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Blog: बदनाम शायर

Blogger: somnath chaturvedi
बहुत दराज़ फ़साना है येइक ज़ख्म बहुत पुराना है येकुछ रोग होते हैं लाइलाज़इक ज़ख्म खा के जाना है येगीत विरह का उम्र भर हीहमको बस अब गाना है येकुछ लोग मिलते हैं किस्मतों सेउस से बिछड़ के जाना है येहै इश्क़ नहीं ये सब के लिए"राज"हमने अब माना है ये... Read more
clicks 137 View   Vote 0 Like   4:56pm 24 Dec 2016 #Judaai
Blogger: somnath chaturvedi
गर्मी-ए-हसरत-ए-नाकाम से जल जाते हैंहम चरागों की तरह शाम से जल जाते हैंबच निकलते हैं अगर अतीह-ए-सय्याद से हमशोला-ए-आतिश-ए-गुलफाम से जल जाते हैंखुदनुमाई तो नहीं शेवा-ए-अरबाब-ए-वफ़ाजिन को जलना हो वो आराम से जल जाते हैंशमा जिस आग में जलती है नुमाइश क लिएहम उसी आग में गुमनाम से ... Read more
clicks 178 View   Vote 0 Like   5:13pm 17 Dec 2016 #poetry
Blogger: somnath chaturvedi
ना था कुछ तो खुदा था, कुछ ना होता तो खुदा होताडुबोया मुझ को होने ने, ना होता मैं तो क्या होताहुआ जब गम से यूँ बेहीस तो गम क्या सर के काटने काना होता गरजुदा तन से तो जानूँपर धारा होताहुई मुद्दत के 'ग़ालिब'  मरगया पर याद आता हैवो हर एक बात पे कहना के यूँ होता तो क्या होता    &nbs... Read more
clicks 403 View   Vote 0 Like   2:36pm 16 Dec 2016 #Love
Blogger: somnath chaturvedi
तुम जाओ हम से दूर तो एक काम कर जानाकुछ पल अपने हमारे नाम कर जानाअगर आ जाए मौत हमें आप क आने से पहलेतो आ कर मेरे जनाज़े का एहतराम कर जानाना रोना इशक़दर कितकलीफ़ हो हमेंमौत को भी मज़ाक़ समझ कर अंजन बन जानामैं एक दिन सो जाऊं गा सदा क लिएफिर मुझे बेवफा कह कर बदनाम कर जानाजो गुज... Read more
clicks 191 View   Vote 0 Like   5:03pm 15 Dec 2016 #Judaai
Blogger: somnath chaturvedi
मैं एक ढ़लती हुई शाम उसके नाम लिख रहा हूँ।एक प्यार भरे दिल का कत्लेआम लिख रहा हूँ।ता उम्र मैं करता रहा जिस शाम उसका चर्चा,मैं आज उसी शाम को नाकाम लिख रहा हूँ ।सोचा था न जाऊँगा जहाँ उम्र भर कभी भी,उस मैकदे में अब तो हर शाम दिख रहा हूँ ।हाँसिल न हुआ जिसमें बस गम के शिवा कुछ भी,... Read more
clicks 178 View   Vote 0 Like   1:25pm 15 Dec 2016 #Love
Blogger: somnath chaturvedi
 किसी की आँख में आँसू, कहीं ठहरा हुआ होगायकीनन दर्द का दरिया भी वहीँ सूखा हुआ होगाजमाने की रवायत ने जुदा तुमसे किया मुझकोभरी दुनियाँ लुटी होगी, बड़ा सदमा हुआ होगाधुँधले पड़े होंगे वो 'अक्स'जो कभी दिल में थेवक्त की चोट से आईना-ए-दिल चटका हुआ होगाबना तस्वीर यादों की, लिख... Read more
clicks 234 View   Vote 0 Like   5:48pm 2 Dec 2016 #Love
Blogger: somnath chaturvedi
कठिन है राह-गुज़र थोड़ी देर साथ चलो।बहुत कड़ा है सफ़र थोड़ी देर साथ चलो।तमाम उम्र कहाँ कोई साथ देता हैये जानता हूँ मगर थोड़ी दूर साथ चलो।नशे में चूर हूँ मैं भी तुम्हें भी होश नहींबड़ा मज़ा हो अगर थोड़ी दूर साथ चलो।ये एक शब की मुलाक़ात भी गनीमत हैकिसे है कल की ख़बर थोड़ी... Read more
clicks 205 View   Vote 0 Like   5:10pm 29 Nov 2016 #hindi
Blogger: somnath chaturvedi
छोटी सी ज़िंदगी हैहर बात में खुश रहो जो चेहरा पास ना होउसकी आवाज में खुश रहो कोई रूठा हो तुमसेउसके इस अन्दाज में खुश रहो जो लौट कर नहीं आने वालेउन लम्हों की याद में खुश रहो कल किसने देखा हैअपने आज में खुश रहो खुशियों का इन्तजार किस लिएदूसरों की मुस्कान में खुश रहो क्यों ... Read more
