| उँगलियों के इशारे नचाने लगीउम्र की सीढ़ियों कुछ कदम ही बढेअंग -प्रत्यंग शीशे झलकने लगेवो खुमारी चढ़ी मद भरे जाम सेनैन प्याले तो छल-छल छलकने लगेलालिमा जो चढ़ी गाल टेसू हुएभाव भौंहों से पल-पल थिरकने लगेजुल्फ नागिन से फुंफकारती सी दिखेहोश-मदहोशी में थे बदलने लगेनींद ... |
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September 30, 2012, 11:02 pm |
| जन्माष्टमी की हार्दिक शुभ कामनाये आप सपरिवार और सारी प्यारी मित्र मण्डली को भी आप के भ्रमर की तरफ से जय श्री कृष्णा ….भ्रमर ५कान्हा कृष्णा मुरली मनोहर आओ प्यारे आओव्रत ले शुभ सब -नैना तरसें और नहीं तरसाओजाल –जंजाल- काल सब काटे बन्दी गृह में आओमातु देवकी पिता श्री को प्... |
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August 10, 2012, 10:50 pm |
| मृगनयनी कैसी तू नारी ??------------------------------मृगनयनी कजरारे नैना मोरनी जैसी चालपुन्केशर से जुल्फ तुम्हारे तू पराग की खानतितली सी इतराती फिरती सब को नाच नचातीतू पतंग सी उड़े आसमाँ लहर लहर बल खातीकभी पास में कभी दूर हो मन को है तरसातीइसे जिताती उसे हराती जिन्हें 'काट' ना आतीकभी उ... |
| मेह सावन की ‘बदली’ नहाने लगीरूप पल -पल बदलती रही रात भरचांदनी जिसमे से छल-छ्लाने लगीवो छन-छन छनक आ मिली नैन सेमुझको चातक चकोरा बनाने लगीरूपसी -प्रेयसी झिलमिलाती दिखीजुल्फ झर- झर वहीं झहराने लगीलाल सूरज की बिंदिया को छोड़े कभीपूर्णिमा चाँद माथे सजाने लगीजाने कितने सि... |
| जैसे गोरी घूँघट में हो—————————–रंग बिरंगी बदरी डोलींघेर गयीं “दिनकर” कोशरमाया सा छुपा जा रहाआंचल – बदली के वोतभी प्रिया ने करवट बदलाछन- छन लाली आयीसप्त रंग के इंद्र धनुष बनशरमाना दिखलाईजैसे गोरी घूँघट में होपलक किये कुछ नीचेचपला सी मुस्कान लहर कोवो अधरों में भींच... |
| होंठ रसीले लरज रहे हैं शायद रस-मधु घोलेचाँद सा मुखड़ा सूर्यमयी है घूँघट कब ये खोले ?नैन जादुई झील से गहरे जीव जगत सब तरते ढाई आखर प्रेम ग्रन्थ में गहराई सब डूबे -------------------------Bhramar5५.१२-५.२२ पूर्वाह्न ६.४.२०१२ कुल्लू यच पी Dadi Maa sapne naa mujhko sach ki tu taveej bandha de..hansti rah tu Dadi Amma aanchal sir par mere daale... |
| वचपनकाप्रेम ------------------औरउसदिनजबतुम अपने "उनके" साथ अपनीमाँसेमिलनेआईथी दरवाजेकीदेहरीपर दीवारसेचिपकी -चुपचापमेरीओरताकरहीथी मैकिताबोंमेंखोया -व्यस्त -मस्त अचानकउसतुम्हारेदरवाजेपर नजरकाजाना -औरफिर बिजलीकौंधजाना जोरदाररौशनी ढेरसारीयादें तेरालजाना -लालचेहर... |
| वचपनकाप्रेम ------------------औरउसदिनजबतुम अपने "उनके" साथ अपनीमाँसेमिलनेआईथी दरवाजेकीदेहरीपर दीवारसेचिपकी -चुपचापमेरीओरताकरहीथी मैकिताबोंमेंखोया -व्यस्त -मस्त अचानकउसतुम्हारेदरवाजेपर नजरकाजाना -औरफिर बिजलीकौंधजाना जोरदाररौशनी ढेरसारीयादें तेरालजाना -लालचेहर... |
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December 11, 2011, 7:21 pm |
| प्रिय मित्रों सजने संवरने के दिन आ गये दिवाली गयी तो रोशन कर गयी मन को तन को -अब सब वक्त को निहार लें किस मुकाम पर कौन खड़ा है क्या कौन झाँक रहा दस्तक दे रहा , वक्त के हिसाब से आओ चलें अपनी अपनी कुछ जिम्मेदारियां भी समझें और निभाएं ….आज कुछ अलग सा …..खड़ी आईने के संग जाकरआँखो... |
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November 3, 2011, 9:48 am |
