Hamarivani.com

हमसफ़र शब्द

दहलीजसेबाहरउसने कभीअपनापांवनरखाथा यहीवजहथीकिखिडकीऔररौशनदानवालीकवितायें उसकेरुहकोछूलेतीथी, लकीरोंमेकैदगौरैया खुलेआसमानकासपना कभीदेखनहीपातीथी उसेतोरौशनदानसे सुबहकासूरजदेखनेभरकीआदतथी, कविताकेलिये ज्यादाशब्दोंकीजरुरतनहीहोती  औ...
हमसफ़र शब्द...
Tag :
  July 14, 2018, 3:01 pm
चाँदनी के वीराने मेंदर्द के सिरहाने पर जब कोई तितली उडती है और कंधो के आस पास मंडराती है तब माँ बहुत याद आती है उडती है खुश खुशबेहिसाब गमों के बीच एक तितली फड़फड़ाती पंखो से जब कही कुछ बोल जाती है  तब माँ बहुत याद आती है वह बैठती हैपलकों पर सुबह सबेरे  अश्को की नमी मेमा...
हमसफ़र शब्द...
Tag :देश
  July 10, 2018, 8:58 pm
सुबहसुबहकांचका गिलास टूटापरउसनेअपनेनर्मऊंगलियोंसेउठाईटूटेकांचकेटुकडोकोसुबहहीथाजबउसनेमांसेबातकियाबतायाकिजीनेकेलियेपैसोसेज्यादाभरोसेकीजरुरतहोतीहैनामांयहतुमसेज्यादाऔरकौनजानताहैमैनेमांसेकहाचेहरेकेऊपरकईचेहरेहोसकतेहैपरप्रेमकोकिसीचेहरेकीज...
हमसफ़र शब्द...
Tag :
  July 8, 2018, 9:46 pm
जीवननदियोंसेचलाऔरसमन्दरपरठहरगयाबसऔरक्याथानमकहीनमकरुकनाजरुरीथाकुछसमयकेलियेझील-झरनोकेपासताकिमिठासनदीकीबनीरहेपररफ़्तारऐसीरही कि हवाकीनमीतोगईसाथहीआंखोकापानीभीसूखगयाअनकहेकीआवाजथीअनसूनेकीकल्पनाऔर अनदेखेसपनोकीपहचानपुरानीथीपलपलबीततेवक्तमेउसने...
हमसफ़र शब्द...
Tag :
  July 5, 2018, 8:56 pm
जीवननदियोंसेचलाऔरसमन्दरपरठहरगयाबसऔरक्याथानमकहीनमकरुकनाजरुरीथाकुछसमयकेलियेझील-झरनोकेपासताकिमिठासनदीकीबनीरहेपररफ़्तारऐसीरही कि हवाकीनमीतोगईसाथहीआंखोकापानीभीसूखगयाअनकहेकीआवाजथीअनसूनेकीकल्पनाऔर अनदेखेसपनोकीपहचानपुरानीथीपलपलबीततेवक्तमेउसने...
हमसफ़र शब्द...
Tag :
  July 5, 2018, 8:56 pm
आजबंजरजमीनकीघासेपीलीथीधरतीसूखी, पररातेंकालीनहीथीउसनेबचपनसेहीतारोंकेआसपासजीनेकीआदतडालरखीथीहलांकिबचपनमेसुबह,फ़ूलोकीखुशबूसेहोतीथीजोमांको पूजाकेलियेचाहियेहोताथाऔरशाम, पापाकेआनेकेइन्तजारमेखुबसूरतहोजातीथीपापाशांतसमन्दरकीतरहरिश्तोकीशीतलताकोअ...
हमसफ़र शब्द...
Tag :
  June 17, 2018, 9:45 pm
पता नही कुछ औरतें किन किन काल खंडो के दुखो कोवे एक साथ सहन करती रहती हैऔर बावजूद इन दुखो केवे किसी भी नशा के शिकार नही होतीवे अपनी यातना मेथोडा मुस्कुरा ले और थोडा सज-संवर जाये तोयकिन मानिये उनके कुछ रिश्तेदारो कोपक्कातौर पर यह लगता हैकि इनका दु:ख आडम्बर हैइसे तो इतना स...
हमसफ़र शब्द...
Tag :
  December 19, 2017, 10:12 pm
पतानहीकुछऔरतकिनकिनकालखंडोकेदुखोकोवेएकसाथसहनकरतीरहतीहैऔरबावजूदइनदुखोकेवेकिसीभीनशाकेशिकारनहीहोती, वेअपनीयातनामेथोडामुस्कुरालेऔरथोडासज-संवरजायेतोयकिनमानियेउनकेकुछरिश्तेदारोकोपक्कातौरपरयहलगताहैकिइनकादु:खआडम्बरहैइसेतोइतनासुख-चैनहैकियहतोहंसती...
हमसफ़र शब्द...
