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Hindi Poems

उदास क्यों ?प्रिय तुम उदास क्यों ?मै बदहवास क्यों ?*** विश्वास के खून कारंग लाल है -- प्रेम का रंफ भी लाल है -- तुम्हे विश्वास पर भरोसा है या रंग पर विश्वास है ?***रंग होते है हजारो --इंद्रधनुष में सज करप्यारे लगते है --एक दूसरे के आलिंगन मेंन्यारे लगते है --लेकिन अलग अलग !ब...
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  October 20, 2013, 5:23 am
तुम बहुत याद आये कई वर्ष पहले नैनीताल जिले में रामगढ नामक स्थान पर स्थित एक फैक्ट्री में मै व्यवस्थापक के पद पर तैनात था. वस्तुतः रामगढ एक पहाड़ी ग्राम है जिसकी आबादी दो भागो में विभक्त है –एक को “तल्ला” (अर्थात उपरवाला) जो समुद्रतल से छह हज़ार फिट है, और दूसरा “मल्ला”...
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Tag :अम्मा
  July 29, 2013, 8:09 pm
इतिहास इतिहास एक पेड़ उगा, फूला , फलाअपनी आयु पूर्ण कर चलाअतः अगली बसंती बयार मेंपत्ते गिर गए, नए अंकुर आये कोख में !पेड़ उदास हो गया,आंधियों से अपनी कथा कहने लगा,बही बीते दिनों की कथा सुनते सुनतेहवाओ के कान पक गए –तभी पेड़ की एक डाल पर  पक्षियों के घोसले बन गये –कुछ ह...
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Tag :इतिहास
  July 9, 2013, 11:56 am
हमारा द्वैत १.  तुम में 'सब' को देखना     या    सब में 'तुम्हे' देखना !     दो भिन्न भिन्न बोध हैं !!         ***२. 'सब' को देखना, औ    सिर्फ 'तुम्हे' देखना --     जैसे दर्पण को देखना, औ     दर्पण में देखना        ***३. दृश्य, द्रष्टा दोनों     अदृश्य की छटा,    दो जगह बंटा -- द्वैत !    द्वैत के ह...
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Tag :सेतु
  September 24, 2012, 4:53 pm
उद्यमिता के पचास वर्ष विवाह की पचासवीं वर्षगाँठ फिर वही ठाटबाट,वाह ! विवाह !!इसके कितने अर्थ बिना समझे विवाह व्यर्थ.****लेन-देन का समझौता है;लव (LOVE) का लक्ष्य है;स्त्री-पुरुष का नैसर्गिक संग है;सामाजिक अनुबन्धों का स्वीकार्य प्रबंध है;वहविवाह है.—यद्यपि शास्त्रों में इसके...
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  June 14, 2012, 7:19 pm
अविस्मरणीय आज का दिन   आज का दिन,शहनाईयों का दिन;सँयोग के आधार परनिराधार संधि का दिन.*** पापा मम्मी से बिछोह का दिनगुडिया के जय का दिनअरुण के विजय का दिन;पूंजी निवेश परनून –तेल –लकड़ी प्याज के भाव का दिन;निवेश के ब्याज के लाभांश का दिन –यानि, सूर्यांश का दिन !*** आँगन में चहक...
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  June 11, 2012, 2:07 pm

आशीर्वाद का प्रमोशनल आफ़रकुछ दिया नहीं मैंने, लेकिनशायद बाद में तुम्हें कुछ मिलेइसलिए आशीर्वाद तो लो,जो तुमने किया उसकासाधुवाद तो लो !!***  समय और सँयोगदोनों जीवन के चौथे आयाम हैं;समय बीतता रहता है,सँयोग बनते रहते हैं,शरीरों में बंद चौथा आयाम सोता रहता है –जो होना है, ह...
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  June 11, 2012, 2:05 pm
तुम जो हो (विबाह की तीसवीं वर्षगांठ पर)नयनों कि भाषा सी तुम,पुष्पों कि परिभाषा सी तुम,जिजीविषा कि आकांक्षा सी तुम,मरूथल की अभिलाषा सी –तुम,मुझमें आरोहित हो जीते रहने कीमीमांसा सी –तुम.******“त्वम –इवाम –यूयम”शब्द समूह सी, खड़ी रहो –पिघलती मोमबत्ती सा सत्वमोम सा कोमल-कठो...
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Tag :30th Anniversary
  June 11, 2012, 2:02 pm
मेहेरबाबा की गुजरती आरती का हिंदीअनुवाद :--बुझा दे आग अज्ञानी, प्रकृति को हुक्म  दोबाबा !है भक्तों की लगी आशा,की दोगे रौशनी बाबा !!मेरे सदगुरू मेहेरबाबा ,नमन है तेरे चरणों में !खुदाई ज्ञान है तुमको,औ उसमें बस रहे बाबा !!तुम्ही हो सत्य के स्वामी,तुम्ही प्रिय हो औ प्रियतम भी ! ...
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  February 19, 2012, 10:15 am
एक उनीस वर्षीय लड़की पहली  बार प्यारकर बैठी. उसका तो वो पहला प्यार था लेकिन उसके प्रियतम की उम्र उससे दस साल अधिकथी. मैं इस व्यापार का निर्लिप्त द्रष्टा रहा था. उसी को लक्षय करके इन कविताओं कीरचना विभिन्न कालखंडों में हुई थी. शायद पसंद आये ----१. १९८५ प्रस्ताव नन्हे नन्हे ...
