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Blog: मेरे अनुभव (Mere Anubhav)

Blogger: pallavi
इन दिनों मुझे ऐसा महसूस हो रहा है मानो ज़िंदगी से सस्ती मौत हो गयी है। देखो ना लोग या तो इस कोरोना काल के चलते सावधानियाँ ना अपनाने के कारण मौत का शिकार हो रहे है। या फिर जिसे देखो आत्मत्या का बुखार सा चढ़ा है। जिसे देखो बस मौत को गले लगा रहा है। फिर चाहे वह कोई भी क्यों ना हो,... Read more
clicks 36 View   Vote 0 Like   2:26pm 1 Jul 2020 #
Blogger: pallavi
फिर खो गया एक सितारा, अभी उम्र ही क्या थी उसकी, अभी तो जीवन चलना शुरू ही हुआ था। अभी इतनी जल्दी कैसे हार मान सकता था वो...? इतना भी आसान नही होता जीवन को छोड़कर मृत्यु का चुनाव करना। नाम, पैसा, दौलत, शोहरत सभी कुछ तो था उसके पास, दिलों पर राज था उसका। फिर ऐसी क्या बात हुई होगी कि उ... Read more
clicks 17 View   Vote 0 Like   8:47am 22 Jun 2020 #
Blogger: pallavi
कलरात एक छोटी फिल्म (शॉर्ट फिल्म) देखी,देखकर मन व्यथित हो गया। न जाने कितने सालों से हम स्त्रियाँ इस दोगले पुरुष प्रधान समाज में सर उठाकर सम्मान से जीने के लिए कितना कुछ करती आ रही है। कितना कुछ सहती आ रही हैं,तब कहीं जाकर आज हम इन पुरुषों के कंधे से कंधा मिलकर चलने के काब... Read more
clicks 62 View   Vote 0 Like   1:03pm 11 Jun 2020 #
Blogger: pallavi
साल 2020 आर्थत 20वी सदी का वो भयानक साल जिसमें करोना नामक महामारी के चलते आज सारी दुनिया खत्म होने की कगार पर खड़ी है। तीन पीढ़ियों ने यह महामारी देखी और झेली सभी को याद रहेगा यह साल। इतिहास के पन्नो में फिर एक बार दर्ज होगा दुख दर्द एक असहनीय पीड़ा एक ऐसा जख्म जिसकी भरपाई ... Read more
clicks 33 View   Vote 0 Like   7:50am 5 Jun 2020 #
Blogger: pallavi
एक दिन केंसर एड्स और कोरोना वायरस मिल कर आपसे बात चीत कर रहे थे। तो केंसर बोला "भईया मैं तो इंसानों द्वारा स्वयं बुलाया गया रोग हूँ। जीवन शैली का परिवर्तन ही मेरे होने का मुख्य कारण है।"तभी एड्स बोली और "मैं भी कौन सा आसमान से टपकी हूँ, मैं आधुनिकरण का परिणाम हूँ और क्या"...प... Read more
clicks 23 View   Vote 0 Like   9:47am 1 Apr 2020 #
Blogger: pallavi
आज 20 मार्च 2020 कानून व्यवस्था का बड़ा दिन 7 साल बाद आज निर्भया केस के दोषियों को आखिर कार फांसी पर लटका दिया गया। इस फैसले से आज सभी बहुत खुश है। होना भी चाहिए। आज शायद निर्भया की आत्मा को शांति मिली होगी। आज शायद निर्भया की माँ और परिवार के अन्य सदस्यों ने मिलकर सच्चे दिल से ... Read more
clicks 49 View   Vote 0 Like   6:12am 20 Mar 2020 #
Blogger: pallavi
कल अपने भाई के मुख से कुछ पुरानी बातों कुछ पुरानी यादों को सुनकर मुझे बचपन की गालियाँ याद आ गयीं। जिनमें मेरे बचपन का लगभग हर इतवार बीता करता था। कितनी मासूम, कितनी भोली हुआ करती है वो यादें, जिनमें बचपन बीता होता है। सच कहते है लोग, लोग मर जाते है पर यादें कभी नही मरती। अं... Read more
clicks 49 View   Vote 0 Like   5:04am 31 Jan 2020 #
Blogger: pallavi
तेजी से बदलते वक्त के साथ उतनी ही तेजी से बदलती जीवन की परिभाषाओं के चलते अब समय है खुद को बदलने का, अपनी सीमित सोच को बदलने का, अपनी सोच के दायरे को बढ़ाने का। साल खत्म होने को है। दिन महीना साल कैसे गुजर जाता है, कुछ पता ही नही चलता। समय के साथ-साथ जीवन बदलता जाता है। सही भी ... Read more
clicks 30 View   Vote 0 Like   7:59am 30 Dec 2019 #
Blogger: pallavi
