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Blog: क्रिएटिव कोना

Blogger: Hemant Kumar
संस्मरणत्याग,सेवा,समर्पण और रचनात्मकता काअनोखा संगम है साक्षरता निकेतन                                               किसी प्रतिष्ठान से या संस्थान से जुड़ना और वहां के लिए लम्बे  समय तक काम करना अपने आप में... Read more
clicks 42 View   Vote 0 Like   8:10am 10 Sep 2019 #डा0 हेमन्त कुमार
Blogger: Hemant Kumar
जिन्होंने मुझे रोशनी दिखाई----।                                        डा0रघुवंश जी                 हर व्यक्ति के जीवन में कभी न कभी कोई न कोई ऐसा शख्स जरूर आता है जो उसकी पूरी जीवन धारा या पूरा जीवन ... Read more
clicks 35 View   Vote 0 Like   8:05am 5 Sep 2019 #डा0रघुवंश
Blogger: Hemant Kumar
"आदिज्ञान"का जुलाई-सितम्बर,2019 अंक        मुंबई से प्रकाशित भारतीय संस्कृति  के उच्च  मूल्यों के लिये समर्पित रही यह पत्रिका अपने प्रकाशन के दो दशक पूरे  करने जा रही है।मुझे प्रसन्नता है कि भाष,साहित्य,कला, दर्शन,धर्म और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़े साहित्य... Read more
clicks 37 View   Vote 0 Like   3:52pm 26 Aug 2019 #2019 अंक
Blogger: Hemant Kumar
                पिछले चार दिनों से भगेलू वार्ड के बाहरी बरामदे के एक कोने में पड़ा छटपटा रहा था।बीच बीच में वह दर्द बर्दाश्त से बाहर हो जाने पर भयानक रूप से चीख पड़ता।उसकी बड़ी बेटी भी पिछले चार दिनों से अस्पताल में भर्ती करवाने के लिए दिन रात भागदौड़ कर रही थी।लेकिन ... Read more
clicks 46 View   Vote 0 Like   8:59am 22 Aug 2019 #डा0 हेमन्त कुमार
Blogger: Hemant Kumar
(कल 31जुलाई को मेरे स्व०पिताजी आदरणीय श्री प्रेमस्वरूप श्रीवास्तव जी की तीसरी पुण्य तिथि है।इस अवसर पर पाठकों के लिए प्रस्तुत है उनकी एक कहानी “मुंशी जी”।यह कहानी पिता जी ने संभवतः सन 2014 में लिखी थी।यह कहानी पिता जी के पैतृक गाँव खरौना के किसी मुंशी जी की कहानी है या उन... Read more
clicks 44 View   Vote 0 Like   3:50pm 30 Jul 2019 #पुण्य तिथि
Blogger: Hemant Kumar
     प्रतिष्ठित बाल साहित्यकार और कहानीकार प्रेमस्वरूप श्रीवास्तव जी के 90वें जन्मदिवस पर हुआ “बालवाटिका” पत्रिका का लोकार्पण                श्री प्रेमस्वरूप श्रीवास्तव हिंदी के प्रतिष्ठित कहानीकार,लेखक और बालसाहित्यकार हैं।दिनांक 11म... Read more
Blogger: Hemant Kumar
पुस्तक समीक्षा      लोक चेतना और टूटते सपनों की कवितायें                                                                                    समीक्षक  ----- कौशल पाण्डेयसमीक्ष्य पुस्तकठेंगे ... Read more
clicks 129 View   Vote 0 Like   4:31pm 7 Feb 2019 #ठेंगे से
Blogger: Hemant Kumar
“पिंकी--सुबह जल्दी उठना है जाकर सो जाओ।”“राजू इतने नजदीक से टी वी मत देखो--आंखें खराब होती हैं।”“मीना सीधे बैठ कर पढ़ो---झुक कर बैठने से कूबड़ निकल आएगा।”“तनु बेटा नल खुला रख कर ब्रश मत करो पानी बर्बाद हो रहा है।”ये या ऐसे ही ढेरों वाक्य हैं जो हर घर में,परिवार में सुबह शा... Read more
Blogger: Hemant Kumar
यादोंकाझरोखागीतांजलि गिरवाल       बचपन की कुछ यादो में एक हैंये संजा पर्व।मम्मा, पापा सरकारी नौकरी में थे और हम जहाँ रहते थे वहां गली में और कई परिवार भी थे, जो निमाड़ी थे।उनकी बच्चियां यानि हमारी सहेलियां श्राद्ध पक्ष में ये संजा पर्व मानती थी तो हम भी साथ हो लेते ... Read more
