POPULAR ENGLISH+ SIGNUP LOGIN

Blog: Mohalla Live

Blogger: avinash
अभी जब मैंने गैंग्‍स ऑ‍फ वासेपुर का प्रोमो फेसबुक पर शेयर किया, तो जो अनुराग को जानते हैं, उन्‍होंने समाज में पसरी हिंसा को सिनेमा में डील करने की उनकी शैली को समझते हुए गैंग्‍स ऑफ वासेपुर देखने से जुड़े इंतजार की बेकरारी दिखायी। पर कुछ लोगों ने कहा, प्रोमो से तो घिसी प... Read more
clicks 114 View   Vote 0 Like   5:35am 24 May 2012 #आमुख
Blogger: avinash
♦ राज शेखरयों कहने को तो राज शेखर सिनेमा की ताजा ताजा शख्‍सीयत हैं और तनु वेड्स मनु ने उन्‍हें बहुत खास बना दिया। पर वे दरअसल ग्रामीण संवेदना से जुड़े एक प्रतिभाशाली और विनम्र युवक हैं, जिन्‍हें लोकप्रियता ने लोगों से कटने के बजाय जुड़ने की सलाह दी। उन्‍होंने गांव का ... Read more
clicks 233 View   Vote 0 Like   6:15am 23 May 2012 #ख़बर भी नज़र भी
Blogger: avinash
बात संसद में जावेद अख्‍तर के भाषण से शुरू हुई। पूरे भाषण को यहां देख, सुन और पढ़ सकते हैं : वक्‍त की छलनी में चेहरे गुम हो जाते हैं, गीत अमर रहता है। ओम जी को लगता है कि जितनी बात और मांग है, वह महज दस मिनट में रखी जा सकती थी, जिसके लिए जावेद अख्‍तर ने पंद्रह मिनट का अतिरिक्‍त ... Read more
clicks 121 View   Vote 0 Like   6:24am 22 May 2012 #ख़बर भी नज़र भी
Blogger: avinash
♦ जावेद अख्‍तरपिछले दिनों जावेद अख्‍तर को राष्‍ट्रपति ने राज्‍यसभा की सदस्‍यता दी। 17 मई 2012 को जावेद साहब ने संसद में अपना पहला भाषण दिया। इस भाषण में उन्‍होंने फिल्‍मी गीत-संगीत के कॉपीराइट के मसले पर बहुत महत्‍वपूर्ण बातें कहीं। हम यहां पूरा भाषण छाप रहे हैं। साथ ही ... Read more
clicks 288 View   Vote 0 Like   4:42am 21 May 2012 #ख़बर भी नज़र भी
Blogger: avinash
♦ आमिर खान…विवाह जीवन का बेहद महत्वपूर्ण अंग है। यह साझेदारी है। इस मौके पर आप अपना साथी चुनते हैं, संभवत: जीवन भर के लिए। ऐसा साथी जो आपकी मदद करे, आपका समर्थन करे। हम शादी को जिस नजर से देखते हैं, वह बहुत महत्वपूर्ण है। शादी को लेकर हमारा क्या नजरिया है, इस पर हमारा जीवन ... Read more
clicks 166 View   Vote 0 Like   1:39am 21 May 2012 #आमुख
Blogger: avinash
स्‍त्रीऔर पुरुष के बीच का साहचर्य, रिश्‍ता अब भी उतना ही अनसुलझा है, जितना पहली बार मनुष्‍य की ये दो प्रजातियां एक दूसरे से परिचित हुई होंगी। हां, उस पहली मुलाकात में यह भाव अंतिम बार रहा होगा कि मेरा मुझमें कुछ नहीं जो कुछ है सो तोर। क्‍योंकि न तो तब परिवार की परिकल्‍पन... Read more
clicks 121 View   Vote 0 Like   8:59am 20 May 2012 #uncategorized
Blogger: avinash
