Hamarivani.com

रूप-अरूप

"डूबती सांझ का सूरज सदा देद‍िल में है क्‍या आज बता देनद‍ियों के संगम में भीगी है यादेंसामने आकर तू भी मुस्‍करा दे "...
रूप-अरूप...
Tag :
  August 8, 2017, 1:47 pm
हम 'बड़ा'बोलते थे उन्‍हें। हम, यानी मैं और मेरी पक्‍की वाली सहेली मनु, साथ ही बड़ा के घर वाले और मुहल्‍ले के सारे लोग। 'बड़ा'का अर्थ है बड़ी मां। वो एक उम्रदार कर्कशा ब्राह्णण औरत थीं, ऊपर से वि‍धवा। कोई संतान भी नहीं। जमाने के प्रति‍ जि‍तनी कटुता उनके अंदर थी वो सब चेहरे स...
रूप-अरूप...
Tag :
  August 4, 2017, 11:52 am
आओजरा बति‍या लें कुछआप फेरोमाला मनके कीमैं मन के फेरे लगा लूंइन खूबसूरत वादि‍यों सेथोड़ी खूबसूरतीयादों में अपन बसा लूंकलकल नदि‍यों का स्‍वरअपने भीतर भर लाऊंओ दुनि‍यां के छत के वासि‍योंमैं भी जरा तुम सीसुंदर हो जाऊंहि‍मनदि‍या सी छलछलबहती जाऊं...बहती जाऊं...
रूप-अरूप...
Tag :
  August 1, 2017, 1:44 pm
हल्की-हल्की सी बारिश और तनहा यहाँ हम ऐसे में तुझको याद न करेंतो और क्या करें हम पत्तों पर ठहरी शबनम और बूँदों के नीचे ठहरें हम इस बयार में तेरा नाम न पुकारेंतो और क्या करें हम आसमान जब देता है धरती को बारिश की थपकी ऐसे में सावन को ना निहारें तो और क्या करे...
रूप-अरूप...
Tag :
  July 23, 2017, 8:22 pm
तलाक..तलाक..तलाक। ये तीन शब्‍द कहने मात्र से पति‍-पत्‍नी का रि‍श्‍ता खत्‍म हो जाता है, चाहे उस रि‍श्‍ते की उम्र दो महीने पुरानी हो या बीस वर्ष। इस संबध में हि‍ंदू और मुस्‍लि‍म धर्म के अनुसार स्‍थि‍ति‍ अलग है। हि‍ंदू धर्म में जहां इसे सात जन्‍मों का बंधन माना गया है वहीं ...
रूप-अरूप...
Tag :
  July 20, 2017, 9:57 am
उस पर भरोसा नहीं करतीराई-रत्ती जितनी भी नहींमगर उसकी परेशानियों सेउतनी ही दुखी होती हूँजितना कि वो......एक दिन भी उसकोयाद नहीं करना चाहतीमगर एक पल ऐसा नहीं बीतताजो उसकी याद के साये में न गुज़रेजानती हूँ सच-झूठ के ताने-बाने सेबुना है उसने अपना जीवनअपनी सहूलियत के हिसाब स...
रूप-अरूप...
Tag :
  July 4, 2017, 11:21 am
"ये ज़हर मेरे लहू में उतर गया कैसे".....रात भर गूंजती रही कमरे में मेहदी हसन की दर्द भरी आवाज.....ऐसा ही होता है जब प्रेम और प्रेम से उपजा दर्द तराज़ू के दो पलड़ों में बराबर तुलता है। वक़्त ठहरा होता है। साल की सबसे छोटी रात सबसे लंबी कब हो जाती है .....यह दर्द के लहरों पर सवार उस प्रेमी...
रूप-अरूप...
Tag :
  June 24, 2017, 10:17 pm
लोरि‍यों में कभी नहीं होते पि‍ता पि‍ता होते हैं अाधी रात को नींद में डूबे बच्‍चों के सर पर मीठी थपकि‍यों मेंकौर-कौर भोजन में नहीं होता पि‍‍‍‍ता के हाथों का स्‍वादपि‍ता जुटे होते हैंथाली के व्‍यंजनों की जुगाड़ मेंपि‍ता कि‍स्‍से नहीं सुनाते मगर ताड़ लेते हैंकि‍स ओर च...
रूप-अरूप...
Tag :
  June 18, 2017, 8:44 pm
अब शाम का रंग बदलने लगा थ्‍ाा। सूरज के आसपास नारंगी रंग फैला था। एक के बाद एक पहाड़ दूर तक नजर आ रहे थे। लोगों का ध्‍यान सब तरफ से हटकर सूरज की ओर था। आसमान साफ था, सो हम आराम से देख पा रहे थे कि‍ कैसे सूरज के आसपास लालि‍मा बढ़ती जा रही है और गहरे होते आसमान में सूरज कि‍तना ख...
