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सत्यार्थमित्र

एक अंग्रेजी व्हाट्सएप सन्देश से प्रेरित ताज़ी रचना यही समय है आँखें खोलोजब इस दुनिया से चल दूंगा, तुम रोओगे नहीं सुनूंगा व्यर्थ तुम्हारे आँसू होंगे, तब उनको ना पोछ सकूंगा बेहतर है तुम अभी यहीं पर मेरी खातिर जी भर रो लो यही समय है आँखें खोलोमेरे पी...
सत्यार्थमित्र...
सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी
Tag :सत्यार्थमित्र
  September 19, 2016, 10:00 am
#साइकिल_से_सैरतीन-चार दिन लगातार बारिश होने के बाद कल धूप खिली तो बाहर सड़क पर आवाजाही बढ़ गयी। सुबह बिस्तर पर पड़ा-पड़ा पहले तो मैं आलस्य रस का भोग करता रहा लेकिन अचानक उठ बैठा। मानो मेरी साइकिल ने जोर से घंटी बजाकर जगा दिया हो। बरामदे में खड़ी साइकिल ने दिखाया कि आँगन में बि...
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सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी
Tag :सत्यार्थमित्र
  August 26, 2016, 5:54 pm
#‎साइकिल_से_सैर‬‪#‎तैराकी‬रायबरेली के नेहरू स्टेडियम में स्विमिंग पूल चालू हुआ तो मैंने अपनी साइकिल से सैर का कार्यक्रम इस तरण-ताल से जोड़ दिया। पिछले महीने भर से मेरी रायबरेली में सुबह की चर्या प्रायः एक जैसी हो गयी है। अब साइकिल से इधर-उधर घूमने के बजाय मैं तैराकी की ...
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सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी
Tag :आँखो-देखी
  June 29, 2016, 12:17 pm
‪#‎साइकिल_से_सैर‬इंदिरानगर मुंशीपुलिया के सेक्टर 16 के अपने अपार्टमेंट की छत से जब उत्तर की ओर देखता था तो कंक्रीट के जंगल के पीछे मीलों दूर प्राकृतिक हरियाली वाले असली जंगल की स्काइलाइन दिखायी देती थी। जब मेरी साइकिल कुछ दिनों के लिए लखनऊ पहुंची तो मैंने उस हरियाली क...
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सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी
Tag :कुकरैल
  June 11, 2016, 1:43 pm
#साइकिल_से_सैर, लखनऊ मेंपिछले शनिवार को बुद्ध पूर्णिमा और अगले दिन रविवार की छुट्टी तो थी ही, शुक्रवार को एनपीएस पर परिचर्चा के लिए मुख्यालय से सभी कोषाधिकारियों को बुलावा आ गया तो मुझे लगातार चार रातें और तीन दिन लखनऊ में गुजारने का मौका मिल गया। वृहस्पतिवार की शाम ऑफ...
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सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी
Tag :CMS Lucknow
  May 24, 2016, 4:50 pm
शत्रुघ्न सिंह चौहान गुजरात राज्य सरकार के सिंचाई विभाग में नौकरी करते थे। उनकी 1976 में छंटनी हो गयी। फिर किसी सरकारी निगम में पुनः सेवायोजित होकर 1991 में सेवानिवृत्त हुए। सरकार इन्हें पेंशन मंजूर करती इसके पहले ही 08 अगस्त 1992 को मृत्यु हो गयी। उनकी विधवा पत्नी अपने पुत्र ...
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सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी
Tag :राज-काज
  May 16, 2016, 9:58 pm
सूखती नदी पर पसरी हरियाली14 मई 2016 इब्राहिमपुर, रायबरेली ‪#‎साइकिल_से_सैर‬आज साइकिल लेकर सीधे स्टेडियम पहुँचा जहाँ का तरणताल हाल ही में तैराकी के शौक़ीन शहरियों के लिए फिर से खोल दिया गया है। साइक्लिंग के साथ-साथ स्विमिंग का आनंद लेते हुए मुझे तीन दिन ही हुए थे, लेकिन आ...
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सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी
Tag :गाँव-गिरांव
  May 14, 2016, 10:30 am
साइकिल_से_सैर आज तीन दिन के ब्रेक के बाद जब साइकिल से सैर की बारी आयी तो बाहर निकलने पर ध्यान आया कि आज मंगलवार है, बजरंग बली का दिन जिनके नाम भक्तगण मंगल व्रत रखते हैं और आज मंदिरों में विशेष पूजा और दर्शन की भीड़ रहती है। मैंने भी छात्र-जीवन में पूरी पाबन्दी से हनुमान जी...
