Hamarivani.com

सुनिये मेरी भी....

...ब्लॉग पर लिखना हो नहीं पाता आजकल, इसलिये फेसबुक की कुछ खुराफातें ब्लॉग पर... क्या किया जाये मित्रों, आखिर ब्लॉग को जिन्दा भी जो रखना है... :)१-प्रवीण 'सुनिये मेरी भी'March 10 at 6:46pm · लप्रेक पढ़ीं होंगी आपने, आज पढ़िये 'अलक' (अति लघु कथा)गाँव का स्टेशन... चाय की दुकान पर बारह साल का लड़क...
सुनिये मेरी भी.......
प्रवीण शाह
Tag :अलक
  March 14, 2015, 6:43 pm
Search9+प्रवीण 'सुनिये मेरी भी'November 9 at 10:34am · Edited · इतवारी फेसबुक चिन्तन:-किसी के प्रति (यहाँ स्त्री-पुरुष, स्त्री-स्त्री व पुरुष-पुरुष के प्रेम की बात कर रहा हूँ मैं)# अपने प्रेम को अभिव्यक्त करने के तरीकों में 'सार्वजनिक चुम्बन'की गिनती कुछ निश्चित रूप से फूहड़ तरीकों में आत...
सुनिये मेरी भी.......
प्रवीण शाह
Tag :
  November 12, 2014, 8:22 am
...कितने नासमझ हैं वोजो मुझे गालियाँ देते हैंमेरी लिखी-कही बात परशायद वो नहीं जानतेइतनी अक्ल नहीं है उनमेंया जानना ही नहीं चाहतेकि मैं हरदम-हमेशा हीउनकी इन्हीं गालियों काबेसब्री से करता हूँ इंतजारयही गालियाँ तो बताती हैंमुझमें विश्वास जगाती हैंकि चोट सही जगह पर थी&nbs...
सुनिये मेरी भी.......
प्रवीण शाह
Tag :
  November 12, 2014, 8:14 am
...कितने नासमझ हैं वोजो मुझे गालियाँ देते हैंमेरी लिखी-कही बात परशायद वो नहीं जानतेइतनी अक्ल नहीं है उनमेंया जानना ही नहीं चाहतेकि मैं हरदम-हमेशा हीउनकी इन्हीं गालियों काबेसब्री से करता हूँ इंतजारयही गालियाँ तो बताती हैंमुझमें विश्वास जगाती हैंकि चोट सही जगह पर थी&nbs...
सुनिये मेरी भी.......
प्रवीण शाह
Tag :
  November 12, 2014, 8:14 am
...पिता ने उसे दूर से ही देख लिया, उसने गेट खोला और दौड़ कर पास गये दोनों कुत्तों को प्यार से सहलाने लगा।"जाओ बिटिया, कल के तीनों अख़बार महावीर को दे दो जाकर, तैयारी कर रहा है वह इम्तिहान की"..."हुं, जाये मेरी जूती, क्या जरूरत है इस तरह के सड़क के बच्चों को इतने ऊँचे ख़्वाब देखने की?"......
सुनिये मेरी भी.......
प्रवीण शाह
Tag :
  October 25, 2014, 6:48 pm
...असल आपत्ति थीऔर विरोध भी तोइस बात का ही थाकि आखिर क्यों किसकरकिसी पुरानी लड़ाईमें जीतने वाले कोबना दिया गया हैसर्वगुण सम्पन्न देवताउसे पूजते हैं लोगभव्य मंदिर बनाकरउसी पुरानी लड़ाई मेंहारने वाले योद्धा कोकह दिया जाता है असुरहर बुराई से लदा-भराऔर उसकी उस मौत काहोता ...
सुनिये मेरी भी.......
