़ भाग के बिना का... Read more
clicks 117 View   Vote 0 Like   8:00am 5 May 2017 #
Blogger: Ashutosh Mishra
जिन्दगी कितनी ही जाने इक कहानी हो गयीं ताज बदले तो कई बातें पुरानी हो गयीं इक नए सूरज के उगते ही छितिज़ पर यूं लगा चारसू जैसे फिजाये ही सुहानी हो गयीं अब कलम कागज की उनको है जरूरत ही कहाँ जिन को लिखना था वो सब बातें जुवानी हो गयीं कृष्ण के भीतर कही कुछ बात निश्चित खास थी यूं... Read more
clicks 54 View   Vote 0 Like   4:16am 25 Mar 2017 #jindagee gopiyan
Blogger: Ashutosh Mishra
जिन्दगी कितनी ही जाने इक कहानी हो गयीं ताज बदले तो कई बातें पुरानी हो गयीं इक नए सूरज के उगते ही छितिज़ पर यूं लगा चारसू जैसे फिजाये ही सुहानी हो गयीं अब कलम कागज की उनको है जरूरत ही कहाँ जिन को लिखना था वो सब बातें जुवानी हो गयीं कृष्ण के भीतर कही कुछ बात निश्चित खास थी यूं... Read more
clicks 107 View   Vote 0 Like   4:16am 25 Mar 2017 #jindagee gopiyan
Blogger: Ashutosh Mishra
अपनी जाईगोद में खिलाईलाडली सी बिटियाजो कभी फूलतो कभी चाँद नजर आती है/जिसके लिए पिता का पितृत्वऔर माँ की ममतापलकें बिछाते हैं;किन्तु उसी लाडली केयौवन की दहलीज पर कदम रखते ही,उसके सुखी जीवन की कामना में जबउसके हमसफ़र की तलाश की जाती है/तब उसके चाल चलनउसकी बोली , उसकी शिक्... Read more
clicks 72 View   Vote 0 Like   4:03am 23 Mar 2017 #
Blogger: Ashutosh Mishra
अपनी जाईगोद में खिलाईलाडली सी बिटियाजो कभी फूलतो कभी चाँद नजर आती है/जिसके लिए पिता का पितृत्वऔर माँ की ममतापलकें बिछाते हैं;किन्तु उसी लाडली केयौवन की दहलीज पर कदम रखते ही,उसके सुखी जीवन की कामना में जबउसके हमसफ़र की तलाश की जाती है/तब उसके चाल चलनउसकी बोली , उसकी शिक्... Read more
clicks 100 View   Vote 0 Like   4:03am 23 Mar 2017 #
Blogger: Ashutosh Mishra
रोजानाफेस बुक पर,कभी कनिष्ठों, कभी वरिष्ठोंकभी मित्रों तो कभी सहपाठियों कीकोट पेंट पहने टाई लगाएकभी हाथों में प्रशस्ति पत्रकभी गले में लड़ी ढेर सारी मालाओं वालीकोई तस्वीर जब दिल को भातीतो बरबस तस्वीर पर होने वाली प्रतिक्रिया पर भी नजर जातीकिसी को नयी तकनीक लाने परक... Read more
clicks 69 View   Vote 0 Like   11:52am 18 Mar 2016 #दूध
Blogger: Ashutosh Mishra
रोजानाफेस बुक पर,कभी कनिष्ठों, कभी वरिष्ठोंकभी मित्रों तो कभी सहपाठियों कीकोट पेंट पहने टाई लगाएकभी हाथों में प्रशस्ति पत्रकभी गले में लड़ी ढेर सारी मालाओं वालीकोई तस्वीर जब दिल को भातीतो बरबस तस्वीर पर होने वाली प्रतिक्रिया पर भी नजर जातीकिसी को नयी तकनीक लाने परक... Read more
clicks 148 View   Vote 0 Like   11:52am 18 Mar 2016 #दूध
Blogger: Ashutosh Mishra
दो घड़ी जब ठहरना नहीं आपको तय ही है प्यार करना नहीं आपको चाँद अम्बर पे भी चाँद छत पे भी है कुछ भी हो है बहकना नहीं आपको रात दिन हुस्न क्यूँ यूं संवरता फिरे आँखों से कुछ समझना नहीं आपको बात गुल बुलबुलों तोता मैना कि क्या है कभी जब चहकना नहीं आपको सूखती जूड़े मे... Read more
clicks 205 View   Vote 0 Like   5:20am 30 Dec 2015 #घड़ी
Blogger: Ashutosh Mishra
