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Blog: के.सी.वर्मा ''कमलेश''

Blogger: कमलेश भगवती प्रसाद वर्मा ''कमलेश'
आंखे थोड़ी थोड़ी सी जो, दिख रही हैं, चाहत की इक नई दास्तां, लिख रही हैं।। शरारत भरी तो थी पहले से इनमें बस आये अमल में कैसे ये तुमसे बेहतर सिख रही हैं।। हैं झपकती ये तो कुछ अलग ही कशिश होती है लहरों पर जैसे कोई ये कहानी लिख रही हैं।। वक़्त का जमाने पर ये नया निज़ाम आयद है कमलेश' ... Read more
clicks 62 View   Vote 0 Like   5:17pm 1 Sep 2020 #
Blogger: कमलेश भगवती प्रसाद वर्मा ''कमलेश'
तेरे शहर के परिंदे भी बेवफ़ा निकलेतुम तो निकले पर ये बे वजह निकले।।छोड़ दी हमने तेरे मुहल्ले की वो गली,ये तुम्हारे खैरख्वाह हर जगह निकले।।बड़ा सकून था तेरी यादों के महल मेंहर तरफ सहरा ही मिला जहां निकले।।देख कर चल दिए ज़मीं पर पैरों के निशांदस्तक सुनी दिल ने तो तुम यहां नि... Read more
clicks 67 View   Vote 0 Like   8:26am 5 Jul 2020 #
Blogger: कमलेश भगवती प्रसाद वर्मा ''कमलेश'
आज की स्वरचित रचना आप सब के लिए🌹😍🦋❤️शतरंज की ये बाज़ी,ना हम पर लगाइए।क्या कर रहे हैं आप❓अब देश को बताईये।चल रही हैं ट्रेन,बसें,ऑटो बे शुमार तो ये सड़कों पर कौन है,जरा समझाइये❓स्टेशनों,बस अड्डों पर खड़ाइतना बड़ा हजूम है,हज़ूर हमको/सबको भी,हमारे घर पहुंचाइये।हो सकता किसी नज़... Read more
clicks 95 View   Vote 0 Like   2:50pm 26 May 2020 #
Blogger: कमलेश भगवती प्रसाद वर्मा ''कमलेश'
 चल रहा है तू तू मैं मैं का सिलसिला।इनको उनसे ,उनको इनसे है शिकवा गिला।तुम्हारी इस बेहूदा तकरार सेहम मजबूर मज़दूरों कोक्या मिला।जो करना है वो सही जल्दी करोहौसले से भरा हाथसर पर धरो।राजनीति की रोटियांसेंक लेनामौके कल भी बहुत आएंगे,इस वक़्त दो बस बुझा चूल्हा जला।घर से ब... Read more
clicks 98 View   Vote 0 Like   4:54am 20 May 2020 #
Blogger: कमलेश भगवती प्रसाद वर्मा ''कमलेश'
तू आज मेरे ज़ख्मों का गर ना इलाज करेगा तू क्या सोचता है? हम पर कल भी राज करेगा। जिनके लिए बैठे हो तुम इस सरकार में तो भूखे बच्चों का हमारे पेट कौन भरेगा। ये काल,महाकाल बन रहा है तुच्छ राजनीति के लिए नव सत्र ,नव युग का आगाज़ करेगा। जिनको नहीं मिल रही इनकी बेबसी, लाचारी की दवा, ... Read more
clicks 110 View   Vote 0 Like   3:34pm 19 May 2020 #
Blogger: कमलेश भगवती प्रसाद वर्मा ''कमलेश'
#coronalockdown हैं कैसे आप सब, घर में बताओ जरा। है मुसीबत की घड़ी, में भी मुस्कराओ जरा। जैसे आई है ये, चली जायेगी बस ,धैर्य बल दिखाओ जरा। मुश्किल है,ना मुमकिन नहीं शौर्य से हमेशा है शत्रु डरा। जो ठान लें,उनकी बात मान लें राष्ट्र प्रेम से है, सारा देश भरा। हुआ पैदा कहाँ,जाने सारा जहां ल... Read more
clicks 73 View   Vote 0 Like   2:08pm 23 Apr 2020 #
Blogger: कमलेश भगवती प्रसाद वर्मा ''कमलेश'
