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Blog: अंगिका

Blogger: prem prakash
एक ही हैनजदीकी आगाज जैसाफासला अंजाम जैसा   हालात दोनों एक ही हैखुमारी में बतकहीखामोशी पर अफसोस   जज्बात दोनों एक ही हैइधर अबोला सा कुछउधर अनसुना सा बहुत   आवाज दोनों एक ही हैलिखना मेरा आखर आखरपढ़ना तेरा नयन भरकर   किताब दोनों एक ही हैमेरे चश्मे में नमी जैस... Read more
clicks 63 View   Vote 0 Like   6:19am 5 Jan 2020 #
Blogger: prem prakash
दूब-घास का हरा मटमैला संसारगांव-गंवई का देशज विस्तारएक बिंदू को जबरन रेखा बना देनाअबीरी उल्लास कासिंदूरी भार से दब जानाएक सपनीली रात का गर्भपातसंस्कृति का अपनी ही बेटी के साथपरंपरागत विश्वासघात हैअनुभव की यह दुहाईपहले एक लड़की देती थीअब एक औरत देती हैअपनी ही आंखों... Read more
clicks 112 View   Vote 0 Like   10:42am 3 Dec 2018 #प्यार
Blogger: prem prakash
मैं तुम्हारे चेहरे पर हंस सकता हूंमैं तुमसे पूछ सकता हूंकि कोयले के खदान में क्या कम पर गया था चट्टानमैं कह सकता हूं कि तुम स्थगित कर दो अपने चेहरे को अपने अस्तित्वबोध से मैं तुम्हारे सामने नहीं खोल सकताअपने महंगे कैमरे का लेंससौंदर्य को नरम के साथ पोर्न मैगजीन को अपन... Read more
clicks 206 View   Vote 0 Like   11:23am 27 Sep 2018 #शब्द
Blogger: prem prakash
अच्छा है नभ बरस रहा हैबाहर-अंदर सब भींग रहा हैघोषित है हर ओर आद्रता                पानी से मनमानी खतरनाक है                शुष्कता अब शर्मनाक हैसोचा था वो एेसे होंगेसोचा था वो वैसे होंगेसोचा उसकी सोच के बाबत          &nbs... Read more
clicks 140 View   Vote 0 Like   9:43am 22 Sep 2018 #बाजार
Blogger: prem prakash
तू बोले तोतिमिर तम घोरतू बोले तोभोरमभोरकड़वे बोलमीठे बोलतू बोले तोसब अनमोलमेरी जिह्वामेरी वाणीनहीं चाहिएउनका मोल13.09.18... Read more
clicks 138 View   Vote 0 Like   8:45am 13 Sep 2018 #शब्द
Blogger: prem prakash
मेरी अंग्रेजी मेरे खिलाफ जा रही हैमुझे जो हिन्दी याद नहींवो अब याद आ रही हैमैं अंग्रेजी की लिखावट मेंनहीं लिख सकती अपना गांवयादों में तरोताजा सहेलियों की चुहलशादी से पहले अलग बुलाकर कही भाभी की वो गुदगुदा देने वाली बातहिन्दी वैसी हैजैसे मैं बांधती हूं अपने केशएक ... Read more
clicks 130 View   Vote 0 Like   2:01pm 11 Sep 2018 #महानगर
Blogger: prem prakash
जिसे पाया नहींखोना उसका भीकचोट देता हैजिसे गाया नहींउतरना उसका अधरों सेमन मसोस देता हैदोपहर सा मनहर तरलतासोख लेता हैदुविधा का समंदरमांझी को हर बारटोक देता हैसोच कीदुबली रेखा जोअकेली ही गुजरती हैअकेले होने का खतराअच्छे-अच्छों कोदबोच लेता है11.09.18... Read more
clicks 126 View   Vote 0 Like   11:02am 11 Sep 2018 #शब्द
Blogger: prem prakash
तेरे मीनार पर चढ़करतुम्हारी दीवार पर जाकरकोई कुछ भी लिख देतुम्हारे इस संकोचग्रस्त लोकतंत्र परलिंकन तो दुखीपर सिमोन फिदा हैअस्मिता का कलशबौद्धिकों के हाथों मेंसर्वाधिक असुरक्षित हैआधी दुनिया की इस पूरी समझ कोनारा या विरोधी तख्ती की दरकार नहींउसे संवेदना का लोकत... Read more
clicks 150 View   Vote 0 Like   1:18pm 5 Sep 2018 #महानगर
Blogger: prem prakash