यूं कतरा कतरा शराब पीकरहूँ  जिन्दा अब तक जनाब पीकरसवाल मुश्किल थे जिन्दगी केमगर दिए सब जवाब पीकरये मय लगी  कडवी सच के जैसी न कह सका मैं  ख़राब पीकरपहाड़ सीने पे दर्दो गम केनहीं रहा कोई दबाव  पीकरजिन्हें मयस्सर न रोटियाँ थीं वो बन गए थे  नवाब पीकरथा खौफ आँखों मे... Read more
clicks 224 View   Vote 0 Like   1:24am 14 May 2015 #
Blogger: Ashutosh Mishra
तुमको पत्थर में नहीं मूरत दिखाई दे रही हैनदियों की कल कल न बांधों में सुनायी दे रही हैकोई भी इल्जाम मैंने तो लगाया था नहीं फिरवो हंसी गुल जाने क्यूँ इतनी सफाई दे रही हैचीख बस बच्चों कि ही तुमको सुनायी देती है क्यूँये न देखा लाडले को माँ दवाई दे रही हैएक रोटी के लिए तरसा द... Read more
clicks 203 View   Vote 0 Like   11:45am 4 May 2015 #
Blogger: Ashutosh Mishra
शबाब फूलों का शबनम में मिला देते हैं शराब यूं ही हसी रोज बना देते हैंदुआएं करते हैं हम जब भी अमन की खातिरकबूतरों को भी हाथों से उड़ा देते हैं कभी जो आया हमें याद सुहाना बचपनहँसी घरोंदा ही बालू पे बना देते हैं हुए न जब भी चरागा हैं मयस्सर हमको चरागे दिल को यूं ही रोज ... Read more
clicks 185 View   Vote 0 Like   5:38am 21 Nov 2014 #चमन
Blogger: Ashutosh Mishra
पीना न तुम शराब ये आदत ख़राब है कहती है हर किताब ये आदत ख़राब है बदनाम तुमने कर दिया देखो शराब को पीते हो बेहिसाब ये आदत ख़राब है कोई सवाल पूछे बला से जनाब कीदेते नहीं जवाब ये आदत ख़राब हैइक घूँट जिसने पी कभी कैसे कहे बुरा हरगिज न हो जवाब ये आदत ख़राब हैतकदीर से ये हुस्... Read more
clicks 77 View   Vote 0 Like   8:44am 15 Jan 2014 #ग़ज़ल
Blogger: Ashutosh Mishra
पीना न तुम शराब ये आदत ख़राब है कहती है हर किताब ये आदत ख़राब है मुफलिस को भी नवाब जो पल भर में बना दे उसको जहर ख़िताब ये आदत ख़राब है बदनाम कर दिया है खुद तुमने शराब को पीते हो बेहिसाब ये आदत ख़राब है इक घूँट जिसने पी कभी कैसे कहे बुरा हरगिज न हो जवाब ये आदत ख़राब है ... Read more
clicks 175 View   Vote 0 Like   8:44am 15 Jan 2014 #ग़ज़ल
Blogger: Ashutosh Mishra
चर्चा में है ईमान अब भी जाग जाईये मुश्किल में है सम्मान अब भी जाग जाईये जिसको न अभी है पता भूगोल देश का नेता है वो नादान अभी जाग जाईये बल्ला न छुआ जिसने हो जीवन में ही कभी बनना उसे कप्तान अब भी जाग जाईये खामोश हवा कर रही थी इंतज़ार ही वो बन गयी तूफान अब भी जाग जा... Read more
clicks 67 View   Vote 0 Like   5:36am 4 Jan 2014 #
Blogger: Ashutosh Mishra
चर्चा में है ईमान अब भी जाग जाईये मुश्किल में है सम्मान अब भी जाग जाईये जिसको न अभी है पता भूगोल देश का नेता है वो नादान अभी जाग जाईये बल्ला न छुआ जिसने हो जीवन में ही कभी बनना उसे कप्तान अब भी जाग जाईये खामोश हवा कर रही थी इंतज़ार ही वो बन गयी तूफान अब भी जाग जा... Read more
clicks 169 View   Vote 0 Like   5:36am 4 Jan 2014 #
Blogger: Ashutosh Mishra
रोज तुमसे मिलने की आदत अगर हो जायेगीमौत के दीदार होते रूह भी रो जायेगीआख़िरी पल में क़ज़ा होगी खड़ी जब सामनेजिंदगी इक दर्द के अहसास में खो जायेगीइ पल क़ज़ा जो सामने होगी मेरे जिन्दगी इक हसीन  ख्वाब में खो जायेगी अब ग़ज़ल मेरी खड़ी है बन के साकी बज्म मेंमशविरा रिंदों का पाकर... Read more
clicks 67 View   Vote 0 Like   4:32pm 10 Dec 2013 #साकी
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