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अंगिका

-प्रेम प्रकाशकेरल में अपनी सरकार बनाने की खुशी को बड़ी कामयाबी के तौर पर जाहिर करतेहुए माकपा ने अखबारों में पूरे-पूरे पन्ने के रंगीन विज्ञापन दिए।इससे पहले इस तरह का आत्मप्रचार वामदलों की तरफ से शायद ही देखने को मिलाहो। दरअसल, पिछले दो दशकों में और उसमें भी हालिया दो स...
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Tag :बाजार
  June 24, 2016, 10:34 am
ज्ञानपीठ पुरस्कार को इस साल पचास साल पूरे हो रहे हैं। यह अलग बात है कि इस साल 49वें ज्ञानपीठ पुरस्कार की घोषणा हुई है, जो वरिष्ठ हिदी कवि केदारनाथ सिह को दिया गया है। वर्ष के हिसाब से केदारजी को यह सम्मान 2०13 के लिए दिया गया है।अपनी अर्धशती लंबी इस यात्रा में भारतीय भाषाओं...
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Tag :संवेदना
  November 24, 2014, 8:43 pm
सन्निधि संगोष्ठी दिल्ली में होने वाली साहित्यक गतिविधियों का अब एक जरूरी पन्ना बनता जा रहा है। इसका सतत आयोजन एक उपलब्धि की तरह है। मेरे पुराने साथी और वरिष्ठ पत्रकार प्रसून लतांत की इस आयोजन को सफल और सतत बनाने में बड़ी भूमिका रही है। इस बारे में समय-समय पर उनसे ...
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Tag :शब्द
  September 17, 2014, 3:43 pm
 कॉलोनी का सातवां और उसके आहाते का आखिरी पेड़ थाजमा कर आया जिसे वहअजन्मे पत्तों के साथ बैंक मेंइससे पहलेबेसन मलती बरामदे की धूपआलते के पांव नाचती सुबहबजती रंगोलियांरहन रखकर खरीदा था उसनेहुंडरु का वाटरफॉलनिवेश युग के सबसे व्यस्त चौराहे परगूंजेंगी जब उसके नाम की कि...
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Tag :महानगर
  June 10, 2014, 4:11 pm
चंद्रकांत देवताले देवताले पचास के दशक के आखिर में हिंदी कविता जगत में एक हस्तक्षेप के रूप में उभरते हैं और उनका यह हस्तक्षेप आगे चलकर भी न तो कभी स्थगित हुआ और न ही कमजोर पड़ा। देवताले की काव्य संवेदना पर वीरेन डंगवाल की चर्चित टिप्पणी है, कि वे 'हाशिए' के नहीं बल्क...
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Tag :संबंध
  January 6, 2013, 2:17 pm
रौंदे गए खेत की तरह पहुंची वह डेस्क पर भरभरा कर ढहती मिट्टी का सिलसिला शिथिल पड़ गया था पर थमा नहीं था बिल्कुल पुलिस लग गई थी छानबीन में सुराग की छेद में समाया था टीचर से ब्वॉयफ्रेंड बना गिरिधारीकवर की बॉटम होगी पूरे पांच कॉलम कीउघड़ी खबर की आंखें कल शहर की तमाम आंखों की त...
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Tag :संबंध
  July 8, 2012, 1:05 pm
तुम्हें तो पंख मिले हैं फितरतनजाओ न उड़ो तुम भीकहो कि मेरा है आकाशक्योंआखिर क्यों चाहिए तुम्हेंउतनी ही हवा जितनी उसके बांहों के घेरे में हैक्यों है जमीन उतनी ही तुम्हारीजहां तक वह पीपल घनेरा हैसुनी नहीं बहस तुमने टीवी परबिन ब्याही भी पूरी है औरतक्या बैर है तुम्हारा ...
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Tag :
  June 4, 2012, 11:25 pm
आंखों से काजल चुराने वाले सियाने भले अब पुरानी कहानियों, कविताई  और मुहावरों में ही मिलें पर ग्लोबल दौर की चोरी और चोर भी कम नहीं है। दरअसल, चोरी एक ऐसी कर्म है जिसका इस्तेमाल विचार से लेकर संस्कार तक हर क्षेत्र में होता रहा है। जाहिर है जिस परंपरा का विस्तार और प्रसार इ...