प्रवीण शाह
Tag :
  October 19, 2014, 4:44 pm
...मैं नहींसचमुच नहींडरता हूँगालियों सेठीक हैकि आज तुमबिना मुझेजाने समझेबूझे गुनेदे जाते होबेशुमार गालियाँफिर भीमेरे अजीज़ दोस्तबहुत खुश हूँमैं तुम्हारीउन गालियों सेदेते रहोरोजाना उनकोनियम सेलगातारफिर आयेगाएक दिनवह दिन भीजब आख़िरकारतुम्हारे शब्दकोष मेंनहीं ब...
सुनिये मेरी भी.......
प्रवीण शाह
Tag :गालियाँ
  October 17, 2014, 9:02 am
...प्रवीण 'सुनिये मेरी भी'Mon · Edited · वो कौन था ?(धारावाहिक फेसबुक कहानी या जो कुछ भी आप इसे कहना चाहें)31 नवम्बर 2014 (भाग-2)'गोल्फ़'द्वारा मिला मेरा आज का टास्क है कि मुझे अपनी वाल का हर फेसबुक स्टेटस एकदम एकाग्र हो पढ़ना है, क्योंकि उन्हीं में मेरा अगला असाइनमेंट छुपा है। अब आप...
सुनिये मेरी भी.......
प्रवीण शाह
Tag :
  September 14, 2014, 8:24 pm
...शुरुआती तैयारी...प्रवीण 'सुनिये मेरी भी'September 4 at 8:51am · Edited · यहीं अपनी फेसबुक वाल पर एक धारावाहिक रहस्य कथा लिखना चाहता हूँ, इस कहानी के किरदार होंगे मेरे ब्लॉगर-फेसबुक मित्र, कहानी में जब भी उनका जिक्र आयेगा तो टैग करूँगा, कहानी की माँग के अनुसार उनके चरित्र चित्रण मे...
सुनिये मेरी भी.......
प्रवीण शाह
Tag :
  September 13, 2014, 10:08 pm
...जब मैंकविता को हीखातापीताबरततारगड़ताओढ़ताबिछाताहूँ सारे दिनमैं तोकविता को हीजीता हूँऔर उसमें हीहूँमरता भीपूरा दिनकविता से हीहूँ मैंबोलताबतियाताबहस करतागपियाताकविता हीहै मेरी मुस्कानहँसीऔर ठहाका भीदुखी होतारोता भीहूँ मैंकविता में हीऔर तो औरनहात...
सुनिये मेरी भी.......
प्रवीण शाह
Tag :
  September 3, 2014, 6:51 am
...क्या यह एक अज़ीब सा इत्तेफ़ाक नहीं, कि खाकसार भी इसी साल अपनी ज़िन्दगी के पैंतालीस बरस पूरे करेगा ?... 'पैंतालीस बरस का आदमी'किसी की भी गलत बात परपहले की तरह उसे अबअनियंत्रित क्रोध नहीं आताकाफी शान्त जो हो गया हैपैंतालीस बरस का आदमीनहीं सोचता अब बदलने कीदुनिया औ निज़ाम को ...
सुनिये मेरी भी.......
प्रवीण शाह
Tag :
  August 29, 2014, 9:06 am
...आज पंद्रह अगस्त हैसुबह सुबह निकला हूँअपने ऑफिस की ओरझन्डा जो फहराना हैमुल्क की आजादी काउत्सव एक मनाना हैऔर मुझे दिखता हैशहर का वह चौराहाजहाँ पर अल्ल सुबहफहरा के चला गया हैहमारा राष्ट्र ध्वज कोईइसकी गवाही दे रहे हैंबिखरी गुलाब की पंखुडियांसड़क पर पड़ा ढेर सा चूनाऔर ...
सुनिये मेरी भी.......
प्रवीण शाह
Tag :
  August 15, 2014, 11:46 am
...बात बहुत पहले की है, मैं छुट्टियों में घर गया था... सुबह सुबह एक पड़ोसन घर आई और न्योता दिया एक आयोजन का, बोली "पंजाब से हमारे गुरु जी आने वाले हैं "... हम सब भाइयों और बहन के अनिच्छा जताने पर भी माँ ने बहन की ड्यूटी लगा दी उस फंक्शन को अटेंड करने की और मेरी ड्यूटी लग गयी अपने से स...
