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लम्हों का सफ़र

फ़रिश्ता      *******   सुनती हूँ कि कोई फ़रिश्ता है   जो सब का हाल जानता है   पर मेरा?   ना-ना मेरा नहीं है वह   मुझे नहीं जानता वह   पर तुम?   तुम मुझे जानते हो   जीने का हौसला देते हो   जाने किस जन्म में तुम मेरे कौन थे   जो अब मेरे फ़रिश्ता हो!   - ज...
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Tag :प्रेम
  January 20, 2019, 12:15 am
अंतर्मन (15 क्षणिकाएँ)   *******   1.   मेरे अंतर्मन में पड़ी हैं   ढेरों अनकही कविताएँ   तुम मिलो कभी   तो फुर्सत में सुनाऊँ तुम्हें।   2.   हजारों सवाल हैं मेरे अंतर्मन में   जिनके जवाब तुम्हारे पास है   तुम आओ गर कभी   फुर्सत में जवाब बताना।   ...
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Tag :प्रेम
  January 9, 2019, 11:35 pm
हे नव वर्ष (नव वर्ष पर 5 हाइकु)   *******   1.   हे नव वर्ष   आखिर आ ही गए,   पर जल्दी क्यों?   2.   उम्मीद जगी -   अच्छे दिन आएँगे   नव वर्ष में।   3.   मन से करो   इस्तकबाल करो   नव वर्ष का।   4.   पिछला साल   भूलना नहीं कभी,   मिली जो सीख।  &nb...
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Tag :हाइकु
  January 8, 2019, 10:44 pm
वृद्ध जीवन *******   1.   उम्र की साँझ   बेहद डरावनी   टूटती आस।   2.   अटकी साँस   बुढापे की थकान   मन बेहाल।   3.   वृद्ध की कथा   कोई न सुने व्यथा   घर है भरा।   4.   दवा की भीड़   वृद्ध मन अकेला   टूटता नीड़।   5.   अकेलापन   सब...
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Tag :हाइकु
  December 30, 2018, 12:19 am
बातें      *******रात के अँधेरे में   मैं ढेरों बातें करती हूँ   जानती हूँ मेरे साथ   तुम कहीं नहीं थे   तुम कभी नहीं थे   पर सोचती रहती हूँ   तुम सुन रहे हो   और खुद से बातें करती हूँ।   - जेन्नी शबनम (25. 12. 2018)   ______________________________...
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Tag :प्रेम
  December 25, 2018, 1:40 pm
दुःख (10 हाइकु)   *******1.   दुःख का पारासातवें आसमाँ पे   मन झुलसा !   2.   दुःख का लड्डु   रोज-रोज यूँ खाना   बड़ा ही भारी !   3.   दुःख की नदी   बेखटके दौड़ती   बे रोक-टोक !   4.   साथी है दुःख   साथ है हरदम   छूटे न दम !   5.   दुःख की वेला   ...
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Tag :हाइकु
  December 19, 2018, 12:31 pm
अर्थ ढूँढ़ता (10 हाइकु)   *******   1.   मन सोचता -   जीवन है क्या ?   अर्थ ढूँढता।   2.   बसंत आया   रिश्तों में रंग भरा   मिठास लाया।   3.   याद-चाशनी   सुख की है मिठाई   मन को भायी।   4.   फिक्र व चिन्ता   बना गए दुश्मन,   रोगी है काया। ...
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Tag :हाइकु
  December 5, 2018, 7:20 pm
रूठना   *******   जब भी रूठी   खो देने के भय से   खुद ही मान गई   रूठने की आदत तो   बिदाई में ही   खोइँचा से निकाल   नईहर छोड़ आई।   - जेन्नी शबनम (22. 11. 18)   _______________________ ...
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Tag :
  November 22, 2018, 10:46 pm
लौट जाऊँगी...   *******   कब कहाँ खो आई ख़ुद को   कब से तलाश रही हूँ ख़ुद को   बात-बात पर कभी रूठती थी   अब रूठूँ तो मनाएगा कौन   बार-बार पुकारेगा कौन   माँ की पुकार में दुलार का नाम   अब भी आँखों में ला देता नमी   ठहर गई है मन में कुछ कमी,   अब तो यूँ जैसे ...