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Tag :बाजार
  April 22, 2012, 6:34 pm
कूल्हों के झटकों पर मौसम नहीं बदलतेशेयर दलालों की बांछें भले खिल जाएं उघड़ी टांगों पर तैरती फिसलनया तो बरसाती हैया सोची-समझी शरारतपेज थ्री की जंघाओं में मचलती जिन मछलियों नेड्राइंग रूम के लिए कराया है इक्वेरियम का अविष्कार समझ लेना होगा उन्हें कि रैंप पर चलने वालों ...
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Tag :संबंध
  January 9, 2012, 6:56 pm
(1)पनघट-पनघट पूरबिया बरतबहुत दूर तक दे गयी आहटशहरों ने तलाशी नदी अपनीतलाबों पोखरों ने भरी पुनर्जन्म की किलकारीगाया रहीम ने फिर दोहा अपनाऐतिहासिक धोखा है पानी के पूर्वजों को भूलना(2)पानी पर तैरते किरणों का दूर जानाऔर तड़के ठेकुआ खाने रथ के साथ दौड़ पड़ना भक्ति का सबसे बड़ा ...
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Tag :संबंध
  October 31, 2011, 12:36 pm
ठंडा पानी मीठा पांवरुठे पांव दबाता गांवपाहुन गीत सुनाता गांव बीत चुका है रीता गांवघुटता-पिसता रिसता गांवचढ़ते-चढ़ते गिरता गांवखड़े समय में झुकता गांवतेज समय पर रुकता गांवसपना टूटा टूटा गांवहड्डी टूटी टूटा पांवसब टूटे तो टूटा गांवसब आगे बस छूटा गांवकोलतार बीच कच्चा ग...
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Tag :बाजार
  October 15, 2011, 10:09 pm
पहला शब्द पुरुषफिर चुनिंदा फूल और भीना-भीना प्यारगोदने की तरहचमड़ी में उतरे हैं शब्द कईनीले-नीले हरे कत्थईनंगी पीठ पर उसकी थोड़ा ऊपरबस वहींएकदम पासउत्तेजना की चरमस्थलीस्पर्शसुख का जैकपॉटसच शादी की रजत वर्षगांठ परवह सिर्फ पति नहींउस कला संग्रहालय का मालिक भी हैजहां...
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Tag :प्यार
  October 8, 2011, 9:03 pm
पांव से छिटककर दूर जब बजने लगे पायल तो बदहवासी में सौ नंबर पर डॉयलमनुहार का अत्याचारी सच बयां करने वाली पुलिस थाने में धूल खा रही फाइलप्यार के चर्मरोग का इलाज बताएं न बताएंइस बीमारी के गलगला गए यथार्थ को मुहरबंद जरूर करती हैं ...
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Tag :संबंध
  October 2, 2011, 8:29 pm
बुझी नहीं है  आग न झुका है  आसमानतमगे हम लाख पहनेंया कि  पा लें पेशेवर रहमदिली का सबसे बड़ा इनामपत्थर में धड़कन की तरह सख्त सन्नाटे को दरकाती  आवाजसमय ने भी कर दिया इनकार जिस सुनने सेकविता की ये पंक्तियां चुराई हैं मैंने भी खासी बेशर्मी से उस बच्चे की बेपरवाह आँखों स...
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Tag :संवेदना
  September 25, 2011, 9:28 pm
कॉलोनी का सातवां  और उसके आहाते का   आखिरी पेड़ थाजमा कर आया जिसे वह अजन्मे पत्तों के साथ बैंक मेंइससे पहले बेसन मलती बरामदे की धूपआलते के पांव नाचती सुबह बजती रंगोलियां रहन रखकर खरीदा था उसने हुंडरु का वाटरफॉलनिवेश युग के सबसे व्यस्त चौराहे परगूंजेंगी जब उसके नाम क...
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Tag :बाजार
  September 13, 2011, 3:46 pm
सदी के आखिर में बंधतेलाखों-करोड़ों असबाबों के बीचछूट गयी है वह किसी पोंगी मान्यता की तरहनहीं लेना चाहता कोई अपने साथनहीं चाहता होना कोईनयी सदी में उसके पासआने-जाने वाले हर रास्ते परचलते-फिरते हर शख्स को जागो और चल पड़ो की अहद दे रही हैं नयी रफ्तारेंसांझ के दीये की तरह क...
