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Blog: मन पाए विश्राम जहाँ

Blogger: Anita nihalani
यह विश्वास रहे अंतर मेंशायद एक परीक्षा है यहजो भी होगा लायक इसके, उसको ही तो देनी होगी शायद एक समीक्षा है यह ! जीवन के सुख-दुखका पलड़ा सदा डोलता थिर कब रहता, क्या समता को प्राप्त हुआ हैशेष रही अपेक्षा है यह !तन दुर्बल हो मन भी अस्थिर किन्तु साक्षी भीतर बैठा, शायद यही पूछन... Read more
clicks 5 View   Vote 0 Like   9:42am 15 Apr 2021 #मन पाए विश्राम जहाँ
Blogger: Anita nihalani
वह मन को ख्वाब दे खोया हुआ सा लगता  खोया नहीं है जो, जिसे पाने की तमन्ना पाया हुआ है वो ! वही श्वास बना तन में जीवन को आंच दे,वही दौड़ता लहू संग  वह मन को ख्वाब दे ! जो अभी-अभी यहीं था फिर ढक लिया किसी ने, जैसे छुप गयी किरण हो बदलियों के पीछे !उसे ढूंढने न जाना जरा थमे रहना  धी... Read more
clicks 13 View   Vote 0 Like   5:18am 14 Apr 2021 #दिल
Blogger: Anita nihalani
वर्षा थमी पंछी छोड़ नीड़ निज चहकें मेह थमा निकले सब घर से, सूर्य छिपा जो देख घटाएँ चमक रहा पुनः चमचम नभ में !जगह जगह छोटे चहबच्चे फुद्कें पंछी छपकें बच्चे, गहराई हरीतिमा भू की शीतलतर पवन के झोंके !पल भर पहले जो था काला नभ कैसा नीला हो आया, धुला-धुला सब स्वच्छ नहा कर  कुदरत ... Read more
clicks 35 View   Vote 0 Like   10:00am 5 Apr 2021 #बादल
Blogger: Anita nihalani
अमृत स्रोत सीएक दिन नहीं वर्ष के सारे दिन हमारे हैं,हर घड़ी, हर पल-छिन हमने जगत पर वारे हैं !माँ सी ममता छिपी नन्ही बालिका में जन्मते ही बहना के दुलार का मूर्त रूप है नारी सारे जहान से अनायास ही नाता बना लेती चाँद-सूरज को  बनाकर भाईपवन सहेली संग तिरती  !हो बालिका या वृद्धा... Read more
clicks 24 View   Vote 0 Like   5:48am 8 Mar 2021 #बहना
Blogger: Anita nihalani
आने वाला है महिला दिवस मात्र नारी शक्ति का प्रतीक नहीं है बल्कि  याद दिलाता है यह दिवस कि अभी भी हो रहे हैं उनपर अत्याचार इक्कसवीं सदी में भी हो रहा है आए दिन ही उनके साथ दुर्व्यवहार अखबार के पन्नों पर तो कुछ ही खबरें आ पाती हैं मगर उन खबरों की हकीकत भीतर तक डरा जाती है ... Read more
clicks 50 View   Vote 0 Like   10:29am 4 Mar 2021 #नारी
Blogger: Anita nihalani
मन सुमन बना खिलना चाहे इस पल में कल को ले आना बीती बात को दोहराना दिलों की पुरानी आदत है !जीवन प्रतिक्षण कुछ और बने रहो गतिशील बस यही कहे मुड़ देखे, मन की चाहत है !हर घटना कुछ दे मुक्त हुई वह घड़ी स्वयं में  रिक्त हुई    जा टिकना मिथ्या राहत है ! नव जीवन में जगना चाहे मन सुमन ... Read more
clicks 59 View   Vote 0 Like   5:28am 3 Mar 2021 #मन
Blogger: Anita nihalani
