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कुछ अलग सा

संगमरमर की सीढ़ियों और खूबसूरती से उकेरे गए खंभों को पार कर जैसे ही मंदिर में प्रवेश करते हैं तो सामने ही भगत स्वरुप ब्रह्मचारी जी का आसन नज़र आता है जिन्होंने अपने जीवन के पचास साल इस मंदिर की सेवा करते हुए गुजारे थे। उनकी फोटो और चरण पादुकाएं अभी भी लोगों के दर्शनों क...
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Gagan Sharma, Kuchh Alag sa
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  April 9, 2019, 10:50 am
उस समय कश्तियाँ चप्पू के बजाय बल्लियों की सहायता से खेयी जाती थीं। आज भी बंगाल-असम जैसे इलाकों में नावों को दिशा देने के लिए बल्लियों का सहारा लिया जाता है। बल्ली को कुशलता पूर्वक उपयोग करने वाले को बल्ली मार कहा जाता था। चूँकि वे लोग शाही परिवारों और उच्च वर्ग की ना...
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Gagan Sharma, Kuchh Alag sa
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  April 6, 2019, 2:29 pm
रिलायंस जूट मिल ऐंड इंडस्ट्रीज में गुजरे बचपन के संस्मरण लिखते समय अक्सर यह बात दिमाग से निकल जाती थी कि आज के दिन बंगाल के बाहर इसे जानने वालों की संख्या बहुत कम है ! आज जब भी कहीं रिलायंस का नाम आता है तो सब के जेहन में धीरू भाई अंबानी द्वारा स्थापित रिलायंस ...
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Gagan Sharma, Kuchh Alag sa
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  March 31, 2019, 4:07 pm
रिलायंस जूट मिल ऐंड इंडस्ट्रीज में गुजरे बचपन के संस्मरण लिखते समय अक्सर यह बात दिमाग से निकल जाती थी कि आज के दिन बंगाल के बाहर इसे जानने वालों की संख्या बहुत कम है ! आज जब भी कहीं रिलायंस का नाम आता है तो सब के जेहन में धीरू भाई अंबानी द्वारा स्थापित रिलायंस ...
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  March 31, 2019, 4:07 pm
जब-जब देश के किसी भी प्रदेश के रहवासी को यदि रोजगार के लिए किसी दूसरे राज्य में जाने की जरुरत महसूस होती थी तो उसके जेहन में सबसे पहले कलकत्ते का ही नाम आता था और इसने भी खुली बाँहों से सबका स्वागत बिना भेद-भाव के किया ! कहते हैं बम्बई अपने मेहमान का कठिन इम्तहान ले कर ...
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Gagan Sharma, Kuchh Alag sa
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  March 26, 2019, 8:00 am
शाम को पांच बजे के आस-पास लॉन में ठंडाई का कार्यक्रम भी पूरे उत्साह के साथ संपन्न होता था। उसके बाद कभी-कभी वहीं ''स्क्रीन''लगा किसी फिल्म का भी प्रदर्शन हो जाता था। पूरा दिन कैसे छू-मंतर हो जाता था, पता ही नहीं चलता था।  उसके बाद थके-हारे कैसे बिस्तर पर पहुंचते थे, कब नी...
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Gagan Sharma, Kuchh Alag sa
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  March 18, 2019, 1:21 pm
क्या ग्रह-नक्षत्र भाषा का फर्क समझते हैं ? भले ही हमने उनको साधने के लिए अंग्रेजी में Sharma को Shaarma या Sharrma कर लिया हो, पर हिंदी वर्तनी में उच्चारण और उसकी ध्वनि तो शर्मा ही रहेगी, ना कि शार्मा या शर्रमा ! तो वर्तनी बदलने के बावजूद जब हम उसका उच्चारण पहले ही ...
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Gagan Sharma, Kuchh Alag sa
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  March 6, 2019, 1:44 pm
आज एक हिंदी भाषा की एनीमेशन फिल्म ''गोपी गवैया बाघा वजइया''सिनेमाघरों में उतरी है। उसके शीर्षक, उसमें वर्णित घटनाक्रम और पात्रों के नाम से यह जाहिर है कि यह वर्षों पहले सत्यजीत रे जी की फिल्म ''गुपि गायेन बाघा बायेन''नामक बांग्ला फिल्म  का ''एनिमेटेड''रूप है। प...
