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हमसफ़र शब्द

धरती की सतह परजिस्म इंद्रियों का एक संग्रह भरऔर इसका नष्ट होनानई संभावनाओं को जन्म देना हैऔर आकाश के नीलेपन पररुह एक सफ़ेद बिंदी है! जब तक रौशनी हैउसकी सतह पर हरियाली हैपर शरीर का संबंधअंधकार से है...
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  June 12, 2019, 5:37 pm
आसमान से लगकरटीकता वजूद मेरा पर उसके पहलेजमीन नेहमें तोडा बहुत है यूं आये हो तोबरस भी जाओकाले साये काडेरा बहुत है गिनते हुये एहसासगिरते है जबऊंगलियों से छूटकरक्या कहेउन्हें जोडा बहुत है !...
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  May 8, 2019, 12:27 am
लोटे में दुबका बैठा है समन्दरऔर लोटे को सब भूल गये हैं क्योंकि चेतना धुंधली है जिन औरतों ने अपने पति को परमेश्वर माना हैऔर चांद को चांदनी में देखा हैवे ईर्ष्या करती हैंचांदनी सेऔर कत्ल करती है अन्धेरे&...
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  April 26, 2019, 9:11 pm
हम बादल थे बरस गये पर जमीन सूखी रह गई तेरे समान के तह में दुनिया जहान सब था शरीर कुछ भी ना था हमारे लिये इक रुह की प्यास में हम जुदा रह गये ओंस थे घास पर और नमी आंखों की शब्द शब्द पिघले प...
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  April 15, 2019, 8:40 pm
चिट्टियों ने बनाये हैघर मिट्टी के हे मानवतुमने तोड़े हैदिल चिट्टियों के वे काटते नही हैजंगलनही मिटातेसंस्कृतियों कोवे रौपते है दिलमिट्टी मेंहे मानव, तुमनेतोड़े है घरमिट्टियों के !...
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  April 7, 2019, 2:36 pm
अवसाद मेंजब आप टटोलते होजमीनजहां ठंडक और छांव मिलस केउसकी जगह आपकोकुछ नीले-पीले पत्तों वालीजमीन देखने को मिलेआप सांस लेना चाहोऔर ठीक उसी वक्तऊंच-नीच और उबड-खाबड जमीन परअपने आसपास के अधिकांश लोगों कोसिर्फ़&nb...
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  March 22, 2019, 1:50 pm
गुलशन से रुखसत हुईइस उम्मीद में किफ़ूल खिलेंगेंपर पत्थर परकब फ़ूल खिले हैंपांव जख्मी थेकांटे की सफ़र मेंजमीन का जो हिस्साउसके हिस्से में आयावह बंजर थाइंतजार में बैठी रहीएक नन्ही गौरैया कीजो खिंच लायेग...
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  March 16, 2019, 10:11 am
बडे शहर मेंबडी बिमारियां निगलने लगी है इंसान कोबात आंखों से मुस्कुराने वाली लडकी की है जिसने अभीना गरमाहट देखी थी उगते सूरज काऔर ना ही चांद देखा था चांदनी कीबस यादों में रहने को मजबूर कर गईउन सभी लोगो को जो उसके अपनो में शामिल थे उसके मुस्कुराते होंठजब हाय और हेल...
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  March 8, 2019, 6:24 pm
बडे शहर मेंबडी बिमारियां निगलने लगी है इंसान कोबात आंखों से मुस्कुराने वाली लडकी की है जिसने अभीना गरमाहट देखी थी उगते सूरज काऔर ना ही चांद देखा था चांदनी कीबस यादों में रहने को मजबूर कर गईउन सभी लोगो को जो उसके अपनो में शामिल थे उसके मुस्कुराते होंठजब हाय और हेल...
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  March 8, 2019, 6:24 pm
चांद तारों की बातचांदनी में हो तो अच्छा लगता है सुनहरे ख्वाबों की बातचमन में हो तो अच्छा लगता है नींद की बात पररात सुहानी लगती है पर क्या करेदस्तूरे-मोहबत मेंबन्धन,बडी रेशमी लगता है दहकते सूरज परएक नाम तेरा है जो जिन्दगी के बाद का सबेरा लगता है !...
