Hamarivani.com

सोचा ना था....

"बसचलीतोसबकेबीचहँसते-बतियातेउसेऐसालगाजैसेसारेदिनख़ूबसारीपढ़ाईकरकेघरकीओरलौटरहाहै।तभीख़यालआया-धत्वोतोस्कूलजारहाहै।"इसएकवाक्यमेंबंटीकेमनकीमनस्थितिज़ाहिरहोजातीहै,जबआपकोघरसेज़्यादाबाहरआनंदआनेलगेतोसमझिए कुछ ठीक नहीं है,कुछभावनाएँऐसीहोतींहैंजोआपअं...
सोचा ना था.......
Tag :पुस्तक चर्चा
  December 2, 2016, 12:54 pm
कृष्ण आज क्षमा माँगते हैं हर उस माँ से,जिसका बच्चा कृष्ण बनने की ठानकर घर से निकलता है..और बनना चाहता है सिर्फ़ माखनचोर..करना चाहता है रासलीला..हरना चाहता है गोपियों के वस्त्र..तोड़ना चाहता है राह चलती गोपियों की मटकियाँ..बनाना चाहता है हर राधा को अपनी..पर नहीं मोहना चाहत...
सोचा ना था.......
Tag :जन्माष्टमी
  August 26, 2016, 1:15 pm
इस फ़िल्म की कहानी काल्पनिक है..किसी भी पात्र का किसी जीवित या मृत व्यक्ति से सम्बंध मात्र संयोग है..इस तरह के जो डिस्क्लेमर फ़िल्म की शुरुआत में आते हैं लोग उसे वैसे ही नज़र अन्दाज़ कर देते हैं जैसे फ़िल्म से पहले आने वाले धूम्रपान ना करने वाले विज्ञापन को..।लोग ना तो धू...
सोचा ना था.......
Tag :
  July 30, 2016, 2:06 pm
कुछ दिनों पहले रश्मि दी से कुछ किताबें पढने के लिए ले आई थी..उनमें ही एक किताब थी ओमप्रकाश वाल्मीकि की आत्मकथा जूठन..पता ही नहीं था क्या होगा उसमें..कैसी होगी..मैं किताबों के पहले पांच पन्ने से अनुमान लगाती हूँ कि ये कैसी होगी..शायद ये अच्छी आदत नहीं है..लेकिन जब पहले पांच प...
सोचा ना था.......
Tag :ओमप्रकाश वाल्मीकि
  July 3, 2016, 2:46 pm
ज़िन्दगी में सभी ने मुझे कुछ न कुछ सिखाया है..लेकिन अगर मैं किसी की सबसे ज्यादा शुक्रगुज़ार हूँ तो वो हैं मुझे वॉइस् ट्रेनिंग देने वाले वनमाली सर..जब वहां गयी थी तो मुंह से शब्द नहीं निकलते थे..पर उन्होंने शब्दों में भाव लाना सिखाया...या कहूँ उन्होंने ही आत्मविश्वास दिलाया ...
सोचा ना था.......
Tag :आवाज़
  May 19, 2016, 7:50 pm
ज़िन्दगी में सभी ने मुझे कुछ न कुछ सिखाया है..लेकिन अगर मैं किसी की सबसे ज्यादा शुक्रगुज़ार हूँ तो वो हैं मुझे वॉइस् ट्रेनिंग देने वाले वनमाली सर..जब वहां गयी थी तो मुंह से शब्द नहीं निकलते थे..पर उन्होंने शब्दों में भाव लाना सिखाया...या कहूँ उन्होंने ही आत्मविश्वास दिलाया ...
सोचा ना था.......
Tag :आवाज़
  May 19, 2016, 7:50 pm
आज टीवी पर किसी कार्यक्रम का विज्ञापन आ रहा था हिंदी में...जहाँ वैज्ञानिक को वैग्यानिकलिखा था..वहीँ अदृश्यताको आद्रिश्यतालिखा था...ऐसी ग़लतियाँ अक्सर देखने मिलती है...न सिर्फ मनोरंजक चैनल्स में बल्कि न्यूज़ चैनल्स में भी..ये टाइपिंग की ग़लतियाँ तो नहीं हैं..ये हिंदी भाषा क...
सोचा ना था.......
Tag :भाषा की दुर्दशा
  May 17, 2016, 7:42 pm
आज पढने के लिए कुछ नई किताबें निकालते समय “काशी का अस्सी” पर नज़र पड़ी.पिछले साल इस किताब को पढ़ा था मैंने..पर इसके बारे में कुछ लिखा नहीं था..दरअसल इसे पढने के बाद समझ ही नहीं आया कि क्या लिखूं इसके बारे में...पर आज जब दुबारा ये नज़र आई तो लगा इसके बारे में कुछ तो लिखना ही चाहिए.ए...
सोचा ना था.......