रूप-अरूप...
Tag :
  June 6, 2017, 12:44 pm
बचपन से सुना है नेतरहाट के बारे में। एक तो वहां का सूर्योदय और सूर्यास्‍त, दूसरा नेतरहाट वि‍द्यालय, जो अपने शि‍क्षा के कारण बेहद प्रसि‍द्ध है। बि‍हार बोर्ड की परीक्षाओं में माना जाता था कि‍ प्रथम दस तक का स्‍थान नेतरहाट आवासीय वि‍द्यालय के बच्‍चे ही प्राप्‍त करते थे...
रूप-अरूप...
Tag :
  June 4, 2017, 8:30 pm
मेरा मन कभ्‍ाी-कभ्‍ाी बन जाता है हाईकोर्टआसपास की समस्‍यादि‍ल के अलग-अलग खानों मेंरखा हुआ दर्दचीत्‍कार उठता है तोस्‍वत: संज्ञान लेता है मनआदेश देता है दि‍माग कोकि‍दि‍ल के उस कोने में अति‍क्रमण हैत्‍वरि‍त कार्रवाई करस्‍थि‍ति‍ नि‍यंत्रण में लाई जाएयदि‍होता रहे ऐस...
रूप-अरूप...
Tag :
  May 31, 2017, 3:43 pm
वो इस क़दर मुझमें उतर गया दि‍ल बना एक कमरा और वो रौशनी सा भर गया तस्‍वीर...भीमताल की ...
रूप-अरूप...
Tag :
  May 31, 2017, 3:02 pm
मि‍लन की तीसरी कि‍स्‍त.... अब हम दोनों खूब जोर से हंस पड़े। अपनी कल्‍पना की उड़ान पर तुम मुग्‍ध दि‍खे और मैं तुम पर। हंसी थमने पर वेटर को बुलाकर तुमने कुछ स्‍नैक्‍स का आर्डर दि‍या और अपने बगल से एक पैकेट उठाकर मेरी ओर बढ़ाया। वह एक खूबसूरत रैपर से लि‍पटा गि‍फ्ट पैक था। मै...
रूप-अरूप...
Tag :
  May 29, 2017, 4:31 pm
मि‍लन की दूसरी कि‍स्‍त...........................................नि‍गाहें मि‍लीं ...वो मेरी तरफ़ मुस्‍कराता हुआ बढ़ा। कदमों की तेजी देखकर लगा कि‍ अभी गले लगा लेगा मुझको। मगर नहीं....पास आकर कदम थमे उसके। उसने हाथ भी नहीं मि‍लाया। बस एक आत्‍मीय पहचान उभरी और उसने मेरे हाथों से बैग ले लि‍या। क...
रूप-अरूप...
Tag :
  May 25, 2017, 1:35 pm
मि‍लन की पहली कि‍स्‍त .................................. सारा दि‍न दि‍ल धकधक करता रहा, जैसे सीने पर ही ट्रेन चल रही हो कोई। 24 घंटे का सफ़र 24 बरस का हो गया हो जैसे।कई ख्‍याल, कई कल्‍पनाएं और ढेर सारा डर.... आाखि‍र पहली बार तो मि‍ल रही थी उससे। बस मंजि‍ल पर पहुंचने को थी। बेसब्री मेरे चेहरे से झलक र...
रूप-अरूप...
Tag :
  May 21, 2017, 9:38 pm
अज़ब सा है जादू,जो मुझपे है छायातुम्हे सोच के दिल मेरा मुस्करायामेरे अश्क कहते हैं मेरी कहानीके संगदिल सनम को निभाना न आयाखिलौना समझके मेरे दिल से खेलाभरा जी जो उसका मुझे छोड़ आयाके फ़ितरत में उसकी वफ़ा ही नही थीतभी साथ उसने न मेरा निभायाफिरा हर गली में,वो बनके दीवानाहुआ ...
रूप-अरूप...
Tag :
  May 16, 2017, 8:35 pm
अप्रैल 2017 देश में अत्‍यधि‍क गर्मी के कारण चर्चित रहा, मगर इससे कहीं ज्‍यादा चर्चा रही सुप्रीम कोर्ट के आदेश की, कि‍ राष्‍ट्रीय राजमार्ग और स्‍टेट हाईवे से 500 मीटर दूर तक नहीं होगी शराब की दुकान। जाहि‍र है इस आदेश से देश में हडकंप है। कुछ लोग वि‍रोध में हैं तो कुछ समर्थन म...