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Tag :
  November 17, 2018, 12:23 am
रंगीली दिवाली(दिवाली पर 10 हाइकु)*******1.छबीला दीयाये रंगीली दिवालीबिखेरे छटा। 2.साँझ के दीपअँधेरे से लड़तेवीर सिपाही।3.दीये नाचतेये गुलाबी मौसमखूब सुहाते। 4.झूमती धराअमावस की रातखूब सुहाती। 5.दीप-शिखाएँजगमग चमकेदीप मालाएँ। 6.धूम धड़ाकाबेजुबान है डराचीखे पटाखा।&nbs...
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Tag :हाइकु
  November 7, 2018, 11:27 pm
चाँद की पूरनमासी...   *******चाँद तेरे रूप में अब किसको निहारूँ?   वो जो बचपन में दूर का खिलौना था   या फिर सफेद बालों वाली बुढ़िया   जो चरखे से रूई कातती रहती थी   या फिर वो साथी जिससे बतकही करते हुए   न जाने कितनी पूरनमासी की रातें बीतीं थीं   इश्क के जाने क...
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Tag :
  October 24, 2018, 9:40 pm
वर्षा (ताँका)   *******   1.   वर्षा की बूँदें   उछलती-गिरती   ठौर न पाती   मौसम बरसाती   माटी को तलाशती।   2.   ओ रे बदरा   इतना क्यों बरसे   सब डरते   अन्न-पानी दूभर   मन रोए जीभर।   3.   मेघ दानव   निगल गया खेत,   आया अकाल   लहू से ल...
लम्हों का सफ़र...
Tag :
  October 14, 2018, 8:39 pm
अनुभूतियाँ   *******   कुछ अनुभूतियाँ   आकाश के माथे का चुम्बन है   कुछ अनुभूतियाँ   सूरज की ऊर्जा का आलिंगन है   हर चाहना हर कामना   अद्भूत अनोखा अँसुवन है   न क्षीण न स्थाई कुछ   मगर ये भाव   सहज अनोखा बन्धन है।   - जेन्नी शबनम (8. 10. 2018)   ________________...
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Tag :
  October 8, 2018, 1:06 pm
बापू (चोका)   *******   जन्म तुम्हारा   सौभाग्य है हमारा   तुमने दिया   जग को नया ज्ञान   हारे-पिछड़े   वक्त ने जो थे मारे   दुख उनका   सह न पाए तुम   तुमने किया   अहिंसात्मक जंग   तुमने कहा -   सत्य और अहिंसा   सच्चे विचार   स्वयं पर वि...
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Tag :चोका
  October 2, 2018, 5:18 pm
बापू (चोका)   *******   जन्म तुम्हारा   सौभाग्य है हमारा   तुमने दिया   जग को नया ज्ञान   हारे-पिछड़े   वक्त ने जो थे मारे   दुख उनका   सह न पाए तुम   तुमने किया   अहिंसात्मक जंग   तुमने कहा -   सत्य और अहिंसा   सच्चे विचार   स्वयं पर वि...
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Tag :चोका
  October 2, 2018, 5:18 pm
मीठी-सी बोली (हिन्दी दिवस पर 10 हाइकु)   *******   1.   मीठी-सी बोली   मातृभाषा हमारी   ज्यों मिश्री घुली!   2.   हिन्दी है रोती   बेबस व लाचार   बेघर होती!   3.   प्यार चाहती   अपमानित हिन्दी   दुखड़ा रोती!   4.   अंग्रेज़...
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Tag :हिन्दी दिवस
  September 14, 2018, 10:55 pm
चाँद रोज़ जलता है   *******   तूने ज़ख़्म दिया तूने कूरेदा है   अब मत कहना क़हर कैसा दिखता है।   राख में चिंगारी तूने ही दबाई   अब देख तेरा घर खुद कैसे जलता है।   तू हँसता है करके बरबादी गैरों की   गुनाह का हिसाब खुदा रखता है।   पैसे के परों से तू कब तक उड़...
लम्हों का सफ़र...
