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Blog: एहसासात... अनकहे लफ्ज़.

Blogger: SANJAY MISHRA HABIB
समस्त सम्माननीय मित्रों को स्वतन्त्रता दिवस की हार्दिक बधाईयों सहित एक नज़्म सादर समर्पित...झुक नहीं सकता कभी भी मान यहअभिमान है।        यह तिरंगा ही हमारी शान है और जान है। जुल्म सह भी माथ पर आने नहीं दीसलवटें,            वीर पूतों ने लुटा दी जिंदग... Read more
clicks 112 View   Vote 0 Like   12:32pm 15 Aug 2012 #
Blogger: SANJAY MISHRA HABIB
प्यारी बहना रूठती, भाइ करत मनुहार.भाइ भगिन का प्यार है, भगवत का उपहार. समस्त सम्मानीय स्नेही मित्रों को भाई बहिन के पवित्र प्यार से सराबोर अनूठे "पर्व श्रावणी"की सादर शुभकामनाओं सहित एक नटखट और प्यारा सा गीत.... कलाई में सजेगा रंग दीदी की मुहब्बत का। हमेशा से अनोखा ढं... Read more
clicks 100 View   Vote 0 Like   3:32am 3 Aug 2012 #
Blogger: SANJAY MISHRA HABIB
कुछ व्यस्तताओं के चलते अपनी लम्बी अनुपस्थिति के लिए स्नेही मित्रों से सादर क्षमायाचना, आप सबके सहृदय स्नेह के लिए सादर आभार सहित शुभाभिनंदन... शीघ्र ही आप स्नेही स्वजनों के साथ नियमितता पुनर्स्थापित हो जायेगी, इसी आशा शुभेक्षाओं के साथ प्रस्तुत है एक गजल....घिर उमड़ते आ... Read more
clicks 84 View   Vote 0 Like   3:32am 12 Jul 2012 #
Blogger: SANJAY MISHRA HABIB
समस्त सम्माननीय मित्रों को सादर नमन सहित आज प्रस्तुत है ओपन बुक्स आनलाईन महा उत्सव अंक १५ के लिए तलाश विषय रचित  दोहे....  आँखें अपनी हैं खुली, खोज रही चंहु ओर|  जाने क्यूँ दिखता नहीं, नजरों से ही भोर |१|खेत तलासे नेह को, माटी मांगे स्वेद|बरखा ढूंढे बीज सब, करे नहीं वो भेद|२| प... Read more
clicks 107 View   Vote 0 Like   1:07pm 24 Jun 2012 #छंद
Blogger: SANJAY MISHRA HABIB
आज दुनिया भर में महान संत कबीर जी का प्राकट्य दिवस मनाया जा रहा है....  महान संत का पुन्य स्मरण कर आप सभी सम्मानीय स्नेहीजनों को कबीर जयंतीकी सादर बधाई देते हुए कुछ (दो भिन्न भाव रंगों के) दोहे आप सभी सुधीजनों की सभा में सादर.... मैं तन्हा रथ हाँकता,पाँच बली हैं अश्व। सभी पृथक... Read more
clicks 147 View   Vote 0 Like   4:42pm 4 Jun 2012 #छंद
Blogger: SANJAY MISHRA HABIB
राह काँटों से भरी हो,या उमड़ती सी सरी हो,   जीत की चाहत खरी हो,                         काल सिर नत हो झुकाये।                         बढ़ कदम रुकने न पाये। पंख अपने आजमाता,नीड़ तिनके चुन बनाता,एक पंछी यह सिखाता,   ... Read more
clicks 122 View   Vote 0 Like   10:24am 30 May 2012 #
Blogger: SANJAY MISHRA HABIB
सभी सम्माननीय स्नेही स्वजनों को सादर नमन. आदरणीय मित्रों आप सब की सहृदय संवेदनाओं ने कठिन समय में बड़ा संबल प्रदान किया. आप सभी को मैं ह्रदय से नमन करता हूँ. १३ मई "मदर्स डे" पर कुछ पंक्तियाँ रची थी, पर पता नहीं कुछ तकनीक की समस्या थी या कुछ और मैं रचना पोस्ट (पब्लिश) करने... Read more
clicks 110 View   Vote 0 Like   11:50am 15 May 2012 #
Blogger: SANJAY MISHRA HABIB
*समस्त उजाले समेट करसूरज सरक गया क्षितिज के पार...शेष हैसूर्योदय का अंतहीन इन्तजार....*सूखती नदियों और तुम्हारी किस्मत में फर्क ही कहाँ है...?रे आंसुओं ! सागर से होड़ लेना तुम्हारे बस में कहाँ...*सितारों में इतनी रोशनी कहाँ कि तलाश सकें वे खुद की राहें.....मेरे ईश्वर !जाने कि... Read more
clicks 89 View   Vote 0 Like   4:00am 30 Apr 2012 #माँ
Blogger: SANJAY MISHRA HABIB