Tag :
  December 19, 2017, 10:12 pm
पतानहीकुछऔरतेंकिनकिनकालखंडोकेदुखोकोवेएकसाथसहनकरतीरहतीहैऔरबावजूदइनदुखोकेवेकिसीभीनशाकेशिकारनहीहोती, वेअपनीयातनामेथोडामुस्कुरालेऔरथोडासज-संवरजायेतोयकिनमानियेउनकेकुछरिश्तेदारोकोपक्कातौरपरयहलगताहैकिइनकादु:खआडम्बरहैइसेतोइतनासुख-चैनहैकियहतोहंस...
हमसफ़र शब्द...
Tag :
  December 19, 2017, 10:12 pm
सालो तक एक नज़्म के साये में पनाह ले रखी थी नींद बड़ी ही मिठ्ठी थी थपकियां उसकी सपनों के दरवाजे खोलती थी एक दिन दरिया ने काट दिया पूरा का पुरा जमीन नज़्म दफ़न हो गयी थी इंच इंच मौत के बीच  दलदल में धंसती हुई कई ज्वालामुखियों के बीचछूटी हुई कोई रात थी  ख़ाक हो गयी थी गहर...
हमसफ़र शब्द...
Tag :
  May 3, 2016, 5:44 pm
जानाकिसीलौटनेसेकमनाहोपरइसवक्तमेसडकेभीगुत्थियोंसेहोकरजातीहैं  औरगुत्थियांकंदराओमेठहराहुआ,घुपअंधेराहैंरौशनी, सूरजकेजितनादूरऔरठहराहुआकदमभीघरसेदूरफ़िरभीहमलौटनाचाहे, तोघरकाशबचपनवालाघरलौटताजहांसबकुछसुन्दरहीहोताथासच सुन्दरताकोबचानाकितनामुश्कि...
हमसफ़र शब्द...
Tag :
  February 29, 2016, 6:05 pm
जानाकिसीलौटनेसेकमनाहोपरइसवक्तमेसडकेभीगुत्थियोंसेहोकरजातीहैं  औरगुत्थियांकंदराओमेठहराहुआ,घुपअंधेराहैंरौशनी, सूरजकेजितनादूरऔरठहराहुआकदमभीघरसेदूरफ़िरभीहमलौटनाचाहे, तोघरकाशबचपनवालाघरलौटताजहांसबकुछसुन्दरहीहोताथासच सुन्दरताकोबचानाकितनामुश्कि...
हमसफ़र शब्द...
Tag :
  February 29, 2016, 6:05 pm
हमारे मसीहा हमे भूलाते गये और हम मानो किसी नदी से बाहर आते गये ठहर गई जिन्दगी वहांजहां मरुस्थल सी ताप थी सडक किसी विराने मे अकेले कही किसी ओर चलती गई बची हुई मुठ्ठी भर सपनीले रातों को अब दरिया के किनारे रखूं या सूरज के सामने हकीकत यह रहा कि रौशनी और अन्धेरे के बीच उलझती ग...
हमसफ़र शब्द...
Tag :
  February 2, 2016, 5:38 pm
दांत तले जुबान ना दबती असल मे एहसास खुबसूरत होते तो वे कभी ना मुरझाते, साहबना यहां कोई जमीर बिकता और ना ही अन्धेरे मे कोई नाच होती हकिकत तो यह है कि यहां रोज पिटारे से रंग-बिरंगे फ़नोवाले सांप निकलते है इनकी जुगलबंदी से धरती छलनी होती है और आसमान तोले जाते है हवा मे विष...
हमसफ़र शब्द...
Tag :
  January 12, 2016, 5:46 pm
दांत तले जुबान ना दबती असल मे एहसास खुबसूरत होते तो वे कभी ना मुरझाते, साहबना यहां कोई जमीर बिकता और ना ही अन्धेरे मे कोई नाच होती हकिकत तो यह है कि यहां रोज पिटारे से रंग-बिरंगे फ़नोवाले सांप निकलते है इनकी जुगलबंदी से धरती छलनी होती है और आसमान तोले जाते है हवा मे विष...
हमसफ़र शब्द...
Tag :
  January 12, 2016, 5:46 pm
आरजूओं कोरात में ढल जाने दोसुबह की इन्तजार मेंताकिकुछ शब्द जलते रहेऔर कुछ शब्द बाकी रहे !चमन हो औरख्वाब भी हकीकत होयह मुमकीन नहीरात की विरानगी मेंजुगनूओ का डेरा रहेताकिचांद कुछ बाकी रहे !ऐसी उम्मीद किलाठी मिलेमुफ़लिसी कोताकिउनकी आंख खुलती रहेऔर सरकार की सल्तनत में...
हमसफ़र शब्द...
