! कौशल !

 लगे हुए थे एक माह से ,हिन्दू मुस्लिम भाई ,थम गया था जीवन सारा ,चौपट हुई कमाई .मना रहे थे अफसरों को ,देकर दूध मलाई ,नेताओं ने भी आकर ,पीठ थी थपथपाई .बिलबिलाते गर्मी से ,छत पर खाट जमाई,पंखा झलते-झलते रहते ,नींद न फिर भी आई .धरने करते नारे गाते ,बिछा के जब चटाई,सीधी बातों से न माने ,त...
! कौशल !...
Tag :my poem
  June 20, 2013, 12:01 am
आज सुबह का दैनिक जागरण देखा .अन्य समाचार जहाँ देश में जगह जगह हुई भयावह घटनाओं के बारे में बता रहे थे वहीँ एक खबर दिल को सुकून दे रही थी कि पूरी तरह पतंनोंमुख भारतीय राजनीती  में अभी भी आशा की किरण हैं इस देश के लिए ''कौंग्रेस के बूते ''      कलीम देहलवी ने कहा है -     ''...
! कौशल !...
Tag :aalekh shalini kaushik
  June 18, 2013, 1:47 pm
  बजरिये बख्शीश-ए-लोहा ,सोयी जनता जगायेंगे .फिर एक नयी इबारत गढ़ ,साथ सबको ले आयेंगे .भले ही दृढ इरादों ने ,उन्हें लौह-पुरुष बनाया था ,ढालकर उनको मूरत में ,लोहा तो ये दिलवाएंगे .मिटटी के लौंदे में लिपटे ,वे तो साधारण मानव थे .महज़ लोहमय शख्सियत को ,लोहसार ये बनायेंगे .मुखालिफ...
! कौशल !...
Tag :gazal by shalini kaushik
  June 16, 2013, 1:19 pm
सन्दर्भ :-17 साल पुराने जदयू-भाजपा गठजोड़ में अलगाव तय           मोदी और नीतीश     कितने दूर कितने पास   तोहमतें लगनी हों तो लगती रहें ,तुनक मिज़ाजी दिखाएंगें हम भी .है जुदाई अगर उनकी किस्मत में ,बखुशी दूर जायेंगे हम भी .हम न करते हैं बात मज़हब की ,अपने ख्वाबों में महज़ कुर्सी है...
! कौशल !...
Tag :gazal by shalini kaushik
  June 15, 2013, 12:22 am
सब पाखंड घोर पाखंड  मात्र पाखंड भाईसाहब नमस्कार कह रही थी मैडम ,हाथ जोड़कर और भाईसाहब सिर घमंड से उठाकर स्वीकार कर रहे थे . पंडित जी ! प्रणाम कह रहा था भक्त ,और पंडित जी गर्दन हिलाकर हाथ उठाकर भगवान बन रहे थे .मम्मी जी पाय लागूं ,कह बहु झुकी सास के पैर छूने ,पर घुटनों को ह...
! कौशल !...
Tag :kavita
  June 14, 2013, 1:06 am
 ये राहें तुम्हें कभी तन्हा न मिलेंगीं ,तुमने इन्हें फरेबों से गुलज़ार किया है .ताजिंदगी करते रहे हम खिदमतें जिनकी ,फरफंद से अपने हमें बेजार किया है .कायम थी सल्तनत कभी इस घर में हमारी ,मुख़्तार बना तुमको खुद लाचार किया है .करते कभी खुशामदें तुम बैठ हमारी ,हमने ही तुम्हे...
! कौशल !...
Tag :shalini kaushik
  June 12, 2013, 2:06 pm
 ''आज माना कि इक्तदार में हो ,हुक्मरानी के तुम खुमार में हो ,ये भी मुमकिन है वक़्त ले करवट ,पाँव ऊपर हों सर तगार में हो .''    कुछ साल पहले जब अटल बिहारी वाजपेयी जी को बीमार बताकर नेपथ्य में जाने को अडवाणी जी ने अपने गुट के साथ मिलकर विवश किया था तब अटल जी के मन में यही विचार उभर...
! कौशल !...
Tag :aalekh shalini kaushik
  June 11, 2013, 1:22 am
  नारी सशक्त हो रही है .इंटर में लड़कियां आगे ,हाईस्कूल में लड़कियों ने लड़कों को पछाड़ा ,आसमान छूती लड़कियां ,झंडे गाडती लड़कियां जैसी अनेक युक्तियाँ ,उपाधियाँ रोज़ हमें सुनने को मिलती हैं .किन्तु क्या इन पर वास्तव में खुश हुआ जा सकता है ?क्या इसे सशक्तिकरण कहा जा सकता ...
! कौशल !...