रूप-अरूप...
Tag :
  May 15, 2017, 9:38 pm
बरतन-बासन मलती मॉंचूल्‍हा-चौका- करती मॉंसांझ ढले फूंक-फूंक कर लकड़ी के चूल्‍हे सुलगाती मॉंसुबह बि‍स्‍तर से उठाती मॉंचाय-रोटी खि‍लाती मॉंतेल चुपड़कर बालों मेेंलाल रि‍बन से दो चोटी बनाती मॉंदोपहर पंख्‍ाा झल-झलकर पेट भर-भर खाना खि‍लाती मॉंदि‍न में जबरदस्‍‍‍‍‍‍‍ती स...
रूप-अरूप...
Tag :
  May 14, 2017, 2:08 pm
बरतन-बासन मलती माँचूल्‍हा-चौका- करती माँसांझ ढले फूंक-फूंक कर लकड़ी के चूल्‍हे सुलगाती माँसुबह बि‍स्‍तर से उठाती माँचाय-रोटी खि‍लाती माँतेल चुपड़कर बालों मेेंलाल रि‍बन से दो चोटी बनाती माँदोपहर पंख्‍ाा झल-झलकर पेट भर-भर खाना खि‍लाती माँदि‍न में जबरदस्‍‍‍‍‍‍‍ती स...
रूप-अरूप...
Tag :
  May 14, 2017, 2:08 pm
“डॉ.रागिनी नागपाल , प्रखंड अधिकारी गिरडीह” बरसात के इस मौसम में  लाल  पत्थर से बने  सरकारी कक्ष के बाहर पीतल की यह नाम पट्टिका मानो उसके भीतर बैठी अधिकारी के रुआब को रेखांकित कर रही हो,  परन्तु भीतर बैठी रागिनी अनेकों अनचाहे कामों से उद्ग्विन सी अपना सर हाथों से थ...
रूप-अरूप...
Tag :
  May 12, 2017, 10:02 am
जो तुम्‍हारे गम में शामि‍ल नहींउसे खुशि‍यों से भी बेदख़ल कर दि‍या करोजी लि‍या बहुतसबका एहतराम करकेमन के परि‍ंदे कोखुले आस्‍मां में छोड़ दि‍या करो...
रूप-अरूप...
Tag :
  May 5, 2017, 3:15 pm
घर के बाहरफिर खिला हैअमलताससूनी दोपहरघर है उदासपीले गजरेझूम रहे कंचन वृक्ष मेंसूनी देहरी कोकिसी के आने की हैआसघर के बाहरफिर खिला हैअमलतास...
रूप-अरूप...
Tag :
  May 3, 2017, 1:21 pm
मैं मृग्‍ायाकस्‍तूरी सी देहगंध तुम्‍हारीढूंढती फि‍रती दसों दि‍शाएंमि‍लते हो जब ख्‍वाबों में होते अलि‍ंगनबद्ध फूटती है सुगंध अपने हीतन से वि‍चरती हूं भावनाओं के वन मेंंअब तुम मोहि‍त से हो भंवरे कलि‍यां चटखती हैंदि‍वस जैसे मधुमासमैं मृगनयनीतुम कस्‍तूरीजीवन में ...
रूप-अरूप...
Tag :
  April 23, 2017, 6:30 pm
मैं मृग्‍ाीकस्‍तूरी सी देहगंध तुम्‍हारीढूंढती फि‍रती दसों दि‍शाएंमि‍लते हो जब ख्‍वाबों में होते अलि‍ंगनबद्ध फूटती है सुगंध अपने हीतन से वि‍चरती हूं भावनाओं के वन मेंंअब तुम मोहि‍त से हो भंवरे कलि‍यां चटखती हैंदि‍वस जैसे मधुमासमैं मृगनयनीतुम कस्‍तूरीजीवन में त...
रूप-अरूप...
Tag :
  April 23, 2017, 6:30 pm
मन पलाश का बहकेतन दहके अमलतास का ।कर्णफूल के गाछ तलेताल भरा मधुमास का ।अधरों के स्पन्दन सेखुली आँख के स्वप्न सेकिसलय कई खिले आलिठूंठ पड़े इस जीवन मेंछाया प्रणय आभास का ।बदरा फूटा मेह सेभीगा अँचरा नेह सेहर आखर में प्यार लिखरच पतरा प्रीतालेख काकसाव जैसे दृढ बाहुपाश का ...
रूप-अरूप...
Tag :
  April 17, 2017, 1:12 pm
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3685) कुल पोस्ट (167812)