Hamarivani.com

तूलिकासदन

मेरी चार लघुकथाएँ 1-चाहत अनचाहत -बेटा , तुम्हें आए कई दिन हो गये .यहाँ तुम्हारे चचा -ताऊ का कुनबा भी है । उनसे भी मिल लो।-पापा,सब तो अपने-अपने काम में लगे हैं। किसे फ़ुर्सत है मिलने की। फिर भी आप कह रहे है तो उनके यहाँ जाने से पहले फोन कर लेता हूँ। मुझे उनके फ़ोन नम्बर दे द...
तूलिकासदन...
Tag :कटौती
  March 3, 2017, 3:56 pm
साहित्य अमृत लघुकथा विशेषांक  जनवरी 2017 में प्रकाशित मेरी  एक लघुकथा मजबूत कंधे ससुर के परलोक सिधारने के बाद कमली की सास उसके ही पास आकर रहने लगी थी। पति की कमाई ज्यादा तो न थी मगर कमली के सुघढ़ गृहिणी होने के कारण गृहस्थी की गाड़ी ठीक से चल रही थी। सास के आने से खर्...
तूलिकासदन...
Tag :
  December 25, 2016, 5:08 pm
कमाऊ पूत/ सुधा भार्गव गर्मीके दिन थे! बाँके को सब्जियाँ बेचने शहर की मंडी जाना था। ताप से बचने के लिए उसने सवेरे ही चल देना ठीक समझा। माँ चार रोटियों  के साथ -साथ  5-6 पानी की बोतलें भी झोले में डालने लगी-—अरे –रे यह क्या कर रही है ?आज क्या पानी ही पानी पीऊँगा। बेटा,घड़ी-...
तूलिकासदन...
Tag :
  March 12, 2016, 12:22 pm
1-भिखारी /सुधा भार्गव उस दिन मिसेज देसाई के घर किटी पार्टी का आयोजन था। इस पार्टी की मिसेज भल्ला भी सदस्य थीं पर वे किसी कारणवश न आ सकी। अन्य महिला सदस्यों में गपशप का बाजार गर्म होने लगा। -भई ,मिसेज भल्ला ने तो अपनी लड़की की शादी में कमाल कर दिया।  बरातियों की खातिरदारी...
तूलिकासदन...
Tag :भिखारी
  December 14, 2014, 1:28 pm
जनगाथा में प्रकाशित  http://jangatha.blogspot.in/2014/10/blog-post.html1-माँ और माँ/ सुधा भार्गव दिवाली केआठ दिन पहले ही त्योहारों का सिलसिला आरंभ हो गया है। आज अहोई अष्टमी है और घर घर अहोई देवी की पूजा होगी ताकि उसकी कृपा से पुत्र स्वस्थ व दीर्घायु हों। सोमा ने भी अपने लड़के के लिए निर्जला व्रत किय...
तूलिकासदन...
Tag :माँ और माँ
  October 9, 2014, 3:58 am
मेरी दो लघुकथाएँ /सुधा भार्गव 1-हैपी मदर्स डे बेटा तीन साल के बाद पढ़ाई करके विदेश से लौटने वाला था । उसने लौटने का दिन ‘हैपी मदर्स डे’चुना। वह इस दिन पहुँचकर माँ को चौंका देना चाहता था। आते ही माँ के पैर छुए और बोला माँ –हैपी मदर्स डे। -हैपी मदरस डे !यह क्या होता है । -आज ...
तूलिकासदन...
Tag :भूल
  May 12, 2014, 3:07 pm
|| उसकोसोनेदो || 'क्यों जी ,सब चले गए क्या !''हाँ 'हफ्ते में एक दिन तो ऐसा मिलता है जब बेटा, बीबी बच्चों के साथ सैर -सपाटों को निकल सके !''में रोकूँ हूँ क्या थोडीदेर शान्ति तो हुई !हर समय चिल्ल पौ !किसी के दिमाग में जरा सी बात नहीं आती की बगल में कोई सो रहा है !''तुम्हारे साथ यही मुश्क...
तूलिकासदन...
Tag :
  April 8, 2014, 5:41 pm
मेरी दो लघुकथाएँ /सुधा भार्गव1-चुनौतीपिता की बड़ी इच्छा थी कि बेटी खूब पढे–लिखे और विदेश जाये। बेटी ने उच्च शिक्षा तो प्राप्त कर ली मगर विदेश न जा पाई। संयोग से विदेश में रहने वाला लड़का मिल गया और शादी के बाद वह  विदेश चली गई।शीघ्र ही लाड़ली बेटीसुंदर से बेटे की माँ बन ...
तूलिकासदन...
Tag :द्रौपदी तो नहीं !