सुनिये मेरी भी.......
प्रवीण शाह
Tag :Gurudom
  June 10, 2014, 6:52 pm
...इस मेंउस मेंतुझ मेंतुम सब में हीहै ऐसा कोई ?जो काबिल होमेरे, हाँ, मेरे हीविचार कानजर काभरोसे काजिम्मेदारी कागुस्से काप्यार काइल्ज़ामों काआभार कागालियों का भीअब जब तुम किसी काम केहो ही नहींतो पकड़ो मेरायह मौन समर्थनया बताओ मुझेकि मैं तुम्हाराक्यों विरोध करूँ ?......
सुनिये मेरी भी.......
प्रवीण शाह
Tag :मैं तुम्हारा क्यों विरोध करूँ
  April 20, 2014, 5:46 pm
प्रवीण 'सुनिये मेरी भी'Apr 6 at 8:58am किताबें बहुत पढ़ी होती हैं हमने, पर ऐसी किताब एकाध ही होती है जो दिल-दिमाग पर एक अमिट छाप छोड़ देती है... और किसी को भी पढ़ने के लिये सुझाने की सोचने पर खुदबखुद उसी किताब का नाम आ जाता है जुबान पर... ऐसी ही एक दो किताबें सुझाइये, कुछ बेहतरीन पढ़ने का म...
सुनिये मेरी भी.......
प्रवीण शाह
Tag :Reading list
  April 9, 2014, 8:35 pm
...तुम चाहेदौड़ो कितना ही तेज, हांफते हुएया धकेलोअनगिनतों कोकोहनी मार पीछेऔर गिरा दोबहुतों कोलंगड़ी मारकरपर जब भीथोड़ा रुककरदेखोगे आगे-पीछेपाओगे केवलएक नतीजाहरदम, हमेशाकि हर बारउतने ही आगे हैंऔ उतने ही पीछे भीएक बहुत बड़ेगोल घेरे मेंदौड़ रही है दुनियाअगर अब भीबेदम, बि...
सुनिये मेरी भी.......
प्रवीण शाह
Tag :rat race
  February 7, 2014, 9:31 pm
...अच्छा तो तुम्हारा एक नाम भी थानीडो तानियाहमें तो पता तक नहींकि तुम लोगों के भीबाकायदा नाम होते हैंहमारे लिए तो तुममिची मिची आँखों वालेपहाड़ी शक्लोसूरत लिएवो चिंकी लोग होजो पहनते होढीले ढाले, अजीब कपड़ेबोलते हो कुछअलग तरह सेतुम्हारी लड़कियांबहुत फ़ास्ट हैंहमारी नज...
सुनिये मेरी भी.......
प्रवीण शाह
Tag :नस्ली हमला
  February 2, 2014, 7:26 pm
...अच्छा तो तुम्हारा एक नाम भी थानीडो तानियनहमें तो पता तक नहींकि तुम लोगों के भीबाकायदा नाम होते हैंहमारे लिए तो तुममिची मिची आँखों वालेपहाड़ी शक्लोसूरत लिएचिंकी लोग होजो पहनते होढीले ढाले, अजीब कपड़ेबोलते हो कुछअलग तरह सेतुम्हारी लड़कियांबहुत फ़ास्ट हैंहमारी नजरो...
सुनिये मेरी भी.......
प्रवीण शाह
Tag :नस्ली हमला
  February 2, 2014, 7:26 pm
...कभी कभी घटनायें कुछ इस तरह घटती हैं कि आप उम्मीद खो देते हैं, आपको लगने लगता है कि चारों तरफ सिवा अंधेरे के और कुछ नहीं है, आपको लगता है कि शायद अब कभी रोशनी होगी ही नहीं... फिर भी मन की गहराइयों से एक धीमी सी आवाज उठती है आपके, कि नहीं, सब कुछ नहीं खत्म हुआ अभी... एक किरण कहीं चम...