उस दौर में इस दौर में जमीं आसमां का फर्क है।मुद्दों को इस तरह सियासत में उलझाया नही करते।तरानों/ग़ज़लों से दिल कोबहलाते हैं लोग,तरानों से इंक़लाब अब आया नहीं करते।जब था तब था उस बात काअसर जमाने में,इतिहास को बेवजह दीवार परचिपकाया नही करते।जिनको ज़िद्द है ना समझने कीगोया,... Read more
clicks 104 View   Vote 0 Like   2:03pm 3 Jan 2020 #
Blogger: कमलेश भगवती प्रसाद वर्मा ''कमलेश'
जहां थे गुलमोहर,अमलतास के फूल बिखरे।उन राहों में ईंट-पत्थर बिछाए किसने?जहां होती थी बात,रंगों की पतंगों की!उस अदब के आसमां मेंशोले जलाए किसने?सबको हक़ है! बातरखने की 'कमलेश' भारत में,मगर  जोश भरे,हज़ूमों केजज़्बात बरगलाए किसने?कमलेश वर्मा💐... Read more
clicks 73 View   Vote 0 Like   1:21pm 20 Dec 2019 #
Blogger: कमलेश भगवती प्रसाद वर्मा ''कमलेश'
🌺🌹🌺🌹🌺🌹🌺🌹🌺ज़िंदा हूँ ज़िंदगी के अशरातनज़र आने लगे हैं।एक और भी है शख़्स लोगमजलिशों में बताने लगे हैं।सुना है उनके भी पैग़ामअब आने लगे हैं।उनके सपने हकीकत मेंसताने लगे हैं।महफिलों में है,गुफ्तगू हसीन चेहरे नज़र आने लगे हैं।कहीं दूर शबाब निखरा हैभँवरे मंडराने लगे हैं।... Read more
clicks 70 View   Vote 0 Like   5:23pm 1 Dec 2019 #
Blogger: कमलेश भगवती प्रसाद वर्मा ''कमलेश'
हम बेख़बर थे ,अपने कल के लिएक़दम ठिठके ,एक पल के लिए।बहुत दूर जाते, दिखे वो सभीरुक गए थे राह में, जिनके लिए।मन्ज़िल की राह, कुछ दुशवार थीहाथों से कांटे चुने थे इनके लिए।जख़्म रिसते रहे,पर दर्द काफूर थानहीं वक़्त था ,उफ़ करने के लिए।आसमां में दिखी,एक चिड़िया उड़ती हुईचोंच में दबाए ... Read more
clicks 90 View   Vote 0 Like   5:55pm 22 Nov 2019 #ज़िन्दगी
Blogger: कमलेश भगवती प्रसाद वर्मा ''कमलेश'
ये जो ज़ख़्म ,शिक़वे गिले हैं,ग़ैरों से नहीं अपनों सेमिले है।💐किससे करूं शिकवा'कमलेश'ये तो सदियों से चलते आयेसिलसिले हैं।💐देख कर जिनको खुश हो रही हैदुनियाये वही हैं जो खुद से भी नाअब तक मिले हैं।💐जज़्ब  किये सीने मेंदर्द के समंदर कोअश्क़ बयां कर देते हैंलब अब तक सिले हैं।... Read more
clicks 67 View   Vote 0 Like   2:36am 25 Oct 2019 #
Blogger: कमलेश भगवती प्रसाद वर्मा ''कमलेश'
Kamlesh Bhagwati Parsad Verma बाराबंकी के रहने वाले कमलेश जी पेशे से ऑप्टोमेट्रिस्ट हैं व फिलहाल राजकीय मेडिकल कॉलेज, पटियाला में ऑप्थलमिक ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं, बहुत पुराने, ब्लॉगिंग के समय से मित्र हैं। अपने बारे में लिखते हुए कमलेश जी कहते हैं "आस्तिक हूँ, पाखण्डी नहीं" मुझे उन प... Read more
clicks 65 View   Vote 0 Like   2:36am 25 Oct 2019 #
Blogger: कमलेश भगवती प्रसाद वर्मा ''कमलेश'
कभी जो जान देते थे मेरे एक इशारे पर। अब वो रूठ कर बैठे हैं किनारे पर।🌹 मगर मुझको पता है ये एक अदा है उनकी तरस आ ही जायेगा मेरे जैसे बेचारे पर।🌹 कभी गमगीन होकर यूँ ही पलकें भिगो बैठे हो गयी बरसात अश्कों की उनके भी चौबारे पर।🌹 लगता है सबको वो हमसे रूठ बैठे हैं मना लेने का य... Read more