Tag :aalekh shalini kaushik
  June 10, 2013, 11:17 am
बीवी ने पूछा मियां से आँखें झपक-झपककर ,सूरत पे मेरी चाँद नज़र आता है अब भी क्या ?शौहर ने कहा प्यार से आँखें मसल-मसलकर ,ऐनक बिना लगाये मुझे दिखता ही है कहाँ .बीवी ने कहा आपने ये वादा था किया ,लाओगे तोड़ तारे मेरे लिए यहाँ .शौहर ने कहा टूट गयी मेरी कमर ही अब ,कमरे से बाहर जाना भी ...
! कौशल !...
Tag :
  June 8, 2013, 12:45 am
 सितारे और भी आकर गगन पर जगमगायेंगे ,हमारी चमक ख़त्म होने के बाद .हमीं की खाते हो कसमें ,हमीं ना याद आयेंगे ,चमन से हमारे जाने के बाद .बहुत से सपने संग लेकर ,कदम हमने यहाँ रखे ,जो देखेंगे सभी अब भी हमारे टूटने के बाद .कहें सब दुनिया को लेकर ,खाली हाथों का नाता है .मगर ये अनुभव क...
! कौशल !...
Tag :my poem
  June 6, 2013, 2:33 pm
  मुलायम मन की पीड़ा Mulayam Singh Yadav hints he would have made a better CM than son Akhilesh Yadav             अगर कुर्सी मेरी होती ,पलटकर सिस्टम रख देता ,काबू पा अधिकारियों पर ,सीधा करता हरेक नेता .नहीं बन पाया हूँ मुख्य ,तो क्या कुछ कह नहीं सकता ,हूँ अध्यक्ष अपने दल का मैं ,कभी भी झुक नहीं सकता .संभाला मैंने पहले भी ,इसे मज...
! कौशल !...
Tag :
  June 5, 2013, 9:31 pm
दुश्मन न बनो अपने ,ये बात जान लो ,कुदरत को खेल खुद से ,न बर्दाश्त जान लो .चादर से बाहर अपने ,न पैर पसारो,बिगड़ी जो इसकी सूरत ,देगी घात जान लो . निशदिन ये पेड़ काट ,बनाते इमारते ,सीमा सहन की तोड़ ,रौंदेगी गात जान लो .शहंशाह बन पा रहे ,जो आज चांदनी ,करके ख़तम हवस को ,देगी रात जान लो .ज...
! कौशल !...
Tag :gazal by shalini kaushik
  June 3, 2013, 11:03 pm
 ''शादी करके फंस गया यार ,    अच्छा खासा था कुंवारा .''भले ही इस गाने को सुनकर हंसी आये किन्तु ये पंक्तियाँ आदमी की उस व्यथा का चित्रण करने को पर्याप्त हैं जो उसे शादी के बाद मिलती है .आज तक सभी शादी के बाद नारी के ही दुखों का रोना रोते आये हैं किन्तु क्या कभी गौर किया उस विप...
! कौशल !...
Tag :aalekh shalini kaushik
  June 1, 2013, 10:02 pm
स्मारिका- संस्कृति रक्षण में महिला सहभागयूनान ,मिस्र ,रोमां सब मिट गए जहाँ से ,बाकी अभी है लेकिन ,नामों निशां हमारा .कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी ,सदियों रहा है दुश्मन ,दौरे ज़मां हमारा .भारतीय संस्कृति की अक्षुणता को लक्ष्य कर कवि इक़बाल ने ये ऐसी अभिव्यक्ति दी ज...
! कौशल !...
Tag :aalekh shalini kaushik
  May 31, 2013, 12:50 am
छत्तीसगढ़ नक्सली हमला -एक तीर से कई निशाने छतीसगढ़ स्थित सुकमा जिले के दर्भा घाटी क्षेत्र में कॉंग्रेसी नेताओं के काफिले पर हुए नृशंस हमले को ऊपरी तौर पर एक नक्सली हमले के रूप में देखा जा रहा है किन्तु जैसे जैसे समाचार पत्रों में ये समाचार प्रकाशित हो रहा है और भुग्तभ...
! कौशल !...
Tag :aalekh shalini kaushik
  May 27, 2013, 11:09 pm
प्रवीण शुक्ल कहते हैं -''तुम्हें इस दौर के हालात का मंज़र बताऊँ क्या , हुई है आँख मेरी आंसुओं से तर बताऊँ क्या ,मैं अपने दुश्मनों से खुलके दो-दो हाथ कर लेता ,उठा है दोस्तों के हाथ में पत्थर बताऊँ क्या .''१९६७ में जन्मी एक विचारधारा जिसका उद्देश्य जनांदोलन के माध्यम से एक वर्...
! कौशल !...
Tag :aalekh shalini kaushik
  May 26, 2013, 10:40 pm
कुपोषण और आमिर खान -बाँट रहे अधूरा ज्ञान BollywoodAamir Khan to spread awareness against malnutrition    ''भोज्य तत्वों के गुण और परिमाण में अपर्याप्त तथा आवश्यकता से अधिक उपभोग द्वारा जो हानिकारक प्रभाव शरीर में उत्पन्न हो जाते हैं ,वे 'कुपोषण' ही हैं .''   ''भोज्य तत्व ''गुण और परिमाण में शारीरिक आवश्यकतानुसा...