कैसे कैसे दुष्कृत्य कर जाते हैं हम.... सुबहा होने लगता है कि हम इंसान हैं.... आफरीन को जानकार कुछ दिन पूर्व मेरी पोस्ट बेटियाँकी क्षणिकाएं कमल की पंखुरियों में थिरकती ओस की बूँद और रजनीगंधा के फूल के रूप में आफरीन बनकर आँखों के सामने आ फिर से आ गईं... बिलखती हुईं... जाने शक्ति ... Read more
clicks 109 View   Vote 0 Like   5:44am 15 Apr 2012 #गजल
Blogger: SANJAY MISHRA HABIB
सम्माननीय स्नेही मित्र वृन्द को सादर अभिवादन. मित्रों चैत्र नवरात्र की पावन तिथियाँ चल रही हैं... इस अवसर पर जगतजननी को "छन्दान्जली" (दोहान्जली) अर्पित करते "सर्वे भवन्तु सुखिना" की कामना रखते हुए आप सभी सुधि जनों को नवरात्र और नव संवत की हार्दिक बधाईयाँ और शुभकामनायें ... Read more
clicks 85 View   Vote 0 Like   3:42pm 29 Mar 2012 #
Blogger: SANJAY MISHRA HABIB
ख्वाब देखा जो पल में बिखर जाएगा।  छोड़ कर अपना घर तू किधर जाएगा।1।  बोल कर मीठी बोली बुला उसको तू,साया बन राहों में वो उतर जाएगा।2। इम्तहां रोजो शब जिंदगी लेती है, आग में बन तू कुन्दन संवर जाएगा।3।  बात दिल में जो है दिल में ही रहने दे,वक्त खुद सारी उलझन कुतर जाएगा।4।दो घड़ी ह... Read more
clicks 125 View   Vote 0 Like   7:13am 25 Mar 2012 #गजल
Blogger: SANJAY MISHRA HABIB
जंगल जंगल वेदना, मनुज वेदना शुन्य| भटके भूले राह सब, कहाँ पाप कंह पुण्य||नादानी है छीनना, हरियाली के प्राण|वरदाता सब पेड अब, मांगें जीवनदान||यदि बचाना स्वयं को, अरु अपना संसार| पेड लगा कर हम करें, सृष्टि का श्रृंगार||सुलगे सूरज सांझ तक, अम्बर त्राहिमाम|बादल बरगद छांव में, तनि... Read more
clicks 115 View   Vote 0 Like   12:31pm 21 Mar 2012 #छंद
Blogger: SANJAY MISHRA HABIB
(१) सुबह सुबह कँवल की पांखुरी पर थिरकती...शबनम की वह बूँद कितनी खुश...कितनी प्यारी लग रही है....उसे कहाँ पता है.. अभी कुछ ही देर में सूरज की किरने आयेंगी....!!!Photo Taken from google & Edited(२)दो परिचित से हांथों ने आगे बढ़कर खिल कर महकने को आतुररजनीगंधा के पौधे को,.उखाड लिया जड़ से....और डाल दिया लेजाक... Read more
clicks 111 View   Vote 0 Like   12:24pm 9 Mar 2012 #क्षणिकाएं
Blogger: SANJAY MISHRA HABIB
सभी सम्माननीय सुधि मित्रों को सादर नमस्कार. मित्रों, भारतीय छंद शास्त्र सचमुच महासागर की तरह है. इसमें ऐसे ऐसे मोती हैं जिसकी चमक से विश्व साहित्य हमेशा जगमगाता रहा है. ओपन बुक्स आनलाइनसे जुड़ने के पश्चात  निश्चित ही मेरी छंदों में जानकारी, समझ और रूचि बढी है. सनातनी छं... Read more
clicks 153 View   Vote 0 Like   4:48am 26 Feb 2012 #छंद
Blogger: SANJAY MISHRA HABIB
चाँद शरमाता हुआ सा छुप गया |ले गया दिल और जां ले, उफ़! गया ||धडकनों में गीत मीठे बज उठे, बांसुरी ले आसमां  ही झुक गया ||वो घटाएं, वो समंदर क्या कहें, जुल्फ ओ तर चश्म में दिन बुझ गया ||आँख से उनकी दो मोती जो गिरे, तीर सा कुछ आ जिगर में चुभ गया ||इक सितारा हूँ फलक में टूटता,आस्ताना ही स... Read more
clicks 117 View   Vote 0 Like   11:34am 19 Feb 2012 #ग़ज़ल
Blogger: SANJAY MISHRA HABIB
खुशीगुलाब कीपांखुरी को छूते ही खामोशी से उतर आईमेरी तर्जनी की नाख़ून पर मुस्कुराती हुई ओस की एक बूँद.....अभी,मेरी नाडियों का स्पंदन मुझे डराने लगा है....______________________ अस्तित्वमैंने सोचा था, वह एक बूँद है....गिरकर पलकों से ज़मीन में कहीं खो जाएगा....मैं गलत था...!वह एक बूँद का सागर फैला ... Read more
clicks 124 View   Vote 0 Like   8:07am 15 Feb 2012 #कविता
Blogger: SANJAY MISHRA HABIB