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  February 17, 2012, 9:56 am
मानवरूपमेंइश्वरकोअवतारकहतेहैं।मानवजन्मलेताहैऔरमरताहै।ऐसेही आधुनिक युगकेअवतार "मेहेर बाबा"हैंजिनकीपुण्यतिथिको "अमरतिथि" कहतेहैं।बाबानेकहाथाकीअवतारकेधरतीपरआनेकेबाद७००से१४००सालमेंउसकेउपदेशोंकी   रूढी   बनजाती है  -- विकृतिआजातीहै।अम...
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Tag :हिन्दी पोएट्री
  June 4, 2010, 10:07 am
नई ताज़ी रचना पढ़ें और जो मन में आवे करें , कौन है यहाँ जो बोर होकर अंडें फेकेगा ?तुम्हारा घर तुम्हारा  ब्लॉग,मेरा घर मेरा ब्लॉग !तुम मेरे घर आओमैं तुम्हारे घर आवउतुम मेरे पिछलग्गू (फालोअर) बनूमैं तुम्हारा पिछलग्गू बनूँ;यानि तुम मेरी पीठ खुजाओ मैं तुम्हारी पीठ खुजाऊ...
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  May 16, 2010, 7:55 am
हिन्द-युग्म: हमारा आम होता है तुम्हारा खास होता है...
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  March 6, 2010, 6:43 pm
संयोग वश इस बार (१ मार्च २०१०) को पुष्पा का जन्म दिन और होली एक साथ पड़  गए. ब्लॉग पर  फटी पुरानी नोटबुकों  में अपने  लिखे अक्षर पोस्ट करने  और "होली-मन"  से नेट जगत से गले मिलने प्रस्तुत है ...................................................................................................बधाईउन्नीस से उनतीस,तीस स...
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Tag :phagun birthday
  March 2, 2010, 1:18 pm
सुनते हैं कि हिन्दुस्तान को "सोने की चिड़िया" कहा जाता था. देसी भाषा में "सोने की चिड़िया" को "सोनचिरैया"कहने कि परम्परा है.  इसी सोनचिरैया के बारे में कुछ लाइनें कभी लिखीं थीं. देखें : ----------फांसी पर लटके शहीद, गोली खाए महात्मा,मरने  मिटने का जब होता है परिवेश --तब बनता ह...
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  January 26, 2010, 5:43 pm
स्वतंत्रता का विरोधाभासहजरतगंज में दो टेम्पो की टक्कर हो गयी -----------------------------------हमें क्या !पड़ोसी का घर जल गया ---------------------------------हमें क्या !कारगिल के शहीदों के लिएएक दिन का वेतन दिया,कारगिल क्या है? --------------------------------हमें क्या !बम फूटे या ज्वालामुखी फूटे,"हमें  क्या" की निर्लिप्तता...
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  January 25, 2010, 6:13 pm
नया साल, साल  गया.आयु बढ़ जाने की, अवधि बीत जाने की --अनजाने  लक्ष्यों तक न पहुँच पाने की --व्यथा अतीत बन, एक कड़ी जोड़ गया, नया साल, साल  गया. ०००नयापन कौंध गयाशायद अबकी बार,अतृप्त मन तृप्त हो -- यही भाव बोध गया,"मैं  होता  किन्नर नरेश" ---- वाली कवि क...
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  January 1, 2010, 6:05 pm
मेरा- तुम्हारा बारामासातुम और मैं तुम्हारा नग्न रूप जलता तपतापास बुलातामरीचिका  सा !०रूप तुम्हारातपन हमारी;दोनों का संयोग,कार्य--कारण के प्रतिपादित सिद्धांत काउदाहरण सा !० ---पर अनुशाशित मन,केवल द्रष्टा है --तुम्हारे रूप औअपनी तपन कासृष्टा है.०तुमने ओढ़ ली चा...
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  December 20, 2009, 9:00 pm
जो पूर्वांचल से परिचित नहीं हैं उन्हें बताना ज़रुरी है  कि "भकाऊं" के माइने हैं -- "अदृश्य भय".ये एक निरर्थक शब्द है जो बच्चों को डराने या किसी अबूझ विषय या वस्तु की ओर इंगित करने  के लिए पूर्वांचल में प्रयोग किया जाता है. दुर्भाग्य से यही ...
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  December 14, 2009, 10:51 am
मेरे सम्माननीय पाठक वर्षगांठों पर रचे गए आलेखों को पढ़ पढ़ के उब गए होंगे. लेकिन क्या करें ,  अब जब इन्हें पोस्ट करने के लिए चुनने लगा, तो कुछ स्वजनों ने जो भी अभी सुरक्षित हों उन सब को पोस्ट करने को कहा. उसी क्रम में एक साथ दो कवितायेँ पोस्ट कर रहा  हूँ; पहली कवि...
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  December 13, 2009, 5:58 pm
क्रिकेट का खेलकमरे में टी वी सेटउसपर आश्चर्यजनक संभावनाओं का खेल --  क्रिकेट उसकी कमेंट्री;  कमरे के बाहर दिखता खुला नीला आकाशकार्तिक की सांझ का,कंक्रीट के मुंडेरों से मंडित.क्षितिज के किनारे हरे भरे --नए पुराने वृक्षों की फुनगियाँ,और उनके बीच एक यूकेलिप्टस सूखा ...
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  December 13, 2009, 3:50 pm
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