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Blog: मेरी कहानी

Blogger: Neha
कार्तिक पूर्णिमा...सिर्फ दो बातों की याद दिलाती है...सुबह अंधेरे मे नदी-तालाबों मे तैरते दीयों की रोशनी और गुरुनानक जयंती मे गुरुद्वारे मे होने वाले लंगर की...ये दोनों यादें बचपन से जुड़ी हुई खास यादों का हिस्सा हैं...मुझे याद है जब मैं स्कूल मे थी तब मेरी कई पंजाबी सहेलियाँ... Read more
clicks 258 View   Vote 0 Like   10:24am 28 Nov 2012 #
Blogger: Neha
कुछ दिनों पहले ही मुझे अपनी एक पुरानी सहेली नेट पर मिली....और उससे एक दूसरी सहेली का नंबर मिला और उससे दूसरी का...बस इस तरह मुझे अपनी सभी सहेलियों के नम्बर मिले और उनके बारे में भी पता चला...मेरी उनसे अक्सर बातें होने लगीं और हम फिर से एक दूसरे से जुड़ गए....कुछ हफ़्तों पहले मुझ... Read more
clicks 240 View   Vote 0 Like   9:36am 20 Sep 2011 #भिलाई
Blogger: Neha
अभी कुछ दिनों पहले अपने हाथ के कॉर्न के लिए होम्योपथिक डॉक्टर से मिली.....ये हॉस्पिटल विले पार्ले(मुंबई)में है और वहाँ की खास बात ये है कि वो आपकी बीमारी का इलाज करने तक ही मतलब नहीं रखते...वो पहले आपके नेचर को जानते हैं...कुछ सवालों से या फिर वो आपसे ही कहते हैं कि आप अपने बा... Read more
clicks 258 View   Vote 0 Like   9:44am 20 May 2011 #डॉक्टर
Blogger: Neha
आज का दिन मेरी ज़िन्दगी का सबसे सुनहरा दिन है....आज मुझे अपनी एक बिछड़ी सहेली मिल गई...राखी सिंग चंदेल...जब मैं सारी सहेलियों से बिछड़ी थी तब ये ही एक ऐसी सहेली थी जिसने पत्र-व्यवहार काफी लबे समय तक जारी रखा....लेकिन बाद में उसकी व्यस्तता बढती गई और पत्र कम होते-होते बंद हो गए....... Read more
clicks 214 View   Vote 0 Like   4:29am 21 Aug 2010 #मेरी सहेली
Blogger: Neha
बचपन से ही जब मुझे घर पर छोड़ कर दोनों भाई स्कूल जाया करते थे....मुझे बहुत बुरा लगता था और मैं बस इंतज़ार किया करती थी....न सिर्फ उनके आने का बल्कि जल्दी से बड़ी होकर अपने स्कूल जाने का भी....और जब वो दिन आया....मेरी ख़ुशी का तो ठिकाना ही नहीं था.......मैंने कई बच्चों को रोते हुए स्कूल ज... Read more
clicks 236 View   Vote 0 Like   5:13am 26 Jun 2010 #पटरियां
Blogger: Neha
अपनी जीवन यात्रा लिखते-लिखते अचानक अतीत से वर्तमान में चली आई थी.....इससे बीच के कुछ वर्ष पीछे छूट गए...अब वो बार-बार मुझसे अपना स्थान मांग रहे हैं...कहते हैं," हमारे बिना तुम्हारी जीवन-यात्रा कैसे पूरी हो सकती है...?"......मुझे इनकी याद तो थी...लेकिन एक बार जब कोई अपने अतीत से वर्तम... Read more
clicks 262 View   Vote 0 Like   11:54am 9 Apr 2010 #मार्चपास्ट
Blogger: Neha
होली...........रंगों से भरा त्यौहार.....जिसमे किसी भी तबके में कोई अंतर नहीं होता.........हर एक बस रंगों से सराबोर होता है....लेकिन कोई-कोई अपने दोस्तों से दूर होकर केवल दूसरों को रंगों से खेलते हुए और खुशियाँ मानते हुए देखता है,कभी खुश होता है...तो कभी अपने दोस्तों को याद करके उदास.........औ... Read more