दूजा  निज आनंद में डूबापंछी दो हैं एक बसेरा एक उड़े दूसरा चितेरा, निज प्रतिबिम्ब से चोंच लड़ाताकभी जाल में भी फंस जाता !कड़वे मीठे फल भी खाये बार-बार खाकर पछताए,इस डाली से उस शाखा पर व्यर्थ ही खुद को रहा थकाए !कुछ पाने की होड़ में रहता क्षण-क्षण जोड़-तोड़ में रहता, कभी तके दूजे ... Read more
clicks 46 View   Vote 0 Like   5:30am 22 Feb 2021 #पंछी
Blogger: Anita nihalani
जो बरसती है अकारण छू रहा है मखमली सा परस कोई इक अनूठा, बह रहा ज्यों इक समुन्दर आए नजर बस छोर ना !काँपते से गात के कण लगन सिहरन भर रही हो, कोई सरिता स्वर्ग से ज्यों हौले-हौले झर रही हो  !एक मदहोशी है ऐसी होश में जो ले के आती, नाम उसका कौन जाने कौन जो करुणा बहाती !बह रही वह पुण्... Read more
clicks 51 View   Vote 0 Like   3:31am 20 Feb 2021 #मन पाए विश्राम जहाँ
Blogger: Anita nihalani
उसे बहने दोवह बहना चाहता है निर्विरोध निर्विकल्प हमारे माध्यम से प्रेम और आनंद बन पाहन बन यदि रोका उसका मार्ग तो वही बहेगा रोष और विषाद बनकर !वह हजार-हजार ढंग से प्रकट होता है यदि राम बनने की सम्भावना न दिखे तो रावण बन सकता है वह उस ऊर्जावान नदी की तरह है जिसे मार्ग न ... Read more
clicks 65 View   Vote 0 Like   5:06am 15 Feb 2021 #ज्ञान
Blogger: Anita nihalani
शरण गए बिन बात न बनती अंधकार मन का जो हरता ज्ञान मोतियों से उर भरता उसकी महिमा कही न जाती गुरुद्वार पर भीड़ उमड़ती शरण गए बिन बात न बनती शरण गए बिन बात न बनती !हर पीड़ा का कारण जाने भीतर बाहर वह पहचाने परम सत्य तक खुद ले जाता उसके निकट अभय मन पाता आँखों से शुभ कृपा झलकती शर... Read more
clicks 38 View   Vote 0 Like   5:26am 10 Feb 2021 #पीड़ा
Blogger: Anita nihalani
नाविक भी हो मीत पुरानासुख का सागर सभी चाहते दुःख के ग्राह वहीं रहते हैं,नैया एक अगर पा जाएँ उस तट पहुँचें यह कहते हैं !हो नाव में सुराख़ न कोई नाविक भी हो मीत पुराना,लहरों पर उठते-गिरते ही कट जायेगा सफर सुहाना !देह ही तरणि मन है नाविक अब सब जांच परख लें ऐसे, मिले प्रकृति से ... Read more
clicks 47 View   Vote 0 Like   8:48am 8 Feb 2021 #नाविक
Blogger: Anita nihalani
जाने कैसी लीला अद्भुत  भोली सी मुस्कान ओढ़कर सेल्फी तो इक ले डाली,पर दीवाने दिल से पूछा है क्या वह अपने से राजी !जिसने देखे स्वप्न सलोने या जो ख्वाबों में रोया था, उस छलिया से कुछ तो पूछो कब वह चैन से सोया था !‘उसको’ तो बस तकना आता टुकुर-टुकुर देखा करता है, मन बेचारा किसकी ... Read more
clicks 45 View   Vote 0 Like   9:32am 5 Feb 2021 #दिल
Blogger: Anita nihalani
