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Blog: लम्हों का सफ़र

Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
तमाशा  *******   सच को झूठ और झूठ को सच कहती है दुनिया   इसी सच-झूठ के दरमियाँ रहती है दुनिया   खून के नाते हों या किस्मत के नाते   फ़रेब के बाज़ार में सब ख़रीददार ठहरे   सहूलियत की पराकाष्ठा है   अपनों से अपनों का छल   मन के नातों का कत्ल   कोखजायों की बदनी... Read more
clicks 0 View   Vote 0 Like   3:09pm 19 Sep 2019
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
तमाशा  *******   सच को झूठ और झूठ को सच कहती है दुनिया   इसी सच-झूठ के दरमियाँ रहती है दुनिया   खून के नाते हों या किस्मत के नाते   फ़रेब के बाज़ार में सब ख़रीददार ठहरे   सहूलियत की पराकाष्ठा है   अपनों से अपनों का छल   मन के नातों का कत्ल   कोखजायों की बदनी... Read more
clicks 0 View   Vote 0 Like   3:09pm 19 Sep 2019
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
क्षणिक बहार   *******    आज वह खूब चहक रही है   मन ही मन में बहक रही है   साल भर से जो वो कच्ची थी   उस का दिन है तो पक रही है।   आज वह निरीह नहीं सबल है   आज वह दुखी नहीं मगन है   आज उस के नाम धरती है   आज उस का ही ये गगन है।   जहाँ देखो सब उसे बुला रहे हैं&... Read more
clicks 17 View   Vote 0 Like   1:21pm 14 Sep 2019
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
क्षणिक बहार   *******   आज वह खूब चहक रही है   मन ही मन में बहक रही है  साल भर से जो वो कच्ची थी  उस का दिन है तो पक रही है।  आज वह निरीह नहीं सबल है  आज वह दुखी नहीं मगन है  आज उस के नाम धरती है  आज उस का ही ये गगन है।  जहाँ देखो सब उसे बुला रहे हैं  हर महफ़िल में उस... Read more
clicks 4 View   Vote 0 Like   1:21pm 14 Sep 2019
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
परम्परा   *******   मन के अवसाद को   चूड़ियों की खनक, बिन्दी के आकार   होठों की लाली और मुस्कुराहट में दफन कर खिलखिलाकर दूर करना परम्परा है   स्त्रियाँ परम्परा को   बड़े मन से निभाती हैं।   - जेन्नी शबनम (1. 9. 2019)   ________________________ ... Read more
clicks 37 View   Vote 0 Like   2:36pm 3 Sep 2019
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
कश   *******"मैं ज़िन्दगी का साथ निभाता चला गयाहर फिक्र को धुँए में उड़ाता चला गया"रफी साहब ने बस गा दियादेवानंद ने चित्रपट पर निभा दियापर मैं ? मैं क्या करूँ ?कैसे जियूँ ?  कैसे मरुँ ?हर कश में एक-एक फ़िक्र को फेंकती हूँमैं ऐसे ही मेरे ज़ख्मों को सेंकती हूँमेरी फिक्र तो धुँए ... Read more
clicks 26 View   Vote 0 Like   6:25pm 31 Aug 2019
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
अकेले हम (5 हाइकु)   *******   1.ज़िन्दगी यही   चलना होगा तन्हा   अकेले हम।   2.राहें ख़ामोश   सन्नाटा है पसरा   अकेले हम।   3.हज़ारों बाधा   थका व हारा मन   अकेले हम।   4.   किरणें फूटीं   भले अकेले हम   नहीं संशय।   5.   उबर आए,   गुमरा... Read more
clicks 28 View   Vote 0 Like   3:56pm 27 Aug 2019
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
क्षणिकाएँ (10 क्षणिका)   1.चुटकी   *******   एक चुटकी नमक   एक चुटकी सिन्दुर   एक चुटकी ज़हर   मुझे औरत करते रहे   ज़िन्दगी भर।   2. विद्रोही औरतें   *******   यूँ मुस्कुराना   ख़ुद से विद्रोह सा लगता है   पर समय के साथ चुपचाप   विद्रो... Read more
clicks 27 View   Vote 0 Like   6:17pm 20 Aug 2019
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