♦ रामचंद्र गुहाआज के हिंदुस्‍तान में दो दिलचस्‍प चीजें हैं, जिन पर गौर करना चाहिए। दोनों ही चीजें एडिट पेज पर चिपकी हुई हैं और उनसे आप अंदाजा नहीं लगा सकते कि अखबार कहां पर सरकार के तलुवे सहला रहा है और कहां मीडिया को लेकर सरकार की साजिश का विरोध कर रहा है। संपादकीय (लिं... Read more
clicks 198 View   Vote 0 Like   7:19am 19 May 2012 #नज़रिया
Blogger: avinash
गृहमंत्री आजकल कई तरह के गंभीर आरोपों से घिरे हुए हैं और विपक्ष की ओर उन पर इस्‍तीफे का दबाव लगातार बन रहा है। लेकिन सिर्फ एक बयान के आधार पर हिंदुस्‍तान दैनिक उनके कसीदे कैसे काढ़ रहा है, इसका नमूना है यह संपादकीय। आज के अखबार में ही यह छपा है : मॉडरेटर…गृहमंत्री पी चिद... Read more
clicks 129 View   Vote 0 Like   6:36am 19 May 2012 #मीडिया मंडी
Blogger: avinash
मुंबई डायरी _____________उमेश पंत____सजग चेतना के पत्रकार, सिनेकर्मी। सिनेमा और समाज के खास कोनों पर नजर रहती है। मोहल्‍ला लाइव, नयी सोच और पिक्‍चर हॉल नाम के ब्‍लॉग पर लगातार लिखते हैं। फिलहाल मुंबई में हैं। उनसे mshpant@gmail.com पर संपर्क किया जा सकता है।♦ उमेश पंतडोंगरी टु दुबई का बुक ... Read more
clicks 175 View   Vote 0 Like   8:31pm 16 May 2012 #मोहल्ला मुंबई
Blogger: avinash
संस्‍तुति♦ उदय प्रकाशगहरी संवेदनाएं, मानवीय सहकारिता और हरसंभव सहायता की अलक्ष्य कोशिशें इस ‘वर्चुअल-समाज’ में भी हैं। उस समाज से कहीं, (कई बार) अधिक और भावुक कर देने वाला, जिसे हम असली बाहर का ‘यथार्थ’ वाला समाज कहते हैं, लेकिन जो मीडिया, राजनीति और पूंजी की ताकतों का ... Read more
clicks 112 View   Vote 0 Like   7:39pm 16 May 2012 #नज़रिया
Blogger: avinash
♦ जय कौशल…अगर संदेह करना आधुनिकता का जरूरी लक्षण है, तो अब हमें रिश्तों के स्तर पर आधुनिक होने की सख्त जरूरत आन पड़ी है। खासकर जब हम खुद को एक जिम्मेदार मां-बाप, परिजन अथवा अभिभावक मानते हों। 13 मई, 2012, रविवार को ‘बाल यौन शोषण’ पर आधारित ‘सत्यमेव जयते’ के दूसरे एपिसोड से यह... Read more
clicks 319 View   Vote 0 Like   6:51am 15 May 2012 #ख़बर भी नज़र भी
Blogger: avinash
♦ अविनाशभारतीय ज्ञान परंपरा के इतिहास में चाणक्‍य एक ऐसे किरदार रहे हैं, जिनके शब्‍द जितने आ‍कर्षित करते हैं, उनकी जीवनचर्या भी उतना ही अचंभित करती है। एक मामूली हैसियत वाला आदमी मगध का तख्‍तापलट कैसे करता है और कैसे एक साम्राज्‍य को न्‍यायप्रिय छवि देने के लिए काल स... Read more
clicks 129 View   Vote 0 Like   6:03am 14 May 2012 #नज़रिया
Blogger: avinash
प्रकाश के रे का खत सआदत हसन मंटो के नाम…महबूब मंटो,सलाम,मेरी तरफ से सौवें जन्मदिन की मुबारकबाद कबूल करो। हां, थोड़ी देर हो गयी। बात यह है मंटो, असल में मैं तुम्हें कोई मुबारकबाद भेजने वाला नहीं था। शायद मिट्टी के नीचे दबे तुम अब भी खुदा से बड़ा अफसानानिगार होने के अपने द... Read more