clicks 289 View   Vote 0 Like   10:14am 3 Mar 2010 #होली
Blogger: Neha
आजसरस्वतीपूजाथी....स्कूलके दिनों में हम सुबह जल्दी स्कूल जाकर पूजा की तैयारियां किया करते थे....सरस्वती वंदना,पूजा,प्रसाद वितरण और फिर छुट्टी हो जाया करती थी.....जब से स्कूल जाना बंद किया,घर पर ही पूजा कर लिया करती...हर साल की तरह इस साल भी सरस्वतीपूजाकी....सरस्वती पूजापर केस... Read more
clicks 234 View   Vote 0 Like   12:40pm 20 Jan 2010 #सरस्वती पूजा
Blogger: Neha
मकर संक्रांति....पता नहीं लोगों को ये नाम सुनकर क्या याद आता है मुझे तो ये नाम सुनते साथ ही तिल की चक्की,लड्डू वगैरह याद आ जाते हैं...बचपन से ही इस दिन हम तिल-गुड आदि की बनी चीजें खाया और दान दिया करते थे..कई लोग खिचड़ी भी दान देते हैं....मम्मी बहुत ही स्वादिष्ट तिल की चक्की बनात... Read more
clicks 237 View   Vote 0 Like   8:30am 14 Jan 2010 #मकर संक्रांति
Blogger: Neha
आज नए साल को शुरू हुए पूरे ११दिन हो चुके हैं.......वैसे तो लोग साल के आखिरी दिनों में ही साल भर का लेखा-जोखा कर लेते हैं.....लेकिन साल के आखिरी दिन मेरे लिए व्यस्तता से भरे हुए रहे.....ऐसा नहीं है कि मैं पार्टी कि तैयारियों में लगी थी....क्यूंकि मैं नए साल की शुरुआत पार्टी से करने मे... Read more
clicks 245 View   Vote 0 Like   11:04am 11 Jan 2010 #पुणे...
Blogger: Neha
बचपन में रेत के घरौंदे तो हम सभी ने बनायें हैं ...वो सुनहरी..गीली रेत का गुम्बदनुमा घर बनाकर उसके भीतर हाथों से सुरंगें बनाना.....मैं और मेरी सहेली भी यूँ ही खेला करते थे...ये सुरंगें जब पूरी हो जातीं और दोनों के हांथ मिल जाते तो.......हमारी खुशी का कोई ठिकाना ही रहता था....किसी के ह... Read more
clicks 246 View   Vote 0 Like   1:24pm 23 Nov 2009 #घरौंदा
Blogger: Neha
पापाजी....बचपन में कितनी ही बार इनकी गोद में खेली...वे मुझे कई नामों से बुलाते...गुडिया,नन्ही राजकुमारी...और भी जाने क्या-क्या...?...पापाजी मुझे भाइयों से ज्यादा प्यार करते....पहली बार उनके साथ ही स्कूल गई...मुझे याद है..एक दिन मैंने उनके साथ सामान सप्लाई करने के लिए जाने की जिद की थ... Read more
clicks 261 View   Vote 0 Like   11:14am 27 Aug 2009 #पापाजी
Blogger: Neha
पिछले कुछ दिनों से "स्वाइन फ्लू"के डर ने सभी को यूँ घेरा था...कि कोई भी बिना किसी जरूरी काम के बाहर नही निकलना चाहता....लेकिन इसे भुला कर सभी ने बड़े उत्साह से"स्वतंत्रता दिवस"मनाया....मैं भी अपनी"हाऊसिंग सोसायटी"के द्वारा आयोजित समारोह में शामिल हुई...लहराते हुए तिरंगे को दे... Read more
clicks 273 View   Vote 0 Like   7:43am 16 Aug 2009 #स्वतंत्रता
Blogger: Neha