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सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी
Tag :जैसा देखा
  May 13, 2016, 10:00 am
स्टेशन पहुँचने पर उसे पता चला कि आज राजधानी एक्सप्रेस दो घंटे विलम्ब से चलेगी। इसके रूट पर कोई मालगाड़ी डिरेल हो गयी थी। दिल्ली में एक ऑफ़िस से दूसरे ऑफ़िस का चक्कर लगाते हुए कब सुबह से शाम हो गयी इसका पता ही नहीं चला। दिन भर चिलचिलाती धूप और गर्मी में भटकना था इसलिए उस...
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सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी
Tag :सत्यार्थमित्र
  May 12, 2016, 1:00 pm
साइकिल से सैर में साप्ताहिक विरामधन्नो आज अकेली होगी रायबरेली में आ पहुँचा हूँ आज लखनऊ वाली खोली में आज साइकिल मेरी सैर नहीं कर पायेगी खड़ी रहेगी पड़ी रहेगी वहीं हवेली में आलस का आनंद मुफ़्त में आज उठाता हूँ कोई वैद्य नहीं दे सकता इसको गोली में बच्चों की म...
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सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी
Tag :गृहिणी
  May 8, 2016, 5:30 am
6 मई, 2016 शहीद स्मारक स्थल मुंशीगंज,रायबरेली ‪#‎साइकिल_से_सैर‬आज की सुबह का मौसम क्या मस्त था। आसमान में छुट्टा बादलों की आवाजाही और पुरवाई के वेग को रोकती-टोकती पछुवा हवा बारिश की संभावना बताती हुई भी सैर पर निकलने वालों को डरा नहीं रही थी। घर से बाहर निकलते ही महसूस ह...
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सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी
Tag :राज-काज
  May 6, 2016, 5:30 pm
5 मई 2016 सीताराम पुर, रायबरेली ‪#‎साईकिल_से_सैर‬आज सैर पर निकलने को हुए तो साइकिल ने टोका - रोज एक ही रस्ते जाने पर बोर नहीं होते? मैंने तड़ से उसका मूड ताड़ लिया और कानपुर जाने वाले हाइवे की ओर चल दिया। मेरे घर के पास रायबरेली से इलाहाबाद जाने वाली सड़क पर है 'मामा चौराहा'जहा...
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सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी
Tag :सत्यार्थमित्र
  May 5, 2016, 8:00 am
वैसे तो मुझे साइकिल खरीदे महीना भर से ऊपर हो गया; और खरीदा भी था सुबह की सैर के लिए ही, लेकिन कोषागार के काम में अत्यन्त व्यस्त होने का भाव और शादी-विवाह के मौसम में इधर-उधर की यात्राओं का प्रभाव ऐसा हुआ कि इस अद्‍भुत आनंद में लगातार व्यवधान आता रहा। लेकिन अब मैंने तय कर लि...
सत्यार्थमित्र...
सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी
Tag :
  May 4, 2016, 2:37 pm
टाइम्स ऑफ़ इंडिया में आध्यात्मिक और धार्मिक संदर्भों पर रोचक आलेख प्रकाशित करने वाला नियमित स्तंभ स्पीकिंग ट्रीअब ऑनलाइन उपलब्ध है और इसका हिंदी संस्करणभी आ गया है, जिसमें अनेक बार ज्योतिष और शास्त्र के नाम पर अंधविश्वास और टोना-टोटका वाली सामग्री भी दिख जाती है। ऐस...
सत्यार्थमित्र...
सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी
Tag :उन्नयन
  September 22, 2015, 2:37 pm
कल सुहागिन स्त्रियों ने कजरी तीज का व्रत रखा। कुछ ने तो फलाहार लिया होगा, मेंहदी रचायी होगी, खूब खुशियाँ मनायी होंगी लेकिन बहुतों ने निराहार, निर्जला व्रत किया होगा। अपने प्राण संकट में डाले होंगे, शारीरिक कष्ट में रात गुजारी होगी अपने पति के सुदीर्घ जीवन की कामना से। ...
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सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी
Tag :आप-बीती
  September 17, 2015, 4:39 pm
रायबरेली के स्थानीय शायरों की संगत में पड़कर मैंने जो मासिक तरही नशिस्त पकड़ी थी उसमें सरकारी कामों की व्यस्तता के कारण व्यतिक्रम होता रहता है। इस बार भी यह नशिस्त छूटने ही वाली थी लेकिन मैंने गिरते पड़ते इसमें दाखिला ले ही लिया। इलाहाबाद से भागकर रायबरेली आया। इसबार म...
सत्यार्थमित्र...
सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी
Tag :कविता
  July 25, 2015, 2:19 pm
बच्चों के स्कूल की छुट्टियाँ अब समाप्त होने वाली हैं। लेकिन बच्चे छुट्टी का आनंद लेने के बजाय होमवर्क पूरा करने में लगे हैं।  जैसे-जैसे दिन नजदीक आ रहा है उनकी बेचैनी बढ़ती जा रही है। होमवर्क भी ऐसा जिसे अपने दम पर पूरा करना लगभग असंभव ही है। सभी विषयों में एक से एक बीह...