clicks 90 View   Vote 0 Like   3:53pm 20 Sep 2019 #
Blogger: कमलेश भगवती प्रसाद वर्मा ''कमलेश'
क्यूँ ? मुझपे उसको यकीं आता नही । यूँ ही बेवज़ह कोई ,अश्क़ बहाता नहीं।।🌹 शब सारी गुजरी है ,इन गीली आँखों में। क्या ? मेरा ख्वाब भी ,उसको सताता नहीं।।🌹 रूह जलती है उसकी, यादे तपिस में। जिस्म जलता तो ,इतना रुलाता नहीं।।🌹 कमलेश'पहरे बिठा दूं ,यादों के महल में। अब इधर  कोई , आता ज... Read more
clicks 97 View   Vote 0 Like   5:28pm 9 Sep 2019 #
Blogger: कमलेश भगवती प्रसाद वर्मा ''कमलेश'
मर्ज़ी जिस दौर से गुजरे उम्र, फेंक पत्थर हलचल मचा दीजिए! हर दौर ज़िंदगी का मज़ेदार है यारों, हर पल ज़िंदगी का मज़ा लीजिए। जो बच गए हों गिले, शिकवे ज़माने से, मुस्करा कर उनको दिल से विदा कीजिए। मेरे गुलशन में हमेशा गुलाब खिलते नहीं, गेंदा चमेली की खुशबू का भी मज़ा लीजि... Read more
clicks 64 View   Vote 0 Like   5:15pm 9 Sep 2019 #
Blogger: कमलेश भगवती प्रसाद वर्मा ''कमलेश'
🌹🌹🌹मां 🌹🌹🌹 ----_--------+---+------------ एक दिन ही क्यूँ❓ मां का मनाते हैं हम। 🌹 है कितना प्यार, दुनिया को बताते हैं हम। 🌹 नहीं गुजरता था ,जिसके बिना एक  छिन। 🌹 हम मनाने लगे, उसके लिए एक दिन। 🌹 जिसकी आँचल की छाँव में ,पल कर बढे। 🌹 जिसकी उंगली पकड़ ,हम सब आगे बढे। 🌹 कहीं गिर पड़े पाँव में, को... Read more
clicks 194 View   Vote 0 Like   11:55am 12 May 2019 #
Blogger: कमलेश भगवती प्रसाद वर्मा ''कमलेश'
जो बैठ न्याय की कुर्सी पर , मुंसिफ इंसाफ नहीं करते।।💐 जनता क्या उनको ईश्वर/ख़ुदा भी माफ नहीं करते।।💐 निज़ाम बदल जाते हैं उनके जो जनमत की परवाह नहीं करते।।💐 यूँ नही डोल रही है ,कश्ती सागर में भूकंपी झटकों को अफवाह नही कहते।।💐 अन्तर्मन की गहराई में ,कुछ तो ढूंढो होगा क्या ... Read more
clicks 201 View   Vote 0 Like   4:25pm 19 Dec 2018 #
Blogger: कमलेश भगवती प्रसाद वर्मा ''कमलेश'
अगर तूफ़ानों का डर होता समन्दर पार नहीं करते।💐 गर यकीं ना होता कश्ती का लहरों पर ऐतबार नहीं करते।💐 तेरे मान जाने का तस्सवुर था मेरे दिल में, जरा भी शक होता इश्क़ का इज़हार नहीं करते।💐 कमलेश' गर डर होता इस ज़माने का, कभी भी इस जहां में दो दिल प्यार नहीं करते।।💐💐कमलेश वर्मा 'क... Read more
clicks 145 View   Vote 0 Like   8:03am 15 Dec 2018 #
Blogger: कमलेश भगवती प्रसाद वर्मा ''कमलेश'
यूँ ही जीवन पथ पर हम चलते रहे। ग़म ख़ुशी इक साथ मचलते रहे।💐 कभी पाँव  फिसले जब इस कठिन राह में कभी फिसलते रहे और सम्भलते रहे।💐 मिले इस सफ़र में कुछ हमदर्द भी,बेदर्द भी कभी मिलते रहे कभी बिछड़ते रहे।💐 महल सपनों के जो मेरी आँखों में थे कुछ संवरते रहे कुछ बिखरते रहे।💐 कुछ लम्ह... Read more