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  February 26, 2019, 3:04 pm
समन्दर में डूबेंतो मोती होआकाश में उडेंतो सितारा होजमीन पर चलेतो किनारा होआंखों में नींद भरेतो ख्वाब होजगने पररौशनी का सहारा होसाथ चले या ना चले,बस शब्द शब्द नज़ारा हो! ...
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  December 9, 2018, 10:46 pm
लिखतामन पढतातन सफ़रमेंएकपरिंदापेडकीशाखपरबैठाइंतजारकरताभोरकीअंधेरेमेंभटकीसुबहसिर्फ़नारंगीहोगी इश्कसफ़ेदचादरसीबातखत्महोगीकुछइसतरहजिस्मसेरुहकीरिहाईपर !...
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  November 26, 2018, 5:09 pm
एकवहीतोहैजोबदलतानहीमिलनेकीलाखकोशिश करने पर भी शिकवानहीकरताजमानेसेवक्तकेकोहरेनेदफ़नकरदियाखुदकोखुदकेअन्दरकहीलाखदरवाजेपरकोईदस्तकहोतीवहसोयाऐसाकिउठनेकीकोईजुगतनहीकरताहमारीभटकनमंदिर-मंदिरतलाशयुगोंकीऔरहममिलहीगयेतोमिलनाक्योंनहीहोतासवालपुरानीह...
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  October 19, 2018, 2:57 pm
चाँदकेदरवाजेपरकरवटबदलतीरातदागचेहरेपरकैसेपडाउसकेनाउसे,नाअंधेरेकोमालूमथाऔरनाहीचाँदनीकोफ़िरक्योंउसेयादरहगईचंदबातेंकहानीमेंपतंगऔरअंधेरेमेंहंसनेवालीलडकीतपतेरेतपरमृग-मरीचिकाथीऔरवहीहैजिनदिनोंकहानीलिखीजारहीथीवहगुनाहकीतरहपन्नोंमेंदर्जहोतीगईऔरअ...
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  October 4, 2018, 9:33 pm
सफ़ेदख्वाबोंकावहशहज़ादाथापरउसनेख्वाबोंकोहीकतरनबनादियावर्षोंरहीतबाहीमौतकेबेहदकरीबरहीपलपलऔरभूलगईप्रेममायूसियोंसेभरीशामेंडूबातीरहीएहसासबनतेगयेसबपत्थरपरजीवनतोअंधेरेमेंहीसांसलेतीरहीजहांकोईनहीथातबउसनेशब्दोंकाहाथपकडानींदमेंकरनेलगीथीइकठ्ठाकत...
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  September 26, 2018, 11:34 am
अंधेरेंकेउठा-पटकसेदीपकबुझसाजाताहैउम्रमेंकैदस्याही खत्महोनेकानामतकनहीलेतीलिखतीजातीहैजिन्दगीकमोवेशआलापप्रलापएकजुगनूरातभर जागताहैटिमटिमाताहैसपनोंकेआकारप्रकारमेंकईवजहेंएकलकीरखिंचती हैंसचकेइसपारऔरउसपारकैदहोताहैआदमीबितायेरिश्तोंकेउम्रमें...
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  September 12, 2018, 5:32 pm
होशचांद पर तैरता पानीबूंद बूंद गिरता कि वक्त बहुत कम हैंबिदा होने कावक्त आयेकुछ ऐसे किजहां कोई जिस्म नही होभौतिकताकीजहरपीतेहुयेवक्तबेवक्तउम्मीदसेखालीकरता बेदखलप्रेमसेसिर्फ़ खिलौनें होउल्कें नहीजोटूटकेविखरजाये ...
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  September 9, 2018, 9:09 pm
होशचांद पर तैरता पानीबूंद बूंद गिरता कि वक्त बहुत कम हैंबिदा होने कावक्त आयेकुछ ऐसे किजहां कोई जिस्म नही होभौतिकताकीजहरपीतेहुयेवक्तबेवक्तउम्मीदसेखालीकरता बेदखलप्रेमसेसिर्फ़ खिलौनें होउल्कें नहीजोटूटकेविखरजाये ...
