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के.सी.वर्मा ''कमलेश''

हिन्दी से सबको सबसे, हिन्दी को है पूरी आशा ,फले-फूले दिन-रात चौगुनी ,जन-मानस की भाषा ।इसमें निहित है हमारे पूरे , देश राष्ट्र -धर्म की मर्यादा ,जितना इसका मंथन होता ,बढ़े ज्ञान अमृत और ज्यादा ।बदल रहें इसके कार्य -क्षेत्र ,बदल रही सीमा परिभाषा,आभाषी मन मचल रहे हैं ,ले एक नय...
के.सी.वर्मा ''कमलेश''...
Tag :हिंदी
  December 15, 2017, 9:34 pm
जो थे चिराग कभी घर के, कैसे देहरी के बुझे दिये हो गये। जिनके बिना सभी रचनाएं थी अधूरी, कैसे जिंदगी के हाशीये हो गये ।। तुम्हारे लिए  ही वक़्त उनके पास था, आज वक़्त नहीं है उनके लिए, घर घर नहीं बन पाएगा बिन माँ बाप के, फिरता रहे बेरुखी के तिनके लिए। ये ना भूलेंगे तुझे ता उम्र भर , ...
के.सी.वर्मा ''कमलेश''...
Tag :
  November 18, 2017, 12:47 am
समंदर के किनारों पर ,अपना नाम लिखता हूँ। पता है मिटा देंगी इन्हें लहरें। फिर भी बेखौफ आम लिखता हूँ।। खुद ही खींच कर समानान्तर लकीरें, उनके साथ चलता हूँ। कभी तो मिल जाएं ये आपस में, दुआओं संग यही पैग़ाम लिखता हूँ।। कहीं कोई छाप ना लग जाये , मेरे शब्दों पर, कभी रहीम लिखता हूँ ,...
के.सी.वर्मा ''कमलेश''...
Tag :
  September 7, 2017, 9:59 am
आंसूओ के मोती ,यूँ जाया  ना करो , ये दौलत है कीमती, यूँ बहाया ना करो। हंसते रहना हमेशा, जिनकी फ़ितरत रही, उनकी खूबसूरती , बेवज़ह यूँ ही गंवाया ना करो। इनके गिरने से टूट जाते हैं, रास्ते के पत्थर, झूठे ज़ज़्बातों के ख़ातिर , पलकों को भिगाया ना करो। जिन आंखों का गर , सूख चुका हो पानी उ...
के.सी.वर्मा ''कमलेश''...
Tag :कुदरत
  August 1, 2017, 11:53 am
दीया जलता रहा,मेघ बरसते रहे , उनके दीदार को ,ये नैन तरसते रहे। जा बसे हो जब से,पिया तुम परदेस में, नैन हर पल उसी राह में ,ये भटकते रहे। टीश सी उठती है,इस दिल के ज़ख़्म में, दर्दे -जुदाई में बिलखते रहे,सिसकते रहे। बीते लम्हों की माला ,इक 2पिरोती रही, लड़ी बनती रही,दर्द के लम्हे बिखरत...
के.सी.वर्मा ''कमलेश''...
Tag :
  July 25, 2017, 1:09 pm
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के.सी.वर्मा ''कमलेश''...
Tag :
  November 1, 2015, 10:21 pm
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के.सी.वर्मा ''कमलेश''...
Tag :
  October 4, 2015, 8:37 pm
मैं हिन्दू हूँ वो मुसलमां है ज़माना रोज़ कहता हैं । मगर इंसान है दोनों। मैं भी समझता हूँ वो भी समझता है।। मगर ये दूरियां बनाने की कोशिशें कौन करता है। है ईमान खतरे में ये कान कौन भरता है।। ये मैं भी समझता हूँ और वो भी समझता है।। नही जब भेद है दिल में तो बाहर चौकसी कैसी । कहीं ...
के.सी.वर्मा ''कमलेश''...
Tag :
  October 3, 2015, 7:53 pm
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के.सी.वर्मा ''कमलेश''...
Tag :
  September 15, 2015, 9:05 pm
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के.सी.वर्मा ''कमलेश''...
Tag :
  September 15, 2015, 12:18 pm
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के.सी.वर्मा ''कमलेश''...
Tag :
  August 26, 2015, 10:10 pm
जब निकले तेरी गली से दिल में ख्याल आया। आता था कभी नज़र चाँद के टुकड़े का साया ।। बरबस नजरें अब भी ढूंढती है तुमको पर वीरान सी खिड़की को बन्द पाया। मन में कहीं अब भी बाकी है तेरी चाहत बन्द खिड़की में  दिखती है तेरी छाया।। भूल जाने की तेरी ज़िद ने तोड़ दी ज़िंदगी जी कर भी अपनी ना ,...
के.सी.वर्मा ''कमलेश''...
Tag :
  August 19, 2015, 4:37 pm
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के.सी.वर्मा ''कमलेश''...
Tag :
  August 7, 2015, 10:09 pm
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के.सी.वर्मा ''कमलेश''...
Tag :
  August 2, 2015, 6:40 pm
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के.सी.वर्मा ''कमलेश''...
Tag :
  July 26, 2015, 1:19 pm
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के.सी.वर्मा ''कमलेश''...
Tag :
  July 5, 2015, 1:49 pm
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के.सी.वर्मा ''कमलेश''...
Tag :
  June 21, 2015, 2:37 pm
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के.सी.वर्मा ''कमलेश''...
Tag :
  June 19, 2015, 9:10 am
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के.सी.वर्मा ''कमलेश''...
Tag :ग़ज़ल
  June 6, 2015, 3:29 pm
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के.सी.वर्मा ''कमलेश''...
Tag :
  May 27, 2015, 11:06 pm
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के.सी.वर्मा ''कमलेश''...
Tag :शबाब ।।
  May 21, 2015, 8:55 pm
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के.सी.वर्मा ''कमलेश''...
Tag :
  May 11, 2015, 7:38 pm
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के.सी.वर्मा ''कमलेश''...
Tag :
  May 5, 2015, 4:01 pm
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के.सी.वर्मा ''कमलेश''...
Tag :
  May 5, 2015, 3:58 pm
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