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कुछ अलग सा

जब साठ-सत्तर की उम्र के बाद, हर सुख, सुविधा, उपलब्धि, निरोगिता के बावजूद मन उचाट रहने लगे, डाक्टरी भाषा में अवसाद जैसी स्थिति बनी रहने लग जाए ! तो क्या यह कहीं प्रकृति का संकेत तो नहीं, कि अब पानी में तेल की बूँद हो जाने का समय आ गया है। धीरे-धीरे अपने आप को निःस्पृह कर...
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Gagan Sharma, Kuchh Alag sa
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  January 9, 2018, 5:30 pm
ऐसे लोगों में  लियाकत तो होती नहीं, इसलिए उन्हें सदा अपना  स्थान खोने की  आशंका बनी रहती है।  इसी  आशंका के  कारण  उनके दिलो - दिमाग में क्रोध  और  आक्रोश ऐसे  पैवस्त हो जाते हैं  कि  उन्हें  हर आदमी  अपना  दुश्मन और  दूसरे की  ज़रा  सी विप...
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Gagan Sharma, Kuchh Alag sa
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  January 5, 2018, 7:39 pm
अभी बहुत दिन नहीं हुए जब सोशल मीडिया पर एक फोटो अक्सर दिख जाती थी जिसमें एक लड़का किसी मंदिर में शिवलिंग पर जूते समेत एक पैर रखे दिखाई पड़ता था। भले ही वह सच हो ना हो या फोटो से छेड़-छाड़ की गयी हो; पर वैसा या ऐसा करने वाले की दूषित मानसिकता का तो पता चलता ही था ना !!हमारे देश में ...
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Gagan Sharma, Kuchh Alag sa
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  January 2, 2018, 11:59 am
एक संभावना और भी कही जाती है कि जर्मनों ने अपने वीनर श्वानों और इस कबाब की एकरूपता के कारण इसे ऐसा नाम दे दिया हो। कारण कुछ भी हो पर एक खाने वाली चीज का ऐसा नाम अनोखा तो लगता ही है ना !!अक्सर बर्गर, सैंडविच, पैटिस जैसे यूरोपीय व्यंजनों के साथ एक नाम और सुनाई पड़ जाता है, हॉ...
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Gagan Sharma, Kuchh Alag sa
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  December 28, 2017, 7:21 pm
तकरीबन 40-42 साल पहले फिल्म “शोले"ने जो तहलका मचाया था उसकी तपिश, उसका सरूर अभी तक लोग भुले नहीं हैं। इंसान तो इंसान जानवरों पर भी उसका जादू सर चढ कर बोला था................ कलकत्ता के नीमतल्ला-अहिरीटोला घाट के सामने हुगली नदी के पार “बांधाघाट” का इलाका। उस कस्बाई इलाके के एक स...
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  December 16, 2017, 6:28 pm
चारों ओर से ऊँचे-ऊँचे पहाड़ों से घिरे परिसर में हनुमान जी के अलावा भगवान राम एवं सीता माता तथा देवी दुर्गा जी के साथ-साथ करोली बाबा का भी मंदिर है जिसमें उनकी बिलकुल सजीव सी प्रतिमा स्थापित है, जिसे देख एक क्षण के लिए तो दर्शनार्थी चकमा ही खा जाता है। कैंची धाम मुख्य रूप स...
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Gagan Sharma, Kuchh Alag sa
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  December 14, 2017, 4:48 pm
यदि कोई पाब्लाजी को अपने पालतू के रख-रखाव, उनके स्वभाव, उनकी देख-रेख के बारे में बताने लगे या सुब्रमनियम जी को फूल-पत्तीयों के बारे में बता उनके चित्र लेने की विधि समझाने लगे, ललित जी को घुम्मकड़ी के फायदे बताने लगे या फोटोग्राफी की बारीकियां समझाने लगे तो उन सब की क...
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Gagan Sharma, Kuchh Alag sa
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  December 7, 2017, 1:34 pm
कंधे छिलती, एक-दूसरे को धकियाती, सड़क तक को घेरे भीड़ में से रास्ता बनाते, पुरानी दिल्ली की कुंज गलियों को पार करते, सामान से अटी पड़ी राहों में किसी तरह निकल, भागीरथ प्लेस की पुरानी सीढ़ियों को फलांग जब दवा मिली तो उसकी कीमत देख हैरानी की सीमा ना रही.......... #हिन्दी_ब्लागिंगपिछल...