clicks 202 View   Vote 0 Like   2:29pm 27 Nov 2016 #hindi
Blogger: somnath chaturvedi
 देखा पलट के उस ने के हसरत उसे भी थीहम जिस पर मिट गए थे मुहब्बत उसे भी थीचुप हो गया था देख कर वो भी इधर उधरदुनिया से मेरी तरह शिकायत उसे भी थी ये सोच कर अंधेरे मे गले से लगा लिया रातों को जागने की आदत उसे भी थीवो रो दिया मुझ को परेशान देख कर उस दिन पता लगा के मेरी ज़रूरत उसे भी... Read more
clicks 146 View   Vote 0 Like   6:40pm 20 Nov 2016 #Love
Blogger: somnath chaturvedi
मार ही डाल मुझे चश्म-ए-अदा से पहलेअपनी मंजिल को पहुँच जाऊँगा कज़ा से पहलेइक नज़र देख लूं आ जाओ कज़ा से पहलेतुम से मिलने की तमन्ना है खुदा से पहलेहश्र के रोज़  मैं पूछूंगा खुदा से पहलेतूने रोका नहीं क्यों मुझको खता से पहलेऐ मेरी मौत ठहर उनको जरा आने देजहर का जाम न दे मुझको दव... Read more
clicks 160 View   Vote 0 Like   4:12pm 15 Nov 2016 #poetry
Blogger: somnath chaturvedi
तुम  जानो, तुमको  ग़ैर   से  जो  रस्म-ओ-राह  होमझको  भी  पूछते  रहो  तो  क्या  गुनाह  होबचते  नहीं  मुवाखज़:-ए-रोज़े  हश्र  सेकातिल  अगर  रक़ीब  है  तो  तुम  गवाह  होक्या  वो: भी  बेगुनह:  कुश-ओ-हक़  ना  शानस  है?माना  के: तुम  बशर  नहीं,  खुरशीद-ओ-माह  होउभरा  हुआ  निक़ाब  में  है  उनके... Read more
clicks 321 View   Vote 0 Like   5:34pm 10 Jan 2012 #
Blogger: somnath chaturvedi
बाज़ीचः-ए-अत्फ़ाल  है दुनिया मेरे आगे होता है  शब-ओ-रोज़  तमाशा मेरे आगेइक खेल है औरंगे-ए-सुलेमाँमेरे नज़दीक इक बात है  एजाज़े मसीहामेरे आगे जुज़ नाम, नहीं सूरते आलममुझे मंजूर  जुज़ वहम  नहीं, हस्ति-ए-आशियामेरे आगे होता है निहाँ  गर्द में सहरा, मेरे होतेघिसता है ... Read more
clicks 190 View   Vote 0 Like   8:55pm 24 Oct 2011 #
Blogger: somnath chaturvedi
ज़िक्र  उस  परीवश  का, और  फिर  बयाँ  अपना बन  गया  रक़ीब  आखिर,  था  जो  राज़दाँ  अपना मय  वो:  क्यूँ  बहुत  पीते  बज़्मे  ग़ैर  में  यारब ! आज  ही  हुआ  मंजूर  उन  को  इम्तिहाँ  अपना मंज़र  इक  बुलन्दी  पर  और  हम  बना  सकते अर्श&nb... Read more
clicks 170 View   Vote 0 Like   8:00pm 10 Oct 2011 #
Blogger: somnath chaturvedi
ख़िरद मन्दो  से  क्या पूछूँ कि मेरी इब्तिदा क्या हैकि मैं इस फिक्र में रहता हूँ मेरी इन्तहा क्या हैखुदी को कर बुलंद इतना कि हर तकदीर से पहले  खुदा बन्दे से खुद पूछे बता तेरी रिज़ा क्या हैनज़र आई  मुझे तक़दीर की गहराइयाँ इसमेंन पूछ ऐ हमनशी मुझसे वो चश्मे-सुर्मा-सा क... Read more
clicks 169 View   Vote 0 Like   6:18pm 14 Aug 2011 #
Blogger: somnath chaturvedi
बे-खुदी  ले  गई  कहाँ  हम  को  देर  से  इंतज़ार  है  अपना  रोते  फिरते  हैं  सारी-सारी  रात  अब  यही  रोज़गार  है  अपना  दे  के  दिल  हम  जो  हो  गए  मजबूर  इसमें  क्या  इख्तियार  है  अपना  कुछ  नहीं  हम  मिसाल-ए-उनका  ले  के... Read more
clicks 182 View   Vote 0 Like   9:25am 29 Jul 2011 #
Blogger: somnath chaturvedi
हैराँ  हूँ  दिल  को  रोऊँ,  के:  पीटूँ  जिगर  को  मैंमक़दूर  हो  तो  साथ  रखूँ  नोह: गार  को  मैंछोड़ा  न:  रश्क  ने  के:  तेरे  घर  का  नाम  लूँहर  यक  से  पूछता  हूँ  के:  जाऊँ  किधर  को  मैं ?जाना  पड़ा  रक़ीब  के  दर  पर ... Read more
clicks 188 View   Vote 0 Like   10:52am 3 Jul 2011 #
Blogger: somnath chaturvedi
