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समाज की बात - Samaj ki Baat

 चीन का एक अद्र्ध सरकारी अखबार ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने भारत को नसीहत के साथ-साथ नाकाबिले बर्दाश्त की भी धमकी दी है। वजह दलाई लामा हैं, जिनके अरुणाचल जाने पर चीन को आपत्ति है। तिब्बती धर्म गुरु दलाई लामा 10 अप्रैल तक अरुणाचल प्रदेश में रहेंगे। परम पावन कोई पहली बार अरुणाचल न...
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  April 11, 2017, 1:00 pm
 प्रकृति की गोद में बसा भूटान एक ऐसा देश है जो खुशहाली पर जोर देता है। जहाँ पूरी दुनिया का जोर जीडीपी यानी सकल घरेलू उत्पाद पर होता है वहीँ भूटान अपने नागरिकों का जीवन स्तर जीएनएच यानी सकल राष्ट्रीय ख़ुशी से नापता है। यह एक बड़ा फर्क है जो भूटान को पूरी दुनिया से अलग क...
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  January 31, 2017, 3:13 pm
सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश टी.एस. ठाकुर ने अपने पद से विदा देने के पूर्व एक अत्यधिक महत्वपूर्ण निर्णय किया। इस निर्णय से धर्मनिरपेक्षता पर आधारित हमारे गणतंत्र की नींव और मजबूत होगी। सर्वोच्च न्यायालय की एक सात सदस्यीय पीठ ने स्पष्ट निर्णय दिया है कि चुन...
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  January 16, 2017, 3:27 pm
संसाधन केंद्र-केरल द्वारा विकसित टॉकिंग पेन जेएसएस के विद्या कार्यक्रम का हिस्सा है, जो जिले के अनुसूचित जाति के लोगों के लिए एक व्यापक विकास परियोजना है। साक्षरता कार्यक्रमों के लिए मोबाइल कंप्यूटर लैब, एलसीडी प्रोजेक्टर्स सहित कई उन्नत प्रौद्योगिकी टूल्स इस्त...
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  January 15, 2017, 3:29 pm
जैसा कि रोज का नियम था आज सुबह भी मैं घूमने निकला तो मुख्या सड़क छोड़कर पगडंडियों कि तरफ निकल गया. सुबह कि ताज़ी खुशगवार हवा का आनंद लेते हुए कुछ कदम ही चला था कि अचानक एक सियार से मेरा साक्षात हो गया, कुछ पल के लिए तो मैं भयभीत सा हो गया क्योंकि मैने सुन रखा था कि दो-चार सियार ...
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  October 13, 2016, 6:30 am
नारायण जी शासकीय स्कूल से हेडमास्टर की नौकरी से रिटायर होकर इसी छोटे से कस्बे राजनगर में बस गए थे क्योंकि उनके गाँव में पुश्तैनी संपत्ति के नाम पर मात्र एक कच्चा घर था जिसमें उनके दो भाई अपने बड़े परिवार के साथ रहते थे. उस मकान में अब और लोगों के रहने की वैसे भी गुंजाइश नह...
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  October 13, 2016, 6:22 am
महीनों तक सुबह की सैर के दौरान नियमित रूप से रोज अपने समय पर दिख जाने वाली उस गंदे और मैले-कुचैले कपडे पहने हाथ में प्लास्टिक की बोरी लिये कचरा बीनती हुई लड़की से आज बात करने की हिम्मत आखिरकार जुटाकर उसके पास पहुंचकर रुका ही था की अचानक मुझे अपने सामने पा कर वह गंदे बालों ...
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  October 13, 2016, 6:08 am
यूपीए सरकार द्वारा लगभग 400 दवाओं के दाम तय कर दिये गये थे। वर्तमान एनडीए सरकार 450 और दवाओं के दाम निर्धारित कर दिये हैं। 350 और दवाओं के दाम निर्धारित करने की प्रक्रिया चल रही है। सरकार का यह कदम सही दिशा में है। दवाओं के बाजार के दो हिस्से हैं। पहला हिस्सा जेनेरिक दवाओ...