पिछले महीने से मैंने ट्यूशन पढाना शुरू किया....बच्चों के नखरे-बहाने देखकर मजा भी आता है...गुस्सा भी...उन्हें पढाते हुए मुझे भी अपने ट्यूशन के पहले दिन की याद आती है......ये सभी तो फ़िर भी पहले दिन अच्छी तरह से पढने आ गए थे......जब मैं पहले दिन ट्यूशन पढने गई थी....वो दिन तो आज भी नही भूल... Read more
clicks 210 View   Vote 0 Like   1:02pm 6 Aug 2009 #पहला अनुभव
Blogger: Neha
स्कूल दूर होने की वज़ह से हमें कई सालों तक रिक्शे की रोज़ सवारी का मौका मिला.इन ८-९ वर्षों में हमने कई रिक्शे बदले....इस वज़ह से हमें सारे रिक्शेवाले भइया का नाम तो याद नही है,लेकिन २ रिक्शावाले भइया हमें हमेशा याद रहेंगे....एक अपने नाम की वजह से और एक अपने अनोखे रिक्शे की वज... Read more
clicks 239 View   Vote 0 Like   1:08pm 3 Jul 2009 #दुकालू भाई
Blogger: Neha
आज सुबह एक दोस्तों के ग्रुप को देखी.....हँसी-मजाक करते हुए,एक दुसरे की खिंचाई करते हुए....मुझे भी अपने स्कूल के वो दिन याद आ गए,जब हम सभी सहेलियों का ग्रुप इसी तरह की मस्ती करता था.हमारी क्लास डे शिफ्ट होने के कारण हमारा अधिकांश समय स्कूल में सहेलियों के साथ ही बीतता था....घर ... Read more
clicks 269 View   Vote 0 Like   9:55am 6 Jun 2009 #अकेलापन
Blogger: Neha
माँ....एक ऐसा शब्द जिसे बच्चा सबसे पहले कहता है.मेरी माँ...जिन्हें मैंने हर वक्त अपने साथ पाया....मुश्किल पलों में सहेली के रूप में,जीवन की कठिन राहों में मार्गदर्शक के रूप में,अकेलेपन में सहारे के रूप में....पहली बार मम्मी को छोड़ कर कही गई तो वो था मेरे स्कूल का पहला दिन....उसके ... Read more
clicks 235 View   Vote 0 Like   11:21am 1 Jun 2009 #माँ
Blogger: Neha
आज अचानक अपने स्कूल का पहला दिन याद आ गया.छोटी होने के कारण कई फायदे तो थे लेकिन नुकसान भी था...मुझे घर पर सारे दिन अपने भाइयों के स्कूल से घर आने का इंतजार करना पड़ता था,इस बोरियत को मिटाने के लिए मम्मी मुझे अक्षर ज्ञान और लिखना सिखाते थे......इसी वजह से मैं स्कूल जाने से पहले ... Read more
clicks 263 View   Vote 0 Like   12:52pm 28 May 2009 #गाना और सहेलियां
Blogger: Neha
कल मार्केट में एक भेल(मुर्रे में कुछ चटपटी चीजें मिलकर बनाई जाती है/गुपचुप की दूर की बहन)वाले को देख कर अचानक अपने स्कूल के सामने खड़े होने वाले भेल वाले बाबा की याद आ गई.......हमारे भेलवाले बाबा हम लड़कियों को "भवानी" कहकर बुलाते थे......उनका वो गाना"जो खायेगा हमारी भेल,कभी होग... Read more
clicks 244 View   Vote 0 Like   6:22am 22 May 2009 #बाबा स्कूल
Blogger: Neha
पिछली बार मैंने अपने इतिहास के टीचर के बारे मैं लिखा था और आज मैं अपनी संस्कृत की टीचर के बारे मैं लिखना चाहती हूँ;वैसे ये करीब-करीब एक ही तरह की बात होगी लेकिन फ़िर भी....हम घर में बचपन से ही मंत्रों का जाप किया करते थे और हर रविवार हम यज्ञ करने गायत्री मन्दिर भी जाया करते थ... Read more
clicks 204 View   Vote 0 Like   8:29am 12 May 2009 #यज्ञ
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