Hamarivani.com

बाल प्रतिबिम्ब

बाल कहानियों के अन्तर्गत लावण्या शाहजी की बाल कहानी  टूटा सिपाही  प्रकाशित की जा रही है, आपको यह कहानी कैसी लगी....? अपनी टिप्पणी लिखकर सूचित कीजियेगा.........
बाल प्रतिबिम्ब...
Tag :
  October 17, 2014, 7:51 am

बाल प्रतिबिम्ब पर आपका स्वागत है। हिन्दी के सुप्रसिद्ध साहित्यकारों ने अनेक कालजयी बाल कविताएँ लिखी हैं, उनमें से कुछ कविताएँ यहाँ प्रस्तुत की जा रही हैं। कुछ आधुनिक कवियों की बाल कविताएँ भी यहाँ प्रकाशित की जा रही हैं। आपको ये कविताएँ कैसी लगीं ? अपनी टिप्पणी के रूप ...
बाल प्रतिबिम्ब...
Tag :
  July 31, 2012, 11:07 pm
बाल प्रतिबिम्ब पर आपका स्वागत है। हिन्दी के सुप्रसिद्ध साहित्यकारों ने अनेक कालजयी बाल कविताएँ लिखी हैं, उनमें से कुछ कविताएँ यहाँ प्रस्तुत की जा रही हैं। कुछ आधुनिक कवियों की बाल कविताएँ भी यहाँ प्रकाशित की जा रही हैं। आपको ये कविताएँ कैसी लगीं ? अपनी टिप्पणी के रूप ...
बाल प्रतिबिम्ब...
Tag :
  July 31, 2012, 11:07 pm
-सन्तोष कुमार सिंहरोज निहारूँ नभ में तुझको,काले बादल भैया।गरमी से सब प्राणी व्याकुल,रँभा रही घर गैया।।पारे जैसा गिरे रोज ही,भू के अन्दर पानी।ताल-तलैया पोखर सूखे,बता रही थी नानी।।तापमान छू रहा आसमां,प्राणी व्याकुल भू के।बिजली खेले आँख मिचोली,झुलस रहे तन लू से।।जल का ...
बाल प्रतिबिम्ब...
Tag :
  July 9, 2012, 9:46 pm
-सभामोहन अवधिया 'स्वर्ण सहोदर`नटखट हम, हां नटखट हम !नटखट हम हां नटखट हम,करने निकले खटपट हमआ गये लड़के आ गये हम,बंदर देख लुभा गये हमबंदर को बिचकावें हम,बंदर दौड़ा भागे हमबच गये लड़के बच गये हम,नटखट हम हां नटखट हम !बर्र का छत्ता पा गये हम,बांस उठा कर आ गये हमछत्ता लगे गिराने हम...
बाल प्रतिबिम्ब...
Tag :
  December 18, 2011, 2:52 pm
-ठाकुर श्रीनाथ सिंहआओ, पूछें एक सवालमेरे सिर में कितने बाल ?कितने आसमान में तारे ?बतलाओ या कह दो हारेचिड़ियाँ क्या करती हैं बात ?क्यों कुत्ता बिल्ली पर धाए ?बिल्ली क्यों चूहे को खाए ?फूल कहाँ से पाते रंग ?रहते क्यों न जीव सब संग ?बादल क्यों बरसाते पानी ?लड़के क्यों करते शैत...
बाल प्रतिबिम्ब...
Tag :
  December 18, 2011, 2:49 pm
-विद्याभूषण 'विभु`घूम हाथी, झूम हाथीघूम हाथी, झूम हाथी, घूम हाथी, झूम हाथीहाथी झूम झूम झूमहाथी घूम घूम घूमराजा झूमें रानी झूमें, झूमें राजकुमारघोड़े झूमें फौजें झूमें, झूमें सब दरबारझूम झूम घूम हाथी, घूम झूम झूम हाथीहाथी झूम झूम झूमहाथी घूम घूम घूमराज महल में बाँदी झू...
बाल प्रतिबिम्ब...