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Gagan Sharma, Kuchh Alag sa
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  March 1, 2019, 5:11 pm
मीडिया नौटंकीबाजों को नहीं, देश-समाज के प्रति समर्पित लोगों को तवज्जो दे ! क्या यह जरुरी नहीं है कि जावेद-शबाना की तथाकथित पाक यात्रा को महिमामंडित करने की बजाय देवाशी माणेक और अहमदाबाद के उन व्यापारियों के निर्णय को अवाम के सामने लाया जाए जिन्होंने पाक विरोध में अपने...
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  February 18, 2019, 9:00 am
अब यह तो पता नहीं कि खाली दिमाग ना मिलने पर शैतान कहां रहता होगा; पर यह जरूर लगता है कि दिमाग में घर बना कर वह इंसान का भला ही करता है, उसे कुछ ना कुछ करने के लिए उकसा कर ! जिससे शरीर चलायमान रहता है। अपनी तरफ से तो वह पूरी कोशिश करता है कि जिस शरीर के दिमाग  को उसने घर बना...
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  February 16, 2019, 9:00 am
भिखारी तो दोनों ही थे, फर्क सिर्फ इतना था कि एक मजबूर हो कर मांग रहा था और दूसरा मजबूर करवा कर ! एक को देख मन में करुणा, दया का भाव जागृत होता था तो दूसरे को देख नफ़रत, घृणा और क्षोभ ! एक को कुछ दे कर किसी की जेब पर कोई ख़ास फर्क नहीं पड़ रहा था जबकि दूसरे को देने से पूरे देश की अर्थ ...
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  February 7, 2019, 9:00 am
बेचारा दौड़ा-दौड़ा महात्मा जी के पास गया और बोला महाराज आज रसोई ठंडी पड़ी है, कुछ बन नहीं रहा ! महात्मा जी बोले, अरे तुम्हें बताना भूल गया था, आज एकादशी है, ना कुछ बनेगा, नाहीं मिलेगा। सबका उपवास रहेगा। ये बोला, मेरा भी ? महात्मा बोले, हाँ ! सभी का। यह बोला, महाराज आपके इतने चेले...
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Gagan Sharma, Kuchh Alag sa
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  February 2, 2019, 8:30 am
आम धारणा है कि एक जैसी चीजों में यदि किसी एक वस्तु की कीमत दूसरी से कम है तो उसकी गुणवत्ता में भी जरूर कुछ कमी होगी ¡ जैसे संतरे की तुलना में कीनू की कीमत में फर्क होने के कारण इसको कुछ कम कर के आंका जाता है ¡ जब की यह हर लिहाज से संतरे के पासंग है। सस्ता होने के बावजूद यह ऊ...
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  January 18, 2019, 8:30 am
आज के बच्चे और उनके कुछ पहले के युवा तो शायद हमारे उन सुनहरे दिनों की कल्पना भी नहीं कर सकते, जब रिलायंस के बच्चे ही नहीं पूरा स्टाफ एक परिवार की तरह हुआ करता था ! हरेक का सुख-दुःख, ख़ुशी-गमी, सफलता-असफलता, रीती-रिवाज सबके हुआ करते थे ! हम बच्चे सबके सांझा थे, मजाल है कि ...
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  January 8, 2019, 8:00 am
यह सब लिखने-बोलने की तनिक भी इच्छा नहीं करती, क्योंकि ऐसा करना बर्रे के छत्ते पर पत्थर फेंकने के समान है !पर जब कुछ लोग रोज-रोज सोशल मिडिया पर आ बकवास कर दूसरों पर सही-गलत इल्जाम मढ़ने से बाज नहीं आते तो ना चाहते हुए भी रोष प्रकट हो जाता है ! कई दिनों से घुमड़ता आक्रोश आज ...
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  January 5, 2019, 8:00 am
प्रकृति और इंसान के आपसी ताल-मेल की अद्भुत उपज है, गुड़। धरा ने आदमी की मेधा की परख के लिए द्रव्य रूप में अमृत रूपी रस को डंडों में भर खेतों में उपजाया तो इंसान ने उसे ठोस रूप दे एक बहुगुणी वस्तु की शक्ल दे दी। वस्तु भी कैसी, जिसका उपयोग वर्षों तक शादी-ब्याह, ती...
