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Blog: कुछ अलग सा

Blogger: Gagan Sharma
फिल्म निर्माण के दौरान ही बनाने वालों को उसकी कमियों का आभास हो जाता है। पर तब तक फिल्म इतना पैसा खा चुकी होती है कि उसको संभालने के लिए कुछ भी करना असंभव हो जाता है ! तब वही ''डर्टी ट्रिक''अपनाई जाती है। अभी ऐसा ही एक सोचा-समझा षड्यंत्र रचा गया, जब छपास की नायिका दीपिक... Read more
clicks 6 View   Vote 0 Like   3:19pm 11 Jan 2020 #
Blogger: Gagan Sharma
इन सब आयोजनों में जैसे खाना-पीना और चाय वगैरह होता है, वैसे ही घंटे भर के लिए ''पंडत जी''का प्रवचन ! पंजाब भी विदेश बन गया है ! जैसे विदेशों में बसे प्रवासियों को अपने धार्मिक कार्यों के लिए एक अदद संस्कृत उवाचने वाले की जरुरत पड़ती है और उसके लिए कई ''रसूख''वाले यहां से निर... Read more
clicks 17 View   Vote 0 Like   5:14am 10 Jan 2020 #
Blogger: Gagan Sharma
इन सब आयोजनों में जैसे खाना-पीना और चाय वगैरह होता है, वैसे ही घंटे भर के लिए ''पंडत जी''का प्रवचन ! पंजाब भी विदेश बन गया है ! जैसे विदेशों में बसे प्रवासियों को अपने धार्मिक कार्यों के लिए एक अदद संस्कृत उवाचने वाले की जरुरत पड़ती है और उसके लिए कई ''रसूख''वाले यहां से निर... Read more
clicks 11 View   Vote 0 Like   5:14am 10 Jan 2020 #
Blogger: Gagan Sharma
उस प्राकृतिक कटोरेनुमा ताल के बगल में दीवारों से घिरे एक बागीचे का निर्माण मुग़ल बादशाह मुहम्मद शाह (1719-1748) के शासन काल में करवाया गया था। आज इसकी ज्यादातर चारदीवारी गिर चुकी है। इसके अलावा इसकी पहचान उस जगह के रूप में भी की जाती है जब 1735 में यहां मराठों की सैनिक छावनी ह... Read more
clicks 1 View   Vote 0 Like   4:23am 4 Jan 2020 #
Blogger: Gagan Sharma
आने वाले साल के 366 दिन सब के लिए सुख-शांति और निरोगिता ले कर आएं। सभी को आने वाले समय की शुभकामनाएं !नए साल पर अमेरिका के न्यूयार्क में टाइम्स स्क्वायर पर 1907 से चले आ रहे दुनिया के सबसे बड़े और मंहगे नव-वर्ष के जश्न पर, जहां एक युगल पर कम से कम 1200 डॉलर का खर्च बैठने ... Read more
clicks 1 View   Vote 0 Like   9:03am 30 Dec 2019 #
Blogger: Gagan Sharma
हमारे त्यौहार किसी ना किसी प्रयोजन से जुड़े होते हैं, उनका कुछ ना कुछ महत्व भी जरूर होता है और उनका उल्लेख हमारे वेद-शास्त्रों में भी जरूर मिलता है। लेकिन 25 दिसंबर को तुलसी पूजन दिवस की कोई कथा या जिक्र कहीं नहीं मिलता ! इसलिए ऐसी आशंका उठनी स्वाभाविक है कि सिर्फ विरो... Read more
clicks 1 View   Vote 0 Like   9:18am 25 Dec 2019 #
Blogger: Gagan Sharma
फ़ुटबाल में तो वह माहिर था पर उसे क्रिकेट खेलना ज्यादा भाता था; कारण, फ़ुटबाल में क्लास से कुछ ही घंटों की मुक्ति मिलती थी, वहीं क्रिकेट में दिन भर की मोहलत तो मिलती ही थी साथ में अच्छा खेलने पर एक-दो दिनों के लिए मास्साब की डांट से भी छुटकारा मिल जाता था। यह रहस्योघाट... Read more
clicks 1 View   Vote 0 Like   10:16am 13 Dec 2019 #
Blogger: Gagan Sharma
इस लिहाज से प्याज को सब्जी रूपी ''बाबा''भी कहा जा सकता है। जैसे आजकल के फर्जी बाबे, लोगों की मति फेर, उनको अपने वाग्जाल में उलझा कहीं का नहीं छोड़ते; ठीक वैसे ही यह ''प्याजिबाबा''भी लोगों को स्वाद के मायाजाल में उलझा कर उनका आर्थिक शोषण करने से बाज नहीं आ रहा है। और इध... Read more
clicks 1 View   Vote 0 Like   3:35am 11 Dec 2019 #
Blogger: Gagan Sharma