अब भी उस का दर खुला है खो दिया आराम जी का खो दिया है चैन दिल का,दूर आके जिंदगी से खो दिया हर सबब कब का !गुम हुआ घर का पता ज्योंभीड़ ही अब नजर आती,टूटकर बैठा सड़क पर घर की भी न याद आती !रास्तों पर कब किसी के फैसले किस्मत के होते, कुछ फ़िकर हो कायदों की हल तभी कुछ हाथ आते !दूर आके अब ... Read more
clicks 56 View   Vote 0 Like   9:10am 3 Feb 2021 #किस्मत
Blogger: Anita nihalani
ब्रह्म मुहूर्त का कोरा  पल सोये हैं अभी पात वृक्ष के स्थिर जैसे हों चित्रलिखित से किन्तु झर रही मदिर सुवास छन-छन आती है खिड़की से निकट ही कंचन मौन खड़ा है मद्धिम झींगुर गान गूँजता पूरब में हलचल सी होती नभ पर छायी अभी कालिमा एक शांत निस्तब्ध जगत है ब्रह्म मुहूर्त का कोर... Read more
clicks 67 View   Vote 0 Like   4:29am 1 Feb 2021 #पूरब
Blogger: Anita nihalani
बहा करो उन्मुक्त पवन सम अनल, अनिल, वसुधा, पानी से जीवन का संगीत उपजता, मिले-जुले सब तत्व दे रहे संसृति को अनुपम समरसता !हर कलुष मिटाती कर पावनचलती फिरती आग बनो तुम, अपनेपन की गर्माहट भर कोमल ज्योतिर राग बनो तुम !बहा करो उन्मुक्त पवन सम सूक्ष्म भाव अनंत के धारे,  सारे जग क... Read more
clicks 49 View   Vote 0 Like   5:57am 29 Jan 2021 #अनिल
Blogger: Anita nihalani
 आस्था का दीप वक्त पर जो थाम ले गिरते हुए को बढ़े आगे हाथ दे हिलते हुए को,जो गमों की धूप से दिल को बचाएज्ञान वह जो डूबते के काम आये !ज्ञान भरता है उजाला पथ अँधेरे जब मिलें खिला देता पुष्प, पत्थर जब कभी पथ पर मिलें, जब कभी संशय सताये राही कोई पथ न पाए काट देता हर विभ्रम को ज्ञा... Read more
clicks 41 View   Vote 0 Like   10:44am 28 Jan 2021 #ज्ञान
Blogger: Anita nihalani
दिल्ली देश की राजधानी बनने की बड़ी ही भारी कीमत चुकाई है अतीत में भी अनेकों बार दिल्ली ने ! एक बार फिर सुबह की शांत दिल्ली दोपहर को बदल गई जैसे एक युद्ध क्षेत्र में ! लालकिले पर नृशंसता से चढ़ती हुई भीड़ और हथियारों का प्रदर्शन खुलेआम ! जैसे कोई दुश्मन सेना चढ़ आयी हो निरंक... Read more
clicks 58 View   Vote 0 Like   6:01am 27 Jan 2021 #भारत
Blogger: Anita nihalani
गणतन्त्र दिवस पर शुभकामनायें गणपति के देश में फलता-फूलता रहा है गणतन्त्र शताब्दियों से इतिहास के पन्नों में दर्ज हैं उन गणराज्यों की अनेक गाथाएं जहाँ भारत ने विकास के चरम को छुआ था लोकतान्त्रिक गणतन्त्र यह देश बना है मिसाल दुनिया के लिए जहाँ जनता सर्वोपरि है जिसक... Read more
clicks 45 View   Vote 0 Like   2:45am 25 Jan 2021 #इतिहास
Blogger: Anita nihalani
हवा का सागर हवा की सरगोशियाँ गर कोई सुन सके पल भर भी तन्हा छोड़ती न रब हो जैसे लिपट जाती परस उसका फूल जैसा जिंदगी को राह देती श्वास बनकर झूमते वट, वृक्ष, जंगल, लता, पादप, फूल सारे लहर दरिया, सिंधु के तन पर उठातीसरसराती सी कभी कानों को छूले सुनो ! कहती मत कहो, तुम हो अकेले ! वह ... Read more
