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Blog: रूप-अरूप

Blogger: रश्मि
 नदीबहा ले जाती हैसारा अवसाद एक स्‍पर्श से उत्‍फुल्‍लहो जाता है तन, नदी के पास भी होता है हमारी तरह भीगा मन....। ... Read more
clicks 45 View   Vote 0 Like   4:43pm 18 Sep 2021 #
Blogger: रश्मि
                         कि‍सी को प्रेम करने से पहले       सीखो,पहाड़ की अडि‍गता, नदी सा बहना तभी हवाऍं गुनगुनाऍंगी प्रेम-लहरी ... Read more
clicks 74 View   Vote 0 Like   8:00am 26 Aug 2021 #
Blogger: रश्मि
 चले भी आओसूरज डूबने को है कि‍ इंतजार के अँधेरे में कहीं गुम हो के न हम रह जाएँ ... ... Read more
clicks 13 View   Vote 0 Like   5:38pm 6 Aug 2021 #
Blogger: रश्मि
‘खरी चवन्नी चांदी की, जय बोल महात्मा गांधी की…’ शायद किसी को याद हो अब भी यह नारा। इस नारे से चवन्नी का महत्व समझा जा सकता है, जिसके अस्तित्व को समाप्त हुए आज 30 जून को पूरे 10 वर्ष गुजर गए। कहने वाले कहेंगे कि कितना कुछ तो बदल गया है…अब न वो दुनिया रही न इंसान वही, तो इन सिक्क... Read more
clicks 25 View   Vote 0 Like   2:08pm 30 Jun 2021 #
Blogger: रश्मि
जब से यह फोटो क्‍लि‍क हुआ है, जाने क्‍यों लगता है इसके पीछे कोई कहानी छि‍पी है, जि‍से महसूस तो कर पा रही हूं..मगर शब्‍द नहीं दे पा रही। क्‍या मैं कि‍सी बीती कहानी का हि‍स्‍सा हूं या कोई कहानी आगे लि‍खी जाएगी जि‍सका मुख्‍य पात्र बेंच और उस पर बैठी अकेली ''मैं ''हाेऊंगी। वैस... Read more
clicks 215 View   Vote 0 Like   5:39am 9 Mar 2021 #
Blogger: रश्मि
                           देखने में यह एक साधारण सा दृश्य है।एक बैलगाड़ी, खुला मैदान जिसकी दाहिनी तरफ़ आधा बना कमरा है और ठीक उसके पास मंदिर जैसी कोई जगह। मगर मुझे दिख रहा.... बैलगाड़ी पर सामान लदवाते पापा और पीछे दोनों पाँव झुलाते बैलों के गले की टुनटुन के... Read more
clicks 383 View   Vote 0 Like   10:22am 22 Feb 2021 #
Blogger: रश्मि
- जीवन से सारे संबंध धीरे-धीरे वि‍लग क्‍यों होते जाते हैं ? - अलग होने पर ही नए पत्‍ते आते हैं। शायद एक दि‍न मैं भी... - तुम पत्‍ता नहीं हो मेरे लि‍ए !- तो क्‍या हूं ?- थोड़ी जड़, थेड़ी मि‍ट्टी, थोड़ा धूप, थोड़ा पानी - कवि‍ता है .. - न, बस आग्रह...छोड़ के मत जाना। सहन नहीं होगा। .............. Read more
clicks 155 View   Vote 0 Like   8:43am 21 Feb 2021 #
Blogger: रश्मि
खूंटी-तोरपा तो न जाने कि‍तनी बार गई मगर वहींं पास में एक खूबसूरत जलप्रपात है, पेरवा घाघ जि‍से देखने की इच्‍छा बहुत पहले से थी, जो इस साल पूरी हुई।     पेरवा यानी कबूतर और घाघ का अर्थ है गि‍रता हुआ जल। झारखंड में कई घाघ हैं मगर पेरवा घाघ  के हरे जल को देखकर आप मोहि‍त हु... Read more
clicks 160 View   Vote 0 Like   2:42pm 13 Jan 2021 #
Blogger: रश्मि
कुछ वर्ष पहले एनएच 33 पर रांची से रामगढ़ जाने वाली सड़क से गुजरी तो देखा, ओरमांझी बिरसा जैविक उद्यान के पास दीवारों पर बड़ी खूबसूरत पेंटि‍ंग उकेरी गई है। इतनी खूबसूरत कि‍ नि‍गाहें फिर-फिर देखने को वि‍वश हो जाएं। सोहराई पर्व तो जानती थी मगर पेंटि‍ंग की तरह इसे दीवारो... Read more
