POPULAR ENGLISH+ SIGNUP LOGIN

Blog: sonal

Blogger: sonal panwar
                ‘पिता’अस्तित्त्व को हमारे जो एक नई पहचान दें वो नाम है पिता,                ख़्वाहिशों को हमारी                जो उन्मुक्त परवाज़ दें                वो मनोबल है पिता,पथरीली राहों को हमारीजो बना दें गुलज़ारवो बाग़बान है पिता,   ... Read more
clicks 135 View   Vote 0 Like   10:23pm 15 Jun 2019 #
clicks 91 View   Vote 0 Like   11:56am 29 Apr 2019 #
Blogger: sonal panwar
'मेरा बचपन 'पापा की गोदी मेंअठखेली करता वो बचपन ,माँ के आँचल मेंछुपता-इठलाता वो बचपन ,आँखों में शरारत, ग़मों से अनजान ,हँसता-मुस्कुराता वो बचपन ,काश कोई लौटा दे ,वो प्यारा-सा मेरा बचपन !- सोनल पंवार ... Read more
clicks 172 View   Vote 0 Like   5:46pm 11 Nov 2011 #
Blogger: sonal panwar
' मेरा बचपन 'पापा की गोदी मेंअठखेली करता वो बचपन ,माँ के आँचल मेंछुपता-इठलाता वो बचपन ,आँखों में शरारत, ग़मों से अनजान ,हँसता-मुस्कुराता वो बचपन ,काश कोई लौटा दे ,वो प्यारा-सा मेरा बचपन !- सोनल पंवार ... Read more
clicks 169 View   Vote 0 Like   5:46pm 11 Nov 2011 #
Blogger: sonal panwar
’ सुनहरी शाम ‘ बीते लम्हें,बीते पल,बीती बातें , एक दिन यूँ ही याद बन जाएगी ! जीवन की ये सुनहरी शाम , एक दिन यूँ ही ढल जाएगी ! न होंगे पास अपने , न होंगे अनगिनत सपने , रिश्तों की तब न आहट होगी , जीवन की ये सुनहरी शाम , एक दिन यूँ ही ढल जाएगी ! न होगा ज़िन्दगी से कोई शिकवा , न होगी कोई शिक... Read more
clicks 162 View   Vote 0 Like   4:45pm 2 Sep 2011 #
Blogger: sonal panwar
’ सुनहरी शाम ‘ बीते लम्हें,बीते पल,बीती बातें , एक दिन यूँ ही याद बन जाएगी ! जीवन की ये सुनहरी शाम , एक दिन यूँ ही ढल जाएगी ! न होंगे पास अपने , न होंगे अनगिनत सपने , रिश्तों की तब न आहट होगी , जीवन की ये सुनहरी शाम , एक दिन यूँ ही ढल जाएगी ! न होगा ज़िन्दगी से कोई शिकवा , न होगी कोई शिक... Read more
clicks 185 View   Vote 0 Like   4:45pm 2 Sep 2011 #
Blogger: sonal panwar
“ आंखें “रिश्तों में हो मिठास ,तो आंखों में चमक आती है !जब बिगड़ती है कोई बात ,तो आंखों से छलक जाती है !ये आंखें ही तो होती है मन का दर्पण ,जिनसे मन की हर बात झलक जाती है !– सोनल पंवार... Read more
clicks 148 View   Vote 0 Like   7:32pm 24 Jun 2011 #
Blogger: sonal panwar
“ आंखें “रिश्तों में हो मिठास ,तो आंखों में चमक आती है !जब बिगड़ती है कोई बात ,तो आंखों से छलक जाती है !ये आंखें ही तो होती है मन का दर्पण ,जिनसे मन की हर बात झलक जाती है !– सोनल पंवार... Read more
clicks 186 View   Vote 0 Like   7:32pm 24 Jun 2011 #
Blogger: sonal panwar
'पिता 'हाथों को थाम कर जिनकेमैंने चलना है सीखा ,गोदी में जिनके सुकून भरामेरा बचपन है बीता ,विशाल हाथों में जिनकेसमा जाती थी मेरी नन्हीं-सी मुट्ठी ,उन ‘पिता’ की स्नेह भरी आँखों मेंमैंने स्वयं ईश्वर को देखा ! - सोनल पंवार... Read more
clicks 157 View   Vote 0 Like   11:50am 20 Jun 2011 #
Blogger: sonal panwar
' पिता 'हाथों को थाम कर जिनकेमैंने चलना है सीखा ,गोदी में जिनके सुकून भरामेरा बचपन है बीता ,विशाल हाथों में जिनकेसमा जाती थी मेरी नन्हीं-सी मुट्ठी ,उन ‘पिता’ की स्नेह भरी आँखों मेंमैंने स्वयं ईश्वर को देखा ! - सोनल पंवार... Read more
