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कुछ अलग सा

एक रात जब एक पहरेदार ने सुबह चार बजे की सुचना घंटा बजा कर दी, तो दूसरे ने पूछा, का हो, मिसिर ! केतना बजइले ? पहला बोला, चार ! पर हम तो तीन ठो सुनले हईं ! पहला बोला।  अरे नाहीं, पूरा गिन के चार बार बजइले हईं !  दूसरा, अरे बुड़बक, तीन बार बजइले हउआ, फजिर में बड़ा साब निकाल बाहिर क...
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Gagan Sharma, Kuchh Alag sa
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  April 18, 2018, 1:26 pm
कवि वेंकटाध्वरि रचित ‘राघवयादवीयम्’ एक विलक्षण ग्रंथ है। इस ग्रंथ की विशेषता और अद्भुत खासियत यह है कि इसमें के 30 श्लोकों को अगर सीधे-सीधे पढ़ते जाएं, तो रामकथा बनती है, पर उन्हीं श्लोकों को उल्टा यानी विपरीत क्रम में पढ़ने पर वह कृष्ण-कथ...
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  April 13, 2018, 10:41 am
युवक अपने बच्चे को हिंदी वर्णमाला के अक्षरों से परिचित करवा रहा था। आजकल के अंग्रेजियत के समय में यह एक दुर्लभ वार्तालाप था सो मेरा सारा ध्यान उन पर ही अटक कर रह गया और मैं यथासंभव उनके साथ ही चलने लगा। कुछ ही देर में "ट वर्ग"की बारी आ गयी। युवक के 'ठ' से '...
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  April 11, 2018, 6:40 pm
पिछले साल एक फिल्म "हिंदी मीडियम"आई थी। जिसमें एक धनाढ्य व्यक्ति खुद को गरीब तबके का साबित कर अपने बच्चे को एक प्रतिष्ठित स्कूल में, आरक्षित कोटे के अंतर्गत दाखिल करवा देता है। पर दिल्ली के इन महाशय ने यह कारनामा फिल्म आने के चार साल पहले ही कर दिया था। ...
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  April 8, 2018, 4:17 pm
शादी-ब्याह में बेचारे समय को कौन पूछता है, खासकर पंजाबियों के यहां तो दो-तीन घंटे की बात कोई मायने ही नहीं रखती, ना ही उभय-पक्ष इस पर ध्यान देते हैं। पर उस समय हम सब आश्चर्य चकित रह गए जब ठीक छह बजे बारात दरवाजे पर आ खड़ी हुयी। थोड़ी हड़बड़ी तो हुई पर साढ़े आठ बजते-बजते पंडाल तकरी...
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  April 5, 2018, 6:28 pm
अपने यहां सार्वजनिक रूप से मेले-ठेले या होली-दिवाली मिलन पर इसका आयोजन तो फिर भी समझ में आता है पर अभी पिछले दिनों  "हिंदू नव वर्ष"समारोह में इसे आयोजित होते देख, पता नहीं कुछ अजीब सा क्यों लगा !  हालांकि खेल मजेदार है, उत्सुकता, मनोरंजन, एकाग्रता, रोम...
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  March 27, 2018, 3:44 pm
काफी कोशिशों के बाद भी न्याय ना मिलने पर पुजारी ताराचंद जी ने देवी  को ताले-जंजीर से  बाँध कर प्रतिज्ञा की कि जब तक देवी माँ  भगत को आशीर्वाद नहीं देंगी  और उसे निर्दोष साबित  नहीं करेंगी वह  ताला जंजीर  नहीं खोलेंगे....#हिन्दी_ब्लागिंग    जी हाँ ! यह सच ...
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  March 24, 2018, 4:33 pm
ठाकुर साहब, नई पीढ़ी समझदार है, वह हमसे ज्यादा व्यावहारिक है, उनके पास हमसे ज्यादा बड़े और व्यापक कार्य-क्षेत्र हैं। उनकी सोचने-समझने-निर्णय लेने की क्षमता तीव्र है। हमसे ज्यादा खतरा मोल लेने की क्षमता है। ये अपना अच्छा-बुरा खूब समझती है; पीढ़ियों का टकराव वे भी नहीं च...