clicks 141 View   Vote 0 Like   4:17pm 19 Sep 2017 #लोक संस्कृति
Blogger: Hemant Kumar
          स्कूलों में जाकर अक्सर अभिभावक यह शिकायत करते हैं कि उनके “बच्चे का मन पढ़ाई में लगता ही नहीं है।”या कि “मास्साब आप कैसे पढ़ाते हैं कि इसे कुछ याद ही नहीं रहता।”कभी कभी यह भी शिकायत करते हैं कि “आप इसे होमवर्क नहीं देते इसीलिये यह घर पर कुछ पढ़ता ही नहीं।”कुछ ... Read more
clicks 135 View   Vote 0 Like   5:24pm 15 Sep 2017 #डा0 हेमन्त कुमार
Blogger: Hemant Kumar
ठहरावठहरो जरा सुस्ता लोकिसी बूढ़े बरगद की छांव मेंकिसी घनी नीम की छाया मेंकिसी बँसवारी के झुरमुट मेंकिसी कुएं की जगत परया इन सबको छोड़जहां तुम्हें सकून मिल सकेवहीं सुस्ता लोआखिर इतनी लंबी यात्रा की है तुमनेअपने संघर्षमय जीवन कीतो थोड़ा सुस्ताने का हक तोबनता ही है तुम... Read more
clicks 162 View   Vote 0 Like   5:35pm 23 Aug 2017 #ठहराव
Blogger: Hemant Kumar
विश्व फोटोग्राफी दिवस आज विश्व फोटोग्राफी दिवस के मौके पर मैंने भी सोच लाओ अपने खजाने के अनमोल रत्नों की झाड पोंछ कर उनकी सफाई तो कर ही ली जाय।(वैसे अपने कैमरों की सफाई मैं दो तीन माह में कर ही लेता हूँ।)मैंने पहला कैमरा इस्तेमाल किया था पिता जी का– “कोडक”का बाक्स कैमरा... Read more
clicks 162 View   Vote 0 Like   4:40pm 19 Aug 2017 #कैमरे.
Blogger: Hemant Kumar
          आज दिनांक 31 जुलाई 2017 को प्रतिष्ठित बालसाहित्यकार श्री प्रेमस्वरूप श्रीवास्तव जी की पहली पुण्य तिथि है।उनकी स्मृति में पिछले दिनों प्रतिष्ठित संस्था  सेवा संकल्प  द्वारा विबग्योर हाई स्कूल,गोमती नगर,लखनऊ के बच्चों के लिए एक साहित्य प्रतियोगिता का आ... Read more
Blogger: Hemant Kumar
                       (यह लेख मैंने आज से लगभग 6 साल पहले लिखा था।इन 6 सालों में देश,समाज,अर्थव्यवस्था सभी कुछ में भारी बदलाव आ चुका है।यहाँ तक की हमारी अर्थव्यवस्था का केंद्र नोट भी बदले जा चुके हैं।---अगर कुछ नहीं बदला है तो वह है हमारे समाज में लड़कियों की हालत।... Read more
clicks 191 View   Vote 0 Like   5:33pm 26 Jul 2017 #पुनर्पाठ
Blogger: Hemant Kumar
(युवा रंगकर्मी और कवयित्री गीतांजलि गिरवाल की कविताएँ लीक से एकदम अलग हट कर हैं।आज की  नारी के प्रति वो हमेशा चिंतित रहती हैं।नारी के ऊपर सदियों से पुरुष प्रधान समाज द्वारा जो अत्याचार हो रहे हैं वो उनके अन्तः को उद्वेलित करते हैं और तीक्ष्ण धारदार शब्दों का आकार ले... Read more
clicks 197 View   Vote 0 Like   5:21pm 23 Jul 2017 #
Blogger: Hemant Kumar
(युवा रंगकर्मी और कवयित्री गीतांजलि गिरवाल  की कविताओं में एक आग है।आज की  नारी के प्रति वो हमेशा चिंतित रहती हैं।नारी के ऊपर सदियों से पुरुष प्रधान समाज द्वारा जो अत्याचार हो रहे हैं वो उनके अन्तः को उद्वेलित करते हैं और तीक्ष्ण धारदार शब्दों का आकार लेकर एक कवित... Read more
Blogger: Hemant Kumar
लालटेनजली वो पूरी रातहर मौसम बेबातमेरे सपनों को रोशन करतीटकटकी लगायेकभी कभी किताबें बांचा करती।जल कर काले होते तेल का रंग मानों मेरे कल के अंधेरे खींच रहा होमैं गाहे-बगाहे जो झपकी ले लूँ हवा के साथ चर्र-चूँ कर मुझे जगाया करती थी।एक कोने में किसी बुढ़िया के ज... Read more