सुनिये मेरी भी.......
प्रवीण शाह
Tag :आरूषि-हेमराज हत्याकांड
  November 25, 2013, 10:45 pm
...१हमारे हिन्दी के खबरिया चैनल उस बच्चे (और उस जैसे और भी कई बच्चों को भी) बार बार दिखा रहे हैं... जीनियस बता कर... जीनियस का लाईव टैस्ट लिया जा रहा है... पाँच छह साल के उस बच्चे को चाणक्य का दूसरा नाम दिया गया है... बाल भयंकर तरीके से बिल्कुल टीवी सीरियल वाले चाणक्य की तरह काटे गय...
सुनिये मेरी भी.......
प्रवीण शाह
Tag :कौटिल्य
  November 4, 2013, 10:57 pm
...१हमारे हिन्दी के खबरिया चैनल उस बच्चे (और उस जैसे और भी कई बच्चों को भी) बार बार दिखा रहे हैं... जीनियस बता कर... जीनियस का लाईव टैस्ट लिया जा रहा है... पाँच छह साल के उस बच्चे को चाणक्य का दूसरा नाम दिया गया है... बाल भयंकर तरीके से बिल्कुल टीवी सीरियल वाले चाणक्य की तरह काटे गय...
सुनिये मेरी भी.......
प्रवीण शाह
Tag :कौटिल्य
  November 4, 2013, 10:57 pm
...देखदेखदेखदेख भाई देख तमाशा देखउनको दुनिया संत बोलतीसोतों को जगाते हैं जोदिनदहाड़े उनका सोना देखसोने में सोने का स्वप्न देख सोना सोना की रट कर केजागतों को भी सुलाना देखदेखदेखदेखदेख भाई देख तमाशा देखपुरानी पोथा पत्री  बाँचतेग्रहचालों की रफ्तार नापतेरत्न-जत्न स...
सुनिये मेरी भी.......
प्रवीण शाह
Tag :देख तमाशा देख
  October 28, 2013, 7:56 am
...तथाकथित व स्वयंभू संत व अपने उत्साही भक्तों की नजर में सिद्ध पुरूष-साक्षात ईश्वर का रूप आसाराम आजकल जेल में हैं... इस मामले में यह उनका दुर्भाग्य ही कहा जायेगा... दसियों सालों से इस तरह के अनेकों आरोपों को वह और उनका गिरोह रफा दफा करता आ रहा था... तमाम आरोपों के बावजूद दक्ष...
सुनिये मेरी भी.......
प्रवीण शाह
Tag :
  October 9, 2013, 8:28 am
...समय बदल रहा है दोस्तोंबहुत विचित्र समय है यहऔर कुछ हद तक भयावह भीदिन भर चलती खबरे हैं, बहसे हैंउछलते नारे हैं और जुमले भीपर उनके अर्थ भिन्न हो गये हैआदमी सब कुछ देखता हैसुनता और महसूसता भी पर उसे अब सीखना पड़ेगाकुछ नये निष्कर्ष निकालनाक्योंकि समय बदल गया हैभले ही कित...
सुनिये मेरी भी.......
प्रवीण शाह
Tag :Changing Times.
  August 25, 2013, 12:44 pm
...पहाड़ का धर्म हैसमय बीतने जाने के साथ साथधसक-टूट टूट कर बरसातों में करना कोशिशेंएक दिन खुद के भी सपाट मैदान बन जाने कीपहाड़ हमेशा यही कोशिश करता आया हैऔर वही कोशिशें उसने कीं इस बार भी बादलों का धर्म हैसमंदर से भर ले जा अथाह जलराशिबरस कर उड़ेल देना उस कोप्यासे जंगल, मै...
सुनिये मेरी भी.......
प्रवीण शाह
Tag :कुछ यूँ ही बेतरतीब सी भड़ास
  June 21, 2013, 9:46 am
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3652) कुल पोस्ट (163819)