ईश्वर के पहरे मेंसोया है तालनीरवता का श्लेषएकांत का रूपक नहींप्रकृति और आस्था कायुगल अवतरणछवि और छाया कामिलन बोध हैवृक्षों की छाया कासघन पत्राचारमंदिर की महिमा सेसीधे भगवान सेद्वैत के दर्शन काअद्वैत बोध हैयहां आकर सूरजबदलता है कपड़ेयहीं चांदनीअपना धरती श्रृंगा... Read more
clicks 96 View   Vote 0 Like   11:10am 3 Sep 2018 #शब्द
Blogger: prem prakash
दुनिया में पहला वायरल फीवरगंदा पानी पीनेया कुछ भी ऐसा-वैसा खाने से नहीं हुआ होगामेडिकल साइंस को मान लेनी चाहिए यह बातऔर बंद करना चाहिएदुनिया के पहले रोगपहले बुखार के खिलाफ प्रोपेगेंडा वारवायरल फीवर की पहलीऔर आखिरी वजह एक हैऔर वह वजह सेव हैवह सेव जिसे कभी प्रेम कातो ... Read more
clicks 150 View   Vote 0 Like   9:27am 2 Sep 2018 #बाजार
Blogger: prem prakash
गर्म धूप की सेंक सेपक रही हैं लड़कियांमोहल्ले की लड़कियांफरवरी के महीने मेंबरामदे की कुर्सियों परछत पर बिछी चटाई परखुले लॉन मेंऊन के फंदों मेंकस रही हैं लड़कियांबैडमिंटन के कोर्ट मेंशटल के पंखों सेउड़ रही हैं लड़कियांलड़कों का क्रिकेट बॉलउड़ा ला रहे हैं लड़कियों की बातें... Read more
clicks 107 View   Vote 0 Like   6:34am 2 Sep 2018 #महानगर
Blogger: prem prakash
1.भाषा के न्यूटन ने जब लिखा होगासंधि विच्छेद का नियमतब पैदा नहीं हुए होंगे चाणक्यन ही होती होगीराज्यों के बीच संधिन होती होंगी शिखर वार्ताएंन बनाता होगा कोई बढ़ई गोलमेजतब बकरी की भाषा बोलने कानहीं करता होगा कोई लोमड़ी रियाजतब शरणार्थीखैराती शामियाने के नीचे सिर छि... Read more
clicks 111 View   Vote 0 Like   6:14am 1 Sep 2018 #महानगर
Blogger: prem prakash
पोस्टबॉक्स में रखा पोस्टकार्डइनबॉक्स में आकर हैरान हैयहां संवेदना बस सूचनाऔर सूचना एक युद्धक विमान है01.09.18... Read more
clicks 129 View   Vote 0 Like   5:45am 1 Sep 2018 #महानगर
Blogger: prem prakash
आशा में क्षीण होनाआकांक्षा में निम्न होनाअपेक्षा में दीन होनाप्रेम में शून्य होना नहींसंवेदना में लीन होना हैकविता में शालीन होना है... Read more
clicks 159 View   Vote 0 Like   2:09pm 31 Aug 2018 #शब्द
Blogger: prem prakash
-प्रेम प्रकाशकेरल में अपनी सरकार बनाने की खुशी को बड़ी कामयाबी के तौर पर जाहिर करतेहुए माकपा ने अखबारों में पूरे-पूरे पन्ने के रंगीन विज्ञापन दिए।इससे पहले इस तरह का आत्मप्रचार वामदलों की तरफ से शायद ही देखने को मिलाहो। दरअसल, पिछले दो दशकों में और उसमें भी हालिया दो स... Read more
clicks 181 View   Vote 0 Like   5:04am 24 Jun 2016 #बाजार
Blogger: prem prakash
ज्ञानपीठ पुरस्कार को इस साल पचास साल पूरे हो रहे हैं। यह अलग बात है कि इस साल 49वें ज्ञानपीठ पुरस्कार की घोषणा हुई है, जो वरिष्ठ हिदी कवि केदारनाथ सिह को दिया गया है। वर्ष के हिसाब से केदारजी को यह सम्मान 2०13 के लिए दिया गया है।अपनी अर्धशती लंबी इस यात्रा में भारतीय भाषाओं... Read more
clicks 183 View   Vote 0 Like   3:13pm 24 Nov 2014 #संवेदना
Blogger: prem prakash
सन्निधि संगोष्ठी दिल्ली में होने वाली साहित्यक गतिविधियों का अब एक जरूरी पन्ना बनता जा रहा है। इसका सतत आयोजन एक उपलब्धि की तरह है। मेरे पुराने साथी और वरिष्ठ पत्रकार प्रसून लतांत की इस आयोजन को सफल और सतत बनाने में बड़ी भूमिका रही है। इस बारे में समय-समय पर उनसे ... Read more
clicks 205 View   Vote 0 Like   10:13am 17 Sep 2014 #शब्द
Blogger: prem prakash