clicks 197 View   Vote 0 Like   5:37pm 7 Mar 2017 #गुलमोहर
Blogger: Hemant Kumar
            आजकल का दौर तीव्रता से कहानी कहने का चल रहा है. फिल्म प्रदर्शित करने की समय अवधि कम होती जा रही है. फिल्म के इस कम समय को बनाए रखने का पूरा असर फिल्म में गीतों के स्थान और संख्या पर दिखता है. गीतों के लिए स्थितियां बननी बंद हो गयी हैं. कुछ फ़िल्में तो गीत शू... Read more
clicks 204 View   Vote 0 Like   3:09am 17 Feb 2017 #फिल्म
Blogger: Hemant Kumar
पुस्तक समीक्षा पुस्तकसुविख्यात मनीषी-संवादों के आईने मेंलेखक--डा०सुनील केशव देवधरप्रकाशक--सुभांजलि प्रकाशन ;कानपुरमूल्य -तीन सौ पचास रूपये।                        मनीषियों से संवाद--एक अनवरत सिलसिला                 &... Read more
Blogger: Hemant Kumar
मोनिका अग्रवाल की कविताएँ 1-जीवनक्या कहूँक्या बोलूँपल दो पल जीवन पासजिस पर न्योछावरदौलत बेहिसाब।क्या पायाक्या पाओगेक्या साथ ले जाओगेक्या मिली खुशी?कैसी है ये भेड़चालक्यों चल रहे हो मिला कर इससे ताल।लूट लो सादगी का मजाकरो पुराने दिनों को यादजब खाते थे दाल रोटी ... Read more
clicks 214 View   Vote 0 Like   4:06pm 4 Dec 2016 #नवोदित रचनाकार।
Blogger: Hemant Kumar
(पिता जी के जाने के बाद से घर में एक अजीब सा खालीपन आ गया है--वक्त बेवक्त हम सभी की नजरें उन्हें ही खोजती हैं.हर वक्त लगता है की शायद कहीं गए हैं ---आ जायेंगे कुछ देर में ..लेकिन --पिता जी की रचनात्मकता तो हर समय हमारा मार्ग दर्शन करेगी .---यही सोच कर ही आज मैं उनकी एक काफी पहले प्र... Read more
Blogger: Hemant Kumar
खेत आज बहुत विवश और उदास हैएक अजीब-सा डर उसके अस्तित्व पर कब से डोल रहा हैहरी-पीली लहराती धारियों पर अबवह ताज़गी भरी शुद्धता की धुनें नहीं गूंजती। मिट्टी उद्भ्रांत है उसके मुख से लेकर अंतर्मन तक कोरासायनिक उर्वरकों के कसैले स्वाद वाले धीमे ज़हर नेनिर्ममता से बेध डाला ह... Read more
clicks 166 View   Vote 0 Like   5:45pm 3 Sep 2016 #कविता
Blogger: Hemant Kumar
                  आज विज्ञापनों की चकाचौंध और बाजारवाद के युग में कोई पत्रिका निकालना और उसके स्तर को बरकरार रखना अपने आप में एक कठिन काम है।खासकर बच्चों की पत्रिकाओं के सन्दर्भ में यह बात ज्यादा लागू होती है।और उस स्थिति में तो और जब आपको यह पत्रिका पूरी तरह ... Read more
clicks 180 View   Vote 0 Like   8:02pm 8 Jul 2016 #पर्यावरण
Blogger: Hemant Kumar
बूढ़ी नानीजैसे बारिश की घासया फ़िर वो खूबसूरत मशरूमजो बस यूं हीचुपके से प्रकट हो जाते हैंपता नहीं कहां से आते हैं या कहां जाते हैं।तंग गलियों मेंगांव के चबूतरों परबाबा आदम की हवेली मेंअब तो पान पट्टियों पर भीदिख जाती हैं ये बूढ़ी नानियां।ममता वाली मुस्कान के जाल मेंटाफ़... Read more
clicks 148 View   Vote 0 Like   5:59pm 12 Jun 2016 #नेहा शेफ़ाली।
Blogger: Hemant Kumar
(फ़ोटो:गूगल से साभार)        उसका रंग एकदम काला था।एकदम चेरी बूट पालिश की तरह।लम्बाई कुल जमा साढ़े चार फ़ीट।उमर ग्यारह साल।नाम कलुआ। वैसे तो उसका नाम था राजकुमार लेकिन उसके घर वाले उसे रजुआ कह कर बुलाते थे और जब से वह नईम मियां की साइकिल रिपेयरिंग की दूकान पर काम करने आ... Read more
clicks 138 View   Vote 0 Like   5:20pm 15 May 2016 #कहानी
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