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Gagan Sharma, Kuchh Alag sa
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  December 6, 2017, 3:48 pm
अभी ज्यादा दिन नहीं बीते हैं जब चुनाव जाति-पाति-भाषा को किनारे कर संपन्न हुए थे, अच्छा लगा था कि योग्य लोग बागडोर संभालेंगे। पर अब फिर वही पुरानी चाल ! दलों ने "राग-जाति", "राग-धर्म"अलापने के साथ-साथ असंयमित आचरण, अमर्यादित भाषा के साथ-साथ एक दूसरे पर बेबुनियादी ...
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  December 2, 2017, 6:30 pm
घडी का सेल बदलने के लिए टाइटन के शो रूम से काम करवा कर बिल माँगा तो वही जवाब मिला, 12 % GST लग जाएगा ! मैंने कहा तो क्या हुआ ? बोला, देख लीजिए ! मैंने कहा, देखना है, मुझे चाहिए ! तो दूसरे ग्राहकों तथा उसकी अजीब सी नज़रों का सामना करते हुए मैंने बिल लिया। यही हाल आगे दवा की दूक...
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  December 1, 2017, 3:09 pm
कोई आम आदमी एक ठेला तो लगा कर  दिखा दे कहीं, उसे छठी का दूध न याद दिला दें पुलिस और कमेटी वाले तो कहिएगा ! पर सारे देश में हजारों-लाखों ऐसी जगहें बना दी गयी  हैं जहां बिना हरड-फिटकरी लगे करोड़ों का वारा-न्यारा हो रहा है ! जवाब तो उनसे माँगा जाना चाहिए जिनकी इजाजत के बग...
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  November 27, 2017, 5:03 pm
पर्यटकों को होने वाली असुविधाओं को देखते हुए देश के दक्षिणी हिस्से से आए दो युवाओं को उत्तराखंड के इस हिस्से में "ओला कैब"जैसी सुविधा प्रदान करने का ख्याल आया और उन्होंने इस तरह की सेवा का भविष्य भांप एक टैक्सी सेवा #GO-9 के नाम से शुरू कर दी। उनके अनुसार उत्तराख...
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  November 23, 2017, 12:04 pm
हिंदू परंपरा के अनुसार शव-दाह के बाद अस्थियों का किसी धार्मिक स्थल पर विसर्जन तथा भस्मी को बहते जल में प्रवाहित करने का विधान है। पर अब नदियों-सरोवरों की स्वच्छता को बनाए रखने के हेतु भस्मी-विसर्जन के लिए दिल्ली में कुछ स्थान निर्धारित कर दिए गए हैं। दिल्ल...
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  November 17, 2017, 1:53 pm
इस मंदिर में भक्तों द्वारा जो घंटियां चढ़ाई जाती हैं उन्हें उतार कर दोबारा ना हीं बेचा जाता है और ना हीं उनका उपयोग कहीं और किसी और रूप में किया जाता है।  ये सभी घंटियां मंदिर के प्रांगण में ही बंधी रहती हैं। जगह कम पड़ने पर कुछ को उतार कर सुरक्षित रख दिया जाता है। ...
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  November 2, 2017, 4:29 pm
मेरे नाम में आंकड़े जरूर  "36"  के हैं पर प्रेम से भरे मेरे मन की यही इच्छा है कि मैं सारे देश में एक ऐसे आदर्श प्रदेश के रूप में जाना जाऊं,  जहां किसी के साथ भेद-भाव नहीं बरता जाता हो, जहां किसी को अपने परिवार को पालने में बेकार की जद्दोजहद नहीं करनी पडती हो, जहां के ल...
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  November 1, 2017, 2:12 pm
पहाड़ में स्थित यह देश का अकेला सूर्य मंदिर है जो कुमांऊॅं के विशालतम ऊँचे मन्दिरों में से एक  है तथा  उत्तर भारत में विलक्षण  स्थापत्य एवम् शिल्प कला का बेजोड़ उदाहरण है। मंदिर की दीवारों और इनके खम्भों पर खूबसूरत नक्काशी की गई है। पर वर्षों पहले हुई मूर्त...
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  October 30, 2017, 6:47 pm
#चौहान_पट्टा, अंग्रजों के समय में यह एक छोटा सा गांव हुआ करता था। पहाड़ों से पेड़ काट कर यहां ला कर इकट्ठे किए जाते थे, फिर यहां से सुविधानुसार उन्हें अलग-अलग जगहों पर भेजा जाता था। लकड़ियों का डिपो होने के कारण इस जगह का नाम काठगोदाम पड़  गया था........#हिन्दी_ब्लागिंग&n...