ज़िन्दगी से प्यार किसे नही होता,लेकिन हमने ही नजाने क्यों ज़िन्दगी से यह कहना छोड़ दिया कि लव यू ज़िन्दगी। कहना इसलिये हमारी आपकी हम सभी की जिंदगी हम से रूठती चली गयी और हमें पता भी ना चला। तभी तो हम उसकी बोरियत से बचने के लिये मोबाइल नामक खिलौने से खेलना सीख गए। वरना मो... Read more
clicks 29 View   Vote 0 Like   1:33pm 26 Nov 2019 #
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जिस अखंड भारत का सपना कभी हमारे पूर्वजों ने देखा था आज वही भारत अपनी अपनी निजी समस्याओं को लेकर खंड-खंड में विभाजित होता दिखाई देता है। कहते है भारत एक प्रगतिशील देश है जिसे विकसित बनाने की निरंतर प्रक्रिया में हर क्षेत्र में विकास होना अनिवार्य है। लेकिन क्या वास्तव ... Read more
clicks 123 View   Vote 0 Like   7:07am 22 Jun 2019 #
Blogger: pallavi
आज बहुत दिनों बाद एक मित्र के कहने पर कुछ लिख रही हूँ। अन्यथा अब कभी कुछ लिखने का मन नहीं होता। लिखो भी तो क्या लिखो। कहने वाले कहते है अरे यदि आप एक संवेदन शील व्यक्ति हो तो कितना कुछ है आपके लिखने लिए कितना कुछ हो रहा है, कितना कुछ घट रहा है और आप तो अपने अनुभव लिखते हो फिर... Read more
clicks 133 View   Vote 0 Like   2:10pm 10 Jun 2019 #
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माँ,माँ क्या होती है यह हम सभी जानते हैं। लेकिन जब तक वह हमारे साथ होती है हमें उसके होने का एहसास नहीं होता, उसके होने की क्द्र नहीं होती और फिर जब वह हमसे दूर चली जाती है तब हमें पता चलता है कि सही मायनो में माँ क्या होती है। माँ से ही तो मायका होता है, वह न हो तो कितना ही स्... Read more
clicks 167 View   Vote 0 Like   11:17am 11 Jun 2018 #
Blogger: pallavi
समय बदल गया किन्तु लोग नहीं बदले आज भी सब जस का तस ही है। आज भी जहां चार महिलाएं एकत्रित हो जाती हैं वहाँ उम्र के हिसाब से या तो सास नंदों की बुराई चलती है या बहुहों बेटियों का विषय ही चलता है। फर्क सिर्फ इतना है कि युवा स्त्रियाँ फ़ैशन-परेड,नाते-रिश्ते,फिल्में इस सब विषयो... Read more
clicks 124 View   Vote 0 Like   6:53am 6 Dec 2017 #
Blogger: pallavi
यूँ देखा जाये तो परिवर्तन ही प्रकृति का नियम है। समय के साथ हर चीज़ में परिवर्तन आ जाता है । फिर चाहे वह कोई इंसान हो या अनुशासन बदलाव तो आखिर बदलाव ही है। अपने जमाने की बात सोचो तो लगता है, हम तो बहुत कठोर अनुशासन में पले बढ़े लोग हैं। फिर चाहे वह स्कूल का मामला हो या घ... Read more
clicks 203 View   Vote 0 Like   10:35am 27 Nov 2017 #
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बच्चे तो आखिर बच्चे ही होते हैं। कुछ भी हो एक इंसान होने के नाते और उस से भी बढ़कर एक माँ होने के नाते ऐसा सब कुछ देखकर दुख तो होता ही है। प्रद्युम्न हत्याकांड के विषय में तो आप सभी जानते ही होंगे। इस विषय से भला कौन अछूता है ? 8 सितंबर 2017 हरियाणा के एक स्कूल में 7 वर्ष के एक मास... Read more
clicks 207 View   Vote 0 Like   1:24pm 18 Nov 2017 #
Blogger: pallavi
जीवन में न जाने कितने अनुभव होते हैं ना,छोटे बड़े,अच्छे बुरे यहाँ तक कि हर पल एक अनुभव देकर जाता है भले ही वह क्षणिक ही क्यूँ न हो। ऐसे ही कुछ अनुभव मुझे भी हुए जब मैंने पुणे से दिवेआगर तक का सफर कार से तय किया। कार का नाम इसलिए लिया क्यूंकि जब आप अपनी कार से किसी यात्रा पर नि... Read more
clicks 19 View   Vote 0 Like   4:05pm 29 Mar 2017 #
Blogger: pallavi
जीवन में न जाने कितने अनुभव होते हैं ना,छोटे बड़े,अच्छे बुरे यहाँ तक कि हर पल एक अनुभव देकर जाता है भले ही वह क्षणिक ही क्यूँ न हो। ऐसे ही कुछ अनुभव मुझे भी हुए जब मैंने पुणे से दिवेआगर तक का सफर कार से तय किया। कार का नाम इसलिए लिया क्यूंकि जब आप अपनी कार से किसी यात्रा पर नि... Read more
