POPULAR ENGLISH+ SIGNUP LOGIN

Blog: मनोरमा

Blogger: श्यामल सुमन
साथ साथ रहकर भी अक्सरहर एक, दूसरे का रकीब है।जिसे समझना बहुत कठिन है,सचमुच! ये दुनिया कितनी अजीब है?स्वार्थ है, परमार्थ हैहमारे हर काम का विशेषार्थ है।इसे विवेचनार्थ जब सोचता हूँतो पाता हूँ कि प्रत्यक्षतःस्वार्थ तो अक्सर जीवन केसाथ ही दिखता है औरपरमार्थ! जीवन के बाद भ... Read more
clicks 0 View   Vote 0 Like   12:15pm 17 Mar 2021 #
Blogger: श्यामल सुमन
नए साल में सकल विश्व की पीड़ा का अवसान होमिले कहीं विपरीत सोच तो उसका भी सम्मान होइस जीवन का मूल प्रेम है दुनिया चलती प्रेम सेप्रेम-सुधा बरसे हर दिल में ऐसा नित भगवान होसबके घर में दुख से लड़के ही खुशियाँ आ पातीं हैंमिल के कोशिश अगर करें तो हर चेहरे मुस्कान होमानव और पश... Read more
clicks 24 View   Vote 0 Like   9:55am 3 Jan 2021 #
Blogger: श्यामल सुमन
रूप बदल बदलकर,हर युग में भस्मासुर आता है, और अपनी कार्यशैली बदलकर,अपना किरदार भी निभाता है।सुना है, पहले के भस्मासुर कोवरदान मिला था किवह जिसके सर पे हाथ रखेगा,वह भस्म हो जाएगा।खुद के भस्म होने का डर,हर किसी को लगता है,लेकिन आखिरी में तोसबको भस्म ही होना है,ऐसा सोचकर,क... Read more
clicks 25 View   Vote 0 Like   9:07am 13 Dec 2020 #
Blogger: श्यामल सुमन
ऑंखें तुमसे जब मिलतीं हैं, मैं खुद में खो जाता हूँ तेरे दिल की तुम जानो पर, मैं तेरा हो जाता हूँ तड़प तड़प के रहना पड़ता, तेरा मौन पुकारे जबहाय! बेबसी अपने दिल में, बस आँसू बो जाता हूँ बिन बोले भी प्यार तुम्हारा, दिल में गहरा यूँ उतराचाहत तू मेरी मंजिल बन, मैं मंजिल को जा... Read more
clicks 27 View   Vote 0 Like   4:54am 11 Nov 2020 #
Blogger: श्यामल सुमन
ये दुनिया हम सबकी भाई, तुम समझो या न समझोराम सभी के कृष्ण कन्हाई, तुम समझो या न समझोलहु हमारा एक रंग का इक समान  ही दिखते हमफिर क्यों आपस में रुसवाई, तुम समझो या न समझोसमझ नहीं जागीर ये दुनिया आते जाते रहते हमबस कर्मों की शेष कमाई, तुम समझो या न समझोगद्दी उसने तुझे सौंप दी... Read more
clicks 66 View   Vote 0 Like   2:31am 18 Sep 2020 #
Blogger: श्यामल सुमन
अपना देश, प्रवासी कहते?सच को भी आभासी कहते?जिसने छल से पाया वैभव उसको भी विश्वासी कहते?भूख मिटाती, प्यास मिटातीधरती को क्यों प्यासी कहते?राज पाट, भोगे सुख सारेउसको भी सन्यासी कहते?सारी सुविधा जिनसे मिलतीउसे दास क्यों दासी कहते?झूठे नेता, मगर शान मेंबातें अच्छी खासी क... Read more
clicks 48 View   Vote 0 Like   2:05am 1 Jun 2020 #
Blogger: श्यामल सुमन
कोरोना का शोर बढ़ा हैविश्व, युद्ध की ओर बढ़ा हैपूंजीवादी अहंकार भीजगह जगह घनघोर बढ़ा हैमर्यादा की भाषा छूटीगिनती में मुंहजोर बढ़ा हैजो परिपूर्ण लगे हैं धन सेउन लोगों में चोर बढ़ा हैशक्ल भले इन्सानी है परकितना आदमखोर बढ़ा हैदुखियों की चिन्ता खबरों मेंबता, कहाँ कमजो... Read more
clicks 44 View   Vote 0 Like   5:47am 22 May 2020 #
Blogger: श्यामल सुमन
सब अपना परचम बांटे हैनहीं किसीका गम बांटे हैहालत बदतर पर खबरों मेंप्यासे को शबनम बांटे हैहै अभिशाप ग़रीबी खुद कीजिसको सब मरहम बांटे हैवादे, नारे लोक - लुभावनज्यों कुदरत मौसम बांटे हैदेख उजाला जिसने छीनानित कहते वो तम बांटे हैंपर गरीब जीने को हरदिनआपस में दमखम बांटे ... Read more
clicks 50 View   Vote 0 Like   11:08am 13 May 2020 #
Blogger: श्यामल सुमन