Tag :
  September 10, 2018, 7:39 pm
फ़ॉर्मूला...   *******   मत पूछो ऐसे सवाल   जिसके जवाब से तुम अपरिचित हो   तुम स्त्री-से नहीं   समझ न सकोगे   स्त्री के जवाब   तुम समझ न पाओगे   स्त्री के जवाब में   जो मुस्कुराहट है   जो आँसू है   आखिर क्यों है,   पुरूष के जीवन का गणित और विज्ञान&n...
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Tag :समाज
  September 1, 2018, 11:49 pm
कम्फर्ट ज़ोन...   *******   कम्फर्ट ज़ोन के अंदर   तमाम सुविधाओं के बीच   तमाम विडम्बनाओं के बीच   सुख का मुखौटा ओढ़े   शनै-शनै   बीत जाता है   रसहीन जीवन   हासिल होता है   महज   रोटी, कपड़ा, मकान   बेरंग मौसम   और रिश्तों की भरमार   कम्फर्ट ...
लम्हों का सफ़र...
Tag :
  August 28, 2018, 11:20 pm
खिड़की स्तब्ध है...*******   खिड़की, महज़ एक खिड़की नहीं   वह एक एहसास है, संभावना है   भीतर और बाहर के बीच का भेद   वह बखूबी जानती है   इसपार छुपा हुआ संसार है   जहाँ की आवोहवा मौन है   उसपार विस्तृत संसार है   जहाँ&...
लम्हों का सफ़र...
Tag :
  August 18, 2018, 11:56 pm
सिंहनाद करो...   *******   व्यर्थ लगता है   शब्दों में समेटकर   हिम्मत में लपेटकर   अपनी संवेदनाओं को   अभिव्यक्त करना,   हम जिसे अपनी आजादी कहते हैं   हम जिसे अपना अधिकार मानते हैं   सुकून से दरवाजे के भीतर   देश की दुर्व्यवस्था पर   देश और सरक...
लम्हों का सफ़र...
Tag :
  August 15, 2018, 4:32 pm
अनछुई-सी नज़्म...   *******   कुछ कहो कि   सन्नाटा भाग जाए   चुप्पियों को लाज आ जाए   अँधेरों की तक़दीर में   भर दो रोशनाई से रंग   कि छप जाए रंगों भरी ग़ज़ल   और सदके में झुक जाए   मेरी अनछुई-सी नज़्म !   - जेन्नी शबनम (5. 8. 2018)______________________________...
लम्हों का सफ़र...
Tag :
  August 5, 2018, 11:33 am
गुमसुम प्रकृति(प्रकृति पर 10 सेदोका)   *******   1.   अपनी व्यथा   गुमसुम प्रकृति   किससे वो कहती   बेपरवाह   कौन समझे दर्द   सब स्वयं में व्यस्त।   2.   वन, पर्वत   सूरज, नदी, पवन   सब हुए बेहाल   लड़खड़ाती   साँसें सबकी डरी   प्रकृति है ल...
लम्हों का सफ़र...
Tag :
  July 27, 2018, 8:42 pm
तपता ये जीवन (10 ताँका)   *******   1.   अँजुरी भर   सुख की छाँव मिली   वह भी छूटी   बच गया है अब   तपता ये जीवन।   2.   किसे पुकारूँ   सुनसान जीवन   फैला सन्नाटा,   आवाज घुट गई   मन की मौत हुई।   3.   घरौंदा बसा   एक-एक तिनका   मुश्किल जु...
लम्हों का सफ़र...
Tag :
  July 22, 2018, 8:16 pm
उनकी निशानी...  *******  आज भी रखी हैं  बहुत सहेज कर  अतीत की कुछ यादें  कुछ निशानियाँ  कुछ सामान  टेबल, कुर्सी, पलंग, बक्सा  फूल पैंट, बुशर्ट और घड़ी  टीन की पेटी   एक पुराना बैग  जिसमें कई जगह मरम्मत है  और एक डायरी  जिसमें काफ़ी कुछ है&nb...
लम्हों का सफ़र...
Tag :
  July 18, 2018, 9:01 pm
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