clicks 133 View   Vote 0 Like   6:07pm 14 Dec 2018 #
Blogger: कमलेश भगवती प्रसाद वर्मा ''कमलेश'
💐💐💐💐💐💐 ज़िंदगी में गुजरे उन हसीन लम्हों को , यूँ ही खो नही सकता।💐 संजो रखे हैं भविष्य के सपने , अपनी आँखों में सपनों भरी  आँखों से, मैं सो नही सकता।💐 मिल के देखे जो सपने , हमने मन की आँखों से, ये पूँजी प्रेम की है ये सपने खो नहीं सकता।💐 पहला और आखिरी उद्देश्य, बस तू ही है जो ... Read more
clicks 127 View   Vote 0 Like   4:22am 17 Nov 2018 #
Blogger: कमलेश भगवती प्रसाद वर्मा ''कमलेश'
हुआ है क्या लोगों ,आज़ के ज़माने को, ढूंढता है क्यूँ ,हर गली जाती है मयख़ाने को।💐 छोड़ दी पीनी हमने ,उसके इसरार पर पाबन्दी लगा दी है मगर, उसने हमें बताने की।💐 नींद भरी आंखों में ,ना देखो लाल डोरों को, परछाईं है उसकी मय भरी 'आंखों के पैमानों की।💐 लड़खड़ाता हूँ मैं ये सबको ,बहुत अजीब ... Read more
clicks 249 View   Vote 0 Like   1:14pm 18 Sep 2018 #
Blogger: कमलेश भगवती प्रसाद वर्मा ''कमलेश'
ये कैसा शहर है ना कोई काफ़िया ना कोई बहर है।💐 क्यूँ उनींदा सा है ए बोझिल पलकों में सुबह की पहर है।💐 क्यूँ फ़िज़ां में है फैला धुँआ धुँआ सा ये ! आलूदगी का ज़हर है।💐 रवाँ रवाँ थी ज़िन्दगी जिसकी सुबह शाम अब क्यूँ गया ठहर है।💐 पुर अमन की हक़ीक़त है अब जब यहां, क्यूँ नहीं चेहरों पर आत... Read more
clicks 131 View   Vote 0 Like   4:25am 16 Sep 2018 #
Blogger: कमलेश भगवती प्रसाद वर्मा ''कमलेश'
उल्फ़त में तेरी कोई ,भी सज़ा क़बूल है। बे वजह ही सही कोई ,भी वज़ह क़बूल है। ना शिकवा कोई तुमसे ,ना माथे पर कोई शिकन, शिद्दत से  निभाना दोस्ती, अपना उसूल है। जब हमने तुमको अपना, जहां समझ लिया, फिर चाहत में शक़ के कंकड़, ढूंढना फ़िज़ूल है। बिजलियाँ ज़माने की, हम पर गिरती रहीं मगर, महफूज़ रहा... Read more
clicks 261 View   Vote 0 Like   10:08am 7 Sep 2018 #
Blogger: कमलेश भगवती प्रसाद वर्मा ''कमलेश'
लगा दो आग इस गुलशन में नही जिसकी तुमको ज़रूरत है। शोलों की तपिश में देख ले दुनिया असल में क्या हकीकत है।। ना कोई भाई चारा है आपस में ना कोई भी नाता है ।। हम हम की बू से भरा कचरा हर तरफ नज़र आता है।। कल तक जो हमराज़ हमसाया बन कर बैठे थे। लोग सबसे पूछते हैं आज इनके आपस में कैसे र... Read more
clicks 171 View   Vote 0 Like   10:57am 30 Aug 2018 #
Blogger: कमलेश भगवती प्रसाद वर्मा ''कमलेश'
💐💐स्वन्त्रता दिवस की बधाई💐 आओ मिल कर जश्न मनाएं ,हम अपनी आज़ादी का। आओ सभी तिरंगा फहराएं ,प्रतीक  हमारी आज़ादी का।। देखो कितने संघर्षों से पाई ,थी हमने ये आज़ादी। असँख्य बलिदानों से घर आई ,आज़ादी की शहज़ादी।। इस गुलशन के कितने सितारे ,राहों में ही छूट गए। कितने गुलदस्ते जो ... Read more
clicks 193 View   Vote 0 Like   6:28pm 14 Aug 2018 #
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