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Tag :बाजार
  September 1, 2011, 2:39 pm
जयप्रकाश नारायण 74 आंदोलन के दिनों में अक्सर कहा करते थे कि कमबख्त क्रांति भी आई तो बुढ़ापे में। पर इसे बुढ़ापे की पकी समझ ही कहेंगे कि संपूर्ण क्रांति का यह महानायक अपने क्रांतिकारी अभियान में संघर्षशील युवाओं और रचनात्मक कार्यकर्ताओं की जमात के साथ कलम के उन सिपाहि...
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Tag :समय
  August 26, 2011, 4:07 pm
खाली सफा था कुछ भी लिखतानाम अपनाबनाता पहाड़ डूबता सूरजबहती नदी लाली सांझ कीघोसलों से आती चुनमुन आवाजया खेलता खेल कट्टमकुट्टी काफिर एक बार अपने ही खिलाफ  बहुत साल बादखाली सफा थाकुछ भी लिखता कुछ भी करताबना लेता नाव उड़ाता जहाजदौड़ पड़ता लेकर घिरनीसामने से आती हर हवा के खि...
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Tag :संवेदना
  August 18, 2011, 2:09 pm
दढ़ियल पांडेय जी की प्रेमिका चिकने बांके द्विवेदी की जांघ पर कल दोपहर बेसुध मिलीखबर यह इतनी बड़ी कि दंगों के दौरान पैदा होने वाली सनसनी भी खोलने लगी आंचल की पुरानी गांठठाकुर साहब की पूर्व ब्याहता खिड़की के रास्ते दाखिल होकर आवारा कुमार के संग एक ही तकिए पर भिगोती रही रात...
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Tag :संबंध
  August 8, 2011, 5:10 pm
नल की चाबी कुछ नहीं करती इशाराआदत हो गयी है उसे अब बेइशारा बगैर शोरगुल के रहने कीफिर टपकती रहे बूंद या बहती रहे मोटी धारफर्क तो उसे तब भी न पड़े शायदजब नदारद दिखे वहबिगड़ जाये या बेच दे कोई कबाड़ मेंकलपुर्जे ऐसे कितने ही हैं आज हमारे आसपासजिनके इशारे कभी गांधीजी की लाठी से...
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Tag :बाजार
  August 3, 2011, 2:14 pm
(1)प्यार प्यार का पुनर्पाठअभिनय की तरह कई बार के रिटेक में फाइनल शॉट का अभ्यास एक जनतांतित्रक मसला तो हैपर संवैधानिक नहींसवाल उगाती समझदारी है यह उस अधीर लड़की की जो भूल से प्यार भले न सहीपर प्यार में चूक जरूर कबूलती हैप्यार का मर्म कोमल धर्म उसे रह-रहकर कचोटता है अपने ...
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Tag :संबंध
  July 27, 2011, 4:47 pm
(1)याद आता हैअभिनेता महान का हिट संवादमर्द को दर्द नहीं होता जनाबगूंजती है आवाजसनसनाहट से भरी एमएमएस क्लिप मेंबांग्ला की कुलीन अभिनय परंपरा की बेटी कीआई वांट ए परफेक्ट गाइ  और फिर उतरने लगते हैं पर्दे परएक के बाद एक दृश्यशालिनी ने लकवाग्रस्त पति कोदिया त्याग रातोंर...
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Tag :संबंध
  July 23, 2011, 7:15 am
बड़े से बड़े ताले में भी होती है करतबी गुंजाइश चाबी के लिएछब्बीस साल का वह छोकरा शहर की बंद गलियों से बचा लाता है हर बारसमझ की यह आखिरी कोरनोएडा मोड़ पर भुट्टा  सेंकती जानकी के धारीदार चेहरे परबची है जितनी स्पेस आखिरी हिसाब किताब के लिए छोकरे के वैलेट में रखे हैं उतने ह...
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Tag :समय
  July 17, 2011, 4:44 pm
अलंकरण समारोहों में गुलदस्तों का भार उठाना कितनी बड़ी कृतज्ञता हैविनम्रता है कितनी बड़ीअपने समय के प्रतिहमारे समय के सुलेखों पुस्तकालय के ताखों पर रखे अग्रलेखों नेलेख से ज्यादा बदली है लिखावट उतनी ही जितनी उनकी बातें सुनकर महसूस होता है श्रोताओं की पहलीऔर अंतिम कता...
अंगिका...
Tag :बाजार
  July 14, 2011, 6:10 pm
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  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
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