  March 9, 2014, 1:58 pm
पतझड़ से किनारा /सुधा भार्गव कुछ साल पहले की ही तो बात है हमारे मित्रों में से एक के बेटी –दामाद अपने प्यारे  बच्चे रूबल  के साथ चार साल के लिए लंदन गए। परंतु सास- ससुर की अस्वस्थ्यता के कारण बेटी सुलक्षणा को दामाद जी से  6माह पहले ही भारत लौटना पड़ा। बड़ा अरमान था कि बे...
तूलिकासदन...
Tag :
  January 17, 2014, 4:56 pm
लघुकथा डॉट कॉम पर भी मेरी  लघुकथा छोटी बहूपढ़ सकते हैं ।http://laghukatha.com/565-1.htmlछोटी बहूबेटी की विदाइगी के समय आकाश की रुलाई फूट पड़ी और सुबकते हुए अपने समधी जी से बोला --भाई साहब ,मेरी बेटी  को सब आता है पर खाना बनाना नहीं आता है । समधी बने मनोहर लाल ने सहजता से कहा -कोई बात नहीं --...
तूलिकासदन...
Tag :जिठानी
  September 25, 2013, 4:04 pm
माँ /सुधा भार्गव -बेटा ,एक ही बिल्डिंग में आमने- सामने के फ्लैट में हम लोग रहते हैं मगर मिले मुद्दत हो गई ।-मुद्दत --!कमाल करती हो माँ !तीन दिन पहले ही तो आया था ।-तीन दिन ही सही ,हमारे लिए तो तीन युगों के बराबर हैं ।-क्या बताऊँ --!दफ्तर में बहुत काम था । देर से घर आया । आते ही ...
तूलिकासदन...
Tag :माँ
  September 2, 2013, 11:05 pm
सूरज निकला तो/सुधा भार्गव वह दलित थी ,उस पर भी बेचारी औरत जात !फिर तो दुगुन दलित । आदमी घर बैठे उसकी छाती पर मूंग दलता और बाहर -----रात के सन्नाटे मेँ उसकी चीखें हवा मेँ  घुल जातीं । सुनने वालों को सुकून ही मिलता ,दलित जो ठ्हरी!पर माँ भी तो थी वह ,बस रख दिया तन -मन  गिरवी । एक ...
तूलिकासदन...
Tag :कड़वा घूँट
  August 27, 2013, 5:08 pm
वसीयतनामा /सुधा भार्गव -बेटा ,तू हमेशा नाराज सा क्यों रहता है ?-तुमने मेरे तकदीर जो खराब कर दी । न पढ़ाया न लिखाया न पेट भर किसी दिन खाना नसीब हुआ ।-कहाँ से देता ----7-7 बच्चों का बाप--।-देने को तो अब भी तुम्हारे पास बहुत कुछ है । बेटे की तीखी दृष्टि ने जर्जर काया को छेक दिया । -...
तूलिकासदन...
Tag :अंग क्रय -विक्रय
  August 26, 2013, 7:04 pm
 काली माटी पर चर्चा तथाउससे  उद्घृत कुछ लघुकथाएंकाली माटी में मालवा -अंचल के कुल 57 कथाकारों की करीब 140 से ऊपर रचनाएँ संकलित हैं जिनमें उनकी विशिष्ट आभा परिलक्षित होती है । ये भाषा -शैली ,कथा -कथोकथन की दृष्टि से भी मँजी हुई हैं ।इसके संपादकहैं -सुरेश शर्मासंपर्क -दूरभाष 07...
तूलिकासदन...
Tag :काली माटी लघुकथा संकलन
  April 25, 2013, 11:27 am
   इस संग्रह का प्रथम संस्करण फरवरी 2013 में प्रकाशित हुआ है ।सम्पादन सुकेश साहनी –रामेश्वर काम्बोज’हिमांशु ‘ने किया है ।प्रकाशक –हिन्दी साहित्य निकेतन16साहित्य विहारबिजनौर (उ प्र )246701मूल्य-पचास रुपए मात्र यह निर्विवाद सत्य है कि  मनुष्य अपने में खोता जा रहा है और  स्...
तूलिकासदन...
Tag :पहुंचा फकीर
  April 16, 2013, 9:50 pm
मेरी दो लघुकथाएं1--बंद ताले /सुधा भार्गव छोटेभाई की शादी थी । दिसंबर की कड़ाके की ठण्ड ,हाथ पैर ठिठुरे जाते थे परबराती बनने की उमंग में करीब १२० बराती लड़कीवालों के दरवाजे पर एक दिनपहले ही जा पहुंचे । पिताजी सुबह की गुनगुनी धूप का आनंद लेने के लिए  जनमासे में  चहल कदमी ...
तूलिकासदन...