clicks 229 View   Vote 0 Like   4:05pm 29 Mar 2017 #
Blogger: pallavi
  आज के इस दौर में तकनीक के बिना जीवन सोचने में भी ऐसा लगता है मानो यह कोई असंभव सी बात हो,दिन प्रतिदिन हम तकनीक पर कितने निर्भर हो गए हैं कि उसका उपयोग करना हमारे लिए सांस लेने जितना ज़रूरी हो गया है। गैरों की तो मैं क्या बात करूँ, मेरा ही जीवन बिना किसी तकनीकी साधन के नह... Read more
clicks 186 View   Vote 0 Like   11:20am 22 Mar 2017 #
Blogger: pallavi
दो साल हो गये मुझे पुणे आये मगर अभी तक यहाँ कि (नाईट लाइफ) के विषय में मुझे कोई जानकारी नहीं थी। विदेशों में तो नाईट लाइफ का चलन बहुत सुना और देखा था। हालांकि मुंबई के विषय में आम लोगों की यही राय है कि यह शहर दिन में सोता और रात में जागता है। खैर मैं बात कर रही हूँ पुणे की, हा... Read more
clicks 220 View   Vote 0 Like   5:54pm 1 Mar 2017 #
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बदलते समय के साथ बदलना शायद सब के बस की बात नहीं और मैं उन्हीं में से एक हूँ|आप लोगों को जानकर शायद आश्चर्य हो,लेकिन यह सच है मैंने अपने जीवन में आज से पहले कभी (पब) का चेहरा भी नहीं देखा था |एक तरह से देखा जाए तो पांच साल नई दिल्ली में रहने के बाद और आठ साल लन्दन में रहने के बा... Read more
clicks 175 View   Vote 0 Like   6:26pm 15 Dec 2016 #
Blogger: pallavi
आज बहुत दिनो बाद कुछ लिखने का मन हो रहा है। न जाने क्यूँ पिछले कुछ महीनों से लिखने से मन उचट गया था। व्यतीत होते समय के साथ ऐसा लगता है मानो सब कुछ कितना तेजी से बदल रहा है। औरों के बारे में सोचो, तो लगता है मानो समय ने पंख लगा लिए हों। कई बार अपने गुजरते अच्छे समय के साथ भी ऐ... Read more
clicks 185 View   Vote 0 Like   11:25am 20 Sep 2016 #
Blogger: pallavi
वर्तमान हालातों को देखते हुए लगता है कि आज ज़िंदगी मौत से सस्ती हो गयी है। जान देना मानो बच्चों का खेल हो गया है। ज़रा कुछ हुआ नहीं कि लोग जान ऐसे देते है मानों कुछ हुआ ही नहीं।  देखो न प्रत्यूषा प्रत्यूषा प्रत्यूषा, आज चारों और बस एक ही नाम है। मेरे विचार में तो वह इतन... Read more
clicks 219 View   Vote 0 Like   3:37am 17 Apr 2016 #
Blogger: pallavi
आज की तारीख में 'विश्वास', जैसे किसी दुरलभ चिड़िया का नाम हो गया है। जो अब कभी-कभी या कहीं- कहीं ही देखने को मिलती है। हर देखी सुनी बात पर भी विश्वास करने में संदेह होता है कि कहीं ऐसा तो नहीं कि हम जो देख रहे हैं जो पढ़ रहे है उसके पीछे का सच कुछ और ही हो। दिल तो कहता है कि विश्वा... Read more
clicks 241 View   Vote 0 Like   5:15am 6 Apr 2016 #
Blogger: pallavi
“~डर के आगे ही जीत है~”आज फिर एक विज्ञापन देखा जिसमें हवा को स्वछ बनाने वाले यंत्र का उपयोग करने की सलाह दी जा रही थी अर्थात आसान शब्दों में कहूँ तो (एयर प्यूरीफायर) का विज्ञापन देखा। क्या वास्तव में हम इतने भयानक वातावरण में जी रहे हैं कि हमारे घर की हवा तक स्वच्छ नहीं है... Read more
clicks 239 View   Vote 0 Like   9:40am 12 Mar 2016 #
Blogger: pallavi
कभी कभी बच्चों को पढ़ाते-पढ़ाते जब अपना बचपन याद आता है तो तब कैसी अच्छी सुखद अनुभूति का एहसास होता है। जिसके विषय में सोचकर ही चेहरे पर स्वतः एक भीनी सी मुस्कान आ जाती है। वैसे तो इन दिनों परीक्षा का माहौल है। जिसके चलते न सिर्फ बच्चे बल्कि हम बड़े भी परेशान हैं । फिर चाहे ... Read more
clicks 216 View   Vote 0 Like   11:31am 5 Mar 2016 #
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