Meri Lekhni, Mere Vichar.. मेरी लेखनी, मेरे विचार..

: ओस से भीगी एक रात :अभीउसने बोरी के नीचे से सर निकाला ही था कि कोहरे भरी अँधेरी घनेरी रात में चल रही हवाओं की सरसराहट ने फिर दुबकने पर मजबूर कर दिया | इस साल पड़ी ठण्ड ने सारे पुराने रिकॉर्ड्स तोड़ डाले हैं | हाल ही दो दिन पहले तडके उसके बगल वाले फुटपाथ से अकड़ी हुई एक लाश म...
Meri Lekhni, Mere Vichar.. मेरी लेखनी, मेरे विच...
Tag :उठते सवाल..?
  January 22, 2013, 2:35 am
● बैसाखी.. :| (एक निस्वार्थ प्यार) ●गर है तू साथ,हर कदम बन जाऊँ तेरा,गर है तू साथ,बन जाऊँ बैसाखी तेरी,गर है तू साथ,रहती साँस साथ निभाऊँ तेरा,गर है तू साथ,हमकदम बनूँ मैं तेरा,गर है तू साथ,हमखयाल बन जियूँ संग तेरे,गर है तू साथ,बहते मोती पी जाऊँ तेरे,गर है तू साथ,वजह ख़ुशी की तेरी मै...
Meri Lekhni, Mere Vichar.. मेरी लेखनी, मेरे विच...
Tag :चित्र बोलता है
  December 3, 2012, 1:35 am
● चुहिया ●सामनेवाली दीवार की जड़ में बने छोटे उबड़-खाबड़ से गोल छेद को निहारे जाना जैसे मेरी रोज़ाना की आदत बन गयी थी | जब भी दिल उदास या खिन्न होता यहीं आ बैठता था मैं | वीरान पड़े इस छेद में अभी कुछ समय से हलचल सी नजर आने लगी थी मगर क्या है असल में यह नहीं समझ पा रहा था | एक दि...
Meri Lekhni, Mere Vichar.. मेरी लेखनी, मेरे विच...
Tag :अनजान डायरी के पन्नों से
  November 26, 2012, 2:34 am
● Mr. & Mrs. Title. ● Dear Mrs. Title,सुबहही से धड़का सा लगा हुआ था | एक अंजाना सा डर, एक सिहरन जिसने लगातार रीढ़ में सनसनी सी बनाये रखी थी | हर आहट पर दिल उछाले लिए बाहर आने को तत्पर | लग रहा था रहा था जाने अब क्या हो | क्या सच ही मैंने तुम्हें खो दिया? अभी कल रात ही तो जरा सीबात हुई | वो भी पूरे चार...
Meri Lekhni, Mere Vichar.. मेरी लेखनी, मेरे विच...
Tag :अनजान डायरी के पन्नों से
  November 21, 2012, 2:00 pm
● दरिया और बूँद ●हो परेशां तुम उस तरफ,परेशां हम भी इधर कम नहीं,फरक फ़क्त इतना है,दो आंसू उधर तुम्हारे हैं,तो दरिया यहाँ भी कम नहीं...● जोगेंद्र सिंह (Jogendra Singh) 16-11-2012...
Meri Lekhni, Mere Vichar.. मेरी लेखनी, मेरे विच...
Tag :कविता कोष
  November 16, 2012, 11:48 pm
खामोश कब तक?खामोश निगाहों से तकता रहूँ मैं कब तक ?आकर कब वे जुबान देंगे मेरी ख़ामोशी को ?साकत कब तक घूरता रहूँ उस दगरे को ?जिस दगरे पर जाने के तेरे निशान बने हैं..... :-(जोगेंद्र सिंह सिवायच Jogendra Singh... (2012-10-13) ....
Meri Lekhni, Mere Vichar.. मेरी लेखनी, मेरे विच...
Tag :कविता कोष
  October 14, 2012, 1:59 am
रिश्ते (सवाल बहुतेरे : उतरदाता कौन?)सुबहका अख़बार यूँ तो देखने की आदत मरहूम हो चुकी थी फिर भी कभी-कभार इस कार्य को भी निबटा लिया करता हूँ | पत्नी को उठना गँवारा न था सो निद्रावती बन लुढकी पड़ी थी | मेरी आँख अख़बार पर मगर जैसे हर्फ़ परवाज किये जाते हों | गड्डमड्ड आपस में उलझे ...
Meri Lekhni, Mere Vichar.. मेरी लेखनी, मेरे विच...