सत्यार्थमित्र...
सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी
Tag :अपनी बात
  June 20, 2015, 5:34 pm
हाल ही में मुझे इलाहाबाद से सटे कौशांबी जिले में स्थित कड़ा-धाम की शीतला देवी के मंदिर जाने का अवसर मिला। मेरे कार्यालय का स्टाफ़ व रायबरेली के अन्य लोगों ने भी बताया था कि यह बहुत ही महत्वपूर्ण मंदिर है, सिद्ध पीठ है जहाँ दूर-दूर से देवी के दर्शनार्थी आते हैं। साल में एक ब...
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सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी
Tag :तीर्थयात्रा
  May 24, 2015, 9:34 am
अमर शहीद भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव को याद करते हुए आज एक मेला लगा है, मुंशीगंज- रायबरेली में। वर्ष 1921 के मुंशीगंज गोलीकांड को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के ‘दूसरे जालियाँवाला बाग’का ऐतिहासिक महत्व प्राप्त है। इन शहीदों के अमर बलिदान के सम्मान में यहाँ सई नदी के तट पर ...
सत्यार्थमित्र...
सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी
Tag :अपनी बात
  March 23, 2015, 10:00 am
अहा ! फरवरी कितनी प्यारी।कड़ी ठण्ड से पीछा छूटा सर्दी से गठ बंधन टूटा अब अलाव है नहीं जरूरी दूर हुई सबकी मज़बूरी बच्चे अब भरते किलकारी अहा ! फरवरी कितनी प्यारी।1।बिस्तर से हट गयी रजाई हीटर की हो गयी विदाई कम्बल भी बक्से में सोया ...
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सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी
Tag :आँखो-देखी
  February 26, 2015, 4:20 pm
रुबाईहर शाख हरी भरी महकते हैं फूलजो साथ मिले तेरा चहकते हैं फूल लहरा जो गयी हवा तेरा आँचल सुर्खपाकर के जवाँ अगन दहकते हैं फूल ग़ज़लआज ये हादसा हो गया प्यार मेरा जुदा हो गया बंदगी कर न पाया कभी यार मेरा ख़ुदा हो गयाआप ने तो जिसे छू लिया वो ही सोना खरा...
सत्यार्थमित्र...
सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी
Tag :अपनी बात
  January 21, 2015, 9:42 am
(बह्‍र : फाइलुन फाइलुन फाइलुन फ‍अ)फासले बढ़ रहे जिंदगी में दूरियाँ हो गयीं आदमी में चल पड़े हैं कहीं से कहीं हम  ज़ानेजाँ बस तिरी आशिक़ी में इश्क में डूबने की न पूछो हुस्न देखा किया चाँदनी में फूल भी, ख़ार भी मोतबर हैं हुस्न पोशीदा है हर किसी में नाज़-नख़रे...
सत्यार्थमित्र...
सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी
Tag :कविता
  December 22, 2014, 8:00 am
तरही नशिस्त में उस्ताद जी ने चुनौती दी रुबाई कहने की। शायरी में रुबाई छंद कठिन माना जाता है। इसमें बीस-बीस मात्राओं की चार लाइनें कहनी होती हैं जिनकी पहली, दूसरी और चौथी लाइन की तुक (काफिया) समान होता है। सभी लाइ्नों में मात्राओं का क्रम (बह्‍र) एक समान रखना होता है और चा...
सत्यार्थमित्र...
सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी
Tag :आप-बीती
  December 19, 2014, 5:37 pm
उस्ताद ने इस बार जब मिसरा दिया था तो मैं उपस्थित नहीं था। किसी और ने जब फोन पर बताकर नोट कराया तो इसकी बहर गलत समझ ली गयी और पूरी ग़जल गलत बहर में कह दी गयी। बाद में ऐन वक्त पर नशिस्त से पहले गलती का पता चला तो काट-छांट करके और कुछ मलहम पट्टी लगाकर शेर खड़े किये गये। अब यहाँ ब...
सत्यार्थमित्र...
सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी
Tag :गीत
  November 15, 2014, 3:13 pm
मीडिया के लिए मोदी की चाय पार्टी से सोशल मीडिया में जो हलचल मची है वह प्याले में तूफान की उक्ति चरितार्थ करती है। प्रिन्ट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की प्रायः सभी बड़ी हस्तियाँ जो देश की राजधानी में कार्यरत हैं उन्हें नरेन्द्र मोदी ने आदर सहित बुलाया, दीपावली की शुभकामनाए...
सत्यार्थमित्र...
सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी
Tag :society against corruption
  October 26, 2014, 10:10 am
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