clicks 134 View   Vote 0 Like   4:12am 14 May 2012 #असहमति
Blogger: avinash
इच्छा-मृत्यु की वैधता के निहितार्थ♦ विजय कुमारमार्च में ब्रिटेन के कानूनी इतिहास में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया गया। ब्रिटिश उच्च न्‍यायालय के एक न्‍यायाधीश ने इस दिन 57 वर्षीय निकिल्‍सन की इच्‍छा-मृत्‍यु यानी यूथनेसिया धारण करने की अपील स्वीकार कर ली। बीबीसी के अ... Read more
clicks 117 View   Vote 0 Like   9:55pm 13 May 2012 #नज़रिया
Blogger: avinash
फिर उस शहर में♦ ओम थानवीयह इस इतवार को जनसत्ता में छपा अनंतर है। पंजाब के बिगड़े और बदहवास हालात के दिनों में पत्रकारिता कितनी निरीह हो गयी थी लेकिन कुछ पत्रकारों ने कैसे साहस दिखाया और अपना ही नहीं अपनी बिरादरी का जमीर बचाया, ओम जी ने उसका थोड़ा वृत्तांत सुनाया है। सु... Read more
clicks 117 View   Vote 0 Like   6:38pm 13 May 2012 #मीडिया मंडी
Blogger: avinash
♦ आमिर खान…बच्चों के यौन शोषण की घटनाओं पर शोध के दौरान मुझे एक बड़ी सीख तब मिली, जब मैंने अपनी विशेषज्ञ डॉ अनुजा गुप्ता से पूछा कि यौन शोषण का शिकार होने के बाद भी बच्चे अपने मां-बाप से उसके बारे में बताने में कठिनाई महसूस क्यों करते हैं? उनका जवाब था, ‘क्या हम बच्चों की स... Read more
clicks 123 View   Vote 0 Like   6:37pm 13 May 2012 #ख़बर भी नज़र भी
Blogger: avinash
राजनीति में एक मानवीय वैमर्शिक वातावरण की दरकार♦ शशि कुमार झाराजनीति की संकल्पनाओं, संस्थाओं और आदर्शों को विभिन्न दृष्टिकोणों या विचारधाराओं में बांट कर पढ़ने-पढ़ाने, समझने और विश्लेषण करने के हमारे प्रचलित तरीके को हम अपनी-अपनी प्रतिबद्धताओं से जोड़ते रहे हैं। ... Read more
clicks 102 View   Vote 0 Like   7:59am 13 May 2012 #नज़रिया
Blogger: avinash
♦ पूर्ति सोहनीसिनेमा सिर्फ तकनीक से नहीं बनता। न सिर्फ पैसे से। आपके पास एक कहानी हो, तब भी आप सिनेमा के जरिये उसे कह सकें, ये जरूरी नहीं। जरूरी है वो जिद, जिसकी ओढ़नी ओढ़ कर आप चल पड़ते हैं और जैसी भी हो, एक शुरुआत कर डालते हैं। पूर्ति सोहनी ने ऐसी ही एक शुरुआत की है और जिंद... Read more
clicks 290 View   Vote 0 Like   8:30pm 12 May 2012 #ख़बर भी नज़र भी
Blogger: avinash
♦ आमिर खान…लड़कों अथवा पुरुषों में ऐसा क्या है, जो हमें इतना अधिक आकर्षित करता है कि हम एक समाज के रूप में सामूहिक तौर पर कन्याओं को गर्भ में ही मिटा देने पर आमादा हो गये हैं। क्या लड़के वाकई इतने खास हैं या इतना अधिक अलग हैं कि उनके सामने लड़कियों की कोई गिनती नहीं। हमने... Read more
clicks 111 View   Vote 0 Like   5:47am 11 May 2012 #ख़बर भी नज़र भी
Blogger: avinash