समस्त स्नेही मित्रों को सादर अभिवादन. कुछ समय से जिस अत्यधिक व्यस्तता के चलते आप सभी स्नेहीजनों से अवांछित दूरी बनी रही उसका पटाक्षेप मंत्रोच्चार व शंख ध्वनि के साथ बड़े ही पवित्र ढंग से हुआ. इश्वर की असीम अनुकम्पा, पूर्वजों के आशीर्वाद और आप सभी स्वजनों के शुभकामनाओ... Read more
clicks 259 View   Vote 0 Like   8:02am 12 Feb 2012 #समाचार
Blogger: SANJAY MISHRA HABIB
समस्त सम्माननीय सुधि मित्रों को सादर नमस्कार... पिछले पंद्रह दिनों से अत्यधिक व्यस्तता ने ब्लॉग पठन - पाठन से दूर कर रखा था. अब जल्द ही  नियमितता स्थापित कर लूंगा. इस दरमियान आप सभी से मिले स्नेह के लिए सादर आभार....मित्रों, पिछले दिनों  आदरणीय पंकज सुबीर जी कीसुबीर संवाद स... Read more
clicks 111 View   Vote 0 Like   4:55pm 22 Jan 2012 #
Blogger: SANJAY MISHRA HABIB
सादगी से जहाँ में निभाये चलो।आन भी हौसला भी बचाये चलो।इंदिया जिन्दगी का यही एक है,इश्क की पाक लौ को जलाये चलो।आलमे आरिजी क्या गमों के सिवा?आलमे आरिजी को भुलाये चलो।आप जो साथ हों हर घड़ी बज्म है,जिंदगी को सुरों में सजाये चलो।आप ही आसमाँ आप ही हो जमींआइदा आशियाँ पे बनाये ... Read more
clicks 122 View   Vote 0 Like   7:12am 8 Jan 2012 #ग़ज़ल
Blogger: SANJAY MISHRA HABIB
समस्त सम्माननीय सुधि स्वजनों को नूतन वर्ष की सादर बधाईयाँ.....**************************  घट आया घट काल का, घटक गये सब रीत |.स्वागत और विदाइयां, यह घट-घट की रीत.||गया बरस प्यारा बड़ा, कुछ बाकी व्यौहार |नया बरस चौखट खडा, गूंजत द्वाराचार.||नई राह, नव चाह ले, नया नित्य उत्साह |संगी सब ही संग हों, अरु सा... Read more
clicks 175 View   Vote 0 Like   3:46am 31 Dec 2011 #छंद
Blogger: SANJAY MISHRA HABIB
सम्माननीय मित्रों, आज उर्दू अदब की रोशन मीनार शायरे आजम असदउल्ला खां ग़ालिब की जयन्ती है. ग़ालिब सचमुच ग़ालिब थे, यानि सबको जीत लेने  वाले... उनके शान में बाअदब चंद अशआर कहने की गुस्ताखी (गुस्ताखी ही तो कही जायेगी) के साथ शायरी के शिखर को सलाम....शायरे आजम रहे, वो शायरे उलफत रहे... Read more
clicks 133 View   Vote 0 Like   9:42am 27 Dec 2011 #ग़ज़ल
Blogger: SANJAY MISHRA HABIB
*******************************उजियारा पावन कहें, या कह दें सब ईश क्रास ह्रदय में हो बना, या श्रद्धानत शीशया श्रद्धानत शीश, राह सच की बतलाये जीवन दे महकाय, सहज सद्प्रेम सिखाये इश्वर का अवतार, जगत को दिये सहारा सदा सदा उपलब्ध, बहे पावन उजियारा*******************************सभी सम्माननीय मित्रों को "बड़े दिन" क... Read more
clicks 156 View   Vote 0 Like   3:22pm 24 Dec 2011 #छंद
Blogger: SANJAY MISHRA HABIB
तेरी सूखी यादों के photo taken with thanks from google & editedतिनके चुन चुन कर बनाया एक घर बैठकर उसके भीतर गाने लगा नज़्म मुहब्बत की कि उट्ठेन्गी लपटें... मुझे भी कर देंगी भस्म साथ साथ घर के....लेकिन मेरी आवाज में कुकनुस*वाली बात कहाँ?कि जल उट्ठे आग...मुझे तो जीना होगा उस चकोर की तरह जो ठंडी चांदनी मे... Read more
clicks 157 View   Vote 0 Like   8:19am 18 Dec 2011 #कविता
Blogger: SANJAY MISHRA HABIB
शहरे अलफाज का सौदागर,अहसासों के गुलशन में,ले कर झोली भर गीत मधुर,बैठा है लब खामोश लिए ।कुछ भीगे से,कुछ खिलते से,कुछ मुरझाते,कुछ सपनीले,कुछ उलझे से,कुछ सुलझे से,कुछ ख्वाब हसीं आगोश लिए ।कुछ यार मिले,गमख्वार मिले,कुछ इश्को सुकूं,कुछ शिकवे गिले,कुछ मंजर वाबस्ता दिल में,कुछ ... Read more
clicks 184 View   Vote 0 Like   2:14pm 14 Dec 2011 #ग़ज़ल
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