clicks 210 View   Vote 0 Like   10:54am 11 Jan 2021 #
Blogger: रश्मि
रास्ते से गुज़रते हुए अचानक नज़र पड़ी कि कुछ लोग हैं और दो युवती पेड़ के तने को पकड़ लिपटी हुई है।दूर से देख कर समझ नहीं आया तो पास गयी...वहाँ पूजा चल रही थी। कुसुम के पेड़ से लिपटी हुई युवतियाँ सरना माता के आदेश से निश्चल खड़ी थीं।पता चला कहीं पूजा कर रहे हैं पुजारी।वो नह... Read more
clicks 175 View   Vote 0 Like   7:37am 7 Jan 2021 #
Blogger: रश्मि
यात्राओं में रूचि‍ है...घूमने के साथ-साथ प्रकृति‍ और वातावरण को जीना है, समझना है और खुद को परि‍पूर्ण करना है तो सचि‍न देव शर्मा की कि‍ताब ''ल्‍हासा नहीं... लवासा''हाथ में उठाइये, और पढ़ जाइये। यकीन मानि‍ए, ऐसा तादाम्‍य बि‍ठा लेंगे आप, कि‍ लगेगा लेखक नहीं...आप ही उन स्‍थानों म... Read more
clicks 145 View   Vote 0 Like   7:15am 20 Sep 2020 #
Blogger: रश्मि
 खिड़की के पार से आती है बारिश की आवाज़एक ख़्वाहिश करवट लेती है, दम तोड़ देती है ..... Read more
clicks 196 View   Vote 0 Like   3:24pm 9 Sep 2020 #
Blogger: रश्मि
घाट उठाने सभी रिश्तेदार और करीबीजमा थे तालाब किनारेपिंडदान फिर मुंडन कार्य में सब व्यस्त से हो गए वहीं थोड़ी दूरएक पत्थर पर बैठी माँधीमे-धीमे सुबक रही थीतालाब के पीछे पहाड़और आसमान में घिरा बादलहमेशा की तरह सुंदर थामगर हमारी आँखेंकान की जगह ले चुकी थीजिसने न... Read more
clicks 152 View   Vote 0 Like   2:15pm 18 Aug 2020 #
Blogger: रश्मि
घाट उठाने सभी रिश्तेदार और करीबीजमा थे तालाब किनारेपिंडदान फिर मुंडन कार्य में सब व्यस्त से हो गए वहीं थोड़ी दूरएक पत्थर पर बैठी माँधीमे-धीमे सुबक रही थीतालाब के पीछे पहाड़और आसमान में घिरा बादलहमेशा की तरह सुंदर थामगर हमारी आँखेंकान की जगह ले चुकी थीजिसने न... Read more
clicks 104 View   Vote 0 Like   2:15pm 18 Aug 2020 #
Blogger: रश्मि
सखुआ के पत्तल में  निकाला गया भोजनसब उन्हीं की पसंद का था बैंगन-बड़ी की सब्ज़ी कोहड़ा, भिंडी, पालक समेतकई तरह के व्यंजन परोसे गए सज गया पत्तल तो माँ ने कहाआम का अचार तो दिया ही नहींकितना पसंद है उन्हें !कट गया कलेजाजब कहा पीछे से किसी ने तस्वीर के आगे अर्पित कर... Read more
clicks 86 View   Vote 0 Like   2:35pm 15 Aug 2020 #
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सखुआ के पत्तल में  निकाला गया भोजनसब उन्हीं की पसंद का था बैंगन-बड़ी की सब्ज़ी कोहड़ा, भिंडी, पालक समेतकई तरह के व्यंजन परोसे गए सज गया पत्तल तो माँ ने कहाआम का अचार तो दिया ही नहींकितना पसंद है उन्हें !कट गया कलेजाजब कहा पीछे से किसी ने तस्वीर के आगे अर्पित कर... Read more
clicks 93 View   Vote 0 Like   2:35pm 15 Aug 2020 #
Blogger: रश्मि
आँगन में सबके लिएकुर्सी लगाते समयएक कुर्सी बग़ल में खींचकर कहायहाँ पापा बैठेंगे...सब हतप्रभ होकर देखने लगे मुँहओह...!अब पापा कहाँ बैठेंगेहमारे बीच...अब नहीं कहेंगे कभीएक कप कड़क चाय बना दोसोने जाने से पहलेमेरी मच्छरदानी लगा दो ..ख़ाली बिस्तरदेखकर लगता हैशाम को लौटकररो... Read more