Tag :
  July 11, 2015, 4:52 pm
भीड़ बहुत है सबने अपना अपना सामान बाँध लिये हैं और जो छूट रहें है उनका पता कही खो जायेगा गुमराह राहों के बीच बहुत दूर जाना है कही दूर मंजिल भी है पर रास्तों का कही कोई अपना ठिकाना भी तो नहीं है वजह कुछ ऐसी है कि सघन हताशा और निराशा के बीच सबको सफ़र करना हैघर के अन्दर कई दीवार...
हमसफ़र शब्द...
Tag :
  June 12, 2015, 5:42 pm
भीड़ बहुत है सबने अपना अपना सामान बाँध लिया हैं और जो छूट रहें है उनका पता कही खो जायेगा गुमराह राहों के बीच बहुत दूर जाना है कही दूर मंजिल भी है पर रास्तों का कही कोई अपना ठिकाना भी तो नहीं है वजह कुछ ऐसी है कि सघन हताशा और निराशा के बीच सबको सफ़र करना हैघर के अन्दर कई दीव...
हमसफ़र शब्द...
Tag :
  June 12, 2015, 5:42 pm
त्रिकोण है कोईधटनाओ के अंतराल के बीच एक कोने का ओरछोर मिले और दूसरे कोने को समझ पाते इससे पहले तीसरे कोने पर कोई दर्द टंगा मिलता मजबूरी यह थी कि एक कोने से दूसरे कोने तक हम सीधे सीधे ही जा सकते थे चलने की चाल चाहे जो भी अख्तियार करते पर सीधे सीधे चलकर हीदूसरे कोने तक पह...
हमसफ़र शब्द...
Tag :
  May 17, 2015, 9:14 pm
बारिश नहीं बरसेगी रातें नहीं तरसेंगी  नींद अपने स्वपन में उतरेगी उम्मीद किसी डाल की चिड़ियाँ नहीं जो फुर्र से उड़ जाए एक पल या दो पल बैठकर रोकना है तो रोक लो अनंत असंख्य जघन्य नुकीले कीलों को गड़ने से दीवारों में कैद साँसें अब बगावती है टूट जायेंगी दीवारे एक अदद खिड़की के ...
हमसफ़र शब्द...
Tag :
  February 9, 2015, 7:46 pm
१.मन सा आकाशउड़ान परिंदों की उदाससघन तारों के बीच चाँद फिर भी तन्हाएकांकी से भरा  असंख्य प्रकाश वर्ष की दूरी परजिन्दगी पानी पर बहती जाती !२.छाया कही नहीं पृथ्वी पर रोज पत्तों के टूटने से आँखें धुंधली और बच्चो की दुनिया के सपने सूखती बस्तों के बोझ तले  उसपर मौस...
हमसफ़र शब्द...
Tag :
  December 28, 2014, 9:39 pm
किताबों में बेहिसाब आडी-तिरछी लकीरें है जवाब अक्षरों के हिस्से में नहीं आती है सुना है कलम को उकेरता कोई कलाकार है साफ़ सफ़ेद किताबों को पलटता कोई तो है किताबें जगह भी छेकतीं है और स्याही पन्नों पर फैलती जाती है सवाल शब्दों के एक ठीगने से व्यक्ति के चेहरे पर उगता है बिना ...
हमसफ़र शब्द...
Tag :
  November 4, 2014, 7:15 pm
समंदर की गहराई मापते या पहाड़ चढ़ते  ऊबड़ खाबड़ जमीन पर श्वेत-श्याम के बीच जूझती जिंदगी को सफर की बोझिलता से बचा लेना चाहते थे चेहरे पहचाने से थे और रास्ते उलझे हुये धागे थे नेक आँखें नमकीन ज्यादा और रौशन कम थी क्यों मजबूर थी साँसेंआखिर कौन सा मंतर था  जहां हम ऊंचाई और गह...
हमसफ़र शब्द...
Tag :
  September 10, 2014, 9:08 pm
हर देश की अपनी मिट्टी है और हर मिट्टी की अपनी कहानी है मिट्टी के कणों मे कही गाँव है तो कही शहर पगडंडियो के गुम होने से कही गाँव तन्हा और अकेला है तो शहर अपने आप में गुम हो जाने से, खौफजदा पर कही ना कही दर्द तो अपनी मिट्टी की ही है ना हम लाख चमकीले और भड़कीले हो जाये पर देश अपन...
हमसफ़र शब्द...
Tag :
  August 25, 2014, 9:10 pm
आँगन में तुलसी मुरझाई हुई थी पदचिन्हों के पीछे कही कोई आवाज शेष नही थी और दहलीज से पार कही कोई महफूज शाखें नही बची थी घटना कुछ ऐसी थी किख्वाब से बाहर आते ही चादर पर सिलवटों का दिखना और पृष्टभूमि से आती हुई बिना सुरताल की आवाज का कानों से टकराने जैसा था  कही कोई सपाट और स...
हमसफ़र शब्द...
Tag :
  July 25, 2014, 7:56 pm
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3770) कुल पोस्ट (178835)