 कॉलोनी का सातवां और उसके आहाते का आखिरी पेड़ थाजमा कर आया जिसे वहअजन्मे पत्तों के साथ बैंक मेंइससे पहलेबेसन मलती बरामदे की धूपआलते के पांव नाचती सुबहबजती रंगोलियांरहन रखकर खरीदा था उसनेहुंडरु का वाटरफॉलनिवेश युग के सबसे व्यस्त चौराहे परगूंजेंगी जब उसके नाम की कि... Read more
clicks 169 View   Vote 0 Like   10:41am 10 Jun 2014 #महानगर
Blogger: prem prakash
चंद्रकांत देवताले देवताले पचास के दशक के आखिर में हिंदी कविता जगत में एक हस्तक्षेप के रूप में उभरते हैं और उनका यह हस्तक्षेप आगे चलकर भी न तो कभी स्थगित हुआ और न ही कमजोर पड़ा। देवताले की काव्य संवेदना पर वीरेन डंगवाल की चर्चित टिप्पणी है, कि वे 'हाशिए' के नहीं बल्क... Read more
clicks 234 View   Vote 1 Like   8:47am 6 Jan 2013 #संबंध
Blogger: prem prakash
रौंदे गए खेत की तरह पहुंची वह डेस्क पर भरभरा कर ढहती मिट्टी का सिलसिला शिथिल पड़ गया था पर थमा नहीं था बिल्कुल पुलिस लग गई थी छानबीन में सुराग की छेद में समाया था टीचर से ब्वॉयफ्रेंड बना गिरिधारीकवर की बॉटम होगी पूरे पांच कॉलम कीउघड़ी खबर की आंखें कल शहर की तमाम आंखों की त... Read more
clicks 207 View   Vote 0 Like   7:35am 8 Jul 2012 #संबंध
Blogger: prem prakash
तुम्हें तो पंख मिले हैं फितरतनजाओ न उड़ो तुम भीकहो कि मेरा है आकाशक्योंआखिर क्यों चाहिए तुम्हेंउतनी ही हवा जितनी उसके बांहों के घेरे में हैक्यों है जमीन उतनी ही तुम्हारीजहां तक वह पीपल घनेरा हैसुनी नहीं बहस तुमने टीवी परबिन ब्याही भी पूरी है औरतक्या बैर है तुम्हारा ... Read more
clicks 188 View   Vote 0 Like   5:55pm 4 Jun 2012 #
Blogger: prem prakash
आंखों से काजल चुराने वाले सियाने भले अब पुरानी कहानियों, कविताई  और मुहावरों में ही मिलें पर ग्लोबल दौर की चोरी और चोर भी कम नहीं है। दरअसल, चोरी एक ऐसी कर्म है जिसका इस्तेमाल विचार से लेकर संस्कार तक हर क्षेत्र में होता रहा है। जाहिर है जिस परंपरा का विस्तार और प्रसार इ... Read more
clicks 300 View   Vote 0 Like   1:04pm 22 Apr 2012 #बाजार
Blogger: prem prakash
कूल्हों के झटकों पर मौसम नहीं बदलतेशेयर दलालों की बांछें भले खिल जाएं उघड़ी टांगों पर तैरती फिसलनया तो बरसाती हैया सोची-समझी शरारतपेज थ्री की जंघाओं में मचलती जिन मछलियों नेड्राइंग रूम के लिए कराया है इक्वेरियम का अविष्कार समझ लेना होगा उन्हें कि रैंप पर चलने वालों ... Read more
clicks 221 View   Vote 0 Like   1:26pm 9 Jan 2012 #संबंध
Blogger: prem prakash
(1)पनघट-पनघट पूरबिया बरतबहुत दूर तक दे गयी आहटशहरों ने तलाशी नदी अपनीतलाबों पोखरों ने भरी पुनर्जन्म की किलकारीगाया रहीम ने फिर दोहा अपनाऐतिहासिक धोखा है पानी के पूर्वजों को भूलना(2)पानी पर तैरते किरणों का दूर जानाऔर तड़के ठेकुआ खाने रथ के साथ दौड़ पड़ना भक्ति का सबसे बड़ा ... Read more
clicks 230 View   Vote 0 Like   7:06am 31 Oct 2011 #संबंध
Blogger: prem prakash
ठंडा पानी मीठा पांवरुठे पांव दबाता गांवपाहुन गीत सुनाता गांव बीत चुका है रीता गांवघुटता-पिसता रिसता गांवचढ़ते-चढ़ते गिरता गांवखड़े समय में झुकता गांवतेज समय पर रुकता गांवसपना टूटा टूटा गांवहड्डी टूटी टूटा पांवसब टूटे तो टूटा गांवसब आगे बस छूटा गांवकोलतार बीच कच्चा ग... Read more
clicks 221 View   Vote 0 Like   4:39pm 15 Oct 2011 #बाजार
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