clicks 132 View   Vote 0 Like   1:38pm 8 Aug 2020 #
Blogger: रश्मि
कल ही तो पूछा थापानी पिलाते हुएकैसा लग रहा आज ?हमेशा की तरहमुस्कुराकरफुसफुसाती सीआवाज़ में बोलेअच्छा ....!आँखें मूँदे देखबदहवासी में थामा हाथजो ठीककल की तरह ही गर्म थाझिंझोड़ दियाइतना क्यों सोते हैं आपउठिए, कि सब रोते हैं ...!हवा से हिलते थे कपड़ेबार-बार हाथ लगाती सीने प... Read more
clicks 143 View   Vote 0 Like   2:36pm 7 Aug 2020 #
Blogger: रश्मि
बारि‍श में हमारा झारखंड इतना खूबसूरत दि‍खता है, कि‍ जि‍तनी भी तारीफ की जाए, कम ही है। इन दि‍नों देश-दुनि‍या का यह हाल है कि‍ तीन महीने से अधि‍क वक्‍त हो गया। जो जहां है, वहीं थम सा गया है। इस कोरोना संक्रमण के दौर में घूमने जाने की बात कहने मात्र से इस कदर भयभीत नि‍गाहों से... Read more
clicks 200 View   Vote 0 Like   11:24am 18 Jul 2020 #
Blogger: रश्मि
इन दिनों बार-बार महसूस होता है कि केवल फ़ोटो खींचने और अपनी फ़ोटो खिंचवाने के सिवाय और क्या कर रही हूँ?कुछ भी तो नहीं...मन में विचार ऐसे ही बादलों की तरह चले आते हैं और देखते ही देखते तिरोहित हो जाते हैं। ना बादलों के हिसाब से सावन बरस रहा है न मन में कुछ ठहर रहा है।कविता तो ... Read more
clicks 195 View   Vote 0 Like   2:41pm 8 Jul 2020 #
Blogger: रश्मि
कृष्ण कमल फूल देखा है आपने?राखी फूल या कौरव-पांडव फूल तो देखा ही होगा। इस बेल पर ढेर सारे फूल झुमकों की तरह यहां-वहां लटके रहते हैं। इसीलिए इसका एक नाम झुमका लता भी है। राखी फूल इसलिए क्योंकि पहले जमाने में ऐसी ही बड़ी-बड़ी राखियाँ मिलती थीं।इस फूल के लिए कहा जाता है कि इ... Read more
clicks 148 View   Vote 0 Like   1:03pm 4 Jul 2020 #
Blogger: रश्मि
जब से गुवाहाटी हाईकोर्ट का तलाक के मामले में यह फैसला आया है कि‍ अगर पत्‍नी शाखा चूड़ि‍यां पहनने और सि‍ंदूर लगाने से इनकार करे तो इसका मतलब है कि‍ उसे शादी स्‍वीकार नहीं, फि‍र एक बार पति‍-पत्‍नी के संबंध और वैवाहि‍क चि‍ह्रों को लेकर चर्चा जोर पकड़ने लगी है। क्‍या... Read more
clicks 240 View   Vote 0 Like   4:44pm 2 Jul 2020 #
Blogger: रश्मि
जब से गुवाहाटी हाईकोर्ट का तलाक के मामले में यह फैसला आया है कि‍ अगर पत्‍नी शाखा चूड़ि‍यां पहनने और सि‍ंदूर लगाने से इनकार करे तो इसका मतलब है कि‍ उसे शादी स्‍वीकार नहीं, फि‍र एक बार पति‍-पत्‍नी के संबंध और वैवाहि‍क चि‍ह्रों को लेकर चर्चा जोर पकड़ने लगी है। क्‍या... Read more
clicks 125 View   Vote 0 Like   4:44pm 2 Jul 2020 #
Blogger: रश्मि
स्मृतियों में बसी होती है कोई सुगंध, कोई रंगगुज़र कर भी कहाँ गुजरता है सब कुछ जीवन से........ Read more
clicks 150 View   Vote 0 Like   2:38pm 2 May 2020 #
Blogger: रश्मि
एक चाँद, एक सितारा और बस खिड़की भर रौशनी कैसी अद्भुत रात आयी है...... Read more
clicks 154 View   Vote 0 Like   3:29pm 1 May 2020 #
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