Tag :अनजान डायरी के पन्नों से
  September 28, 2012, 3:54 am
चुड़ैलन काकी (कटाक्ष)आज हमारी चुड़ैल गजब ढा गयी | जाने कब किस तरह एक दिन बगल वाले मैदान से सटे उससे परे वाले कब्रिस्तान से होकर गुजरी और थकन से बावस्ता हो सुस्ताने के लिए वहीँ बनी एक पुरानी कब्र को अपने पृष्ठ भाग से अलंकृत कर बैठीं | दरअसल ये उनके घर आने जाने का शॉर्टकट था ...
Meri Lekhni, Mere Vichar.. मेरी लेखनी, मेरे विच...
Tag :उठते सवाल..?
  September 27, 2012, 2:42 am
ख्वाहिशें : (प्यारी सी जुगलबंदी)एक SMS:ख्वाबों खयालों की रातें हैं, कहनी सुननी उनसे कई बातें हैं...Nayika:आज की मुलाकात बस इतनी...कर लेना बातें चाहे का जितनी...Nayika:अच्छी नहीं होती है जिद इतनी...देखो हमें है तुमसे प्रीत कितनी...:)(note * dil par naa len)...:DJogi:जो ये नोट हटे...और बात सच्ची गर निकले दिल से...त...
Meri Lekhni, Mere Vichar.. मेरी लेखनी, मेरे विच...
Tag :अनजान डायरी के पन्नों से
  September 16, 2012, 4:57 pm
● बड़ी हवेली ●(1)     अपने पुराने स्टडी रूम की खिडकी तले लगी टेबल से मैंने सर उठाकर सामने वाली दीवार पर टंगी बत्तीस साल पुरानी घंटा-घडी को देखा | कुछ ग्यारह बजकर पच्चीस मिनट का समय दिखा रही थी | सैकंड का पतला कांटा नदारद था घंटे का छोटा सलामत और मिनट वाला अपनी उम्र के साथ उम्...
Meri Lekhni, Mere Vichar.. मेरी लेखनी, मेरे विच...
Tag :सामाजिक विडम्बना
  August 30, 2012, 2:04 am
● ढेर हूँ मैं मिटटी से बना●(1)ढेर हूँ मैं मिटटी से बना,भूल मुझे, मेरी भूल को वजह बना,छोड़ बिखरता, परवाज यहाँ-वहाँ,चल दिए उठकर तुम जाने किस राह?(2)है मोह तुम्हें अब भी इसे जानता हूँ,खयाल अपना रखने को कहकर,चल देने का खयाल क्यों निकाल न पाते हो,ऐ हमसफ़र मेरे, चल देने का खयाल ही फिर,...
Meri Lekhni, Mere Vichar.. मेरी लेखनी, मेरे विच...
Tag :कविता कोष
  August 29, 2012, 1:25 pm
दोष किसे दें?दोष किसे दें ऐ मेरे हमसफ़र,जब साया ही साथ छोड़ने लगे,तो अंधेरों को दोष कोई कैसे दे.....? :'(● जोगेंद्र सिंह Jogendra Singh....
Meri Lekhni, Mere Vichar.. मेरी लेखनी, मेरे विच...
Tag :कविता कोष
  August 26, 2012, 12:33 am
बहरे लोगकहते तो सब बातें हैं ये अश्क,मगर सुना है आज,बहरे कुछ ज्यादा ही होने लगे हैं संसार में........ :'(● जोगेंद्र सिंह Jogendra Singh....
Meri Lekhni, Mere Vichar.. मेरी लेखनी, मेरे विच...
Tag :कविता कोष
  August 26, 2012, 12:32 am
अश्कों की जुबानअश्कों की जुबान कहाँ होती है दोस्त,ख्वाब टूटें तो टूटें चाहे,बेजुबान उन्हें बह जाना होता है.........● जोगेंद्र सिंह Jogendra Singh ....
Meri Lekhni, Mere Vichar.. मेरी लेखनी, मेरे विच...
Tag :कविता कोष
  August 26, 2012, 12:31 am
जिंदगी और बता, तेरा इरादा क्या है?जिंदगी और बता, तेरा इरादा क्या है...? ...(A songs line)कुछ नहीं बस क़त्ल इरादों का किये जाना है... (Jogi)Kiske iradon ka katal karna hai janab...? (एक दोस्त)अपने ही इरादों का होगा और किसी का क्या करना है जी... (Jogi)Koi khanjar wanjar hai ya...? (एक दोस्त)क्या जरुरत...? सपने हमेशा बिना खंजर ही क़त्ल किये जाते ...
Meri Lekhni, Mere Vichar.. मेरी लेखनी, मेरे विच...