Tag :
  December 18, 2011, 2:48 pm
-रामनरेश त्रिपाठी-रामनरेश त्रिपाठी(1889 - 9162)पहने धोती कुरता झिल्लीगमछे से लटकाये किल्लीकस कर अपनी घोड़ी लिल्लीतिल्ली सिंह जा पहुँचे दिल्लीपहले मिले शेख जी चिल्लीउनकी बहुत उड़ाई खिल्लीचिल्ली ने पाली थी बिल्लीबिल्ली थी दुमकटी चिबिल्लीउसने धर दबोच दी बिल्लीमरी देख कर ...
बाल प्रतिबिम्ब...
Tag :
  December 18, 2011, 2:46 pm
-रामनरेश त्रिपाठीचंदामामा गए कचहरीघर में रहा न कोईमामी निशा अकेली घर मेंकब तक रहतीं सोई।चली घूमने साथ न लेकरकोई सखी सहेलीदेखी उसने सजी सजाईसुन्दर एक हवेली।आगे सुन्दर पीछे सुन्दरसुन्दर दाएँ बाएँनीचे सुन्दरे ऊपर सुन्दरसुन्दर सभी दिशाएँ।देख हवेली की सुन्दरताफूली ...
बाल प्रतिबिम्ब...
Tag :बाल कविता
  October 6, 2011, 5:06 pm
-माखनलाल चतुर्वेदी(1889 - 1968) ले लो दो आने के चारलड्डू राज गिरे के यारयह हैं धरती जैसे गोलढुलक पड़ेंगे गोल मटोलइनके मीठे स्वादों में हीबन आता है इनका मोलदामों का मत करो विचारले लो दो आने के चार।लोगे खूब मज़ा लायेंगेना लोगे तो ललचायेंगेमुन्नी, लल्लू, अरुण, अशोकहँसी खुशी से ...
बाल प्रतिबिम्ब...
Tag :लड्डू ले लो
  August 30, 2011, 9:01 am
-श्रीधर पाठक( 1860 )बाबा आज देल छे आए,चिज्जी पिज्जी कुछ ना लाए।बाबा क्यों नहीं चिज्जी लाए,इतनी देली छे क्यों आए।कां है मेला बला खिलौना,कलाकंद, लड्डू का दोना।चूं चूं गाने वाली चिलिया,चीं चीं करने वाली गुलिया।चावल खाने वाली चुहिया,चुनिया-मुनिया, मुन्ना भइया।मेला मुन्ना, मे...
बाल प्रतिबिम्ब...
Tag :बाल कविता
  August 30, 2011, 8:23 am
-अयोध्या सिंह उपाध्याय 'हरिऔध`(1865 - 1947)ज्यों निकल कर बादलों की गोद सेथी अभी एक बूँद कुछ आगे बढ़ीसोचने फिर फिर यही जी में लगीहाय क्यों घर छोड़ कर मैं यों कढ़ीमैं बचूँगी या मिलूँगी धूल मेंचू पड़ूँगी या कमल के फूल मेंबह गयी उस काल एक ऐसी हवावो समन्दर ओर आयी अनमनीएक सुन्दर सीप ...
बाल प्रतिबिम्ब...
Tag :बाल कविता
  August 30, 2011, 8:18 am
-उषा यादवचिड़िया लेकर आई चावलऔर कबूतर दालबंदर मामा बैठे-बैठे बजा रहे थे गालचिड़िया और कबूतर बोलेमामा, लाओ घीखिचड़ी में हिस्सा चाहो तोढूँढ़ो कहीं दहीपहले से हमने ला रक्खेपापड़ और अचारयही चार तो होते हैं जीइस खिचड़ी के यार !...
बाल प्रतिबिम्ब...
Tag :
  August 11, 2011, 9:14 am
- त्रिलोक सिंह ठकुरेला रंग बिरंगी चंचल तितलीसबके मन को हरती ।फूल फूल पर उड़ती रहतीजीवन में रंग भरती ।।जाने किस मस्ती में डूबीफिरती है इठलाती ।आखिर किसे खोजती रहतीहरदम दौड़ लगाती ।।पीछे पीछे दौड़ लगाताहर बच्चा मतवाला ।तितली है या जादूगरनीसब पर जादू डाला ।।काश, पंख होते ...
बाल प्रतिबिम्ब...