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  October 11, 2016, 6:00 am
दस का आलू दस का प्याज दस की मिर्ची दस का तेल दस रु. में हो जाता है बस्तर हाट में सारा खेल थैला भरकर महुआ लाते मुट्ठी भर सामान वो पातेशहरों से आकर व्यापारी बस्तरियों को लूट ले जातेउन्हीं का महुआ उन्हीं कि इमली उन्हीं का धान उन्हीं कि लकड़ी औने-पौने में खरीदकर रातों-रात अमीर...
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  September 30, 2016, 5:51 am
स्त्री तुमको ही हर युग में क्यों देनी होती अग्निपरीक्षास्त्री तो होती है देवी सदियों से मिली हमें यह शिक्षा सीता, द्रोपदी या अहिल्या होछला तुम्हें पुरुषों ने सदातुमको ही दोषी ठहराया पुरुष सदा निर्दोष रहा कथनी-करनी में फर्क मगर समझ नहीं आता हमको गलती हो पुरुषों की अग...
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  September 30, 2016, 5:50 am
युग बदले शासक बदले बदला नहीं तुम्हारा भाग्यहाय हिरण तुम छले गए हर युग में स्त्री की तरह न्याय की देवी की आँखों मेंबांध दी गई काली पट्टीसुन तो सके पर देख न पायेसाजिश हुई युगों से ऐसीन्याय हुआ न रामराज में और न होगा कलयुग में भी समय भले ही बदल गया हो सोच मगर बदली है नहीं अत...
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  September 30, 2016, 5:50 am
आम आदमी देखता है आम सपने खास आदमी देखता है खास सपनेकभी-कभी तो इन सपनों का अंतर होता है इतना ज्यादा  कि जैसे जमीन और आसमान का जैसे नदी और समुद्र का अंतर कुछ सपने समान भी होते हैं इनकेजैसे अपनों की खुशहाली के सपने आम आदमी देखता है सपने  कल और परसों के ख़ास आदमी देखता है सप...
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  September 30, 2016, 5:48 am
किसी झरने का नदी बन जाना ठीक वैसे ही तो जैसे किसी लड़की का औरत बन जाना जैसे एकवचन से बहुवचन हो जाना जैसे अपने लिए जीना छोड़करदुनिया के लिए जीना जैसे दूसरों को अमृत पिला खुद जहर पीना अद्भुत सी समानताएं हैं नदी और औरत में दोनों ही से मिलकर धुल जाते हैं कलुष तन और मन के तृप्त ह...
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  September 30, 2016, 5:47 am
शाम के धुंधलके में जबकि चिडियां वापस जा रही थीं अपने घोंसलों में बच्चों के पास गायें भी रंभाती हुई भागती सी अपने छौनों के लिए आलस भरी अंगड़ाई लेकर जागने की तैयारी में थे उल्लू भी पेड़ की शाखों पर उल्टे लटके हुए दिनभर खेतों में काम करके किसान भी लौट रहे थे घरों को अपने हल और...
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  September 30, 2016, 5:45 am
गजल गायक गुलाम अली की बेहतरीन नज्मों और दिल को छू लेने वाली गजलों के दीवाने केवल पाकिस्तान में नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में मौजूद हैं। गुलाम अली की गजल गायिकी का जादू सरहद पार भारतीय प्रशंसकों में सिर चढ़कर बोलता है, और उनका कहना भी है कि संगीत की कोई सीमा नहीं होती और न क...
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  September 11, 2016, 3:58 pm
गुवाहाटी में गत सप्ताह सम्पन्न एक उत्तर-पूर्व के राज्यों में सतत विकास लक्ष्यों से संबंधित मुद्दों पर आयोजित एक सेमीनार में कुछ अर्थविदों ने इस बात पर चिन्ता व्यक्त की कि योजना आयोग के खात्मे के कारण 2017-18 से विशेष श्रेणी दर्जा प्राप्त राज्यों को केन्द्र सरकार से राज्...
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  August 27, 2016, 9:47 pm
ओलंपिक में भारत एक रजत और कांस्य पदक छोड़ कोई अन्य पदक नहीं जीत पाया। वास्तव में यह शर्म की बात है। भारत से बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन उपलब्धि अपेक्षा से बहुत कम रही। हॉकी, जिसे हमने पश्चिम को सिखाया, अब इस उपमहाद्वीप से गायब हो चुका है। खेल को ज्यादा आकर्षक बनाने के नाम प...