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  October 26, 2017, 3:34 pm
पता नहीं कैसे और कब दिवाली पर जुआ खेलने की प्रथा आ जुडी ! जबकि माँ लक्ष्मी खुद कहती हैं कि वे धन का अपव्यय करने वाले और दूसरे का धन हड़पने वाले लोगों से हमेशा दूर रहती हैं तथा वहाँ रहना पसंद करती हैं, जहाँ मधुर बोलने वाले, अपने कर्तव्य को निष्ठापूर्वक पूरा&nbs...
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  October 18, 2017, 4:30 pm
क्या दिन थे ! इधर बाबूजी जाते, बाहर से दरवाजा बंद कर, उधर मैं किसी तरह खींचते-खांचते खिड़की से निकल पहुंच जाता प्रकृति की गोद में। उस समय पेड़-पौधे, फूल-पत्तियां, कीड़े-मकौड़े ही मेरे साथ होते थे। खूब बातें किया करता था उनसे, इस विश्वास के साथ कि वे भी मेरी बात को समझते-...
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  October 16, 2017, 4:17 pm
इस क्लब के कुछ मेंबर इससे असंतुष्ट भी हैं जिसका कारण इस मूर्ति का प्रारूप फिल्म "सरकार तीन"के सुभाष नागरे जैसा तथा उसके सिंहासन का अमिताभ की एक और फिल्म "अक्स"की हरे रंग की कुर्सी का होना है। दोनों ही चीजें मन में एक नकारात्मक सोच उत्पन्न करती हैं। ये लोग उन...
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  October 10, 2017, 3:15 pm
आज कालोनी में एक अजीब सी स्थिति आ खड़ी हुई ! एक घर में गमी छाई हुई थी; आंसुओं, सिसकियों से भरा उदासी-गम का माहौल था ! ना पूरी होने वाली क्षति हुई थी ! दूसरी तरफ एक ने नया घर लिया था, इस उपलब्धि पर उसका अपने परिवार-परिजनों के साथ खुश होना वाजिब था। बैंड, ढोल, ताशे बज ...
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  October 6, 2017, 3:59 pm
लोग बसों से आते-जाते थे, उसके किराए बढ़ा दिए गए ! लोग ने चुप रह मेट्रो का रुख किया तो उसकी कीमतें भी बढ़ा दी गयीं ! तर्क ये कि सालों से इसका किराया नहीं बढ़ा है ! गोयाकि सालों से नहीं बढ़ा है सिर्फ इसीलिए बढ़ाना जरुरी है; भले ही वह फायदे में चल या चलाई जा सकती हो ! पर नहीं सबसे आसान ...
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  September 26, 2017, 4:29 pm
एक बार अपने विजय अभियान से लौटते हुए असुर रंभ ने एक सरोवर में एक भैंस को जल-क्रीड़ा करते हुए देखा तो उस पर मोहित हो उसने प्रणय निवेदन किया, जिसके स्वीकार होते ही उसने भैंसे का रूप धर उस श्यामला नामक महिष-कन्या से विवाह कर लिया और वहीं रहने लगा। ऐसा उल्लेख भी  मिलता है ...
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  September 23, 2017, 3:59 pm
हिंदी में तो मुहावरों की भरमार है। इसमें  मनुष्य के सर से लेकर पैर तक हर अंग के ऊपर एकाधिक मुहावरे बने हुए है। इसके अलावा खाने-पीने, आने-जाने, उठने-बैठने, सोने-जागने, रिश्ते-नातों, तीज-त्योहारों, हंसी-ख़ुशी, दुःख-तकलीफ, जीव-जंतुओं, पशु-पक्षियों, कथा-कहानियों, स्पष...
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Gagan Sharma, Kuchh Alag sa
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  September 21, 2017, 10:42 am
अब यह पहले की तरह ज्यादा गुंजार नहीं करता। इसका आकार भी कुछ छोटा हो गया है। उड़ने की शैली भी कुछ बदल कर सुरक्षात्मक हो गयी है। रक्त रूपी आहार भी कम लेने लगा है। इन सब परिवर्तनों का फायदा इस प्रजाति को मिलने भी लगा है। पहले गले तक रक्त पी, उड़ने से लाचार हो, यह आपके आस-पास ह...
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  September 14, 2017, 4:44 pm
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