उधार   *******   कुछ रंग जो मेरे हिस्से में नहीं थे   मैंने उधार लिए मौसम से   पर न जाने क्यों ये बेपरवाह मौसम मुझसे लड़ रहा है   और माँग रहा है अपना उधार वापस   जिसे मैंने खर्च दिया उन दिनों   जब मेरे पास जीने को कोई रंग न था   सफेद स्याह रंगों का जो एक कोल... Read more
clicks 29 View   Vote 0 Like   5:06pm 1 Aug 2019
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
जीवन-युद्ध   *******   यादों के गलियारे से गुज़रते हुए   मुमकिन है यादों को धकेलते हुए   पार तो आ गई जीवन के   पर राहों में पड़ी छोटी-छोटी यादें   मायूसी-से मेरी राह तकती दिखीं   कि ज़रा थम कर याद कर लो उन लम्हों को   जो दुबारा नहीं आएँगे।   जब एक नन्ही बच्... Read more
clicks 54 View   Vote 0 Like   5:51pm 18 Jul 2019
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
वर्षा (10 ताँका)   *******   1.तपती धरा   तन भी तप उठा   बदरा छाए   घूम-घूम गरजे   मन का भौंरा नाचे।   2.   कूकी कोयल   नाचे है पपीहरा   देख बदरा   चहके है बगिया   नाचे घर अँगना।   3.   ओ रे बदरा   कितना तड़पाया   अब तू माना   तेरे बिना अटक... Read more
clicks 8 View   Vote 0 Like   3:42pm 15 Jul 2019
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
जीवन-पथ (चोका)   *******   जीवन-पथ   उबड़-खाबड़-से   टेढ़े-मेढ़े-से   गिरते-पड़ते भी   होता चलना,   पथ कँटीले सही   पथरीले भी   पाँव ज़ख़्मी हो जाएँ   लाखों बाधाएँ   अकेले हों मगर   होता चलना,   नहीं कोई अपना   न कोई साथी   फैला घना अन्धेरा   ... Read more
clicks 55 View   Vote 0 Like   5:28pm 4 Jul 2019
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
सरमाया   *******   ये कैसा दौर आया है   पहर-पहर भरमाया है   कुछ माँगू तो ईमान मरे   न माँगू तो ख़्वाब मरे   किस्मत से धक्का मुक्की   पोर-पोर घबराया है   जद्दोज़हद में युग बीते   यही मेरा सरमाया है।   - जेन्नी शबनम (1. 7. 2019)   __________________________  ... Read more
clicks 52 View   Vote 0 Like   6:02pm 1 Jul 2019
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
कड़ी   *******अतीत की एक कड़ी   मैं खुद हूँ   मन के कोने में, सबकी नज़रों से छुपाकर   अपने पिता को जीवित रखा है   जब-जब हारती हूँ   जब-जब अपमानित होती हूँ   अँधेरे में सुबकते हुए, पापा से जा लिपटती हूँ   खूब रोती हूँ, खूब गुस्सा करती हूँ   जानती हूँ पापा कही... Read more
clicks 47 View   Vote 0 Like   6:42pm 16 Jun 2019
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
यूँ ही आना यूँ ही जाना   *******   अपनी पीर छुपाकर जीना   मीठे कह के आँसू पीना   ये दस्तूर निभाऊँ कैसे   जिस्म है घायल छलनी सीना।   रिश्ते नाते निभ नहीं पाते   करें शिकायत किस की किस से   गली चौबारे खुद में सिमटे   दरख़्त हुए सब टुकड़े-टुकड़े।   मृ... Read more
clicks 78 View   Vote 0 Like   6:32pm 12 Jun 2019
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
नहीं आता   *******   ग़ज़ल नहीं कहती   यूँ कि मुझे कहना नहीं आता   चाहती तो हूँ मगर   मन का भेद खोलना नहीं आता।   बसर तो करनी है पर   शहर की आवो हवा बेगानी लगती   रूकती हूँ समझती हूँ   पर दम भर कर रोना नहीं आता।   सफर में अब जो भी मिले   मुमकिन है मं... Read more
clicks 51 View   Vote 0 Like   3:38pm 7 Jun 2019
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
नज़रबंद   *******   ज़िन्दगी मुझसे भागती रही   मैं दौड़ती रही, पीछा करती रही   एक दिन आख़िर वो पकड़ में आई   खुद ही जैसे मेरे घर में आई   भागने का सबब पूछा मैंने   झूठ बोल बहला दिया मुझे,   मैं अपनी खामी ढूँढती रही   आख़िर ऐसी क्या कमी थी   जो जिन्दगी मुझ... Read more