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  August 27, 2016, 9:41 pm
देहाती लड़की प्यार भी करती है ठेठ देहातीपन से अपने प्रेमी को नहीं आते हैं उसे नये ज़माने के नाज-नखरे और ताम-झाम रूठने-मनाने को ही समझती है वह प्रेम या फिर प्रेमी के साथ बैठकर बुनती है वह सुनहरे भविष्य के सपनेहाँ मगर उसके सपने भी होते हैं उतने ही बड़े जो समां सकें प्रेमी की च...
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  June 13, 2016, 8:30 am
क्या लड़ना ही बचा है आखिरी विकल्प !जैसा कि होता आया है आदिकाल अनादिकाल से जैसे रामायण में महाभारत में जैसे सुरासुर संग्राम में जैसे भारत और पाकिस्तान में जैसे हिन्दू और मुसलमान में क्या दोनों पक्ष एक नहीं हो सकते अपने-अपने अहंकार छोड़कर मतभेदों की दीवार तोड़कर क्यों इस अ...
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  June 6, 2016, 7:08 am
10x10 की जिंदगी भी जिंदगी ही होती है 10x10 में रहनेवालों के भी सपने होते हैं जैसे कि 100x100 या 1000x1000 में रहने वालों के होते हैं 10x10 के कमरे में भी चल जाती है गृहस्थी बेडरूम किचन और पूजाघरभी होते हैं 10x10 मेंजरा छोटे तो होते हैं आकार में मगर सुख भरपूर रहता है फोन करके नहीं ढूंढना पड़ता है मि...
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  June 6, 2016, 7:00 am
वह जागना चाहता था मगर उसे कहा गया अभी मत जागो, अभी सुबह नहीं हुई है उसने भाई से पूछा सुबह हो गई है न! भाई ने उसे समझाते हुए कहा नहीं अभी सुबह होने में काफी समय हैतुम सो जाओ उसने बहन से पूछा सुबह हो गई है न!बहन ने भी वही जवाब दियापिता ने भी वही जवाब दिया  माँ ने भी वही जवाब दिय...
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  June 6, 2016, 7:00 am
एक घाटी जो जार-जार रोती दिन भर वाहनों के शोरोगुल से रही आक्रांतहैरान और परेशान   जो रात में चाहे विश्राम मगर सो न पातीइंसानों की दिन-रात चलने की हवस उसे सोने न देती डर है कि कहीं घाटी जो दिन-रात सो न पाती नाराज गर हुई तो आफत ही फिर आ जाती  स्वार्थी मानव आबादी फिर चीखती ...
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  June 6, 2016, 5:30 am
फर्क तो होता ही है एक अमीर साहित्यकार और एक गरीब साहित्यकार मेंलिखते दोनों ही अच्छा हैं मगर वातानुकूलित कमरे मेंपुरसुकून सोफे पर बैठकरचाय-काफी की चुस्कियां लेते हुए 52 इंच की टीवी स्क्रीन पर चल रही किसानों की आत्महत्या की ख़बरों को देखकर दुखी होते हुएउनके बारे में लिख...
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  May 30, 2016, 10:00 am
हवा को बचाना है, पानी को बचाना हैपृथ्वी को बचाना है, जीवों को बचाना है  पेड़ को बचाना है, जंगल को बचाना हैजंगल में रहनेवाले जानवरों को बचाना है झरने को बचाना है, नदी को बचाना है बह सके जिसमें नदी, उस पहाड़ को बचाना हैबेटी को बचाना है, बूढ़े माँ-बाप को बचाना हैतेजी से बिखरते हु...
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  May 30, 2016, 3:00 am
नारीवादी कार्यकर्ता और 'संगत-साउथ एशियन फेमिनिस्ट नेटवर्क'की सलाहकार कमला भसीन का कहना है कि समाज में जिस तरह महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं और इनमें किशोरों की संलिप्तता बढ़ती जा रही है, ऐसे में कानून में बदलाव लाने से ज्यादा महत्वपूर्ण है कि समाज अपनी मानसिकता म...
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  April 10, 2016, 9:45 am
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