Tag :
  July 18, 2011, 10:47 am
- डा० जगदीश व्योमगिलहरी दिन भर आती-जातीफटे-पुराने कपड़े लत्तेधागे और ताश के पत्तेसुतली, कागज, रुई, मोंमियाँअगड़म-बगड़म लाती।गिलहरी दिनभर आती-जाती।।ठीक रसोईघर के पीछेशीशे की खिड़की के नीचेएस्किमो-सा गोल-गोल घरचुन-चुन खूब बनाती।गिलहरी दिनभर आती-जाती।।दो बच्चे हैं छो...
बाल प्रतिबिम्ब...
Tag :
  July 11, 2011, 9:22 am
 -कृष्ण शलभजहाँ कहूँ मैं, बोल, बता देक्या जाएगी, ओ री चिड़ियाउड़ करके क्या चन्दा के घरहो आएगी, ओ री चिड़िया।चन्दा मामा के घर जानावहाँ पूछ कर इतना आनाआ करके सच-सच बतलानाकब होगा धरती पर आनाकब जाएगी, बोल लौट करकब आएगी, ओ री चिड़ियाउड़ करके क्या चन्दा के घरहो आएगी, ओ री चिड़ि...
बाल प्रतिबिम्ब...
Tag :
  July 11, 2011, 9:17 am
-डॉ0 जगदीश व्योम    राजस्थान के पश्चिमी इलाके में एक स्थान है सूरतगढ़ ईप्सा के पापा का स्थानांतरण यहीं के केन्द्रीय कृषि फार्म में हुआ है ईप्सा को यहां के केन्द्रीय विद्यालय में प्रवेश मिल गया।  ईप्सा कक्षा पांच की छात्रा है दो-चार दिन तो  ईप्सा की कक्षा की लड़क...
बाल प्रतिबिम्ब...
Tag :
  June 27, 2011, 7:15 pm
-डॉ0 जगदीश व्योम चीं चीं चीं चीं चूँ चूँ चूँ चूँ भूख लगी मैं  क्या खाऊँ ।बरस रहा बाहर पानीबादल करता मनमानीनिकलूँगी तो भीगूँगी  नाक बजेगी सूँ सूँ  सूँचीं चीं चीं चीं चूँ चूँ चूँ .......   माँ बादल कैसा होता ?क्या काजल जैसा होता  पानी कैसे ले जाता  है ?फिर इसको बरसाता क...
बाल प्रतिबिम्ब...
Tag :
  June 27, 2011, 7:09 pm
-कृष्ण शलभ सूरज जी,तुम इतनी जल्दी क्यों आ जाते हो !!लगता तुमको नींद न आतीऔर न कोई काम तुम्हेंज़रा नहीं भाता क्या मेराबिस्तर पर आराम तुम्हेंख़ुद तो जल्दी उठते ही हो‚मुझे उठाते हो सूरज जी ,तुम इतनी जल्दी क्यों आ जाते हो !!कब सोते हो‚ कब उठ जातेकहाँ नहाते-धोते हो ?तुम तैयार बत...
बाल प्रतिबिम्ब...
Tag :
  June 27, 2011, 7:06 pm
- त्रिलोक सिंह ठकुरेला मीठे-मीठे बोल सुनातीफिरती डाली-डालीसब का ही मन मोहित करतीप्यारी कोयल काली ।बाग-बाग में पेड़-पेड़ परमधुर स्वरों में गातीरूप नहीं, गुण प्यारे सबको,सबको यह समझाती ।मीठी-मीठी बातें कहकरसब कितना सुख पातेमीठी-मीठी बातें सुनकरसब अपने हो जाते ।कहती को...
बाल प्रतिबिम्ब...
Tag :
  June 27, 2011, 7:00 pm
बाल प्रतिबिम्ब पर बच्चों का तथा उन सभी का जिनके अन्दर अभी भी कोई बच्चा छिपा बैठा है, स्वागत है। यदि आपको ये कविताएँ, कहानियाँ अच्छी लगें तो टिप्पणी ज़रूर लिखे। यदि आपने कुछ ऐसा लिखा है जिसे आप चाहते हैं कि और बच्चे भी पढ़ें तो भेजें हम उसे प्रकाशित करके सभी तक पहुँचायें...
बाल प्रतिबिम्ब...
Tag :
  June 27, 2011, 8:20 am
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3693) कुल पोस्ट (169661)