Tag :उभरती सोच
  August 26, 2012, 12:30 am
विध्वंस● विध्वंस दूर से हमेशा खूबसूरत ही दिखाई देता है...... फिर चाहे वह परमाणु विस्फोट हो या कोई ज्यलामुखी या फिर और किसी तरह का......... वो जीवन में रिश्तों के नाश-रूप में भी नजर आ सकता है...... जबकि लोग समझते हैं कि जो हमने किया अच्छा ही किया....... शायद देखना भूल जाते हैं कि वे पास नही...
Meri Lekhni, Mere Vichar.. मेरी लेखनी, मेरे विच...
Tag :उठते सवाल..?
  August 26, 2012, 12:28 am
तटस्थ आँखेंतटस्थ,कोने में,विलग दुनिया से,खड़ी अकेली,दुनिया को निहारती आँखें.....जोगी.......
Meri Lekhni, Mere Vichar.. मेरी लेखनी, मेरे विच...
Tag :कविता कोष
  August 24, 2012, 12:39 am
जज़्बा-ऐ-दिलजज़्बा-ऐ-दिल की कुछ ना कहो ऐ दोस्त......मेरे दिल के जखम हैं कुछ इस कदर कि.......न सहते होता है और न भरते होता है........ ............(जोगी) ....
Meri Lekhni, Mere Vichar.. मेरी लेखनी, मेरे विच...
Tag :कविता कोष
  August 19, 2012, 6:10 pm
● अपनापन (लघुकथा) ● [1]● आज शाम यूँही उदास मन मूक बना स्तंभित अपने नये किराये के मकान की बालकॉनी से अस्पष्ट सी दिशा की ओर एकटक निहारे जा रहा था कि कहीं से भागता छोटा सा एक बालक वातावरण की निस्तब्धता को भंग कर गया | अचकचाकर सम्हलकर चारों तरफ घुमा नज़रें एक बार फिर उसी दिशा म...
Meri Lekhni, Mere Vichar.. मेरी लेखनी, मेरे विच...
Tag :Reminiscence (संस्मरण)
  July 19, 2012, 1:10 am
● हलचल●क्या जाने क्या हिस्से आया, क्या ना आया,खड़े हैं अब तक निस्तब्ध-मूक-अविचल,कौन जाने होगी कब जाकर फिर ह्रदय-हलचल.....● Jogendra Singh जोगेन्द्र सिंह  :( ....
Meri Lekhni, Mere Vichar.. मेरी लेखनी, मेरे विच...
Tag :
  July 18, 2012, 11:25 pm
● एक बूंद आँसू●एक बूंद आँसू,दूजी नाली का पानी,किसेफरक पड़ जाना है,ना इसे किसी ने देखा,ना उसे किसी ने देखा...● जोगेन्द्र सिंह....
Meri Lekhni, Mere Vichar.. मेरी लेखनी, मेरे विच...
Tag :
  July 16, 2012, 9:56 pm
तडप...सपने उनके, आँख हमारी,नींद उनकी, जाग हमारी,पीर उनकी, नम आँख हमारी,अमानत किसी की,  तडप हमारी..... जोगी..... :-( ....
Meri Lekhni, Mere Vichar.. मेरी लेखनी, मेरे विच...
Tag :
  July 13, 2012, 12:07 pm
● सच्ची साधना....... ● सच्ची साधना....... हाँ, यही तो है वह , जिसे करने से बहुधा हम बच लिया करते हैं........ कितने कमाल की बात है ना, कि जागृत होने के लिए हमें प्रेरक प्रसंगों की जरुरत हुआ करती है....... और हम जागते भी कितना हैं........? कुछ क्षण.....? कुछ घंटे.....? या कुछ दिन.....? ना..... कतई ना..... हम जगे ही कहा...
Meri Lekhni, Mere Vichar.. मेरी लेखनी, मेरे विच...
Tag :उठते सवाल..?
  June 13, 2012, 11:21 pm
० लापता ०जब से तुम्हें मंजिल जान दर-दर खोजा किया,क्या जानो पता खोजते हो गये अब हम भी लापता...० जोगेन्द्र सिंह... ....
Meri Lekhni, Mere Vichar.. मेरी लेखनी, मेरे विच...
Tag :
  May 27, 2012, 1:52 pm
० शिकवा ०गर चाहे कोई शिकवा करना.....तब भी सुना है पत्थरों से शिकायत नहीं होती...० जोगेन्द्र सिंह ० ....
Meri Lekhni, Mere Vichar.. मेरी लेखनी, मेरे विच...
Tag :
  May 21, 2012, 8:55 pm
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:
Hot List (1 Like = 2 Views)
  • ताज़ा
  • 7 दिन
  • 30 दिन
  • अब तक
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (2752) कुल पोस्ट (70607)