Tag :बंद ताले
  April 2, 2013, 2:14 pm
विगत दशक की पंजाबी लघुकथाएँ पंजाबी  लघुकथाकारों की  कुछ रचनाएंप्रथम बार मुझे  पंजाबी मिन्नी कहानियों (लघुकथा )का हिन्दी में अनुवाद किया हुआ तीसरा संग्रह-विगत दशक  की पंजाबी लघुकथाएं को पढ़ने का अवसर मिला ।इसे मुझे रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु 'ने भेंट किया था ।  इसके ...
तूलिकासदन...
Tag :बदला हुआ स्वर
  March 31, 2013, 3:26 pm
पुरस्कार /सुधा भार्गव  यह उन दिनों की बात है जब मैं कलकत्ते में जय इंजीनियरिंग वर्क्स के अंतर्गत उषा फैक्ट्री में इंजीनियर था । जितना ऊँचा ओहदा उतनी  भारी भरकम जिम्मेदारियां !खैर --मैं चुस्ती से अपने कर्तव्य पथ पर अडिग था । अचानक उषा फैक्ट्री में लौक आउट हो गया । छह मा...
तूलिकासदन...
Tag :ईमानदार
  March 22, 2013, 3:58 pm
हस्ताक्षर /सुधा भार्गव संसद में यह अधिनियम पास हो चुका थाकि बाप –दादा की संपत्ति में बेटियों का भी हक है । यदि वे चाहें तो अपने कानूनी हक की लड़ाई लड़ सकती हैं । भाई बेचारों के बुरे दिन आ गए । यह हिस्सा बांटा नियम कहाँ से आन टपका ! कुछ सहम गए ,कुछ रहम खा गए ,कुछ घपलेबाजी कर गए ...
तूलिकासदन...
Tag :संपत्ति
  March 17, 2013, 8:02 pm
संकलन चर्चा -मलयालम की चर्चित लघुकथाएँ   तथा           मलयालम कथाकारएन.उन्नी की तीन लघुकथाएंमैं करीब एक वर्ष पहले बलराम अग्रवाल जी के निवास स्थान दिल्ली गई थी । वहाँ मुझे यह संकलन " मलयालम की चर्चित  लघुकथाएं " प्राप्त हुआ जिसके संपादक वे स्वयं हैं ।प्रकाशक-शुभम प्रक...
तूलिकासदन...
Tag :एन उन्नी
  March 12, 2013, 10:58 am
श्री मती विद्या  भण्डारी का लघुकथा संग्रह मित्रवर ,पिछले महीने मैं कलकत्ते गई थी |वहाँ साहित्यिकी संस्था की ओर से आयोजित लघुकथा गोष्ठी में अनेक पुराने मित्रों के साथ -साथ पूर्व परिचित विद्या  भण्डारी से मुलाक़ात हुई |उन्होंने मुझे अपना लघुकथा संग्रह भेंट किया । नाम ...
तूलिकासदन...
Tag :श्री मती विद्या भण्डारी का लघुकथा संग्रह यथार्थ के क्षण
  February 18, 2013, 5:34 pm
Naryana PV shared a new photo slideshow with you View now This message was intended for subharga.tulikasadan@blogger.com and was sent as a notification, invitation or reminder (digital goods subject to change in reminders) of an event initiated by Naryana PV using a third-party or platform application and may contain promotional materials and/or services for sale including digital goods received. To control messages sent to or from you, your contacts and/or FanBox, click here. Our offices are located at: FanBox - 113 West G Street, STE 510, San Diego, CA 92101, USA ...
तूलिकासदन...
Tag :
  February 7, 2013, 7:38 pm
|1| दुल्हन /सुधा भार्गववह नई नवेली  दुल्हन शर्मायी सी सुबह से कूड़े के ढेर पर बैठी थी ।उसके चारों ओर कौवे मंडरा रहे थे ।वह कौवे उड़ाती जाती और बड़बडाती   --- -अरे नाशपीटों ,कुछ तो छोड़ दो ।दो दिन से भूखी हूँ ।  थोड़ी देर में मेरा पति भी  रोटियाँ लेकर आ जाएगा  ।कुछ मैं जुगाड़ ...
तूलिकासदन...
Tag :आलतू -फालतू
  November 17, 2012, 8:00 pm

...
तूलिकासदन...
Tag :
  May 31, 2012, 6:52 pm
हवा -हवाएँ /सुधा भार्गव  -बेटा , मैंने एक गलती कर दी है । . तुम्हारे स्वर्गीय पापा की फोटो पर तो माला चढ़ा रखी है  पर तुम्हारे बाबा -दादी ,नाना नानी की फोटो पर नहीं है । .यदि लाइफ स्टाइल जाओ तो एक माला और ले आना । सुबह उठकर जब इनको प्रणाम करती हूँ तो यह बात खलती है ।   -ऊँह !पति ...
तूलिकासदन...
Tag :
  April 24, 2012, 10:34 am
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3666) कुल पोस्ट (165974)