clicks 168 View   Vote 0 Like   11:50am 20 Jun 2011 #
Blogger: sonal panwar
‘ पिता – ईश्वर का वरदान ‘‘पिता’है ईश्वर का रूप ,है पावन एक धूप ,है स्नेह भरा संबल ,है खुशियों का नभतल ,है प्यार जिनका अमूल्य ,है रिश्ता वो अतुल्य ,है जिनसे मेरी पहचान ,ईश्वर का वो है वरदान !- सोनल पंवार... Read more
clicks 163 View   Vote 0 Like   11:43am 20 Jun 2011 #
Blogger: sonal panwar
’ प्रण ‘नित नए बनते हैं प्रण ,और टूट जाते हैं प्रतिक्षण !प्रण लेना तो है सरल ,लेकिन उसे निभाना है मुश्किल !हर रोज़ बनते-टूटते हैं ये प्रण ,फिर भी हम लेते हैं ये प्रण !प्रण लेना ही है तोचलो हम मिलकर यह प्रण लें ,प्रण लें किसी एक बच्चे को साक्षर करने का ,प्रण लें किसी एक बुरी आदत ... Read more
clicks 166 View   Vote 0 Like   4:55pm 4 Feb 2011 #
Blogger: sonal panwar
’ प्रण ‘नित नए बनते हैं प्रण ,और टूट जाते हैं प्रतिक्षण !प्रण लेना तो है सरल ,लेकिन उसे निभाना है मुश्किल !हर रोज़ बनते-टूटते हैं ये प्रण ,फिर भी हम लेते हैं ये प्रण !प्रण लेना ही है तोचलो हम मिलकर यह प्रण लें ,प्रण लें किसी एक बच्चे को साक्षर करने का ,प्रण लें किसी एक बुरी आदत ... Read more
clicks 166 View   Vote 0 Like   4:55pm 4 Feb 2011 #
Blogger: sonal panwar
'यादें 'ज़िन्दगी के रंगीन पन्नों कोयादों की शबनम में भिगोना है मुझे ,यादों के हर एक पल कोअपनी आँखों में संजोना है मुझे ,बीत जाए ना ये ज़िन्दगीवक़्त की आग़ोश में ,वक़्त को हाथों में समेटकरखुद को यादों के समंदर में डुबोना है मुझे !- सोनल पंवार... Read more
clicks 170 View   Vote 0 Like   5:32pm 25 Jan 2011 #
Blogger: sonal panwar
' यादें 'ज़िन्दगी के रंगीन पन्नों कोयादों की शबनम में भिगोना है मुझे ,यादों के हर एक पल कोअपनी आँखों में संजोना है मुझे ,बीत जाए ना ये ज़िन्दगीवक़्त की आग़ोश में ,वक़्त को हाथों में समेटकरखुद को यादों के समंदर में डुबोना है मुझे !- सोनल पंवार... Read more
clicks 152 View   Vote 0 Like   5:32pm 25 Jan 2011 #
Blogger: sonal panwar
" माँ और पिता "ईश्वर की बनाई ममता की मूरत है 'माँ' ,ईश्वर ने गढ़ी वो अनमोल कृति है 'पिता' !जीवन की तपती धूप में शीतल छाँव है 'माँ' ,जीवन के अंधेरों में प्रदीप्त लौ है 'पिता' !ज़िन्दगी के आशियाने का स्तंभ है 'माँ' ,उस स्तंभ का आधार-नींव है 'पिता' !मेरे जीवन का अस्तित्व है जिनसे ,ईश्वर ... Read more
clicks 153 View   Vote 0 Like   4:52pm 25 Jan 2011 #
Blogger: sonal panwar
'दर्द 'कोई शाख़ से पूछे ,उसके पत्तों के गिरने का दर्द !कोई लहरों से पूछे ,साहिल तक न पहुँच पाने का दर्द !कोई हवाओं से पूछे ,कभी न थम पाने का दर्द !कोई एक मकान से पूछे ,नींव के हिल जाने का दर्द !कोई चमन से पूछे ,उसके उजड़ जाने का दर्द !कोई इंसान से पूछे ,अपनों से बिछुड़ जाने का दर्द ... Read more
clicks 141 View   Vote 0 Like   7:31pm 11 Oct 2010 #
Blogger: sonal panwar
' दर्द 'कोई शाख़ से पूछे ,उसके पत्तों के गिरने का दर्द !कोई लहरों से पूछे ,साहिल तक न पहुँच पाने का दर्द !कोई हवाओं से पूछे ,कभी न थम पाने का दर्द !कोई एक मकान से पूछे ,नींव के हिल जाने का दर्द !कोई चमन से पूछे ,उसके उजड़ जाने का दर्द !कोई इंसान से पूछे ,अपनों से बिछुड़ जाने का दर्... Read more