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  September 9, 2018, 9:09 pm
गांवअपनाखोजतारहावर्षोंलकीरेंमिटतीरहीवहींजहांकोईअपनानथाउम्मीदकोईजंगलहैएककेबादएकखत्महोतीजातीहैरेतकीतरहखुरदरीऔरनाटिकतीकहीनाकोईसीलननाहीनमींआंधियोंमेंउडाकरतीहैं बसयूंहीकभीगौरैयोंतोकभीअन्यपरिन्दोंकोदेखकरजीलेतीहैजिन्दगी!...
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  September 7, 2018, 1:25 pm
एकजहान जो॑मैं ॑सा रहा कुछलोगआयेथेजिस्मकेकईहिस्सोकोटुकडे-टुकडेमेंकाटगयेघावजो अभीभरेभीनहीथेकिछिलगयेऔर रूह कईहिस्सोंमेंबिखरगईशामधुंधलीरहीरातअन्धेरीबर्तनबिल्कुलखालीभूखनेरुपबदललिया समन्दर बिल्कुल शांतपडा था , कि चांदकोवेसमझानेमेंल...
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  August 25, 2018, 2:30 pm
बडे सकून और अतिप्रिय थेगर्मी के छुट्टीवाले दिनतालाब था गांव के किनारेदादा ने बनवाया था ढेंर सारे पेंड थेबेहद शांत और मनोरम जगह थाजहां हम गर्मी की छुट्टियां बिताते थेखेतों की क्यारियों पर चलनाऔर नहरों क...
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  August 14, 2018, 6:03 pm
शब्दोंनेअपनीमर्यादातोडीसिर्फ़पहचानभरथाअटलथाइरादाकिचांदअपनेजगहसेनाहिलेनाहीतारोंमेंकोईफ़ूटपडेसिर्फ़इसलियेकिप्रलयकेबादमिलनाहोनाकोईबंधनटूटेनासूरजमेंग्रहणलगेशायदपहचानमुकररतारीखपरहोनातयथाऐसाकोईख्वाबनाथाकिजिसमेंअक्षरकीजिस्मस्वाहाहोपरउसेकैसे...
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  August 8, 2018, 2:23 pm
तारोंपरखामोशीतैरतीऔरचाँद अपनीतन्हाईमें जलता धीरेधीरेतमकेआगोशमेंबेपनाहगहरापनफ़िरभीरातजवाँहोताधीरेधीरेरातकेगुलाबीजिस्मपरटपकताखामोशियोके कुंवारेलम्सतन्हाईबयाँकरतीधीरेधीरेगुलाबीपन्नोकेनईदरख्तपरएहसासलिपटेंधीरेधीरेचलदेतेसाथगरशब्दशब्दतन...
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  August 4, 2018, 6:06 pm
उनको अपनी दूकान की पडी है वे यह नहीं जानना चाहते है कि इस शहर में गरीब कितने है हालांकि वे गरीबी से ही बाहर आये है सम्पूर्ण सफ़ेद और सम्पूर्ण स्याह अपनी जगह तलाश रही है क्योंकि लोगो को श्वेत श्याम पर यकीन नही रहा औरउनकी नज़रे टीकी है सिर्फ़ धूसर परक्योंकिइससे उनके फ़ाय...
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  July 29, 2018, 3:59 pm
दहलीजसेबाहरउसने कभीअपनापांवनरखाथा यहीवजहथीकिखिडकीऔररौशनदानवालीकवितायें उसकेरुहकोछूलेतीथी, लकीरोंमेकैदगौरैया खुलेआसमानकासपना कभीदेखनहीपातीथी उसेतोरौशनदानसे सुबहकासूरजदेखनेभरकीआदतथी, कविताकेलिये ज्यादाशब्दोंकीजरुरतनहीहोती  औ...
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  July 14, 2018, 3:01 pm
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