साधो! घर घर एक कहानी।वो प्यारी सी अपनी दुनिया, क्यूं लगती वीरानी?साधो ! घर घर -----हम सबने भरसक कुदरत से, जब तब की मनमानी।अब नाराज हुई तो हमको, याद दिलाती नानी।साधो ! घर घर -----दुनिया में कितने जीवों की, मिटती रही निशानी।किया है जिनसे नित मानव ने, जी भर के बेईमानी।साधो ! घर घर ----हा... Read more
clicks 53 View   Vote 0 Like   8:49am 28 Apr 2020 #
Blogger: श्यामल सुमन
घर के बाहर डर लगता हैऔर जेल सा घर लगता हैकिसको कौन सहारा देगासहमा सा मंजर लगता हैचहल पहल से, दूर जश्न सेसूना गांव, शहर लगता हैआंखों में है नींद मगर क्योंदुश्मन सा बिस्तर लगता हैबस बीमारी, मौत खबर मेंसुनना खबर, जहर लगता हैजीत हमारी निश्चित होगीहाल अभी जर्जर लगता हैसबके स... Read more
clicks 52 View   Vote 0 Like   8:47am 28 Apr 2020 #
Blogger: श्यामल सुमन
जबकि आंखों में खुशियां उतरतीं नहीं,इस तरह मुस्कुराने से क्या फायदा।लोग अपने बुरे वक्त में ना दिखे,ऐसा रिश्ता निभाने से क्या फायदा।          ज़िन्दगी का सफ़र रोज चलता मगर,          सोचना दिन जिए कितने अपने लिए।          ये तजुर्बा नहीं तो है क्या जिन्दगी, ... Read more
clicks 55 View   Vote 0 Like   5:50am 15 Jan 2020 #
Blogger: श्यामल सुमन
दिखलाते पीड़ा कम साहिबक्या बुद्धू दिखते हम साहिबविज्ञापन में हंसते चेहरेलगता नहीं कहीं गम साहिबसहते आए जख्म हज़ारोंअब कब दोगे मरहम साहिबज़ुल्म हुआ जब जब बेटी परहोतीं हैं आंखें नम साहिबक्यूं पिछलग्गू यूं बतियातेजैसे पी हो चीलम साहिबतख्त बिठाकर वही उतारेजनता में ... Read more
clicks 54 View   Vote 0 Like   5:48am 15 Jan 2020 #
Blogger: श्यामल सुमन
तेरे होने का मतलब मुझे देखा भाला हैभले रात अमावस की तुमसे ही उजाला हैमिलते जितने अक्सर मतलब से भरे मिलतेलगता आपस में यूं कुछ दाल में काला हैवो बांट अंधेरा को खुद महल किया रौशनबस कुछ की दिवाली है बाकी का दिवाला हैभरता है पेट जहां वो पाक जगह सबसेवहीं मस्जिद भी अपनी या अपन... Read more
clicks 53 View   Vote 0 Like   5:47am 15 Jan 2020 #
Blogger: श्यामल सुमन
मत करना अब तकरार, विरोधी चुप रहना।जबतक हमरी सरकार, विरोधी चुप रहना।।ये तर्क नया गढ़ लाते हैं, फिर बेफजूल बतियाते हैं।पुरखों का दोष बता करके, मनमर्जी राज चलाते हैं।।कहते हम चौकीदार, विरोधी चुप रहना।जबतक हमरी सरकार----जिस नौजवान से ताकत है, अब तो उस पे ही आफत है।वे चीख रहे ... Read more
clicks 49 View   Vote 0 Like   5:45am 15 Jan 2020 #
Blogger: श्यामल सुमन
मिली जीत फिर मुस्कुराने लगे हैंआवाज सबकी दबाने लगे हैंदिखाए थे सपने सुनहरे दिनों केअमावस को पूनम बताने लगे हैंसभी अंग शासन का पंगु बनायालोगों को अब ये सताने लगे हैंबड़ा कौन मज़हब इन्सानियत सेइन्सान बनने में जमाने लगे हैंफ़रिश्ते नहीं तुम सुमन चेत जाओसमय पर सभी के ठ... Read more
clicks 51 View   Vote 0 Like   5:43am 15 Jan 2020 #
Blogger: श्यामल सुमन
मेरा देश जल रहा हैसबकुछ बदल रहा हैदुनिया के देश बढ़तेये क्यों फिसल रहा हैॽकानून को ये हर दिनपल पल मसल रहा हैआवाज आम जन कीबल से कुचल रहा हैलाखों घरों में चूल्हामुश्किल से जल रहा हैआपस में भेद करनाउसका शगल रहा हैबस जागरण सुमन कासब दिन से बल रहा है... Read more
clicks 56 View   Vote 0 Like   5:41am 15 Jan 2020 #
Blogger: श्यामल सुमन
आवाज दबाने की कोशिश।जनतंत्र मिटाने की कोशिश।स्तब्ध हुआ, मन आहत है।ऐसी क्यों हुई सियासत हैॽसच पर सख्ती से पहरा है।ये जख्म बहुत ही गहरा है।घुट घुटके है फिर जीना क्योंॽनित जहर गमों का पीना क्योंॽमत सोचो, हम डर जाएंगे।हक लेंगे या मर जाएंगे।सब दिन गद्दी पर कौन यहांॽअब नह... Read more