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  March 16, 2018, 4:29 pm
ऐसा ही एक उत्पाद है,  #FOGG नाम का परफ्यूम, जो हट कर विज्ञापन देने के चक्कर में कुछ भी ऊल-जलूल, उटपटांग परोसता रहता है। यह  बात अलग है कि आजकल उल्टी-सीधी चीजें ही ज्यादा पसंद की जाती हैं, भले ही उनमें गुणवत्ता न हो ! इस कंपनी के ताजा विज्ञापन का विषय फिर इंडो-पाक ...
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  March 13, 2018, 4:52 pm
एक ऐसे समाज को, जो खुद आबादी का आधा ही हिस्सा है, किसने हक दिया महिलाओं के लिए साल में एक दिन निश्चित करने का ? कोई पूछने वाला नहीं है कि क्यों भाई संसार की आधी आबादी के लिए ऐसा क्यों ? क्या ये कोई विलुप्तप्राय प्रजाति है  ? यदि ऐसा है तो पुरुषों के नाम क्यों नहीं कोई द...
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  March 8, 2018, 11:32 am
जहां कानपुर के झिंझक इलाके के ग्राम रामनगर के निवासी खुद को होलिका का वंशज मानते हुए और उसके साथ घटी घटना को अन्याय मानने के कारण होली नहीं मनाते। वहीँ इसके अलावा झारखंड-प्रदेश के बोकारो जिले के दुर्गापुर तथा वहीं के गुण्डरदेही के एक ग्राम चंदनबि...
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  March 1, 2018, 1:38 pm
पता नहीं ऐसी कितनी ही जगहें इंतजार कर रही हैं अपने को खोजे जाने का ! अपने अस्तित्व के सार्थक होने का ! अपने इतिहास का दुनिया के सामने उजागर होने का !  जरुरत है ऐसी जगह जाने, पहुँचने वाले सिर्फ खुद ही देख कर ना रह जाएं, कोशिश करें इन जगहों के बारे में ज्यादा से ज्...
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  February 27, 2018, 5:12 pm
लोग "कैमरा कॉन्शस"होते हैं पर मैं तो "माइक कॉन्शस"हूँ। होता क्या है कि जब किसी जुगाड़ु मौके पर कुछ बोलने के लिए खड़ा होता हूँ, तो अपने दाएं-बाएं-पीछे भी नजर डालनी पड़ती है कि सब सुन भी रहे हैं या मुझे हल्के में ले अपने मोबाईल में घुस बैठे हैं और इस कसरत में ये जनाब ...
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  February 21, 2018, 3:55 pm
यहीं 1907 में निर्मित एक अनोखा मोनोरेल इंजन, जो पटियाला रियासत की विरासत था भी प्रदर्शित है। इस अनोखे इंजन की विशेषता थी कि इसका एक पहिया पटरी पर और दूसरा, जो आकार में बड़ा है वह सड़क पर चला करता था, देखने में यह एक पहिये वाली ट्रेन मालूम पड़ती है। इसी के साथ यहां रा...
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  February 19, 2018, 6:07 pm
पर जैसे ही प्रकृति खुद कुछ सुधार ला देती है, हम बेफिक्रे हो अपनी पुरानी औकात पर आ जाते हैं। मुसीबत टलते ही फिर ना किसी को पर्यावरण का ध्यान रहता है, ना हीं विषैले वातावरण का, ना हीं दम-घोँटू माहौल का ! सरकारें आलोचना से बच कर राहत की सांस ले अपने जोड़-तोड़ में लग जाती ...
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  February 15, 2018, 3:19 pm
दिल्ली का  #सफदरजंग_रेलवे_स्टेशन ऐसी ही एक जगह है। वैसे तो इसका पहुँच मार्ग, पार्किंग, प्रवेश पथ व प्लेटफार्म नंबर एक काफी साफ़-सुथरे और खुले-खुले है पर यदि आप पहली बार यहां से गाडी पकड़ने जा रहे हैं तो कुछ ज्यादा समय हाथ में लेकर निकलें। क्योंकि इसकी रेलवे की ओर से इस...
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  February 9, 2018, 12:08 pm
दिल्ली का सफदरजंग रेलवे स्टेशन ऐसी ही एक जगह है, जिसका पहुँच मार्ग, पार्किंग, प्रवेश पथ व एक नंबर प्लेटफार्म, काफी साफ़-सुथरे और खुले-खुले है पर यदि आप पहली बार यहां से गाडी पकड़ने जा रहे हैं तो कुछ ज्यादा समय हाथ में लेकर निकलें। क्योंकि रेलवे की ओर से इसकी निशानदेही ...