                                           ये:  न:  थी  हमारी  क़िस्मत  के  विसाले  यार  होता अगर  और  जीते  रहते , यही   इंतज़ार  होता तेरे  वादे  पर  जिए  हम , तो  ये:,  जान  झूठ  जाना के  ख़... Read more
clicks 208 View   Vote 0 Like   8:21pm 28 Jun 2011 #
Blogger: somnath chaturvedi
अजब  नशात  से, जल्लाद के चले  हैं  हम आगेके: अपने साये से सर, पाँव से है दो कदम आगेकज़ा  ने  था  मुझे  चाहा  ख़राबे  बादः-ए-उल्फ़तफ़क़त  'ख़राब' लिखा, बस नः चल सका कलम आगे ग़मे  ज़मानःने  झाड़ी नाश्ते  इश्क़  की मस्तीवगर्न: हम भी उठाते थे लज्ज़ते  अलम ... Read more
clicks 177 View   Vote 0 Like   8:53am 4 Jun 2011 #
Blogger: somnath chaturvedi
हुई ताखीर, तो कुछ बाइसे ताखीर भी था आप आते थे, मगर कोई इनाँगीर भी था तुमसे बेजा है मुझे अपनी तबाही का गिला उससे कुछ शाइब-ए-खूबी-ए-तकदीर भी था तू मुझे भूल गया हो तो पता बतला दूं कभी फ़ितराक में तेरे कोई नख्चीर भी था ?कैद में है तेरे वहशी की वोही जुल्फ की यादहाँ कुछ इक रंजे गराँ ... Read more
clicks 163 View   Vote 0 Like   5:55pm 22 May 2011 #
Blogger: somnath chaturvedi
                                                                              वो  कहती  है  सुनो  जानममोहब्बत  मोम का  घर  है तपिश ये बदगुमानी  की कहीं  पिघला  न  दे  इस कोमैं  कहता  हूँजिस  दिल  मैं  ज़रा  भी   बदगुमा... Read more
clicks 180 View   Vote 0 Like   6:22pm 16 May 2011 #
Blogger: somnath chaturvedi
ये तो नहीं कि ग़म नहींहाँ! मेरी आँख नम नहीं तुम भी तो तुम नहीं हो आज हम भी तो आज हम नहीं अब न खुशी की है खुशीग़म भी अब तो ग़म नहीं मेरी नशिस्त है ज़मीं खुल्द नहीं इरम नहीं क़ीमत-ए-हुस्न दो जहाँ कोई बड़ी रक़म नहीं लेते हैं मोल दो जहाँ दाम नहीं दिरम नहींसोम-ओ-सलात से फ़िराक़ मे... Read more
clicks 201 View   Vote 0 Like   12:53pm 14 May 2011 #
Blogger: somnath chaturvedi
दोस्त अहबाब की नज़रों में बुरा हो गया मैं वक़्त की बात है क्या होना था क्या हो गया मैं दिल के दरवाज़े को वा रखने की आदत थी मुझे याद आता नहीं कब किससे जुदा हो गया मैं कैसे तू सुनता बड़ा शोर था सन्नाटों का दूर से आती हुई ऐसी सदा हो गया मैं क्या सबब इसका था, मैं खुद भी नहीं जानत... Read more
clicks 155 View   Vote 0 Like   10:04am 14 May 2011 #
Blogger: somnath chaturvedi
मुझसे  पहली  सी   मोहब्बत  मेरे  महबूब   न  मांग मैंने  समझा  था  के  तू   है  तो  दरख्शां  है  हय्यात तेरा  ग़म   है  तो  शाम -ए-दहर  का  झगड़ा क्या  हैतेरी  सूरत  से  है  आलम  में  बहारों  को  सबात तेरी  आँखों  के  सिवा दुनिया म... Read more
clicks 296 View   Vote 0 Like   6:30pm 9 May 2011 #
Blogger: somnath chaturvedi
हुस्न भी था उदास,उदास ,शाम भी थी धुआं-धुआं  ,याद सी आके रह गयी दिल को कई कहानियां |छेड़ के दास्तान-ए-गम अहले वतन के दरमियाँ ,हम अभी बीच में थे और बदल गई ज़बां |सरहद-ए-ग़ैब तक तुझे साफ मिलेंगे नक्श-ए-पा ,पूछना यह फिरा हूं मैं तेरे लिए कहां- कहां |रंग जमा के उठ गई कितने तमददुनो की ब... Read more
clicks 143 View   Vote 0 Like   7:52pm 25 Mar 2011 #
Blogger: somnath chaturvedi
                                                                         चाँद  तनहा  है  आसमान  तनहा  दिल  मिला  है  कहाँ  कहाँ  तनहा  बुझ  गयी  आस  छुप  गया... Read more
clicks 129 View   Vote 0 Like   6:43pm 26 Feb 2011 #
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