clicks 89 View   Vote 0 Like   10:08am 24 Jan 2021 #मन पाए विश्राम जहाँ
Blogger: Anita nihalani
कुछ ख्याल ‘कुछ’ होने से ‘कुछ नहीं’ हो जाना  इश्क का इतना सा ही तो फ़साना  चुप रहकर ही यह बयां होता है आवाजों में बस रुसवा होता है सुनो, सुनो और कुछ न कहोउसी धारा में चुपचाप बहो उससे बढ़कर न कुछ था न होगा जमाने में उसी को आने दो हर बात, हर तराने में लाख पर्दों में छिपा हो हीरा... Read more
clicks 112 View   Vote 0 Like   9:40am 20 Jan 2021 #ख्याल
Blogger: Anita nihalani
बस इतना सा ही सरमायागीत अनकहे, उश्ना उर की बस इतना सा ही सरमाया ! काँधे पर जीवन हल रखकर धरती पर जब कदम बढाये कुछ शब्दों के बीज गिराकर  उपवन गीतों से महकाए ! प्रीत अदेखी, याद उसी की बस इतना सा ही सरमाया ! कदमों से धरती जब नापीअंतरिक्ष में जा पहुँचा मन कुछ तारों के हार पिरोय... Read more
clicks 43 View   Vote 0 Like   9:19am 19 Jan 2021 #गीत
Blogger: Anita nihalani
 कोई जानता हैमन के ‘परदे’ पर यादों की फिल्म चलती है ‘वह’ उसी तरह रहता है अलिप्त जैसे आँख के पर्दे पर चित्र बने अग्नि का तो जलती नहीं न ही भीगती समुन्दर की लहरों को घंटों देखते हुए स्मृतियों के बीज हमने संभाल कर रखे हैं वर्तमान और अनेक जन्मों के उन्हें स्वयं ही बोते है... Read more
clicks 56 View   Vote 0 Like   5:37am 18 Jan 2021 #फिल्म
Blogger: Anita nihalani
तुम यदि  तुम यदि बन जाओ सूत्रधार तो सँवर ही जायेगा जीवन का हर क्षण  मुस्कान झरेगी जैसे झरते हैं फूल शेफाली के अनायास ही हवा के हल्के से झोंके की छुअन से या सूरज की पहली किरण आकर जगाती है  तो हो जाते हैं समर्पित अस्तित्त्व को सहज ही !तुम यदि बनो जीवन आधारतो निखर ही जायेग... Read more
clicks 175 View   Vote 0 Like   9:59am 17 Jan 2021 #आशंका
Blogger: Anita nihalani
सहज है जीवन भूल गए जग को जहाँ सँवारा हमने मन पर धूल गिरी थी आकर, जग पानी पी-पी कर धोया मन का प्रक्षालन भूल गए !नाजुक है जो जरा ठेस से आहत होता किरच चुभे गर, दिखता आर-पार भी इसके कांच ही है यह भूल गए !तुलना करना सदा व्यर्थ है दो पत्ते भी नहीं एक से, व्यर्थ स्वयं को तौला करते स... Read more
clicks 41 View   Vote 0 Like   5:59am 15 Jan 2021 #जीवन
Blogger: Anita nihalani
जब नया साल आने को है  हर भोर नयी हर दिवस नया हर साँझ नयी हर चाँद नया,हर अनुभुव भी पृथक पूर्व से हर स्वप्न लिए संदेश नया !हम बंधे  हुए इक लीक चलें प्रतिबिम्ब कैद ज्यों दर्पण में,समय चक्र आगे बढ़ता पर ठिठक वहीं रह जाते तकते !नयी चुनौती, नव उम्मीदें करें सामना नई ललक से, बीता क... Read more
clicks 54 View   Vote 0 Like   5:48am 22 Dec 2020 #नया साल
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