clicks 14 View   Vote 0 Like   5:12pm 1 Jun 2019
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
अधिकार और कर्त्तव्य   *******   अधिकार है तुम्हें   कर सकते हो तुम   हर वह काम जो जायज नहीं है   पर हमें इजाजत नहीं कि   हम प्रतिरोध करें,   कर्तव्य है हमारा   सिर्फ वह बोलना   जिससे तुम खुश रहो   भले हमारी आत्मा मर जाए,   इस अधिकार और कर्तव्य को&nbs... Read more
clicks 75 View   Vote 0 Like   4:39pm 1 May 2019
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
प्रकृति (20 हाइकु)   *******   1.   प्यार मिलता   तभी खिलखिलाता   प्रकृति-शिशु।   2.   अद्भुत लीला   प्रकृति प्राण देती   संस्कृति जीती।   3.   प्रकृति हँसी   सुहावना मौसम   खिलखिलाया।   4.   धोखा पाकर   प्रकृति यूँ ठिठकी   मानो लड... Read more
clicks 91 View   Vote 0 Like   5:33pm 31 Mar 2019
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
जीवन मेरा (चोका)   *******   मेरे हिस्से में   ये कैसा सफ़र है   रात और दिन   चलना जीवन है,   थक जो गए   कहीं ठौर न मिला   चलते रहे   बस चलते रहे,   कहीं न छाँव   कहीं मिला न ठाँव   बढते रहे   झुलसे मेरे पाँव,   चुभा जो काँटा   पीर सह न पाए  &... Read more
clicks 103 View   Vote 0 Like   4:48pm 28 Mar 2019
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
परम्परा   *******     मैं उदासी नहीं चाहती थी   मैं तो खिलखिलाना चाहती थी   आजाद पंक्षियों-सा उड़ना चाहती थी   हर रोज नई धुन गुनगुनाना चाहती थी   और यह सब अनकहा भी न था   हर अरमान चादर-सा बिछा दिया था तुम्हारे सामने   तुमने सहमति भी जताई थी कि तुम साथ ... Read more
clicks 90 View   Vote 0 Like   11:46am 24 Mar 2019
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
रंगों की होली (10 हाइकु)   *******   1.   रंगो की होली   गाँठ मन की खोली   प्रीत बरसी।   2.   पावन होली   मन है सतरंगी   सूरत भोली।   3.   रंगों की झोली   आसमान ने फेंकी   धरती रँगी।   4.   हवा में घुले   रंग भरे जज़्बात   होली के साथ।  &nb... Read more
clicks 126 View   Vote 0 Like   5:31pm 21 Mar 2019
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
स्वीकार   *******   मैं अपने आप से मिलना नहीं चाहती   जानती हूँ खुद से मिलूँगी तो   जी नहीं पाऊँगी   जीवित रहने के लिए   मैंने उन सभी अनुबंधों को स्वीकार किया है   जिसे मेरा मन नहीं स्वीकारता है   विकल्प दो ही थे मेरे पास -   जीवित रहूँ या   खुद से म... Read more
clicks 106 View   Vote 0 Like   5:38pm 19 Mar 2019
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
पानी और स्त्री  *******   बचपन में पढ़ा -   पानी होता है रंगहीन गंधहीन   जिसे जहाँ रखा उस साँचे में ढला    खूब गर्म किया भाप बन उड़ गया   खूब ठंडा किया बर्फ बन जम गया   पानी के साथ उगता है जीवन   पनपती हैं सभ्यताएँ   पानी गर हुआ लुप्त   संसार भ... Read more
clicks 100 View   Vote 0 Like   11:49am 8 Mar 2019
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
आँख (आँख पर 20 हाइकु)   *******   1.   पट खोलती   दुनिया निहारती   आँखें झरोखा।   2.   आँखों की भाषा   गर समझ सको   मन को जानो।   3.   गहरी झील   आँखों में है बसती   उतरो जरा।   4.   आँखों का नाता   जोड़ता है गहरा   मन से नाता।   5.   आ... Read more
clicks 85 View   Vote 0 Like   6:23pm 19 Feb 2019
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