clicks 164 View   Vote 0 Like   7:31pm 11 Oct 2010 #
Blogger: sonal panwar
"मेरा देश ( तब से अब तक ) "सोने की चिड़िया था कभी ,उन्मुक्त हवाओं का था बसेरा ,नारी की जहाँ होती थी पूजा ,ऐसी पावन भूमि का देश था मेरा !अंग्रेजों ने इस भूमि पर आकर ,इस चिड़िया के पर थे काट डाले ,फूट डालो-राज करो की नीति से ,इस देश के हज़ारों टुकड़े कर डाले ,गुलामी की जंजीरों में इसे जकड... Read more
clicks 149 View   Vote 0 Like   8:32pm 29 Aug 2010 #
Blogger: sonal panwar
" मेरा देश ( तब से अब तक ) "सोने की चिड़िया था कभी ,उन्मुक्त हवाओं का था बसेरा ,नारी की जहाँ होती थी पूजा ,ऐसी पावन भूमि का देश था मेरा !अंग्रेजों ने इस भूमि पर आकर ,इस चिड़िया के पर थे काट डाले ,फूट डालो-राज करो की नीति से ,इस देश के हज़ारों टुकड़े कर डाले ,गुलामी की जंजीरों में इसे जकड... Read more
clicks 151 View   Vote 0 Like   8:32pm 29 Aug 2010 #
Blogger: sonal panwar
”……आतंकवाद क्यूँ …….? “है आतंक-ही-आतंक फैला इस जहान में ,है दर्द-ही-दर्द फैला इस जहान में !आतंक जो फैला रहा वो भी एक इंसान है ,आतंक के साए में जो पल रहा वो भी एक इंसान है ,तो एक इंसान दूसरे इंसान का दुश्मन क्यूँ है ?इस प्यारे-से जहान में ये आतंकवाद क्यूँ है ?कतरा-कतरा खून का है ब... Read more
clicks 193 View   Vote 0 Like   5:28pm 14 Aug 2010 #
Blogger: sonal panwar
माँ ,एक शब्द ,छिपा है जिसमे ,एक अनोखा संसार !माँ ,एक शब्द ,आँचल में जिसकी ,सुकून है सारे जहाँ का !माँ ,एक शब्द ,गहराई है जिसकी ,अथाह सागर के समान !माँ ,एक शब्द ,सबसे है न्यारा ,सबसे प्यारा ये शब्द !– सोनल पंवार... Read more
clicks 166 View   Vote 0 Like   6:54pm 5 May 2010 #
Blogger: sonal panwar
माँ ,एक शब्द ,छिपा है जिसमे ,एक अनोखा संसार !माँ ,एक शब्द ,आँचल में जिसकी ,सुकून है सारे जहाँ का !माँ ,एक शब्द ,गहराई है जिसकी ,अथाह सागर के समान !माँ ,एक शब्द ,सबसे है न्यारा ,सबसे प्यारा ये शब्द !– सोनल पंवार... Read more
clicks 168 View   Vote 0 Like   6:54pm 5 May 2010 #
Blogger: sonal panwar
( 9 अगस्त 2009 मेरी ज़िंदगी का सबसे बुरा दिन था क्योंकि उस दिन मैंने अपने पापा को हमेशा के लिए खो दिया ! पापा अब कभी नहीं आयेंगे लेकिन फिर भी मुझे हमेशा पापा का इंतज़ार रहेगा ! शायद ये इंतज़ार कभी ख़त्म नहीं होगा ! )“ पापा कब आओगे ? “पापा कब आओगे ?जाने कब से ढूंढ रही हूँअपनों में औ... Read more
clicks 162 View   Vote 0 Like   4:17pm 30 Dec 2009 #
Blogger: sonal panwar
( 9 अगस्त 2009 मेरी ज़िंदगी का सबसे बुरा दिन था क्योंकि उस दिन मैंने अपने पापा को हमेशा के लिए खो दिया ! पापा अब कभी नहीं आयेंगे लेकिन फिर भी मुझे हमेशा पापा का इंतज़ार रहेगा ! शायद ये इंतज़ार कभी ख़त्म नहीं होगा ! )“ पापा कब आओगे ? “पापा कब आओगे ?जाने कब से ढूंढ रही हूँअपनों में औ... Read more
clicks 169 View   Vote 0 Like   4:17pm 30 Dec 2009 #
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:

Members Login

    Forget Password? Click here!
  • Latest
  • Week
  • Month
  • Year
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (4020) कुल पोस्ट (193830)