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  February 9, 2018, 12:08 pm
बहुत से लोगों को कहते सुना है कि पता नहीं क्यों हजार उपायों के बावजूद हमारे घर में कोई ना कोई किसी ना किसी व्याधि से पीड़ित ही रहता है। ऐसे लोगों का ध्यान अपनी इस आदत की ओर नहीं जाता कि  जिन जूतों इत्यादि को पहन कर वे दिन भर बाहर घूमते हैं उनमें सड़क की तरह-तरह क...
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  February 6, 2018, 6:23 pm
विशेषज्ञों के अनुसार डाइबटीज टू से पीड़ित रोगियों की संख्या करीब 80 प्रतिशत है और इनके लिए "इंसुलिन प्लांट"बहुत ही कारगर साबित हुआ है। इसके पत्तों का नियमित रूप से सेवन करने से पैंक्रियाज में हॉर्मोन बनाने वाली ग्रंथि के बीटा सेल्स मजबूत होते हैं। जिसके परिणामस्...
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  February 5, 2018, 4:04 pm
सीढ़ियां चढ़ते ही सूर्यमण्डप है जो नक्काशीदार खंबों पर टिका हुआ है। इसके बीचो-बीच आठ फिट का खूबसूरत झूमर लगाया गया है। स्वर्ण-खचित द्वार के बाद गर्भ-गृह में श्री राम-जानकी व हनुमान जी की भव्य प्रतिमाएं स्थापित की गयी हैं। इसके प्रदक्षिणा-पथ में श्री राधा-कृष्ण, गणेश ...
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  February 1, 2018, 12:18 pm
यह काल्पनिक कहानी नहीं है, बल्कि यथार्थ में घटित प्रकरण से प्रेरित एक सत्य कथा है जो हसने की बजाय  सोचने पर ज्यादा मजबूर करती है ! आज की पीढ़ी का आभासी संसार से लगाव उन्हें जानकारी से तो भरपूर करता है पर ज्ञान के रूप में सब शून्य बटे सन्नाटा ही नजर आता है......    नौकरी ...
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  January 30, 2018, 3:48 pm
यह काल्पनिक कहानी नहीं है, बल्कि यथार्थ में घटित प्रकरण से प्रेरित एक सत्य कथा है जो हसने की बजाय  सोचने पर ज्यादा मजबूर करती है ! आज की पीढ़ी का आभासी संसार से लगाव उन्हें जानकारी से तो भरपूर करता है पर ज्ञान के रूप में सब शून्य बटे सन्नाटा ही नजर आता है......    नौकरी ...
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  January 30, 2018, 3:48 pm
सूर्यदेव के उत्तरायण होने के अलावा और भी बहुतेरे कारण हैं जिनकी वजह से मकर संक्रांति का दिन महत्वपूर्ण माना जाता है। भले ही नाम और रूप अलग-अलग हों पर यह शायद अकेला त्यौहार है जो सर्वमान्य रूप से पूरे देश में मनाया जाता है। वैसे भी पर्व और त्यौहार हमें आपस में म...
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  January 13, 2018, 6:49 pm
आज एक फिल्म अपनी शुद्ध, भदेश गाली-गलौच वाली भाषा के कारण सुर्ख़ियों में है, जिसके निर्माता का दावा है कि  "स्लैंगी लैंग्वेज समाज की सच्चाई है" ! उसके अनुसार आज के समाज में ऐसी ही भाषा का इस्तेमाल होता है और आज का दर्शक इसी को पसंद करता है। पता नहीं वह किस समाज में और ...
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  January 11, 2018, 5:55 pm
जब साठ-सत्तर की उम्र के बाद, हर सुख, सुविधा, उपलब्धि, निरोगिता के बावजूद मन उचाट रहने लगे, डाक्टरी भाषा में अवसाद जैसी स्थिति बनी रहने लग जाए ! तो क्या यह कहीं प्रकृति का संकेत तो नहीं, कि अब पानी में तेल की बूँद हो जाने का समय आ गया है। धीरे-धीरे अपने आप को निःस्पृह कर...
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  January 9, 2018, 5:30 pm
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