Tag :काशीनाथ सिंह
  May 15, 2016, 7:58 pm
आज पढने के लिए कुछ नई किताबें निकालते समय “काशी का अस्सी” पर नज़र पड़ी.पिछले साल इस किताब को पढ़ा था मैंने..पर इसके बारे में कुछ लिखा नहीं था..दरअसल इसे पढने के बाद समझ ही नहीं आया कि क्या लिखूं इसके बारे में...पर आज जब दुबारा ये नज़र आई तो लगा इसके बारे में कुछ तो लिखना ही चाहिए.ए...
सोचा ना था.......
Tag :काशीनाथ सिंह
  May 15, 2016, 7:58 pm
कल एक परिचित मोबाइल में अपनी कामवाली का मैसेज दिखा रहीं थीं,जो इंग्लिश में था..मैंने कहा "मोबाइल में ऐसी सेटिंग होती है जब फ़ोन ना लगने पर मेसेज अपने आप चला जाता है या हो सकता है आपकी कामवाली पढ़ी-लिखी हो।" ये बात उन्हें जले पर नमक जैसी लगीवो बिफरकर बोलीं-नहीं..कोई पढ़ी-ल...
सोचा ना था.......
Tag :कामवाली
  May 2, 2016, 1:44 pm
आज नवभारत में एक ख़बर पढ़ने मिली..मध्यप्रदेश के भिंड ज़िले के किशूपुरा गाँव की प्रियंका भदौरिया ने अपनी शादी के मौके पर ससुराल वालों से चढ़ावे के रूप में गहने की बजाए 10,000 पौधे लाने का संकल्प लिया।उससे भी अच्छी बात ये कि ससुराल वाले उसकी बात से सहमत हुए और अब ये पौधे मायक...
सोचा ना था.......
Tag :पर्यावरण
  April 24, 2016, 2:07 pm
कुछ दिन पहले बस में स्कूल की दो लड़कियाँ मराठी स्टाइल में एक सी साड़ी औरगहने पहने स्कूल बैग के साथ चढ़ीं। सबकी नज़रें उनकी ओर थीं;अच्छीं लगरहीं थी।एक आदमी ने अगले स्टाप में चढ़ते साथ उन दोनों से कहा-"बहुत अच्छीलग रही हो दोनों"।बड़ी लड़की की ओर से कोई ख़ास प्रतिक्रिया नहीं...
सोचा ना था.......
Tag :आज़ादी
  July 26, 2015, 7:20 pm
मैंने ज्यादा व्यंग्य नहीं पढ़े हैं अगर पढ़ा है तो हरिशंकर परसाई को पढ़ा है,उनसे हटकर कोई व्यंग्य पहली बार पढ़ा..और वो व्यंग्य था ज्ञान चतुर्वेदीका बारामासी. इस व्यंग्य ने पहले तो मुझे अपने नाम के कारण ही आकर्षित किया,कि ऐसी क्या कहानी हो सकती है जिसके लिए बरामासी नाम रखा गय...
सोचा ना था.......
Tag :पुस्तक चर्चा
  May 9, 2015, 4:49 pm
'कृष्णकुंजी'अश्विन सांघी की लिखी एक बेहतरीन किताब है.ये कहानी है एक ऐसे सीरियल कीलर की जो खुद को कलियुग का कल्कि अवतार मानता है और पाप को मिटाने की कोशिश में एक-एक करके वैज्ञानिकों की हत्या करता जा रहा है.इस पूरी गुत्थी को सुलझाने में ये कहानी एक ऐसा मोड़ लेती है जहाँ कृष्...
सोचा ना था.......
Tag :कृष्णकुंजी
  April 25, 2015, 12:43 pm
कुछ दिनों पहले पढ़ी अशोक के. बैंकरकी लिखी किताब “दशराजन” ,इस किताब ने कई पहलुओं से प्रभावित किया,जिसमें सबसे पहला है रोचक लेखन,कहानी और पात्र.अशोक के. बैंकर ने बहुत ही ख़ूबसूरती से इस पूरी कहानी को पेश किया है. इस कहानी की सबसे बड़ी खासियत है कि ये हमारे प्राचीन इतिहास का अं...
सोचा ना था.......
Tag :दशराजन
  April 12, 2015, 5:00 pm
कल'विश्व युवा लेखक प्रोत्साहन दिवस’था.इस दिन अपने आसपास के युवाओं को जो पढने-लिखने  में रूचि रखते हैं उन्हें पढाई के अतिरिक्त लेखन के लिए प्रोत्साहित किया जाता है.इस बात से मुझे याद आया किस तरह बचपन में मुझे लेखन के लिए प्रोत्साहित किया गया था,तब मैंने इस बारे में सोच...
सोचा ना था.......
Tag :विश्व युवा लेखक प्रोत्साहन दिवस’
  April 11, 2015, 4:58 pm
“किताबों से कभी गुज़रो तो यूँ किरदार मिलते हैं गए वक़्त की ड्योढ़ी में खड़े कुछ यार मिलते हैं!”बस कुछ इसी तरह कई किरदारों से मुलाक़ात हुई गुलज़ार की लिखी “ड्योढ़ी” को पढ़ते हुए. यूँ तो गुलज़ार के शब्दों को कई बार सुना है पर उन्हें पहली बार पढ़ा. ड्योढ़ी कई कहानियों का संग्रह है और ह...