clicks 41 View   Vote 0 Like   5:38am 15 Jan 2020 #
Blogger: श्यामल सुमन
कोशिश किए बिना जो कुछ नाम चाहता हैगाए जा गीत उनके जो निजाम चाहता हैदीवार खड़ी करके जिसने बढ़ायी दूरीबदले में आज हमसे वो सलाम चाहता हैहालात ऐसे बिगड़े रोटी नहीं मयस्सरसमझा रहे क्यों सबको ये राम चाहता हैसदियों का भाईचारा अपनी यही विरासतइस भाईचारे को भी नीलाम चाहता हैह... Read more
clicks 51 View   Vote 0 Like   2:42am 5 Jan 2020 #
Blogger: श्यामल सुमन
हर विरोध पर मार पुलिस सेचलती है सरकार पुलिस सेइस परिवर्तित लोकतंत्र मेंजीने का अधिकार पुलिस सेअक्सर नेता,अपराधी कीहोतीं आंखें चार पुलिस सेआमलोग में डर है इतनाकौन करे तकरार पुलिस सेनहीं करे अधिकारी, मंत्रीमीठा सा व्यवहार पुलिस सेजितनी भी है शांति-व्यवस्थामिलती हम... Read more
clicks 51 View   Vote 0 Like   2:40am 5 Jan 2020 #
Blogger: श्यामल सुमन
किसी ने दुनिया कोदो भागों में बांटापुरूष और नारीतो किसी ने कहागरीब और अमीरभारत भी अभी दो भागों में बंटा हैसबका निजी विचार हैपरिभाषा बदलने का अधिकार हैजो सत्ता के साथ है वो देशभक्तबाकी सब गद्दार है।... Read more
clicks 53 View   Vote 0 Like   2:38am 5 Jan 2020 #
Blogger: श्यामल सुमन
आप बहुत ही ज्ञानी साहिबक्यूं करते मनमानी साहिबवादा करके दिया कहां कुछकहते खुद को दानी साहिबपीने तक को पानी कम क्याआंखों में कम पानी साहिबजो कहते हैं कभी न करतेशातिर चाल सयानी साहिबताकतवर शासक के रहतेजनता क्यों मुर्दानी साहिबलोकतंत्र में जनता सबकोयाद दिलाती नानी ... Read more
clicks 51 View   Vote 0 Like   2:37am 5 Jan 2020 #
Blogger: श्यामल सुमन
जब जब कलम बनी है चारण तब तब एक कमाल हुआकल-कल, छलछल, निर्मल गंगा का पानी भी लाल हुआकहीं पे लालच, कहीं पे डर से कलम जहां भी झुकती हैपढ़कर ये इतिहास को समझो देश वही कंगाल हुआकलम के जिम्मे है समाज की रखवाली करते रहनाऔर जगाना लोगों को भी जब जब खड़ा सवाल हुआकलम रो रही आज देखकर बदल... Read more
clicks 47 View   Vote 0 Like   3:49am 24 Dec 2019 #
Blogger: श्यामल सुमन
सुनिए सभी विचार प्रभुआप स्वयं सरकार प्रभुलोग भला किससे मांगेंअपना ही अधिकार प्रभुप्रश्न उठेंगे जन जन सेमत करिए तकरार प्रभुजरा सोचिए उनकी जोघर बैठे बेकार प्रभुजिसने गद्दी सौंपी हैउनको भी दें प्यार प्रभुसाझी आज विरासत जोभारत का आधार प्रभुसुमन उचित क्या तंत्र सभीद... Read more
clicks 52 View   Vote 0 Like   3:46am 24 Dec 2019 #
Blogger: श्यामल सुमन
इधर उधर के फिर कुछ मुद्दे फेक रहे हैंआग लगाकर रोटी अपनी सेक रहे हैंहाथों को जब काम नहीं फिर दम घुटताजिनके दिल में कुछ तो यार विवेक रहे हैंवही सिखाते बातें नारी-अस्मत कीजो आदत से जीवन भर दिलफेंक रहे हैंआमजनों का भला नहीं कर पाए जोऐसे शासक अपने यहां अनेक रहे हैंऐसे शासन क... Read more
clicks 57 View   Vote 0 Like   3:44am 24 Dec 2019 #
Blogger: श्यामल सुमन
लाठी, गोली, मीडिया, जब राजा के साथ।आमलोग जगते तभी, और मिलाते हाथ।।तल्ख बोलियां बोलकर, क्या देते संदेशॽजितना तेरा देश है, उतना मेरा देश।।निर्णय राजा का सही, फिर क्यों भय, संत्रासॽयह क्या सबका साथ है, या सबका विश्वासॽॽजनता के विश्वास का, उचित नहीं तौहीन।जिसने गद्दी दी तुझ... Read more
clicks 53 View   Vote 0 Like   3:42am 24 Dec 2019 #
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:

Members Login

    Forget Password? Click here!
  • Latest
  • Week
  • Month
  • Year
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (4019) कुल पोस्ट (193757)