| आइये कुल्लू दशहरा हिमाचल में प्रभु श्री राम के दर्शन करें और मेले का आनंद लें ...बच्चे मन के सच्चे हैं फूलों जैसे अच्छे हैं मेरी मम्मा कहती हैं तुझसे जितने बच्चे हैं सब अम्मा के प्यारे हैं --Dadi Maa sapne naa mujhko sach ki tu taveej bandha de..hansti rah tu Dadi Amma aanchal sir par mere daale ..join hands to improve quality n gd workगुणवत्ता बनाये रखने में ... |
| मेरी एक अलग जाति हैछुआ छूत है मुझसेअधिकतर लोग किनारा किये रहते हैं३६ का आंकड़ा है मेरा उनकानाम के लिए मैएक पदाधिकारी हूँ एक कार्यालय कालेकिन चपरासी बाबू सब प्यारे हैदिल के करीब हैंकंधे से कन्धा मिलायेठठाते हैं हँसते बतियाते हैंपुडिया से दारु ..कबाबअँधेरी गली के सब रा... |
| कहीं विकिलीक्स का खुलासा तो कहीं आतंकियों की दहशत त्रस्त है आज जनता , कब कौन बाजार से या कचहरी से लौट के आये या न आये भगवन ही जानता है …ऐसे में महबूब की याद उनसे दो पल मिल लेना मन को सुकून देता है आगे न जाने क्या हो जब तक जिओ जी भर जियोथोडा हट के लीक से आज प्रस्तुति …..इतनी सुन... |
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September 7, 2011, 1:27 pm |
| आप सभी को श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर ढेर सारी हार्दिक शुभ कामनाएं आइये आवाहन करें की कृष्ण हम सब में आयें और अनाचार मिटायें हमारे सभी आन्दोलन सफल हों और दुराचारी भ्रष्टाचारी मुह की खाएं-इस कलयुग में द्वापर की बातें याद आ जाती हैं -आज तो कितनी द्रौपदी बेचारी कोई कान्हा न... |
| हीरा हैं हम सोना हैं हम चांदी सा हम चमकेंगे !सोने की चिड़िया, दूध की नदिया ,"हरित-क्रांति" दिखलायेंगे !!-----------------------------गाओ बच्चों मेरे संग में !मिल जाओ सब मेरे दल में !!घर-घर से आवाज उठी है बन्दे मातरम -बन्दे मातरम !लिए तिरंगा मै निकला हूँ कदम ताल कर -छम्मक छम !----------------------------------गाँव ... |
| मेरे सपनो की तस्वीर खाली पड़ीरंग भर दोगे मुझको ये अनुमान दो मंदिरों में भटकता नहीं मूर्ति बोली प्राण बन जाओगे कोई आभास दो मेरे सपनो की तस्वीर.......जंगलों में भटकता रहा रात दिन ये भी वीरान से -तुम कहाँ -ख्वाब दो पर्वतों पे चढ़ा पाँव घायल किया रक्त रिश्ता है उर स... |
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August 14, 2011, 12:04 pm |
| बहना मेरी दूर पड़ा मैदिल के तू है पासअभी बोल देगी तू “भैया”सदा लगी है आस——————-मुन्नी -गुडिया प्यारी मेरीतू है मेरा खिलौनामै मुन्ना-पप्पू-बबलू हूँबिन तेरे मेरा क्या होना !—————————तू ही मेरी सखी सहेलीकितना खेल खिलायाकभी -कभी मेरी नाक पकड़ केतूने बहुत चिढाया !——————–... |
| आई बरखा बहार –घर आ जा बलमूआई बरखा बहाररिमझिम पड़े ला फुहारजियरा उमडि–उमडि तरसाएघर आ जा बलमू !!—————————–नीम के डारी झूला पड़ गएतन मन सब गदरायाधानी चुनरिया – पेंग लड़ाकरउडि मन- ज्वालामुखी बनायाहरियाली -संग फूल खिले- परपीला पड़ता गात हमारामूक नैन हों इत- उत भटकेंरिमझि... |
| आँख से छलके हुए आंसू से भीगा-मै था उस झील की गहराई में कुछ दूर तक उतरा ही था जल परी -ख्वाब के महलों में रसातल जाऊं जम गए बूँद -बिंदु-झील बस डूबा जाऊं पानी पत्थर भी जम के हो जाते चाहता रह गया -दुनिया को कैसे बतलाऊँ !!शुक्ल भ्रमर ५ जल पी बी १८.७.११ - ८.१० -मध्याह्न Dadi Maa sapne naa mujhko sach k... |
| सच एक हंस है पानी दूध को अलग किये ये मोती खाता -मान-सरोवर डटा हुआ है धवल चाँद है अंधियारे को दूर भगाताघोर अमावस -अंधियारे में महिमा अपनी रहे बताता ये तो भाई पूर्ण पड़ा है !----------------------------सच-सूरज है अडिग टिका है लाख कुहासा या अँधियारा चीर फाड़ हर बाधाओं को रोशन करने जग आ जात... |
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