सोचा ना था.......
Tag :पुस्तक चर्चा
  April 9, 2015, 2:51 pm
साल की शुरुवात हुई आनंद नीलकंठन की लिखी किताब “असुर:पराजितों की गाथा”से. जैसा की नाम से ही जाहिर है ये किताब बयां करती है,असुरों की गाथा,यानि रावण की कहानी. रामायण की कहानी तो हम सभी जानते हैं,पर रावण के विषय में कितना पता है हमें,कई बार ये प्रयास हुआ भी कि रावण की कहानी कह...
सोचा ना था.......
Tag :पुस्तक समीक्षा
  April 8, 2015, 5:53 pm
साल शुरू होते ही संकल्प लेने का सिलसिला शुरू हो जाता है,जो महीने- दो महीने में टूट भी जाता है,वैसे तो मैं संकल्प लेने की आदी नहीं हूँ;पर साल के शुरुवात में ही इस बार मैंने संकल्प लिया कि इस साल कम से कम २४ किताबें पढूंगी.पर जब हिंदुस्तान टाइम्स में देखा तो उन्होंने साल में ...
सोचा ना था.......
Tag :क़िताबों की दुनिया
  April 7, 2015, 5:11 pm
आज बस वाले ने बीच रोड बस रोक दी,क्यूँकि एक आदमी नियम तोड़कर सामने वाले दरवाजे़ से चढ़ा था..और वो आदमी बजाय नीचे उतरकर पिछले दरवाजे़ से चढ़ने के बेशर्मों की तरह बैठा रहा और खु़द को सही साबित करता रहा..कुछ देर में कंडक्टर और कुछ यात्री ड्राइवर को ही समझाने लगे..उसने बस ये कहा...
सोचा ना था.......
Tag :
  August 30, 2014, 3:43 pm
अभी ‘क्वीन’फिल्म देखी मुझे बहुत अच्छी लगी...और अधिकांश लड़कियों को ये फिल्म बहुत पसंद आई...कंगना राणावत की एक्टिंग बेहद जानदार है और कहानी भी। सुबह मैंने ‘ज़िंदगी न मिलेगी दुबारा’देखी थी वो भी कई बार देख चुकी हूँ पर हर बार एक अनोखा सुख मिलता है ऐसी फिल्मों को देखकर इसका का...
सोचा ना था.......
Tag :
  May 26, 2014, 6:09 pm
कुछ दिन पहले मुझे एक मेल आई जिसमे लिखा था कि कोई मेरी ब्लॉग पोस्ट “क्यूँ बनें सती सावित्री जब सत्यवान कहीं नहीं”को अपना बता रहा है,उसमे दो लिंक भी दिये हुये थे...ये मेल मुझे राजीव जी(नाम बदला हुआ है) की ओर से आई थी...दोनों लिंक फेसबुक की थी और वो सिर्फ उनके मित्रों तक ही सीमि...
सोचा ना था.......
Tag :
  May 31, 2013, 10:44 am
कुछ दिन पहले मुझे एक मेल आई जिसमे लिखा था कि कोई मेरी ब्लॉग पोस्ट “क्यूँ बनें सती सावित्री जब सत्यवान कहीं नहीं”को अपना बता रहा है,उसमे दो लिंक भी दिये हुये थे...ये मेल मुझे राजीव जी(नाम बदला हुआ है) की ओर से आई थी...दोनों लिंक फेसबुक की थी और वो सिर्फ उनके मित्रों तक ही सीमि...
सोचा ना था.......
Tag :
  May 31, 2013, 10:44 am
लोग अक्सर अपने सबसे अच्छे दोस्त के बारे मे बात करते हैं...हर एक का कोई न कोई ऐसा दोस्त होता है जिसके सामने वो हर बात खुलकर कर पाते हैं...चाहे वो कैसी भी बातें हों...बिलकुल जय-वीरू जैसी दोस्ती...जहां कोई पर्दा नहीं होता न ही कोई दुराव छिपाव होता है..और लड़कियों की तो ऐसी सहेलियाँ ...
सोचा ना था.......
Tag :
  February 26, 2013, 12:21 am
दो दिन पहले एक खबर सुनने मिली कि दिल्ली मे चल रही एक मेडिकल परीक्षा मे फर्जी लड़के-लड़कियां शामिल थे..वो किसी और के बदले परीक्षा दे रहे थे...ये एक बहुत बड़ा रैकेट है और इसका मास्टर माइंड था एक साउथ इंडियन डाइरेक्टर....वो 40 लाख रूपए के बदले एक ऐसे फर्जी लोगों को परीक्षा मे बैठने क...
सोचा ना था.......
Tag :
  December 2, 2012, 6:00 pm
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3652) कुल पोस्ट (163809)