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  January 3, 2019, 9:00 am
प्रकृति और इंसान के आपसी ताल-मेल की अद्भुत उपज है, गुड़। धरा ने आदमी की मेधा की परख के लिए द्रव्य रूप में अमृत रूपी रस को डंडों में भर खेतों में उपजाया तो इंसान ने उसे ठोस रूप दे एक बहुगुणी वस्तु की शक्ल दे दी। वस्तु भी कैसी, जिसका उपयोग वर्षों तक शादी-ब्याह, ती...
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  January 3, 2019, 9:00 am
अब वहां विदेशों में छुट्टी कभी भी हो पर अपने देश के क्रिकेट प्रेमी तो इस बार यही दुआ कर रहे हैं कि इस बार बॉक्सिंग दिवस पर खेले जाने वाले मैच में भारतीय टीम का डिब्बा गोल ना हो। वर्षों से हमारी टीम के साथ जुड़ा हुआ ''जिंक्स''भी जाने वाले साल के साथ ही विदा हो। आमीन ! ...
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  December 25, 2018, 4:53 pm
यह मैदा और सूजी किस चीज से बनते हैं भई SS ? नई पीढ़ी को तो शायद ही पता होना था, बीच वाली भी सोच में पड़ी दिखी ! कुछ देर के बाद जवाब आया ! मैदा तोआटे से बनता है: सूजी का...पता नहीं ! घूम-फिर कर करीब एक दर्जन निगाहें मेरी तरफ ! आप ही बताओ ! सवाल ने ''बूमरैंग''हो मेरे को ही आ घ...
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  December 23, 2018, 8:30 am
यह मैदा और सूजी किस चीज से बनते हैं भई SS ? नई पीढ़ी को तो शायद ही पता होना था, बीच वाली भी सोच में पड़ी दिखी ! कुछ देर के बाद जवाब आया ! मैदा तोआटे से बनता है: सूजी का...पता नहीं ! घूम-फिर कर करीब एक दर्जन निगाहें मेरी तरफ ! आप ही बताओ ! सवाल ने ''बूमरैंग''हो मेरे को ही आ घ...
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  December 23, 2018, 8:30 am
यह सब देखने के बाद मैंने कैटरिंग के मालिक की खोज की तो पता चला कि वह घर चला गया है, फ्लोर मैनेजर पर जिम्मेदारी छोड़। मैंने उसी को घेरा, ''इतनी ठंड है पर आपके काम करने वालों के पास उचित कपडे नहीं हैं !''पहले तो वह चौंका, फिर बोला, ''इनमें ज्यादातर परमानेंट नहीं हैं, काम और जरुरत&n...
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  December 15, 2018, 8:30 am
आम इंसान को तो वे अहमकाना नीतियां भी समझ नहीं आतीं जिनमें एक तरफ तो पर्यावरण के नाम पर निजी वाहनों के उपयोग को निरुत्साहित किया जाता है और दूसरी तरफ मेट्रो और बसों के किराए बढ़ा दिए जाते हैं। तो जब इस हार का विश्लेषण हो तो उन अर्थशास्त्रियों, सलाहकारों, विशेषज्ञों ...
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  December 12, 2018, 4:23 pm
आम इंसान को तो वे अहमकाना नीतियां भी समझ नहीं आतीं जिनमें एक तरफ तो पर्यावरण के नाम पर निजी वाहनों के उपयोग को निरुत्साहित किया जाता है और दूसरी तरफ मेट्रो और बसों के किराए बढ़ा दिए जाते हैं। तो जब इस हार का विश्लेषण हो तो उन अर्थशास्त्रियों, सलाहकारों, विशेषज्ञों ...
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  December 12, 2018, 4:23 pm
धीरे-धीरे राजा प्रतापमल्ल को रोज-रोज इतनी दूर मंदिर में आना-जाना अखरने लगा तो उन्होंने नीलकंठ भगवान की एक मूर्ति राजमहल में ही स्थापित करवा ली। इससे भगवान नाराज हो गये और उन्होंने स्वप्न में आ राजा को श्राप दिया कि अब से तुम या तुम्हारा कोई भी उत्तराधिकारी ...
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  December 8, 2018, 9:00 am
 विशेषज्ञों का कहना है, वायु प्रदुषण से बचाव के लिए घर के अंदर कुछ पौधे अवश्य लगाएं। मच्छरों से बचाव के लिए आने वाले क्वॉयल या केमिकल का प्रयोग ना ही करें। इन दिनों हो सके तो अगरबत्ती या धूप भी ना जलाएं। पानी में एक चम्मच हल्दी डाल भाप लें। नियमित कसरत कर...
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  December 4, 2018, 9:30 am
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