! कौशल !...
Tag :
  May 24, 2013, 12:20 am
अधिकार सार्वभौमिक सत्ता सर्वत्र प्रभुत्व सदा विजय सबके द्वारा अनुमोदन मेरी अधीनता सब हो मात्र मेरा कर्तव्य गुलामी दायित्व ही दायित्व झुका शीश हो मात्र तुम्हारा मेरे हर अधीन का बस यही कल्पना हर पुरुष मन की .शालिनी कौशिक    ...
! कौशल !...
Tag :
  May 23, 2013, 12:19 am
 ''मनोज सुन ''नरेन् ने आवाज़ लगाई ,हाँ ,क्या है ? ''फ्री है ?हाँ अभी तो एक घंटा फ्री ही हूँ ,तू बता न क्या कह रहा है ,पता है मनोज! मैंने आज सुबह सूर्योदय में एक खास सपना देखा है कि मैं राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री पद की शपथ ले रहा हूँ और पता है ये सपना मैंने सुबह सुबह दे...
! कौशल !...
Tag :laghu katha shalini kaushik
  May 20, 2013, 10:41 pm
  हर अँधेरे को मिटाकर बढ़ चलो ए जिंदगीआगे बढ़कर ही तुम्हारा पूर्ण स्वप्न हो पायेगा.गर उलझकर ही रहोगी उलझनों में इस कदर,डूब जाओगी भंवर में कुछ न फिर हो पायेगा.आगे बढ़ने से तुम्हारे चल पड़ेंगे काफिले,कोई अवरोध तुमको रोक नहीं पायेगा.तुमसे मिलकर बढ़ चलेंगे संग सबके होसले,...
! कौशल !...
Tag :
  May 20, 2013, 12:09 am
 "ओ बी ओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 26दो दोहे-व्याकुल मन माँ वसुंधरा ,करें करुण पुकार ,पर्यावरण के शोषण का ,बंद कर दो व्यापार .निसर्ग नियम पर ध्यान दे ,निसंशय मिले निस्तार ,मेरा जीवन ही मनुज ,तेरा जग आधार .      शालिनी कौशिक ...
! कौशल !...
Tag :
  May 19, 2013, 1:12 pm
 न होगा मुझको कुछ हासिल ,मेरी किस्मत ही ऐसी है ,न फतह के होंगी काबिल ,मेरी किस्मत ही ऐसी है .मयस्सर थी मुझे खुशियाँ ,अगर कुछ करके दिखलाती ,नहीं कर पाई मैं कुछ भी , मेरी किस्मत ही ऐसी है .खड़े हैं साथ में अपने ,न मानूं हूँ किसी की मैं ,समझती खुद को बादशाह ,मेरी किस्मत ही ऐसी है .नह...
! कौशल !...
Tag :gazal by shalini kaushik
  May 19, 2013, 1:24 am
ये गाँधी के सपनों का भारत नहीं .  के .एन .कौल कहते हैं -''खुद रह गया खुदा भूल गया ,   भूलना किसको था क्या भूल गया .      याद हैं मुझको तेरी बातें लेकिन ,         तू ही कुछ अपना कहा भूल गया .''देश के संविधान का संरक्षक उच्चतम न्यायालय स्वयं नियम बनाता है और तोड़ता है .वक़्त का परिवर्त...
! कौशल !...
Tag :aalekh shalini kaushik
  May 17, 2013, 12:36 am
दरिंदा है मनोज, अपनी पत्नी से भी किया था रेप   'गुड़िया' खतरे से बाहर, आरोपी ने कबूला गुनाह   झुलसाई ज़िन्दगी ही तेजाब फैंककर ,    acp slapped girl in delhi''कायर होता जा रहा है आदमी ''दिल्ली में एक पञ्च वर्षीय बालिका से गैंगरेप ,शामली में चार सगी बहनों पर तेजाब उडेला ,मायके गयी पत्नी तो ...
! कौशल !...
Tag :aalekh shalini kaushik
  May 15, 2013, 1:58 pm
बेख़ौफ़ हो गए हैं ,बेदर्द हो गए हैं ,हवस के जूनून में मदहोश हो गए हैं .चल निकले अपना चैनल ,हिट हो ले वेबसाईट ,अख़बारों के अड्डे ही ये अश्लील हो गए हैं .पीते हैं मेल करके ,देखें ब्लू हैं फ़िल्में ,नारी का जिस्म दारू के अब दौर हो गए हैं .गम करते हों गलत ये ,चाहे मनाये जलसे ,दर्द-ओ-ख...
! कौशल !...
Tag :gazal by shalini kaushik
  May 13, 2013, 8:51 pm
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:
Hot List (1 Like = 2 Views)
  • ताज़ा
  • 7 दिन
  • 30 दिन
  • अब तक
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (2788) कुल पोस्ट (74789)