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Blog: भूख

Blogger: सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव
तुमने है दिया, इसलिए सहेजा हैदर्द ही सही कुछ तो मुझे भेजा है।खुश हूं, नहीं कोई शिकवा-गिला हैबहुत है जो ग़म मुझे तुमसे मिला है।... Read more
clicks 157 View   Vote 0 Like   3:29pm 27 Jun 2013 #
Blogger: सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव
दिसंबर 2013.गुजरात में दंगों का जख्म अभी बिल्कुल हरा था। घाव से खून अभी भी रिस रहा था। दिल तार तार हो रहा था। दंगा प्रभावित अभी तक सदमे से उबर नहीं पाए थे। पूरा देश मर्माहत था और उसी दौरान बिहार के मौजूदा मुख्यमंत्री और तत्कालीन रेल मंत्री नीतीश कुमार ने जाहिर की थी एक ख्वा... Read more
clicks 148 View   Vote 0 Like   5:00am 17 Jun 2013 #
Blogger: सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव
हाल ही  में मसूरी घूमने गया था। केम्प्टी फॉल्स का नजारा मन को मोहने वाला था। हां, सीजन में पार्किंग को लेकर अराजकता का माहौल था लेकिन फिर भी पहाड़ की इस खूबसूरती को भूला नहीं जा सकता। इसकी एक झलक आपके लिए।http://www.youtube.com/watch?v=42_Wm8jf6uI... Read more
clicks 157 View   Vote 0 Like   4:55am 15 Jun 2013 #
Blogger: सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव
पिछले दस सालों में ना कभी मेरे पास कोई तार आया ना ही मैंने किसी को तार भेजा लेकिन मुझे आज भी अच्छी तरह याद है बचपन के वो दिन, जब तार के नाम पर हाथ पांव फूल जाया करते थे। जरूर कोई बुरी खबर होगी। तार के नाम पर मैंने मां को घबड़ाते देखा है। दादाजी और नाना जी के निधन की खबर तार से ... Read more
clicks 132 View   Vote 0 Like   11:45am 14 Jun 2013 #
Blogger: सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव
मेरी एक ग़ज़लआज फिर टूट के अरमान कई बिखरे हैंकहूं अब किससे, ये जो मेरे दिल के दुखड़े हैं।दर्द सैलाब का, पर डूब रही नैया हैवो जो मेरी जिंदगी थे, आज उखड़े-उखड़े हैंराह में मिल गए तो पूछा-कहो कैसे होक्या बताऊं कि हुए दिल के कितने टुकडे हैंकिसको है फिक्र जो, भर गई आंखें मेरीकह... Read more
clicks 158 View   Vote 0 Like   4:34am 15 May 2013 #
Blogger: सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव
आवाराबावराबेचाराप्यार का मारादर्द का दुलाराकुछ ऐसा ही परिचय दिया था उसनेजिसे लोग मेरा मन समझते हैं.... Read more
clicks 138 View   Vote 0 Like   2:19pm 30 Apr 2013 #
Blogger: सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव
दिल्ली में फिर पांच साल की एक बच्ची के साथ बलात्कार हुआ.बच्ची से इलाज से लेकर प्रदर्शनकारियों से निपटने तक में दिल्ली पुलिस ने फिर दिखाई असंवेदनशीलताक्या आपको नहीं लगता कि एक बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाने  वाले को मौत की सजा से कम  कुछ नहीं  होना चाहिए?क्या आपको नही... Read more
clicks 181 View   Vote 0 Like   1:31pm 19 Apr 2013 #
Blogger: सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव
मैं सोचता हूंतुम कुछ कहो तो टूटे सन्नाटातुम सोचती होमैं कुछ कहूं तो टूटे सन्नाटाप्यार में जबदिल की जगहदखल देता है दिमागतो सन्नाटा टूटता नहींऔर गहराता जाता हैक्या हम सोचना बंद करनहीं दे सकते आवाज़एक दूसरे को।... Read more
clicks 144 View   Vote 0 Like   2:10pm 11 Apr 2013 #
Blogger: सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव
जबदर्द का उमड़ा था सैलाबखूब खली थी तुम्हारी कमीजिंदगी कीबंजर-पथरीली राहों परनहीं थीमुहब्बत-अपनेपन की नमीइंतजार करती रहीआएगा दर्द का  दोस्तमगर नहीं आए तुममैं  करती रहीइंतज़ार!  इंतजार!!बस इंतज़ार... Read more
clicks 167 View   Vote 0 Like   3:05pm 6 Apr 2013 #
Blogger: सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव
.ये फूलअपनी खूबसूरती बिखेरेंगेहम सबका िदिल  खुश करेंगेऔर फिर चुपचापमिट्टी में मिल जाएंगे.... Read more
clicks 135 View   Vote 0 Like   1:36pm 29 Mar 2013 #
Blogger: सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव
वात्सल्य रायरन क्या सूखे, देखने वालों की आंखों का रंग ही बदल गया। कभी जो हाथ सजदे में उठते थे, वो अब जैसे पत्थर बरसाने लगे हैं । बुरा वक्त आया तो जुबां की तासीर भी बदल गई । तारीफें करने वाली जुबानें अंगारे उगलने लगीं।जरा कीर्ति आजाद के तेवर देखिए, वो कहते हैं, '' सचिन क... Read more
clicks 215 View   Vote 0 Like   3:13pm 27 Nov 2012 #
Blogger: सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव
सियासत में प्यार मुहब्बत के लिए जगह नहीं होती। प्यार मोह पैदा करता है और मोह राजनीति में तरक्की की राह में बाधा है। किसी के मोह में बंधकर राजनीति की सीढ़ियां  नहीं चढ़ी जा सकती । ये मुहब्बत, ये प्रेम किसी के प्रति भी हो सकता है। जरूरी नहीं कि ये किसी माशूका के प्रति जताय... Read more
clicks 177 View   Vote 0 Like   4:18am 1 Nov 2012 #
Blogger: सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव
एक गांवजहां दर्द रहता हैजो जख्म सहता हैएक गांव जहां हाड़तोड़ मेहनत ही गीता हैलेकिन इसका फल कभी होता नहीं मीठा हैएक गांवजो उम्मीदों में जीता हैभूख लगने पर पानी पीता हैक्या आपको पता हैकहां है ये गांव?संसद के पास हैइस गांव के लिए कई सपनेपता चल जाय तोसंसद को बता दीजिएगाए... Read more
clicks 200 View   Vote 0 Like   2:49pm 4 Sep 2012 #
Blogger: सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव
सन्नाटाएक दौर थाजब बातें खत्म ही न होती थीअब सन्नाटा टूटता ही नहीं।... Read more
clicks 205 View   Vote 0 Like   4:58pm 5 Jul 2012 #
Blogger: सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव
सत्ता की भूख मिटाने के लिए वोट की भीख मांगने निकला एक युवराज अगर देने वाले को ही बार-बार भिखारी कहे और इस बात पर भी जोर दे कि वो अपनी बात पर अडिग है कि उसकी राजनीतिक समझ पर सवाल उठना लाजिमी है। उत्तर प्रदेश में सत्ता में वापसी का सपना देख रही कांग्रेस की अगुवाई कर रहे राहु... Read more
clicks 187 View   Vote 0 Like   3:03pm 22 Nov 2011 #राजनीति
Blogger: सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव
भ्रष्टाचार का एजेंडा पीछे छूट गया। प्रधानमंत्री की कुर्सी सामने आ गई। जब सत्ता का सर्वोच्च पद सामने हो तो नेता का मन ना डोले ऐसा कैसे हो सकता है? मौजूदा दौर में आखिर आदमी राजनीति में सत्ता का स्वाद चखने के लिए ही तो आता है। भारतीय जनता पार्टी के साथ भी ऐसा ही हादसा हो गया... Read more
clicks 147 View   Vote 0 Like   3:47am 1 Oct 2011 #राजनीति
Blogger: सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव
रिटेल बाजार में 51 फीसदी विदेशी निवेश की सिफारिश की गई है. सचिवों की कमेटी ने इसे मंजूरी दे दी है अब सरकार को आखिरी फैसला लेना है. यानि गरीबों के पेट पर एक और लात। घर के बगल में किराना का दुकान चलाने वाला पहले से ही सुपर स्टोर से परेशान था, अब विदेशी उसे नमक दाल भी नहीं बेचने ... Read more
clicks 159 View   Vote 0 Like   7:12am 24 Jul 2011 #कमेंट
Blogger: सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव
दिल्ली पुलिस का एक और साहसिक कारनामा। 2008 में यूपीए सरकार को रिश्वत के जरिए बचाने का मास्टर माइंड सुहैल हिंदुस्तानी को बना दिया। बड़े लोगों को बचाने के लिए एक 'हिंदुस्तानी' की कुर्बानी। जिसने पैसा ढोया वो मास्टर माइंड। बाकी सब गायब। अगर दिल्ली पुलिस सही है तो दो बातें त... Read more
clicks 181 View   Vote 0 Like   6:45am 23 Jul 2011 #कमेंट
Blogger: सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव
एक लम्हाजिंदगी का तलाशताही रह गयापता ही नहीं चलाकब खत्म हो गईजिंदगी।... Read more
clicks 179 View   Vote 0 Like   1:41pm 21 May 2011 #कविताएं
Blogger: सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव
शीला की जवानी से अभी पूरा देश थर्रा रहा है। ऐसी जवानी इससे पहले न कभी किसी ने देखी, न सुनी। लेकिन अब ये जवानी खूब देखी जा रही है, खूब सुनी जा रही। लोग थिरक रहे हैं। शीला के जवान होने का जश्न मना रहे हैं। मुन्नी की बदनामी के सदमे से अभी लोग उबर भी नहीं पाये थे कि शीला अचानक जव... Read more
clicks 158 View   Vote 0 Like   5:46am 5 Dec 2010 #मुद्दा
Blogger: सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव
नूर मुहम्मद नूर की कवितानिकलो, कि निकलने कासबसे सही वक्त यही हैवक्त, जो कि जिंदगियों केबेहया, अंधेरों में ठहर सा गया हैपथरा गया हैकि जैसे पथराये चले जा रहे हैंदिलों और सपनों केजिंदादिल हुजूमलड़ने और जीने की इच्छाएंनिकलो, जैसे निकलता हैसुंदर गुलाबी लाल सूरजकरता हुआ म... Read more
Blogger: सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव
गोपाल प्रसादगूंगे और बलबलातेलोगों के बीचएक जीभ वाला राजा थाअपने खजानों और तहखानों मेंवक्रोक्तियों को सिर्फ़छिपाए ही नहीं रहा वोदुनिया को बांटता रहावक्त बेवक्तएक बहुत बड़ी भीड़ सेउगा था वहऔर सारी जिंदगी खुद कोउसी से जोड़ता काटता रहासतह पर नहींनदी की तह मेंकुछ खोज... Read more
clicks 160 View   Vote 0 Like   3:37pm 30 Nov 2010 #गोपाल प्रसाद का पन्ना
Blogger: सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव
शायद इसे ही कहते हैं मुंह में राम बगल में छूरी।ओबामा भारत आये तो कह गए कि अमेरिका भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्य के रूप में देखना चाहता है।दूसरी ओर विकीलीक्स ने जो दस्तावेज लीक किये हैं, उसमें उनकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन भारत के इस दावे पर... Read more
clicks 139 View   Vote 0 Like   8:02pm 29 Nov 2010 #मुद्दा
Blogger: सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव
एक के बाद एक भ्रष्टाचार के ऐसे खुलासे हो रहे हैं, मानो देश में करप्शन में एक दूसरे को मात देकर आगे निकल जाने की होड़ मची हुई हो। मानो घपले में घिरे लोग खुद को एक दूसरे से ज्यादा अव्वल साबित करने पर जुटे हुए हों।जिस रफ्तार से घोटालों का पर्दाफाश हो रहा है, उस रफ्तार से दोषि... Read more
clicks 143 View   Vote 0 Like   8:26pm 28 Nov 2010 #मुद्दा
Blogger: सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव
करीब 14 महीने बाद वापसी।14 महीने बाद मैं ब्लॉग पर ये मेरा पहला पोस्ट है और वो भी मेरे पहले जन्मदिन से ठीक 11 दिन पहले और वो भी सिर्फ इसलिए कि आज दीपों का पर्व है। रोशनी का पर्व है। दीवाली है। दीवाली के दिन वापसी ज्यादा बेहतर लगा वरना पहले तो योजना थी कि पहले जन्मदिन को ही लौटू... Read more
clicks 160 View   Vote 0 Like   7:11am 5 Nov 2010 #कविताएं
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