किसी किले जैसी दुर्गम बनावट वाली गहरी प्राकृतिक गुफा में दस मीटर की ऊंचाई से एक झरना गिरते हुए एक अद्भुत दृश्य की रचना करता है। इसे देख कर बचपन में पढ़ी कॉमिक्स में ''फैंटम''और उसके निवास की याद आ जाती है, बीहड़ का वैसा ही रहस्यमयी वातावरण, उसी से मिलती-जुलती गु... Read more
clicks 1 View   Vote 0 Like   6:11am 7 Dec 2019 #
Blogger: Gagan Sharma
खालसा पंथ में दिक्षित लोग जात-पांत के भेदभाव से दूर, आत्मज्ञानी, सरल चित्त, समाजसेवी होने के साथ-साथ किसी के बहकावे में ना आने वाले हैं ! वे जानते हैं कि हिंदू-सिख एक ही माँ की संतानें हैं ! एक ही शरीर के अंग हैं ! एक ही परिवार के सदस्य हैं ! सो यहां किसी की दाल गल नहीं र... Read more
clicks 1 View   Vote 0 Like   4:46am 6 Dec 2019 #
Blogger: Gagan Sharma
हमारे घटते प्राकृतिक संसाधनों, बढ़ते प्रदूषण, कम होती हरियाली और बढ़ते कंक्रीट के जंगलों का मुख्य कारण बेलगाम बढ़ती आबादी ही है। लोग बढ़ेंगे तो उनके लिए जगह भी चाहिए ! रोटी-पानी भी चाहिए ! गाडी-घोडा भी चाहिए ! और यह सब चाहिए तो फिर उपरोक्त कमियां तो सामने आएंगी ही ! पहल... Read more
clicks 1 View   Vote 0 Like   4:05am 4 Dec 2019 #
Blogger: Gagan Sharma
भानुमती ! कहीं की ईंट कहीं के रोडे को इकठ्ठा कर अपना कुनबा बना लेने वाली भानुमती ! किसी जादुयी पिटारे की स्वामिनी भानुमति ! दुर्योधन, कर्ण तथा अर्जुन के साथ अनोखे सम्बन्ध बनाने वाली भानुमति ! कौन थी ये महिला, जिसके नाम के मुहावरे उससे ज्यादा प्रसिद्ध हैं ... Read more
clicks 1 View   Vote 0 Like   6:27am 21 Nov 2019 #
Blogger: Gagan Sharma
मंदिर में चढ़ावा तो प्रतिबंधित है, तो लगता है कि शायद आय की आपूर्ति के लिए संबंधित लोगों का सारा ध्यान मंदिर के बाहर और अंदर की दुकानों की बिक्री पर केंद्रित हो गया है ! नहीं तो चारों ओर फैलती गंदगी पर ध्यान न जाए ये तो असंभव सा ही है। इसके साथ ही एक और विडंबना भी द... Read more
clicks 1 View   Vote 0 Like   3:05am 16 Nov 2019 #
Blogger: Gagan Sharma
दिनों-दिन बढ़ती आबादी का बोझ महानगरों से निकल अब छोटे शहरों को भी अपने चंगुल में लेने लगा है। पहाड़ की गोद में  बसा सुंदर प्यारा सा शहर देहरादून भी इसकी चपेट में आ चुका है। आबादी के साथ ही बढ़ते निर्माण, धुंआ उगलते बेलगाम वाहन, बेतरतीब यातायात,  घटती हरियाली, उड़ती ... Read more
clicks 1 View   Vote 0 Like   10:23am 14 Nov 2019 #
Blogger: Gagan Sharma
लेडिकेनि ! कुछ अजीब सा नाम नहीं लगता, वह भी जब यह किसी मिठाई का हो ! लेकिन यह सच है कि पश्चिम बंगाल में इस नाम की एक मशहूर मिठाई पाई जाती है जो काफी लोकप्रिय भी है। छेने और मैदे के मिश्रण को तल कर फिर चाशनी में सराबोर कर तैयार किए गए इस मिष्टान का नाम, 1856 से 1862 तक भारत के ग... Read more
clicks 4 View   Vote 0 Like   9:32am 31 Oct 2019 #
Blogger: Gagan Sharma
आप सभी मित्रों, परिजनों और "अनदेखे अपनों"को ह्रदय की गहराइयों से इस पावन पर्व की ढेरो व अशेष शुभकामनाएं। परमपिता की असीम कृपा से हम सब का जीवन पथ सदा प्रशस्त व आलोकित रहे ! राग-द्वेष दूर हों, सुख-शांति का वास हो, आने वाला समय भी शुभ और मंगलमय हो !#हिन्दी_ब्लागिंग&nb... Read more
clicks 5 View   Vote 0 Like   9:46am 26 Oct 2019 #
Blogger: Gagan Sharma
यह त्योहार हमें रूखी-सूखी खाकर ठंडा पानी पीने या जितनी चादर है उतने पैर पसारने की सलाह नहीं देता। इन उपदेशों का अपना महत्व जरूर है पर यह त्योहार यह सच्चाई भी बताता है कि भौतिक स्मृद्धि का भी जीवन में एक अहम स्थान है, इसका भी अपना महत्व है ! हमारे वेद-पुराणों में सर्व-शक्... Read more