♦ प्रकाश के रे→मेरा विश्वास है कि हिंदुस्तान में सिनेमा का वृहत भविष्य है और सरकार को इसके प्रदर्शन पर नियंत्रण रखना होगा, क्योंकि दर्शकों की रुचि पर भरोसा नहीं किया जा सकता।निदेशक, अपराधिक गुप्तचर विभाग, मई 4, 1915→सेंसर की कठोर नियमावली और कठोरता से उसके पालन को सुनिश्... Read more
clicks 110 View   Vote 0 Like   5:18am 10 May 2012 #ख़बर भी नज़र भी
Blogger: avinash
जनता के पास एक ही चारा है बगावत![16 Dec 2011 | Read Comments | ]डेस्‍क♦ अदम गोंडवी की कविताएं भारतीय समाज की दुर्दांत कथाओं से हमारा परिचय कराती रही हैं। 92 में बाबरी मस्जिद के विध्‍वंस के बाद उनकी कविताएं चीख-चीख कर आतताइयों से जिंदगी की भीख मांगती रहीं... Read the full story »कौशल किशोर♦ अदम गोंडवी न... Read more
clicks 130 View   Vote 0 Like   3:49am 16 Dec 2011 #आमुख
Blogger: avinash
डेस्‍क♦ अदम गोंडवी की कविताएं भारतीय समाज की दुर्दांत कथाओं से हमारा परिचय कराती रही हैं। जनांदोलनों में उनकी कविताएं लड़ने वालों को ताकत देती रही हैं। 92 में बाबरी मस्जिद के विध्‍वंस के बाद बड़े पैमाने पर हुए सांप्रदायिक दंगों में उनकी कविताएं चीख-चीख कर आतताइयों स... Read more
clicks 137 View   Vote 0 Like   3:37am 16 Dec 2011 #आमुख
Blogger: avinash
डॉ आनंद पांडेय♦ मुक्ति के इस तरह के देहधर्म-केंद्रित विमर्श की विडंबना को उजागर करने के लिए सिल्क का चरित्र बहुत मौजूं है। वह प्रेम-आकर्षण से फिल्म में आती है, देह के बल पर आगे बढ़ती है, प्रतिशोध में तबाह होती है और इस्तेमाल हो जाने के अपराधबोध से मर जाती है। जहां सिल्क क... Read more
clicks 117 View   Vote 0 Like   6:58pm 15 Dec 2011 #ख़बर भी नज़र भी
Blogger: avinash
राष्‍ट्रीय सहारा♦ हिंदी सिनेमा में हिंदी पट्टी की धड़कनें नहीं सुनाई पड़ती हैं। वि बाजार में पांव जमाने के चक्कर में बॉलीवुड स्थानीय सच्चाइयों की लगातार अनदेखी कर रहा है। सवाल यह है कि क्या दर्शक भी उन्हीं फिल्मों को सिर आंखों पर नहीं ले रहे जिनमें बाजारवादी अपसंस्... Read more
clicks 125 View   Vote 0 Like   4:06pm 15 Dec 2011 #ख़बर भी नज़र भी
Blogger: avinash
स्त्रियों के पास विकल्‍प जैसा कुछ भी नहीं होता![15 Dec 2011 | Read Comments | ]प्रकाश के रे♦ हमारे यहां ‘सिल्क’ थी, जिसके कपड़े बार-बार उतारे गये और बार-बार चखा गया उसका ‘ऊम्फ’। पुरुष के लिए यह बहुत मायने की बात नहीं थी कि वह जीवित है या मर गयी (या मारी गयी)। Read the full story »मनोज वाजपेयी♦ सिनेमा मे... Read more
clicks 215 View   Vote 0 Like   4:31am 15 Dec 2011 #आमुख
[ Prev Page ] [ Next Page ]


Members Login

Email ID:
Password:
        New User? SIGN UP
  Forget Password? Click here!
Share:
  • Latest
  • Week
  • Month
  • Year
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3941) कुल पोस्ट (195176)