clicks 3 View   Vote 0 Like   8:31am 25 Oct 2019 #
Blogger: Gagan Sharma
पौधों को नई जगह की आबो-हवा, धूप-झांव, मिटटी-पानी के साथ ताल-मेल बैठाने, परिस्थियों के अनुसार खुद को ढालने, आस-पास के माहौल में खुद को रमाने में कुछ तो समय लगना ही था ! हाथी इस बात को बखूबी समझते थे ! वे पौधों इत्यादि का समुचित ध्यान रख, समयानुसार उनका पोषण करते थे। पर इधर वान... Read more
clicks 12 View   Vote 0 Like   8:36am 21 Oct 2019 #
Blogger: Gagan Sharma
यह तो सर्व ज्ञात है कि अपने अंतिम समय में स्वर्ग यात्रा के दौरान पर्वतारोहण के समय, युधिष्ठिर को छोड़ एक-एक कर सभी पांडव भाइयों की मृत्यु होती चली गयी थी। लेकिन महाभारत की उपकथाओं में इस महाकाव्य के प्रमुख पात्र अर्जुन की इसके पहले भी एक बार हुई मृत्यु का एक... Read more
clicks 5 View   Vote 0 Like   9:38am 17 Oct 2019 #
Blogger: Gagan Sharma
कुछेक हिंदी के शब्द, नाम या चीजें अंग्रेजी में ज्यादा प्रचलित, सहज स्वीकार्य और कुछ-कुछ कर्णप्रिय सी हो जाती हैं। उदाहरण स्वरुप जैसे ''महाशयां दी हट्टी,''एम.डी.एच. के रूप में ज्यादा प्रचलित और जाना-माना है। युवाओं द्वारा बहु प्रयोगी  ''शिट, हगीज, बम''जैसे शब्दो... Read more
clicks 9 View   Vote 0 Like   4:42am 12 Oct 2019 #
Blogger: Gagan Sharma
आज, भले ही सांकेतिक रूप से ही सही, रावण को मारने, उसका दहन करने का जिम्मा किसको दिया जाता है ? आज पार्कों में, चौराहों पर, कालोनियों में या मैदानों में जो रावण के पुतले फूंके जाते हैं उनको फूंकने में अगुवाई करने वाले अधिकांश तो खुद बुराइयों के पुतले होते हैं ! उनकी तो खुद ... Read more
clicks 21 View   Vote 0 Like   4:16am 10 Oct 2019 #
Blogger: Gagan Sharma
जैसा कि कायस्थ परिवारों में श्रीवास्तव और वर्मा सरनेम लगता है उसी के अनुसार उनका नाम लाल बहादुर वर्मा रखा गया था। शास्त्री जी शुरू से ही जात-पात, ऊँच-नीच, छुआ-छूत जैसी प्रथाओं के विरोधी रहे थे। समय के साथ जब उन्हें गांधी जी के नेतृत्व में काम करने का अवसर मिला तो ... Read more
clicks 10 View   Vote 0 Like   9:04am 5 Oct 2019 #
Blogger: Gagan Sharma
पांच-छह साल के सात-आठ बच्चों का समूह ! जो बिना किसी जंतर-पाती (instruments) के खेलों से लेकर अमरुद की टेढ़ी डालियों से बनी हॉकी, ईंटों के विकेट वाली क्रिकेट, सबसे सस्ता खेल फ़ुटबाल, हर खेल खेलता था। पूरी फौज में हथियार यानी क्रिकेट का बैट मेरे ही पास होता था फिर ऊपर से ... Read more
clicks 10 View   Vote 0 Like   9:31am 26 Sep 2019 #
Blogger: Gagan Sharma
मानव-हितार्थ आविष्कारों के दौरान बहुतेरी बार ऐसा हुआ कि इस तरह के उपक्रमों में कई-कई तरह की अड़चनें व बाधाएं भी आ खड़ी होने लगीं ! उनको दूर करने के प्रयासों में वैज्ञानिकों ने पाया कि उनकी समस्या का हल कुदरत ने उससे मिलती-जुलती कई चीजों के तत्व, अवयव या न... Read more
clicks 15 View   Vote 0 Like   8:21am 16 Sep 2019 #
Blogger: Gagan Sharma
मानव-हितार्थ आविष्कारों के दौरान बहुतेरी बार ऐसा हुआ कि इस तरह के उपक्रमों में कई-कई तरह की अड़चनें व बाधाएं भी आ खड़ी होने लगीं ! उनको दूर करने के प्रयासों में वैज्ञानिकों ने पाया कि उनकी समस्या का हल कुदरत ने उससे मिलती-जुलती कई चीजों के तत्व, अवयव या न... Read more
clicks 3 View   Vote 0 Like   8:21am 16 Sep 2019 #
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